दीदी के पड़ोस में रहने वाला आवारा लड़का

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मेरा नाम राधिका है मैं इंदौर की रहने वाली हूं, मैंने अपने कॉलेज की पढ़ाई दो वर्ष पहले पूरी कर ली थी। मैं कुछ महीनों पहले अपनी दीदी के घर गई थी,  उसी उसी बीच में मेरी मुलाकात आकाश के साथ हुई, आकाश से जब मैं पहली बार मिली तो मुझे वह बहुत ही ज्यादा घमंडी और झगड़ालू किस्म का लड़का लगा। आकाश मेरी दीदी के घर के पड़ोस में ही रहता है और वह हमेशा ही किसी ना किसी के साथ झगड़ा करता था परंतु अब वह बदल चुका है। जब से आकाश और मेरी मुलाकात हुई है तब से आकाश के जीवन में बदलाव आ गया है और वह मुझे बहुत ही मानता है वह कहता है कि जब से तुम मेरे जीवन में आई हो तब से मेरा जीवन पूरी तरीके से परिवर्तित हो चुका है। आकाश भी इंदौर में ही रहता है और मेरी दीदी की शादी भी इंदौर में ही हुई है।

मेरे जीजाजी स्कूल में अध्यापक है लेकिन वह आकाश को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते इसलिए जब भी मैं उनके घर जाती हूं तो मुझे बहुत ही चुपके से आकाश से मिलना पड़ता है। एक बार उन्होंने मुझे आकाश के साथ देख लिया था, उसके बाद मेरे जीजा ने मुझे साफ कह दिया कि यदि तुम आज के बाद आकाश से मिली तो मैं तुम्हारे घर पर आकाश के बारे में बता दूंगा इसलिए मैं जब भी अपनी दीदी से मिलने जाती हूं तो मैं आकाश से चुपके से मिलती हूं। मुझे आकाश से मिले हुए काफी कम समय हुआ है लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि जैसे मैं उसे काफी समय से जानती हूं क्योंकि वह मेरी हर एक बात का बहुत ध्यान रखता है। मुझे जब भी कोई जरूरी काम होता है तो मैं आकाश को बोल देती हूं, वह हमेशा ही मेरा काम कर दिया करता है। एक दिन मैं बहुत ज्यादा उदास थी और उस दिन मैंने आकाश को फोन करके बुला लिया,  मैंने उससे मिलने की इच्छा जाहिर की, वह मुझे कहने लगा ठीक है मैं तुमसे मिलता हूं, उस दिन वह ऑफिस से जल्दी आ गया।

जब वह मुझसे मिला तो मैं बहुत ज्यादा दुखी थी और मैंने उसे कहा कि आज मेरा मूड बहुत ज्यादा खराब है, आकाश मुझसे पूछने लगा कि आज तुम्हारा मूड क्यों खराब है, मैंने उसे बताया कि आज मेरा मेरी मम्मी के साथ झगड़ा हो गया इसीलिए मेरा मूड बहुत ज्यादा अपसेट है। वह मुझसे कहने लगा कि तुमने अपनी मम्मी के साथ क्यों झगड़ा किया, मैंने आकाश को बताया कि वह लोग मेरे लिए रिश्ता देख रहे हैं और मेरी मम्मी ने मेरे लिए एक रिश्ता फाइनल भी कर लिया था लेकिन मैंने उन्हें कहा कि आपको मुझसे एक बार पूछना तो चाहिए था, मेरी मम्मी कहने लगी कि मुझे तुमसे पूछने की जरूरत है। अब तुम्हारी शादी की उम्र हो चुकी है इसलिए तुम्हें शादी तो करनी ही पड़ेगी, कब तक घर पर रहोगी इसीलिए मेरा मेरी मम्मी के साथ झगड़ा हो गया। आकाश मुझे कहने लगा कि वह लोग भी तो कुछ सपना देख रहे होंगे, वह लोग भी चाहते हैं कि तुम्हारा रिश्ता किसी अच्छे घर में हो, मैंने आकाश से कहा कि क्या तुम भी यही चाहते हो कि मैं किसी और के साथ शादी करूं। वह कहने लगा कि मैं यह बिल्कुल भी नहीं चाहता कि तुम किसी और के साथ शादी करो, क्यों की मेरे दिल में तुम्हारे लिए बहुत ही प्यार है और तुमने मेरा जिस प्रकार से जीवन परिवर्तित किया है मैं नहीं चाहता कि तुम्हारी शादी किसी और के साथ हो। मैंने आकाश से कहा कि मैं भी नहीं चाहती कि मैं किसी और के साथ शादी करूं इसीलिए तो मैं तुम्हें कह रही हूं कि तुम मेरे घर पर जल्दी से बात कर लो नहीं तो वह मेरे लिए कहीं रिश्ता देख लेंगे और उसके बाद मैं तुमसे शादी नहीं कर पाऊंगी। आकाश मुझे कहने लगा कि मुझे थोड़ा वक्त दो, मैं तुम्हारे घर वालों से इस बारे में बात कर लेता हूं। मैंने आकाश से कह दिया कि मैं तुम्हें ज्यादा समय नहीं दे सकती क्योंकि मेरे घर वालों ने मेरे लिए रिश्ता देखना शुरू कर दिया है, हमारे सारे रिश्तेदार मेरे पीछे लगे हुए हैं कि तुम जल्दी से शादी कर लो क्योंकि मेरी उम्र भी हो चुकी है और मैं ज्यादा समय तक अब नहीं रुक सकती। आकाश मुझे कहने लगा ठीक है तुम मुझे कुछ समय दो मैं तुम्हारे घर पर आ कर बात कर लेता हूं। मैने आकाश से कहा कि जब तुम हमारे घर पर आओ तो अपने माता पिता के साथ ही हमारे घर पर आना। जब वह हमारे घर आये  तो मेरे माता पिता ने आकाश के पिता जी से बात की,  उन्होंने मेरे और आकाश के बारे में उन्हें सारी बात बताई।

