गोयल साहब की रिसेप्शनिस्ट

antarvasna

मेरा नाम कुलदीप है मैं एक कांट्रेक्टर हूं। मैं सरकारी और गैर सरकारी काम करता हूं, मुझे काम करते हुए काफी समय हो चुका है और मेरी उम्र 40 वर्ष की है। मेरी शादी को भी 12 वर्ष हो चुके हैं परंतु मैं अपनी शादी से बिल्कुल भी खुश नहीं हूं क्योंकि मेरी पत्नी और मेरे बीच में कभी भी प्यार नहीं रहा। हम दोनों शुरू से ही एक दूसरे के साथ ऐसे ही समय बिता रहे हैं, वह भी घर पर होते हुए मुझसे कभी बात नहीं करती क्योंकि उसे सिर्फ अपने से ही मतलब रहता है इसलिए मैं भी उससे बहुत कम बात करता हूं और मैं घर भी बहुत कम जाता हूं। मैं ज्यादातर अपने काम के सिलसिले में ही बिजी रहता हूं और मुझे घर जाने का भी समय नहीं मिलता इसलिए मैंने अपने लिए एक अलग से फ्लैट लिया हुआ है। जब भी मुझे लेट हो जाती है तो मैं वहीं पर चला जाता हूं।

मेरी पत्नी को मुझसे कोई भी मतलब नहीं रहता और वह अपने से ही मतलब रखती है, उसे सिर्फ शॉपिंग करना अच्छा लगता है और मुझे वह सिर्फ शॉपिंग के समय ही याद करती है क्योंकि उसकी जितनी भी सहेलियां है वह सब बहुत ही अच्छे घर से हैं और मैं जिस सोसाइटी में रहता हूं वहां पर सब लोग बहुत पैसे वाले हैं इसी वजह से मेरी पत्नी भी उनके साथ रहते हुए सिर्फ शॉपिंग ही करती है और अपनी किटी पार्टी का ध्यान रखती है। वह हमारे बच्चे का भी ध्यान अच्छे से नहीं रखती और उसके लिए मैंने घर में एक लड़की रखी हुई है जो कि उसकी देखभाल करती है। मुझे ज्यादा समय नहीं मिल पाता इसलिए मैं उसकी देखभाल नहीं कर पाता। मुझे बच्चे को लेकर चिंता होती थी कि उसकी देखभाल कौन करेगा परंतु फिर जो लड़की मैंने उसकी देखभाल के लिए रखी है वह उसकी देखभाल बहुत अच्छे से कर रही है। मैंने जितने भी समय उसे देखा है वह मेरे बच्चे का उसका पूरा ध्यान रखती है इसलिए मैं निश्चिंत हो गया हूं। मेरी और मेरी पत्नी के बीच बहुत कम बात होती है, मुझे कई बार लगता है कि मुझे उससे डिवोर्स ले लेना चाहिए क्योंकि ना तो उसे मुझसे कोई लेना देना है और ना ही मेरे बच्चे से उसे कुछ लेना देना है।

जब मैं घर में रहता हूं तो वह बिल्कुल भी मुझसे खुश होती है, मैं अपने काम में इतना व्यस्त हो गया की मुझे कभी भी खुद के लिए समय नहीं मिल पाया और सिर्फ अपनी घर की इच्छाओं को ही पूरा करने के लिए मैंने अपना समय निकाल दिया लेकिन मुझे कभी भी एक ऐसा व्यक्ति अपने जीवन में नहीं मिला जो मेरा ध्यान दे सके इसीलिए मुझे कई बार बहुत दुख होता है और मैं अपने काम के सिलसिले में ही इधर उधर जाता रहता हूं। एक बार मैं एक कंपनी में गया था। वहां पर रिसेप्शन में एक लड़की बैठी हुई थी। मैंने जब उससे पूछा कि गोयल साहब कब तक आएंगे क्योंकि उनके साथ मेरा बहुत ही अच्छा रिलेशन हैं और उनके साथ मैंने कई पुराने काम भी किए हैं। वह लड़की शायद नई आई थी इसलिए वह मुझे नहीं पहचान पाई। उसने मुझे कहा कि आप कुछ देर रिसेप्शन में ही बैठ जाइये, जैसे ही वह आते हैं तो मैं आपको बता दूंगी। गोयल जी कहीं बाहर गए हुए थे क्योंकि उनका भी बहुत अच्छा काम है, जब मैंने उन्हें फोन किया तो वह मेरा फोन नहीं उठा रहे थे और उन्होंने उसके बाद मुझे मैसेज कर दिया कि मुझे आने में समय लग जाएगा यदि आप को देर हो रही है तो हम लोग किसी और दिन मिल लेंगे। वह लड़की मुझसे मेरा नाम पूछने लगी और कहने लगी कि जब सर आएंगे तो मैं उन्हें बता दूंगी कि आप आए थे, आप मुझे अपना विजिटिंग कार्ड दे दीजिए। मैंने उस लड़की को अपना कार्ड दे दिया और मैंने जब उससे उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम मुझे बता दिया, उसका नाम मोनिका है और मैंने उससे पूछा कि तुम्हें यहां पर कितना समय हो चुका है, वह कहने लगी कि मुझे ज्यादा समय तो नहीं हुआ है, अभी कुछ दिनों पहले ही मैंने यहां पर नौकरी ज्वाइन की है। मैंने उसे कहा कि गोयल साहब जब आए तो मुझे जरूर बता देना। अब मैं वहां से चला गया और उसके बाद मैं अपने काम में ही व्यस्त था।

