गर्लफ्रेंड और भाभी को एक साथ चोदा

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मेरा नाम राहुल है मैं 24 वर्ष का हूं, मैं कॉलेज में पढ़ता हूं और मैं फरीदाबाद में रहता हूं। मेरे माता-पिता का देहांत 10 वर्ष पहले ही हो चुका है इसी वजह से मेरे बड़े भैया मनोज ने हीं मेरी देखरेख की है और उन्होंने कभी भी मुझे मेरे माता-पिता की कमी का एहसास नहीं होने दिया, इसी वजह से उन्होंने शादी भी लेट से की। मैं जो अपने कॉलेज में था तो उस वक्त उन्होंने अपनी शादी की और उनकी शादी को भी ज्यादा समय नहीं हुआ है, उनकी शादी को कुछ वर्ष ही हुए हैं। मेरी भाभी का नाम संगीता है और वह भी बहुत ही अच्छी है। मेरे भैया एक कोचिंग इंस्ट्यूट चलाते हैं और उन्हें यह काम करते हुए काफी समय हो गया है। पहले हमारी आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो चुकी थी लेकिन मेरे भैया ने अपने बलबूते पर सब कुछ सही किया। हमारे कुछ रिश्तेदारों ने हमारा साथ दिया इसी वजह से मेरे भैया इतना बड़ा कदम उठा पाए, मेरे भैया बचपन से ही पढ़ने में बहुत अच्छे हैं और उन्होंने हमेशा ही अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया है, वह मुझे भी हमेशा समझाते हैं कि तुम भी अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया करो इसीलिए मैं भी पढ़ने में बहुत ध्यान देता हूं।

मेरी कॉलेज में मेरी गर्लफ्रेंड है जिसका नाम  मृणाली है, मृणाली और मेरे रिलेशन को भी सिर्फ 6 महीने ही हुए हैं, हम दोनों एक दूसरे को 6 महीने से पहचानते हैं। मेरी मुलाकात मृणाली से मेरे एक मित्र ने कराई थी, वह मेरे साथ मेरे कॉलेज में ही पड़ता है। जब मैं मृणाली से पहली बार मिला तो मुझे उससे मिलकर बहुत खुशी हुई क्योंकि उसके जिस प्रकार की सोच है वह मुझे बहुत ही कॉन्फिडेंट लगती है और वह बहुत ज्यादा मेहनती है। हम दोनों के बीच में कभी भी यह बात नहीं आती कि वह नौकरी करती है और मैं कॉलेज में पढ़ता हूं। मृणाली किसी कंपनी में काम करती है, मैंने अपने घर में इस बारे में कुछ भी नहीं बताया था लेकिन मेरी भाभी को मुझ पर बहुत शक था और वह हमेशा ही मुझे कहती थी कि तुम्हारा चक्कर जरूर किसी के साथ चल रहा है लेकिन मैं उनकी बात को टाल दिया करता और कहता कि नहीं, मेरा चक्कर किसी के साथ भी नहीं चल रहा है, आप मुझ पर फालतू में शक कर रहे हैं। मेरी भाभी को मुझ पर बहुत ही भरोसा था और वह मुझे बहुत अच्छा मानती है।

