कत्थक टीचर से सुबह अपनी चूत मरवाई

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मेरा नाम गरिमा है मेरी उम्र 30 वर्ष है, मेरी शादी को 3 वर्ष हो चुके हैं और मैं अब घर का ही सारा काम संभालती हूं। मेरे पति भी अपनी नौकरी पर जाते हैं और वह शाम को ही घर लौटते हैं। मेरे साथ ससुर मेरे साथ रहते हैं और वह दोनों ही अपनी नौकरी से रिटायर हो चुके हैं, वह दोनों ही सरकारी नौकरी थे और उसके बाद से वह घर पर ही रह रहे हैं। मेरी ननद की शादी को भी एक वर्ष हो चुका है और कभी कबार वह घर पर हम से मिलने के लिए आ जाती है, जब भी वह घर आती है तो हम लोग बहुत ही खुश होते हैं क्योंकि वह बहुत ही अच्छी है और मुझे उसके साथ बात करना बहुत अच्छा लगता है, उसका जिस प्रकार से व्यवहार है वह बहुत ही अच्छा है। मेरे और मेरे पति के बीच में अच्छे रिश्ते हैं, वह मेरी हर बात मानते हैं और उन्होंने कभी भी मुझे किसी चीज के लिए मना नहीं किया। मैं काफी समय से अपने मायके नहीं गयी इसलिए मैं सोचने लगी कि मैं अपने घर चली जाती हूं।

मैंने इस बारे में अपने पिताजी से बात की तो वह कहने लगे कि ठीक है यदि तुम घर आ रही हो तो बहुत अच्छी बात है। वह कहने लगे मैं कुछ समय बाद रिटायर हो रहा हूं जब उन्होंने यह बात कही तो मैंने उस वक्त सोचा कि मैं उनसे मिल भी लूंगी क्योकि मैं अपने पिताजी से भी मिलना चाहती थी। मैं अपने माता पिता के पास चली गई, जब मैं अपने माता पिता के पास गई तो वह लोग मुझसे मिलकर बहुत खुश हुए और कहने लगे कि तुम काफी समय बाद घर पर आई हो इसलिए उन्होंने मेरा बहुत ही ख्याल रखा। मेरे बड़े भैया भी विदेश में नौकरी करते हैं वह भी घर आए हुए थे। वह विदेश में ही इंजीनियर हैं और मेरे पिताजी के रिटायरमेंट के समय वह आए हुए थे इसलिए मेरी मुलाकात उनसे भी हो गई। उनकी और मेरी बात ज्यादा नहीं होती क्योंकि वह हमसे काफी बड़े हैं और अपनी पूरी फैमिली के साथ वह विदेश में ही सेटल हैं। वह पहले से ही मुझसे बहुत कम बातें किया करते थे। मेरे पिताजी कहने लगे कि मैं सोच रहा हूं यदि मैं अपनी रिटायरमेंट की पार्टी दू तो उसमें सब लोगों से मुलाकात हो जाएगी और इस बहाने सब लोग मिल भी लेंगे।

उन्होंने इस बारे में मेरे भैया से भी बात की तो वह कहने लगे कि आप अपने रिटायरमेंट की पार्टी दे दीजिए, आपको बहुत अच्छा लगेगा जब आप रिटायरमेंट की पार्टी देंगे क्योंकि आप सब लोगों से उस वक्त मिल भी पाएंगे। नौकरी में रहते हुए कई वर्षों से उनकी लोगों से मुलाकात नहीं हो पाई थी। मेरे पिताजी ने हमारे सब रिश्तेदारों को फोन कर दिया और कहने लगे कि मैंने अपने घर पर एक छोटी सी पार्टी रखी है यदि आप लोग हमारे घर पर आ जाए तो अच्छा रहेगा। अब मेरे पिताजी ने सबको इनवाइट कर दिया था और हम लोग उसी की तैयारी में लगे हुए थे। मैंने अपने पति को भी फोन कर दिया और वह भी जल्दी आ गए थे क्योंकि हमें घर में सब तैयारियां करनी थी। मेरे पिताजी की पार्टी में सब लोग आए हुए थे, सब लोग एक दूसरे से मिलकर बहुत खुश हो रहे थे। मैं भी काफी समय बाद अपने कई रिश्तेदारों से मिली थी इसलिए मुझे उनसे मिलकर बहुत अच्छा लग रहा था। मेरे मामा की लड़की जब मुझे मिली तो मैं उसे मिलकर बहुत खुश हुई क्योंकि वह मेरे साथ में ही कॉलेज में पढ़ती थी और उसकी शादी के बाद से वह मुझे पहली बार मिली थी। हम दोनों बैठ कर बहुत बातें कर रहे थे और वह मेरे साथ ही बैठी हुई थी। वह मुझसे पूछने लगी कि तुम कत्थक में अब भी डांस कर रही हो, मैंने उसे मना कर दिया मैंने कहा कि अब तो मैंने यह सब छोड़ दिया है क्योंकि मैं अपने कॉलेज के समय में कत्थक में डांस करती थी लेकिन शादी के बाद सब छूट चुका था। वह कहने लगी कि तुम दोबारा से कत्थक डांस शुरू कर दो क्योंकि तुम बहुत ही अच्छा डांस करती थी, मैंने उसे कहा कि अब तो मेरी प्रैक्टिस भी छूट चुकी है और काफी समय हो चुका है लेकिन जब उसने मुझसे यह बात कही तो मुझे भी ऐसा लगने लगा कि मुझे डांस दोबारा शुरू कर देना चाहिए। उसके बाद वह कहने लगी कि मैं अभी घर चलती हूं क्योंकि मुझे घर जाने के लिए लेट हो जाएगी, वह अब अपने घर चली गई।