एक दिन मुझे गोयल जी का फोन आया और वह कहने लगे कि उस दिन मैं आपसे मिल नहीं पाया उसके लिए मैं आपसे क्षमा चाहता हूं, यदि आपके पास समय है तो आप मेरे ऑफिस आ जाइए। गोयल साहब और मेरे बहुत ही दोस्ताना संबंध है इसलिए मैं तुरंत ही उनके ऑफिस में चला गया। जब मोनिका ने मुझे देखा तो वह मुस्कुराने लगी और मैं गोयल साहब के ऑफिस में चला गया। जब मैं उनसे मिला तो वह मुझे कहने लगे कि उस दिन मैं आपसे मिल नहीं पाया क्योंकि उस दिन मैं बहुत जरूरी मीटिंग में फंस गया था इसलिए मेरा आना संभव नहीं हो पाया। मैंने उनसे कहा कि कोई बात नहीं। अब वह मुझसे मेरे घर के बारे में पूछने लगे, उन्हें मेरे बारे में सब कुछ पता है कि मैं अपनी पत्नी से बिल्कुल भी खुश नहीं हूं क्योंकि एक बार वह मेरे घर आए थे तो मेरी पत्नी ने उनसे भी बिल्कुल अच्छे से बात नहीं की, जिस वजह से उन्हें बहुत बुरा लगा था लेकिन मैंने उन्हें समझा दिया कि उसका व्यवहार ही ऐसा है। वह मुझसे काम की बात करने लगे और कहने लगे कि एक प्रोजेक्ट आने वाला है यदि तुम्हें वहां काम करना है तो मैं तुम्हारी फाइल आगे भिजवा देता हूं। मैंने उन्हें कहा ठीक है आप मेरा कोटेशन कंपनी को दे दीजिए और मेरी फाइल आगे भिजवा दीजिए। मैंने उन्हें डॉक्यूमेंट अवेलेबल करवा दिए। उन्हें मेरे बारे में अच्छे से मालूम है कि मैं जब भी कोई काम लेता हूं तो उसे बहुत ही अच्छे से करता हूं और उस काम में कभी भी कोई शिकायत नहीं आती इसीलिए वह हमेशा ही मेरे साथ काम करना पसंद करते हैं। मेरे और गोयल साहब की दोस्ती को 10 वर्ष हो चुका है।

