दोस्त की बहन को ट्रिप के दौरान चोदा

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मेरा नाम जय है मैं फरीदाबाद में रहता हूं, हमें फरीदाबाद आए हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है। हमारे पड़ोस में ही मेरी मुलाकात एक लड़के से हुई, उसका नाम सोहन है। मेरी और उसके बीच में बहुत अच्छी दोस्ती हो गई, मुझे नहीं पता था कि सोहन और मेरे बीच में इतनी अच्छी मित्रता हो जाएगी कि हम दोनों एक दूसरे के घर पर अक्सर आते जाते रहेंगे। सोहन ने मेरी नौकरी लगाने में भी बहुत मदद की है, उसने अपने एक परिचित अंकल से बात की और उसके बाद उन्होंने मुझे नौकरी पर रख लिया, उसके बाद से मैं उनके वहीं पर नौकरी करने लगा, जिस दिन मेरी छुट्टी होती है उस दिन मैं रोहन के घर पर चला जाता हूं या फिर वह मेरे घर आ जाया करता। सोहन की बहन गीतिका मुझे बहुत अच्छी लगती है लेकिन मैं सिर्फ सोहन की वजह से ही उसकी तरफ कभी भी नहीं देखता क्योंकि मुझे यह डर है कि कहीं इस बात का सोहन को पता चल जाएगा तो सोहन मेरे बारे में गलत समझेगा।

मैं इस वजह से अपने आप पर काबू कर लेता हूं लेकिन एक बार गीतिका ने मुझे मैसेज कर दिया, मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि गीतिका भी मेरे बारे में ऐसा कुछ सोचती है लेकिन जब उसने मुझे मैसेज किया तो उसके बाद हम दोनों ने ही एक दूसरे से बात करनी शुरू कर दी और हम दोनों का एक दूसरे के साथ रिलेशन शुरू हो गया। जब भी गीतिका मेरे साथ बैठी होती है तो मैं उससे बात कर लेता  यदि इस बारे में सोहन को पता चल गया तो वह मेरे बारे में बहुत गलत धरना अपने दिमाग में पैदा कर लेगा। गीतिका मुझे कहती कि तुम इस बारे में बिल्कुल भी निश्चिंत रहो क्योंकि मैं अपनी तरफ से भैया को कुछ भी नहीं बताने वाली,  यदि भैया को इस बारे में पता चल भी गया तो मैं तुम्हारे साथ हमेशा ही खड़ी हूं। मैंने गीतिका को कहा कि यह तो सही बात है लेकिन मेरे बारे में सोहन क्या सोचेगा,  कहीं वह यह ना सोच ले कि मैंने हमेशा ही जिसकी मदद की है उसने मेरी बहन पर ही डोरे डालने शुरू कर दिये। गीतिका कहने लगी कि हम दोनों एक दूसरे को थोड़ा समय देते हैं और इस बीच में हम लोग एक दूसरे को भी समझ लेंगे, मैं अपने घर पर भी तुम्हारे बारे में बात कर लूंगी।