उसके बाद मेरे पिताजी ने भी मुझ से पूछा कि क्या तुम आकाश से प्रेम करती हो,  मैंने उन्हें बताया कि मैं आकाश से प्रेम करती हूं और आकाश के साथ ही शादी करना चाहती हूं।  मेरे घर वालों को आकाश से कोई भी आपत्ति नहीं थी क्योंकि आकाश भी एक अच्छे परिवार से है और उसके पिताजी भी एक अच्छी नौकरी पर है लेकिन मेरे पिताजी को आकाश के बारे में ज्यादा पता नहीं था इसीलिए उन्होंने उस वक्त रिश्ते के लिए हां कह दिया। जब कुछ दिनों बाद मेरे जीजाजी को आकाश के बारे में पता चला तो वह हमारे घर पर आये,  वह कहने लगे कि आप आकाश के साथ राधिका का रिश्ता करवा रहे है, आपको आकाश के बारे में कोई जानकारी भी है या नहीं, मेरे पिताजी कहने लगे कि मुझे तो आकाश बहुत ही अच्छा लगा और मेरी मम्मी ने भी कहा कि आकाश हमें बहुत अच्छा लगा, इस लिए हम लोगों ने रिश्ते के लिए हां कह दी। मेरे जीजाजी कहने लगे कि आकाश एक नंबर पर आवारा किस्म का लड़का है और हमारे मोहल्ले में वह बहुत ही झगड़ा करता रहता है। उस वक्त मैं वहीं पर थी  और मैंने यह बात सुन ली, मैंने अपने जीजा से कहा कि आकाश पहले झगड़ा करता था परंतु अब वह बहुत बदल चुका है, अब वह बिल्कुल भी पहले जैसा नहीं है लेकिन मेरे जीजाजी कभी भी आकाश को अपनाने के लिए तैयार नहीं थे।

