घर में लड़के को बुलाकर अपनी चूत मरवाई

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मेरा नाम सिमरन है और मैं चंडीगढ़ में रहती हूं। मैं कॉल सेंटर में नौकरी करती हूं, मैंने कुछ समय पहले ही कॉल सेंटर में नौकरी करना शुरू किया। यहां पर मेरे कॉलेज की दोस्त है, उसने ही मुझे यहां लगवाया, वह भी यहीं पर नौकरी करती है और उसे यहां पर नौकरी करते हुए काफी समय हो चुका है। मैं घर में ही काफी समय से खाली बैठी हुई थी तो वह मुझसे कहने लगी कि तुम घर में इतने समय से खाली बैठी हो, तुम कुछ काम क्यों नहीं कर लेती। मैंने उसे कहा कि मुझे समझ में नहीं आ रहा कि मुझे क्या काम करना चाहिए। वह कहने लगी कि मैं तुम्हारे लिए अपने कॉल सेंटर में बात कर लेती हूं, हमारे यहां पर अभी कुछ वैकेंसी आई है, तुम हमारे यहां पर आ जाओ तो तुम्हारा सिलेक्शन भी हो जाएगा इसीलिए मैं अपनी दोस्त के साथ कॉल सेंटर चली गई और मेरा सिलेक्शन भी हो गया।

मुझे यहां पर काम करना अच्छा लगता है क्योंकि मुझे यहां से जो सैलरी मिलती है उससे मैं अपने सारे शौक पूरे कर लिया करती हूं। मुझे शॉपिंग करना बहुत ही अच्छा लगता है और मुझे नए नए दोस्त बनाने का बहुत शौक है। मेरे कॉलेज में मेरे बहुत सारे दोस्त हैं। मेरे जितने भी दोस्त हैं वह सब मुझसे मिलते हैं तो बहुत खुश होते हैं और कहते हैं कि तुम्हारे साथ हमे मूवी जाना बहुत ही अच्छा लगता है। मुझे नई नई मूवी देखने का बहुत शौक है इसलिए मैं हमेशा ही छुट्टी के दिन अपने दोस्तों के साथ चली जाती हूं। मेरे फेसबुक में भी बहुत सारे फ्रेंड हैं और उनमें से कई लोग मुझे हमेशा ही नए-नए रिक्वेस्ट भेजते हैं लेकिन मैं सबकी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं करती और ना ही मैं उन लोगों से दोस्ती करती हूं। मैं पहले देख लिया करती हूं कि वह लोग मेरे परिचित हैं भी या नहीं यदि वह मेरे परिचित होते हैं तो मैं उनके रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लेती हूं। मुझे अपने काम के समय से जब भी फुर्सत मिलती तो मैं उस वक्त अपने मोबाइल में गेम खेलती थी और अपने मोबाइल में ही लगी रहती थी।