मैंने कहा कि ठीक है हम दोनों एक दूसरे के साथ रिलेशन में रहते हैं लेकिन इस बात को ना तो तुम कभी भी सोहन से कहोगी और ना ही मैं कभी भी सोहन से तुम्हारे बारे में बात करूंगा। हम दोनों एक दूसरे के लिए अनजान बनकर रहेंगे, वह कहने लगी ठीक है हम दोनों अब से एक दूसरे के लिए अनजान बनकर रहेंगे, सिर्फ हम दोनों को ही यह बात पता रहेगी कि हम दोनों एक-दूसरे के साथ रिलेशन में है। मैं अब गीतिका से हमेशा ही छुपकर मिलता था, जिस दिन मेरी छुट्टी होती उस दिन मैं सोहन से मिलने के लिए उसके घर जाता हूं और उसके कुछ देर बाद मैं अपने घर लौट कर आता तो मैं गीतिका को फोन कर देता, गीतिका भी मेरे साथ चलने के लिए तैयार हो जाती और हम दोनों ही छुट्टी के दिन एक साथ समय बिताते। गीतिका कॉलेज कर रही है और उसकी उम्र 24 वर्ष है, हम दोनों के बीच बहुत ही अच्छा रिलेशन हो गया है। मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि हम दोनों एक दूसरे को इतना पसंद करने लगेंगे, हम दोनों की पसंद भी एक दूसरे से मिलती-जुलती ही है इसी वजह से गीतिका को मेरे साथ रहना बहुत अच्छा लगता है। एक बार गीतिका मुझे कहने लगी कि हम लोगों के कॉलेज से हम लोग घूमने का टूर बना रहे हैं यदि तुम भी हमारे साथ चलो तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा। मैंने उसे कहा कि लेकिन मैं तुम्हारे क्लासमेट्स के साथ में नहीं आ सकता, मैं अकेले ही आ जाऊंगा, वह कहने लगी ठीक है तुम भी हमारे साथ घूमने के लिए चलो। जब मैंने उससे पूछा कि तुम लोग कहां जा रहे हो तो वह कहने लगी कि हम लोग जयपुर जा रहे हैं और कुछ दिन हम लोग जयपुर में ही रुकेंगे, मैंने उसको कहा कि तुम्हारे साथ में क्या तुम्हारे सारे क्लास के बच्चे हैं, वह कहने लगी नहीं जो हमारे ग्रुप के हैं, वही लोग हमारे साथ चल रहे हैं। मैंने गीतिका से पूछा कि तुम लोग कब निकल रहे हो, वह कहने लगी कि हम लोग अगले हफ्ते निकलने वाले हैं। मैंने उसे कहा ठीक है मैं भी वहां पर अपने रहने के लिए बंदोबस्त कर लेता हूं, मैं होटल बुक कर लेता हूं।

वैसे तो मेरे रिश्ते के एक भैया वहां पर रहते हैं लेकिन मैं उन्हें परेशान नहीं करना चाहता हूं। मैंने जब गीतिका से यह बात कही तो वह खुश हो गई और कहने लगी कि ठीक है, हम लोग एक साथ घूमने चलते हैं और साथ में ही हम लोग समय बिता पाएंगे तो मुझे भी बहुत अच्छा लगेगा। गीतिका की बात से मैं बहुत खुश हुआ और उसे कहने लगा कि मुझे भी तुम्हारे साथ समय बिताने का मौका मिलेगा, यह मेरे लिए भी अच्छी बात है। अगले हफ्ते हम लोग जयपुर के लिए निकल गए, वह लोग जिस ट्रेन में जा रहे थे, मैं भी उसी ट्रेन में था लेकिन मैं अलग बोगी में बैठा हुआ था इसलिए गीतिका मेरे पास ही बैठ गई। उसने अपने दोस्तों को मेरे बारे में बता दिया था, उन्हें मुझसे कोई भी प्रॉब्लम नहीं थी, जब मैं और गीतिका बैठे हुए थे तो हम दोनों काफी बात कर रहे थे और उसी बीच में सोहन का जिक्र आ गया। गीतिका मुझसे कहने लगी कि एक दिन भैया को कहीं कॉल करनी थी और उनके फोन पर बैलेंस नहीं था इसलिए उन्होंने मेरे फोन से कॉल की, मुझे डर था कि कहीं वह मेरे फोन में तुम्हारा नंबर ना देख ले, इसी वजह से मैं बहुत ही ज्यादा डरी हुई थी लेकिन शुक्र है कि उन्होंने मेरे फोन में तुम्हारा नंबर नहीं देखा।