एक दिन मैं मृणाली से फोन पर बात कर रहा था, उस वक्त मेरी भाभी अचानक मेरे कमरे में आ गए, मैं मृणाली से फोन पर इतना अच्छे से बात कर रहा था कि मुझे पता ही नहीं चला कि कब मेरी भाभी आ गई और वह मेरे पीछे आकर बैठ गई, वह काफी देर से मेरी बात सुन रही थी, मुझे कुछ भी पता नहीं चला लेकिन जब मैंने अपनी भाभी को देखा तो मैं बहुत ज्यादा डर गया क्योंकि मेरी नजर उन पर अचानक से पड़ी और जब उन्होंने मुझे कहा कि तुम तो मुझसे कह रहे थे कि तुम किसी से भी बात नहीं करते हो लेकिन तुम तो किसी मृणाली नाम की लड़की से बात कर रहे हो। जब यह बात मेरी भाभी ने मुझसे कहीं तो मुझे बहुत ज्यादा शर्मिंदगी महसूस होने लगी और मैंने उनसे ज्यादा बात नहीं की क्योंकि मुझे लगा यदि मैं उनसे इस बारे में बात करूंगा तो कहीं वह मेरे बारे में गलत ना सोच ले और कहीं उन्होंने भैया को बता दिया तो वह मुझे बहुत डांटेंगे इसीलिए मैंने उनसे कुछ भी नहीं कहा। उन्हें सब कुछ पता चल चुका था इसलिए वह मुझे चिढ़ाने लगी और कहने लगी तुम्हारा चक्कर किसी और लड़की के साथ चल रहा है और तुमने मुझे कुछ भी नहीं बताया, मैं बहुत ज्यादा दुखी हूं। मैंने उन्हें समझाया और कहा कि भाभी ऐसी कोई भी बात नहीं है जैसा आप समझ रही है, मैं आप लोगों को सब कुछ बताना चाहता था परंतु मुझे कुछ और वक्त चाहिए था इसलिए मैंने आपसे इस बारे में कुछ डिस्कशन नहीं किया। जब यह बात मैंने अपनी भाभी से कहीं तो वह कहने लगी कि मैं तुम पर पूरा भरोसा करती हूं और मैं तुम्हें मजाक में चिड़ा रही हूं, ऐसी कोई भी बात नहीं है जिससे कि मुझे तुम्हारी बात बुरी लगे। भाभी कहने लगे कि तुम एक काम करना मृणाली को कभी घर पर ले आना, जिस दिन भी तुम्हारे भैया की छुट्टी हो उस दिन तुम उसे घर पर ले आना ताकि तुम अपने भैया से भी मृणाली के बारे में बात कर पाओ।

जब यह बात मैंने मृणाली का बताई तो वह कहने लगी की लगता है मुझे तुम्हारे घर पर जल्दी से जल्दी आना ही पड़ेगा। मैंने उसे कहा ठीक है तुम मेरे घर पर आ जाना और मैं तुम्हारे बारे में अपने भैया को भी बता दूंगा। भाभी को तो तुम्हारे बारे में पता चल ही चुका है, मृणाली कहने लगी कोई बात नही भाभी को पता चल  गया है तो। मैंने एक दिन अपने भैया से बात की और कहा कि मेरी कोई दोस्त आपसे मिलना चाहती है, वह मुझे कहने लगे ऐसी कौन सी दोस्त है जो मुझसे मिलना चाहती है। मैंने उसे कहा कि मेरे साथ कॉलेज में ही लड़की है वह आपसे मिलना चाहती है, भैया कहने लगे लगता है वह तुम्हारी कुछ खास ही दोस्त है, मैंने उन्हें कहा नहीं ऐसी कोई बात नहीं है बस हम दोनों दोस्त है लेकिन मैं उसे आपसे मिलना चाहता हूं। जब यह बात मैंने भैया से कहीं तो मुझे उनसे बहुत ज्यादा बात करनी पड़ी क्योंकि मैंने उनसे कभी भी इस प्रकार की बात नहीं की और ना ही मैंने उनसे इतनी हिम्मत से बात की है। जब मैंने उनसे बात की उसके बाद वह कहने लगे ठीक है तुम उसे कुछ दिनों बाद मुझ से मिलवाने के लिए ले आना, मैंने उन्हें कहा कि क्या आप इस इतवार को घर पर ही रहेंगे, वह कहने लगे कि हां मैं इस इतवार को घर पर ही हूं। मैंने कुछ दिन बाद ही मृणाली को घर पर बुला लिया और जब वह मेरे भैया भाभी से मिली तो वह उनसे मिलकर बहुत खुश हुई। भैया उनसे बहुत ही ज्यादा सवाल करने लगे और मृणाली के चेहरे को उस समय मैं देख रहा था तो मुझे बहुत हंसी आ रही थी लेकिन मैं भैया के सामने हंस भी नहीं सकता था। मृणाली बहुत ज्यादा ही शरीफ बनी हुई थी लेकिन वह इतनी ज्यादा शरीफ नहीं है जितना वह दिखाने की कोशिश कर रही थी।