हमारे सारे रिश्तेदार भी जा चुके थे और पिताजी भी बहुत खुश थे। पिताजी कहने लगे कि इतने समय बाद सब लोगों से एक साथ मुलाकात हुई है तो मैं बहुत खुश हूं और मेरे पिताजी बहुत ही खुश नजर आ रहे थे। मेरे पति कहने लगे यदि तुम्हें कुछ दिन अपने घर पर रुकना है तो तुम रुक लो लेकिन मेरा काम है मुझे जाना पड़ेगा। अब वह चले गए और मैं कुछ दिनों तक अपने घर पर ही थी। मैंने कुछ दिन अपने माता पिता के साथ ही समय बिताया और मुझे उनके साथ समय बिताना काफी अच्छा लग रहा था क्योंकि शादी के बाद मैं इतने लंबे टाइम तक कभी भी अपने घर पर नहीं रुकी थी। जब मैं अपने घर पर रुकी तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। मैं अपने भैया के साथ भी इस वक्त बात कर पा रही थी, नहीं तो वह भी मुझे बहुत कम फोन करते हैं और उनसे मेरी मुलाकात भी कई वर्षों बाद हुई थी। मेरी शादी के बाद ही मेरे भैया मुझे मिले थे। मैं कुछ दिनों तक अपने घर पर रही। अब मेरे भैया भी चले गए और मैं भी वापस अपने ससुराल लौट आई, जब मैं अपने ससुराल वापस आई तो मैंने सोचा कि मुझे कत्थक दोबारा से शुरू कर देना चाहिए। मैंने उसके लिए कई डांस टीचर देखे लेकिन मुझे कोई भी अच्छा डांस टीचर नहीं मिला, मेरे पति को भी इस बारे में बहुत अच्छे से पता था कि मैं अपने कॉलेज टाइम में कत्थक डांस करती थी। जब मैंने उनसे यह बात कही तो वह कहने लगे कि मेरे परिचय में एक व्यक्ति हैं जो  कत्थक सिखाते हैं, मैंने उन्हें कहा कि यदि आप मुझे उनके पास ले चलो तो मैं उनसे दोबारा से कथक सीखना चाहती हूं, वह मुझे उनके पास ले गए।