मैंने अपने जीजा जी से कहा कि मुझे नहीं पता कि आप को आकाश से क्या प्रॉब्लम है लेकिन मैं आकाश से प्यार करती हूं और सिर्फ उसी के साथ शादी करना चाहती हूं। मेरे जिजाजी कहने लगे कि तुम किसी और के साथ शादी कर लो, आकाश के साथ तुम बिल्कुल भी खुश नहीं रहोगी। उन्होंने मेरे माता-पिता के दिमाग में यह बात डाल दी कि आकाश अच्छा लड़का नहीं है इसलिए वह दुविधा में थे और उन्होंने इस बारे में आकाश के माता-पिता से भी बात की। वह कहने लगे कि हमें कुछ समय और चाहिए उसके बाद ही हम आकाश और राधिका की सगाई के बारे में सोच पाएंगे। आकाश के पिताजी ने कहा कि ठीक है आपको यदि कुछ समय चाहिए तो आप थोड़ा समय ले लीजिए और आप सोच लीजिए। मेरे पिताजी कहने लगे कि क्योंकी यह हमारी लड़की की बात है और हम नहीं चाहते कि हमारी लड़की का जीवन किसी भी प्रकार से खराब हो। आकाश के पिताजी समझ चुके थे इसलिए उन्होंने मेरे पापा से ज्यादा बात नहीं करी। मेरे पिताजी ने मुझ से भी पूछा कि क्या तुम आकाश के साथ शादी करना चाहती हो, मैंने उन्हें कहा कि हां मैं आकाश के साथ ही शादी करना चाहती हूं,  मैंने उसके सिवा किसी और के बारे में कभी नहीं सोचा लेकिन मेरे माता-पिता दुविधा में थे और यह बात मेरे जीजा जी ने उनके दिमाग में डाल दी थी। एक बार मेरे माता-पिता कहीं गए हुए थे मैंने आकाश को घर पर बुला लिया। आकाश जब घर पर आया तो मैंने आकाश को गले लगा लिया और कहा कि मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही थी इसलिए मैंने तुम्हें फोन कर दिया। आकाश कहने लगा मुझे भी तुम्हारी बहुत याद आ रही है और काफी दिनों से हम लोग मिले भी नहीं है। मैंने आकाश को गले लगा लिया मैंने उसे कसकर पकड़ लिया उसने भी मुझे बहुत कसकर पकड़ लिया। वह मेरे होठों को किस करने लगा जब आकाश मेरे होठों को चूम रहा था तो मुझे बहुत ही अच्छा महसूस होने लगा। मैं अपने आप को बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं कर पाई और मैंने आकाश से कहा कि मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हो रहा है तुम मेरे कुंवारे पन को आज खत्म कर दो। हम दोनों मेरे रूम में चले गए आकाश ने मुझे मेरे बिस्तर पर लेटा दिया वह मेरे स्तनों को दबाने लगा और मेरे होठों को किस कर रहा था।

उसने काफी देर तक ऐसा किया उसके बाद जब आकाश ने मेरे कपड़े खोलने शुरू किए तो उसने मेरे स्तनों को देखा और कहने लगा तुम्हारे स्तन तो बहुत ही टाइट और सुडौल है। आकाश ने जैसे ही मेरे स्तन को अपने मुह मे लिया तो मुझे अच्छा लगा और वह भी बड़े अच्छे से मेरे चूचो को चूसने लगा। उसने काफी देर तक मेरे चूचो को चूसा उसके बाद उसने मेरी सलवार को उतार दिया और आकाश ने जैसे ही मेरी नरम और मुलायम पर अपनी जीभ को लगाया तो मुझे बहुत अच्छा लगा और मैंने मचलने लगी थी। मेरी योनि से तरल पदार्थ निकल लगा कुछ देर तक आकाश ने मेरी योनि को चाटा। जब आकाश ने अपने मोटे लंड को मेरी चूत पर टच किया तो मुझे एक अलग ही प्रकार की फीलिंग आने लगी। आकाश ने मेरी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया जैसे ही आकाश का लंड मेरी योनि में प्रवेश हुआ तो मेरी चूत की झिल्ली टूट गई मेरी चूत से खून आने लगा। मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा आकाश ने मेरे पैरों को अपने कंधों पर रख लिया। वह बड़ी तेज गति से मुझे चोद रहा था मुझे भी बहुत मजा आ रहा था जिस प्रकार से वह मुझे चोद रहा था। मैंन आकाश से कहा मुझसे बिल्कुल भी तुम्हारे लंड को झेला नहीं जा रहा है मुझे नहीं पता मेरे अंदर से इतना ज्यादा पानी निकलने लगा। आकाश ने मुझे कहा कि अब तुम झड़ने वाली हो और आकाश मुझे बड़ी तेज गति से धक्के दे रहा था। मेरी योनि से खून भी निकल रहा था मेरे अंदर से एक अलग ही प्रकार की उत्तेजना आने लगी। अकाश धक्के मारने पर लगा हुआ था लेकिन उसका भी लंड बुरी तरीके से छिल चुका था। जब आकाश का माल मेरी योनि के अंदर गिरा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ और आकाश भी खुश हो गया। मैंने अपनी योनि को साफ किया उसके बाद हम दोनों ने तीन बार और संभोग किया अगले दिन मेरी योनि मे दर्द हो रहा था।