एक बार उनके पास बहुत बड़ा काम आया था, उसे सब लोगों ने करने से मना कर दिया क्योंकि वह बहुत ही कम समय में करना था लेकिन मैंने उन्हें उस काम के लिए कहा कि मैं वह काम कर लूंगा। उस वक्त मैं छोटे-छोटे ही काम किया करता था लेकिन मैंने उनको वह काम समय से पहले पूरा कर के दे दिया। उसके बाद से वह मुझे बहुत मानते हैं और जब भी उनके पास कोई काम आता है तो वह मुझे ही वह काम देते हैं। मैं काफी देर तक उनके साथ बैठा रहा। अब मैंने उन्हें कहा कि मुझे कहीं जाना है इसलिए मैं अभी चलता हूं और कुछ दिनों बाद आपसे दोबारा मुलाकात करता हूं। मैं यह कहते हुए जब उनके केविन से बाहर आया तो मोनिका ने मुझे आवाज देते हुए कहा कि सर आपसे कुछ काम था। जब मैं उसके पास गया तो वह कहने लगी कि मुझे आपकी और गोयल जी के दोस्ती के बारे में नहीं पता था इसलिए उस दिन मैंने आपको काफी देर तक इंतजार करवाया। मैंने उसे कहा कि उस दिन मैंने गोयल जी को फोन कर दिया था, वह कहीं बिजी थे। मोनिका कहने लगी कि जब मुझे गोयल जी ने आपके बारे में बताया तो तब मुझे पता चला कि आप दोनों के बहुत ही पुराने संबंध हैं। मैं उसके लिए आपसे माफी मांगना चाहती हूं। मैंने उसे कहा कि इसमें कोई भी माफी मांगने वाली बात नहीं है, यह कहते हुए मैं भी अपने काम से चला गया और जब भी मैं गोयल साहब के ऑफिस जाता तो मोनिका मुझसे जरूर बात किया करती थी, मैं भी अपने काम में ही बिजी था और काफी समय बाद ही मेरा गोयल साहब के ऑफिस में जाना होता था। मोनिका से भी मेरी अब अच्छी बातचीत होने लगी थी और उसे भी मेरे और मेरी पत्नी के संबंध के बारे में पता चल गया था। एक दिन में गोयल साहब के ऑफिस में चला गया और मैं काफी समय बाद गोयल जी के ऑफिस में गया था। जब मैं उनके ऑफिस में गया तो मोनिका रिसेप्शन में बैठी हुई थी और वह मुझसे पूछने लगी सर आप काफी समय बाद आ रहे हैं। मैंने जब मोनिका की लिपस्टिक देखी तो मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा गया मैंने उसे पूछा कि गोयल साहब कहां है। वह कहने लगी कि अभी वह बाहर गए हैं कुछ देर बाद ही लौटेंगे। मैंने उसे कहा कि मुझे तुमसे काम था तुम क्या गोयल साहब के ऑफिस में आ सकती हो। वह उनके केबिन में मेरे साथ आ गई जब वह मेरे साथ आई तो मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और उसकी लिपस्टिक लगी होठो को मैं चूसने लगा।

मैंने काफी देर तक उसके होठों का रसपान किया जिससे कि उसके अंदर की उत्तेजना भी जागने लगी थी और उसे बहुत अच्छा महसूस होने लगा। उसके बाद उसने मेरे लंड को निकालते हुए अपने मुंह में ले लिया और बहुत अच्छे से चूसने लगी वह अच्छे से मेरे लंड को चूस रही थी मुझे बहुत आनंद आ रहा था और उसे भी बहुत मजा आता। मैंने उसे सोफे पर लेटा दिया और उसके पैर चौडे करते हुए उसकी योनि को चाटने लगा। उसके बाद जैसे ही मैने अपने लंड को उसकी चूत मे डाला तो उसकी चूत से खून की पिचकारी निकल पडी।  मुझे बहुत अच्छा महसूस होने लगा मैंने भी उसको बड़ी तेजी से झटके  मारे वह चिल्लाने लगी और कहने लगी   आपका लंड बहुत ही ज्यादा मोटा और सख्त है। उसके बाद मैंने उसे घोड़ी बना दिया मैने जैसे ही उसे झटके मारे तो उसका पूरा शरीर दुखने लगा था। वह कहने लगी कि मुझसे अब आपके लंड की गर्मी को नहीं झेला जा रहा है मैं इतनी तेजी से उसे चोद रहा था कि बीच में मेरा माल गिर गया। जब मेरा माल मोनिका की योनि में गिरा तो वह बहुत खुश हो गई और कहने लगी कि अब आप जब भी गोयल साहब के ऑफिस आया करें तो मेरी हमेशा ही इच्छा पूरी कर दीजिए। मैं जब भी गोयल साहब के ऑफिस में जाता हूं तो मोनिका को हमेशा ही चोदता हूं और वह भी बहुत खुश होती है जब वह मेरे लंड को अपनी योनि में लेती है। मैं उसे बहुत पैसे देता हूं और वह मेरे साथ रहना बहुत पसंद करती है। मैं जब भी उसे बुलाता हूं तो वह मेरे फ्लैट में आ जाती है और मैं उसके साथ वहीं पर रंगरलिया मनाता हूं। अब मैं अपने जीवन से बहुत खुश हूं क्योंकि मेरी पत्नी ने मेरा कभी भी साथ नहीं दिया परंतु मोनिका मेरा बहुत साथ देती है।