मेरे पति का भी उनसे परिचय उनके ही एक मित्र ने करवाया था। जब हम उनके पास गये तो उनके पास काफी बच्चे आते हैं उनका नाम मुकेश है। जब मैं उनसे मिली तो मुझे ऐसा लगा कि यह बिल्कुल सही व्यक्ति हैं और मुझे अच्छे से कत्थक सिखा सकते हैं। जब वह मुझसे पूछने लगे कि आपने इससे पहले कभी कत्थक किया है या नहीं, मैंने उन्हें कहा कि मैं कॉलेज में कत्थक करती थी लेकिन उसके बाद से मेरी प्रैक्टिस छूट चुकी है इसलिए मैं दोबारा से शुरू करना चाहती हूं। वह कहने लगे ठीक है आप कुछ दिनों बाद से आप आना शुरू कर दीजिए क्योंकि इस वक्त मेरे पास काफी ज्यादा बच्चे हैं इसलिए मैं आप को समय नहीं दे पाऊंगा। मैंने उन्हें कहा कि मुझे भी घर का काम देखना पड़ता है यदि आप मेरे लिए थोड़ा समय निकाल पाए तो मेरे लिए अच्छा रहेगा। वह मुझे कहने लगे कि आप सुबह के वक्त आ जाइए यदि आप सुबह जल्दी आ सकती हैं तो। मैंने उन्हें कहा ठीक है मैं सुबह जल्दी आ जाउंगी, उस वक्त उनके पास कोई भी नहीं आता था। मैंने उनका फोन नंबर ले लिया था और अब हम लोग घर वापस आ गए। मैं उस दिन बहुत खुश थी और मेरे पति भी बहुत खुश थे। मैंने काफी दिनों बाद उन्हें फोन किया तो वह कहने लगे कि आप कल से आ जाइए। अब मैं मुकेश जी के पास कत्थक सीखने के लिए जाने लगी, मैं सुबह के वक्त ही जाती थी इसलिए मैं अपने स्कूटी से ही उनके पास जाती थी। वह मुझे बहुत अच्छे से कत्थक सिखा रहे थे और मैं बहुत ही खुश थी। जब मेरे पति मुझसे पूछते कि तुम्हारी कत्थक की क्लास कैसी चल रही है, मैं उन्हें कहती कि बहुत अच्छी चल रही है। मैं हमेशा ही   कत्थक क्लास जाती थी और मुकेश जी मुझे बहुत अच्छे से कत्थक सिखाते थे एक दिन मैं जल्दी बाजी में चली गई। मेरे पति ने मुझे रात को बहुत अच्छे से चोदा था जिससे कि उनका वीर्य मेरे कपड़ों पर ही गिर गया था और मैं वही कपड़े पहन कर कत्थक क्लास ले गई। जब मैं वह कपडे पहन कर गई तो मुझे बिल्कुल भी एहसास नहीं था कि मेरे कपड़ों पर मेरे पति का वीर्य लगा हुआ है।

जब मैं मुकेश जी के पास खड़ी थी तो उन्होंने मेरे पैर पर हाथ रख दिया और मुझे कहने लगे कि तुम्हारे कपड़ों पर वीर्य लगा हुआ है। उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया और मेरी गांड उनके लंड से टकरा रही थी और मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। मैंने भी उनके लंड को बाहर निकालते हुए अपने मुंह में ले लिया मै उनके लंड को अच्छे से चूसने लगी। मैंने उनके लंड को इतने अच्छे से अपने मुंह में लिया कि वह पूरे मूड में आ गए और कहने लगे कि आज तो तुमने मेरी सुबह को बहुत रंगीन बना दिया है। जैसे ही उन्होंने मेरे कपड़े खोले तो उन्होंने मेरी योनि पर अपनी जीभ को लगा दिया और चाटने लगे जिससे कि मेरा पानी रिसाव होने लगा और काफी देर तक उन्होंने मेरी योनि को ऐसे ही चाटा। उसके बाद उन्होंने मुझे जमीन पर लेटा दिया और मेरी योनि के अंदर अपना लंड डाल दिया। उन्होंने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधों पर रखा हुआ था और मैं बड़ी तेजी से चिल्ला रही थी। वह मेरे स्तनों को भी अपने मुंह में लेकर चूस रहे थे। मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था जब वह अपने लंड  को मेरी योनि में डाल रहे थे। जब उनका लंड अंदर बाहर होता तो मुझे बहुत ही अच्छा महसूस होता और मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी। उन्होंने मेरे दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया था और मुझे बहुत अच्छे से धक्के दे रहे थे। मुझे उन्होंने इतनी तेजी से झटके दिए कि मुझे बहुत आनंद आने लगा और बहुत मजा आने लगा। उन्होंने जब मेरे स्तनों को दबाया तो अब मेरा झड़ने वाला था और जैसे ही मेरा झड गया तो उसके बाद वह मुझे बड़ी तेज गति से धक्के देने लगे। उसके बाद उनका माल भी मेरी योनि के अंदर गिर गया और मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ। उसके बाद हम दोनों ने कत्थक की प्रैक्टिस की और मैं घर चली गई। जब मैं सुबह जाती हूं तो पहले वह मुझे हमेशा ही चोदते हैं उसके बाद ही वह मुझे कत्थक की प्रैक्टिस करवाते हैं।