मुझे मोबाइल की बहुत ज्यादा आदत है और मैं अपने मोबाइल को एक मिनट भी अपने हाथ से नहीं छोड़ सकती इस वजह से कई बार मेरे मम्मी पापा मुझे डांटते भी हैं और कहते हैं कि कम से कम तुम खाना तो खा लिया करो, खाना खाते वक्त भी तुम्हारे हाथ में मोबाइल रहता है और जब मैं घर पर होती हूं तो अपने मम्मी पापा से बिल्कुल भी बात नहीं करती थी, जिस वजह से वह लोग मुझ पर बहुत गुस्सा होते थे और कहते थे कि तुम बिल्कुल भी फोन को अपने हाथ से नहीं छोड़ती हो। मेरी मम्मी तो इस वजह से मुझ पर बहुत गुस्सा हो जाती थी और कई बार हम दोनों के बीच झगड़े भी होते हैं जिस वजह से मैं खाना भी नहीं खाती थी। मेरे पिताजी एक बहुत ही अच्छे व्यक्ति हैं और वह मुझसे बहुत प्रेम करते हैं लेकिन वह भी मेरी इन आदतों से बहुत परेशान हो गए थे और उन्होंने भी मुझे अब कहना शुरू कर दिया कि तुम इस प्रकार से यदि फोन पर ही लगी रहोगी तो तुम हमें कब समय दे पाओगी, इसलिए मैं कोशिश करती थी कि मैं जब भी घर पर रहूं तो अपने फोन को अपने से दूर ही रखूं लेकिन यह मुझसे बिल्कुल भी नहीं हो रहा था परंतु फिर भी मैंने कोशिश की और अपने घर वालों के साथ अब मैं समय बिता रही थी। मेरे पापा एक दिन कहने लगे कि हम लोग रविवार के दिन कहीं घूमने चलते हैं और हम लोगों उस दिन घूमने के लिए चले गए। जब हम लोगों घूमने गए तो हम लोगों ने बहुत ही अच्छे से समय बिताया क्योंकि हम तीनो ही घर पर रहते हैं और मेरे भैया अहमदाबाद में रहते हैं, वह वहीं पर नौकरी करते हैं क्योंकि उनकी एक बहुत ही बड़ी कंपनी में जॉब करते है, पहले वह चंडीगढ़ में ही रहते थे लेकिन अब उनका ट्रांसफर अहमदाबाद में हो चुका है इस वजह से हम तीनो ही घर पर हैं और वह कभी-कभार मुझे फोन कर देते हैं, या फिर मैं उन्हें फोन कर देती हूं। जब भी मैं कोई फोटो फेसबुक पर डालती हूं तो वह हमेशा ही उसे लाइक करते हैं। मुझे अपनी फोटो डालने का बहुत शौक है और मैं अपनी नई नई फोटो अपने फेसबुक में डालती हूं इसी वजह से मुझे बहुत ज्यादा फ्रेंड रिक्वेस्ट्स आती है क्योंकि मुझे लगता है कि मैं दिखने में बहुत ज्यादा सुंदर हूं। मैं जब अपने माता पिता के साथ घूम रही थी तो उस दिन मैंने कई फोटोए ले ली और वह फोटो मैंने अपने भैया को सेंड कर दी।

वह कहने लगे तुम लोग तो बहुत ही इंजॉय कर रहे हो, मैंने उन्हें कहा कि काफी समय बाद हम लोग एक साथ कहीं घूमने गए हैं, नहीं तो मेरे पास भी समय नहीं होता क्योंकि मैं अपनी जॉब से आती हूं, उसके बाद मैं बहुत ज्यादा थक जाती हूं और सो जाती हूं। एक बार मुझे एक लड़के की रिक्वेस्ट आई उसका नाम गौरव है, उसने मुझे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी लेकिन मैंने उसकी फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं की थी। एक दिन जब मेरी दोस्त ने मुझे गौरव से मिलवाया तो गौरव मुझे कहने लगा कि मैंने तुम्हें काफी समय पहले फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी लेकिन तुमने अभी तक एक्सेप्ट नहीं की है, मैंने उसे कहा कि मैं तुम्हें अच्छे से नहीं जानती हूं तो तुम्हारी फ्रेंड रिक्वेस्ट कैसे एक्सेप्ट करती लेकिन अब हम दोनों का परिचय हो चुका है इसलिए मैं तुम्हारी रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लूंगी। गौरव से बात करते हुए मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।  वह बात करने में बहुत ही अच्छा और बहुत ही खुले दिल का लड़का है। वह मेरी दोस्त को बहुत ही अच्छे से जानता है क्योंकि वह लोग एक दूसरे के पड़ोस में रहते हैं इसी वजह से उन दोनों का परिचय है। मैंने जब गौरव की रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर ली तो हम दोनों की बातें होने लगी और उसने मुझसे बात करते हुए मेरा नंबर भी ले लिया। मैंने उसे अपना नंबर भी दे दिया।