मैंने गीतिका को कहा कि हां यदि सोहन को हमारे बारे में पता चल जाता तो शायद उसे बहुत बुरा लगता। मैं गीतिका से कहने लगा कि मैं चाहता हूं कि हम दोनों जल्दी ही शादी कर ले और एक दूसरे के साथ ही रहे हैं। गीतिका मुझे कहने लगी कि मुझे कुछ और वक्त चाहिए, उसके बाद ही मैं तुम्हारे साथ शादी कर पाऊंगी क्योंकि मैं अपने कॉलेज की पढ़ाई के बाद कुछ समय जॉब करना चाहती हूं, उसके बाद ही मैं शादी का विचार बना पाऊंगी। मैंने उसे कहा ठीक है तुम कुछ समय और ले लो, पहले तुम अपनी पढ़ाई पूरी कर लो, उसके बाद ही हम लोग आगे के बारे में सोचेंगे। जब जयपुर आ गया तो गीतिका अपने दोस्तों के साथ चली गई क्योंकि वह उन लोगों ने किसी होटल में बुकिंग की हुई थी और मैं अपने होटल में चला गया। मैं रूम में ही बैठा हुआ था, मैं अपने फोन में गीतिका और मेरी तस्वीर देख रहा था उसी बीच में गीतिका का फोन आ गया और गीतिका मुझसे पूछने लगी तुम क्या कर रहे हो, मैंने उसे कहा कि मैं तो तुम्हारी तस्वीर देख रहा था और सोच रहा था कि कब हम लोग शादी करेंगे। वह कहने लगी कि तुम इतनी जल्दी शादी के लिए मत सोचो, मुझे थोड़ा वक्त दो, उसके बाद ही हम लोग शादी कर पाएंगे। मैंने गीतिका  से कहा कि मैं अकेला ही बैठा हूं क्या तुम मुझसे मिलने आ सकती हो। वह कहने लगी ठीक है मैं तुमसे मिलने आ जाती हूं। जब  गीतिका मुझसे मिलने आई तो मैं जिस होटल में रुका हुआ था उसे पहले वह होटल मिल ही नहीं रहा था। मैंने उसे कहा कि तुम किसी ऑटो वाले से पूछ लो वह तुम्हें होटल तक छोड़ देगा। उसने फिर वहा से ऑटो किया और उसके बाद वह होटल में आ गई। जब वह होटल में पहुंची तो मैंने उस  दिन शॉट पहना हुआ था। गीतिका मेरे पास आकर बैठ गई जब वह मेरे पास आकर बैठी तो मैं उसके हाथों को पकड़कर सहला रहा था। हम दोनों ही बात कर रहे थे लेकिन जब उसके स्तन मुझे दिखाई दे रहे थे तो मेरा मूड खराब होने लगा। मैंने गीतिका के स्तनों पर हाथ लगाया तो वह पूरे मूड में आ गई और कहने लगी मुझे लगता है कि आज तुम्हारा मूड कुछ ज्यादा ही खराब हो रहा है। पहले वह सेक्स करने के लिए तैयार नहीं थी लेकिन जब मैंने उसे अपनी बाहों में लिया तो उसके बाद उसके अंदर की उत्तेजना भी जागने लगी।

कुछ समय तक मैं उसके गुलाबी होठों का रसपान करता रहा उसके बाद जब वह पूरे मूड में आ गई तो मैंने उसे नंगा कर दिया। मैंने पहली बार गीतिका का बदन देखा था इसलिए मैं बहुत ज्यादा ही उत्तेजित हो गया। मैंने अपने लंड को अपने शॉर्ट से बाहर निकालते हुए गीतिका के मुंह के अंदर डाल दिया। उसने बहुत ही अच्छे से मेरे लंड का रसपान किया और जब मेरा पानी निकलने लगा तो  गीतिका ने उसे अपने मुंह में ही समा लिया। मैंने जब गीतिका की नरम और मुलायम चूत पर अपनी जीभ को टच किया तो उसे बहुत अच्छा महसूस हुआ। अब मैं समझ चुका था कि उसे भी बिल्कुल कंट्रोल नहीं हो रहा है। जैसे ही मैंने अपने लंड को गीतिका की योनि के अंदर डाला तो उसकी सील टूट गई और वह बड़ी तेज आवाज में चिल्लाने लगी। मैंने उसे कहा कि मैं अब तुम्हें तेज धक्के मारने वाला हूं। वह कहने लगी नहीं मुझे तुम धीरे से चोदना मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा है। मैंने जब गीतिका की योनि को देखा तो उसकी चूत से कुछ ज्यादा ही खून बाहर निकलने लगा उसे वह बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा था। मुझे बहुत आनंद आ रहा था कुछ देर बाद गीतिका  भी पूरे मूड में आ गई। वह अपने दोनों पैरों को खोलने लगी मैं समझ गया कि अब वह पूरे मूड में है। मैंने भी उसे बड़ी तेजी से झटके देने शुरू कर दिए। हम दोनों ज्यादा समय तक एक दूसरे के साथ संभोग नहीं कर पाए जब गीतिका झड गई तो उसने मुझे अपने दोनों पैरों से जकड़ लिया। मैंने उसे बड़ी तेजी से धक्के देने शुरू किए लेकिन उन झटको के बीच में ही ना जाने कब मेरा वीर्य निकल गया मुझे पता ही नहीं चला। गीतिका के साथ मुझे संभोग कर कर बहुत ही मजा आया।