भैया उससे जो भी सवाल करते वह बड़े ही आदर्श बनकर उसका जवाब दे रही थी, काफी देर तक हम लोग सब साथ में बात कर रहर थे लेकिन कुछ देर बाद भैया कहने लगे कि मैं कहीं काम से जा रहा हूं इसलिए आप लोग बैठो, मैं शाम तक ही लौट पाऊंगा। थोड़ी देर बाद मैं मृणाली को अपने रूम में ले गया और मैंने उसे अपना बेडरूम दिखाया। मैंने अपने बेडरूम में बहुत ही अच्छी अच्छी पेंटिंग लगा रखी थी। जब उसने मेरी किताबे देखी तो वह कहने लगी क्या तुम्हें किताबें पढ़ने का भी शौक है, मैंने उसे कहा हां मुझे किताबें पढ़ने का भी बहुत शौक है। मृणाली मेरी बुक को खोलने लगी और देखने लगी, मैंने उसे कुछ पुरानी फोटो भी दिखाएं और कहा कि यह हमारी कुछ वर्ष पहले की फोटो है। मैं जब मृणाली को देखा तो मुझे उसे देख कर बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने मृणाली के हाथ को पकड़ लिया मैंने उसके होठों को भी किस करना शुरू कर दिया। वह भी मेरे होठों को किस करने लगी हम दोनों ही मूड में थे। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो मृणाली अपने हाथ से मेरे लंड को हिलाने लगी काफी देर तक वह अपने हाथो से मेरे लंड को हिलाती रही। मैंने उसे कहा कि तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो और उसे अच्छे से सकिंग करो। वह कहने लगी नहीं मैं अपने मुंह में नहीं ले सकती लेकिन मैंने उसे जबरदस्ती किया तो उसने मेरे लंड को अपने मुंह में समा लिया और अच्छे से चूसने लगी। जब मेरा वीर्य मृणाली के मुंह में चला गया वह कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लगा। मैंने मृणाली को नंगा कर दिया और जब मैंने उसके बदन को देखा तो मुझे बड़ा अच्छा लगा। मैं उसके पूरे नंगे बदन को देखने पर लगा हुआ था और बड़े अच्छे से उसके बदन को मैं चूमने पर लगा हुआ था। मैंने जब उसके मुलायम स्तनों पर अपनजीभ को टच किया तो वह उत्तेजित हो गई  उसकी योनि से पानी निकलने लगा।

मैंने जैसे ही मृणाली की योनि के अंदर अपना लंड डाला तो वह चिल्लाने लगी और मैं उसे बड़ी तेजी से धक्के दे रहा था। मुझे नहीं पता था कि भाभी देख रही है जब उन्होंने मुझे देखा तो उस समय में मृणाली को चोद रहा था और वह सब देखने पर लगी हुई थी। जब वह मेरे पास आई तो मैंने उन्हें किस करना शुरू कर दिया और मैं मृणाली को चोद रहा था और मै भाभी के स्तन देख कर बहुत खुश हो गया। मै ज्यादा समय तक में मृणाली की गर्मी को नहीं झेल पाया और जैसे ही मेरा वीर्य गरा तो मै बहुत ज्यादा खुश हो गई। मैंने भाभी को घोड़ी बना दिया और जब मैंने अपनी भाभी की योनि म लंड डाला तो वह चिल्लाने लगी और मैं बड़ी तेज गति से उन्हें झटके मारने लगा। भाभी बहुत खुश हो रही थी और अपनी चतडो को मुझसे मिलाने पर लगी हुई थी। यह सब देख कर मृणाली बहुत खुश हो गई और वह अपनी योनि को साफ करने लगी। मैंने अब भी भाभी को बड़े अच्छे से चोदा रहा था जिससे कि उन्हें भी बहुत मजा आने लगा था। मैं भी बहुत ज्यादा खुश था मैंने काफी देर तक ऐसे ही धक्के मारे। लेकिन जब वह अपनी चूतडो को मुझसे मिलाने लगी तो हम दोनों के शरीर से गर्मी बाहर की तरफ निकलने लगी। मुझे नहीं पता था कि मैं ज्यादा समय तक उनकी योनि का रसपान नहीं कर पाऊंगा। मैंने बड़ी तेज तेज धक्के मारे जिससे कि मेरा  तरल  पदार्थ उनकी योनि के अंदर घुस गया। मैंने उन्हें कहा कि आपने मुझे बहुत ही मजे दिए मुझे आप दोनों को चोद कर बहुत अच्छा लगा। भाभी बहुत खुश थी और मृणाली भी खुश हो गई। हम तीनों ही हैं साथ में बैठ कर बात कर रहे थे और मुझे उन दोनों के साथ बात करने में भी अच्छा लग रहा था।