वह मुझे मैसेज भेजता रहता था। जब मैं अपनी नई फोटो फेसबुक पर डालती हूं तो वह उसे लाइक कर देता है। मैं भी गौरव की फोटो को लाइक कर दिया करती। गौरव मुझे जब भी मिलता तो वह बहुत हंस कर बात करता था और मुझे उसकी मुस्कुराहट बहुत अच्छी लगती थी क्योंकि मुझे भी ऐसा लगता था कि गौरव कहीं ना कहीं मुझे पसंद करता है लेकिन मैं यह देखना चाहती थी कि वह मुझे किस प्रकार से अपने दिल की बात कहता है लेकिन उसने काफी समय तक मुझसे कुछ भी नहीं कहा, वह मुझसे बात तो बहुत करता था लेकिन वह कभी भी इस बारे में मुझसे बात नहीं करता था। मैंने एक दिन अपने दोस्त के साथ अपनी फोटो डाल दी और उस दिन गौरव को बहुत बुरा लगा। गौरव मुझसे पूछने लगा कि यह फोटो मैं तुम्हारे साथ कौन खड़ा है, मैंने उसे कहा कि वह मेरा बॉयफ्रेंड है। जब मैंने उसे यह बात कही तो उसे बहुत बुरा लगा और उसने कई दिनों तक मुझसे बात भी नहीं की लेकिन मैंने ही एक दिनों से फोन किया, उसने मेरा फोन पहले तो उठाया नहीं परंतु जब उसने मेरा फोन उठाया तो मैंने उसे कहा कि वह मेरा दोस्त है, तुम तो बेकार में ही बुरा मान गए। वह मुझे कहने लगा कि तुम इस प्रकार के मजाक मुझसे मत किया करो। गौरव को शायद उस दिन बहुत बुरा लगा। मैंने उससे सॉरी कहा लेकिन उस दिन भी उसने अपने दिल की बात मुझे नहीं बताई। मैं भी उसके मुंह से ही सुनना चाहती थी कि उसके दिल में मेरे लिए क्या है क्योंकि गौरव मुझे बहुत अच्छा लगता था, इस वजह से मैं भी चाहती थी कि गौरव और मेरा रिलेशन हो लेकिन वह बिल्कुल भी कह नहीं पा रहा था। अब हम दोनो फोन पर काफी देर तक बात किया करते थे और हम दोनों अधिकतर फोन पर ही बात करते थे। एक दिन मैं गौरव के साथ अश्लील बातें करने लगी और पहले वह मुझसे कुछ भी नहीं बोल रहा था लेकिन बाद में वह भी पूरे मूड में आ गया। वह मुझसे पूछने लगा कि आज तुमने कौन से कलर पैंटी और ब्रा पहनी है मैंने उसे कहा कि तुम कल खुद ही देख लेना। वह कहने लगा ठीक है मैंने उसे कहा कि तुम मेरे घर पर आ जाना क्योंकि कल मेरे पापा मम्मी लोग कहीं बाहर जा रहे हैं।

वह अगले दिन मेरे घर पर आ गया मैं बड़ी उत्सुकता से गौरव का इंतजार कर रही थी जब गौरव मेरे घर पर आया तो उसने देखते ही मुझे किस कर लिया और मेरे होठों को बहुत अच्छे से चूसने लगा। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब वह मेरे होठों को किस कर रहा था और मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी। मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था वह जिस प्रकार से मेरे होठों को चूम रहा था। मैंने भी उसकी पैंट से उसके लंड को बाहर निकालते हुए अपने मुंह में ले लिया और बहुत देर तक मैं उसे सकिंग करती रही। काफी देर तक उसके लंड को चूसने के बाद उसके लंड से पानी बाहर की तरफ निकलने लगा उसे भी बहुत मजा आने लगा। हम दोनों से ही बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हुआ मैंने अपने सारे कपड़े उतारते हुए अपने दोनों पैर को चौडा कर लिया वह मेरी योनि को बहुत अच्छे से चाटने लगा। काफी देर तक ऐसा करने के बाद जब उसने अपने लंड को मेरी योनि के अंदर डाला तो मैं चिल्लाने लगी और मुझे ऐसा लगा जैसे मेरे अंदर कोई मोटा सा गन्ना चला गया हो। अब मैं गौरव का पूरा साथ दे रही थी और वह मुझे बड़ी तेज गति से धक्के मार रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था जब वह मुझे इस प्रकार से झटके दिए जा रहा था मैं उसका पूरा साथ दे रही थी और वह मुझे उतनी ही तेजी से धक्के मारता जाता। उसने मेरे दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया और बहुत अच्छे से मुझे चोदने लगा मेरे अंदर की गर्मी बाहर निकलने लगी और गौरव की गर्मी भी बाहर निकल गई जैसे ही उसका माल मेरी योनि में गया तो मुझे गर्म महसूस होने लगा। उसका वीर्य पतन हो चुका था उसने अपने लंड को बाहर निकालते हुए मुझे किस करना शुरू कर दिया।