भाभी की दोस्त को होटल के कमरे में चोदा

antarvasna chudai ki kahani

मेरा नाम सुरेश है और मैं इंदौर का रहने वाला हूं, मैं अपना ही छोटा सा कारोबार करता हूं। मैंने कुछ समय पहले ही अपना काम शुरू किया है इसलिए मेरा काम अभी इतना अच्छा नहीं चल रहा लेकिन जितना भी मैंने पैसा लगाया था, वह सब मैंने अपने घर में वापस लौटा दिया है क्योंकि मेरे पिताजी ने ही मेरी मदद की थी इसीलिए मुझे फिलहाल चिंता नहीं है क्योंकि मैंने अपने पापा के पैसे लौटा दिए हैं और मैं बहुत ही खुश हूं कि मैंने उनके पैसे समय पर लौटा दिए। मेरे बड़े भैया बैंक में मैनेजर है लेकिन उन्होंने अभी तक शादी नहीं की और अब पापा उन्हें कहने लगे कि तुम जल्दी से शादी कर लो नहीं तो तुम्हें कोई भी लड़की नहीं मिलेगी लेकिन वह हमेशा ही बात को टालते रहे और कहते कि मैं अभी शादी नहीं करना चाहता लेकिन पापा ने उन्हें कहा कि तुम्हें शादी तो करनी ही पड़ेगी यदि तुम शादी नहीं करोगे तो हमारे सारे रिश्तेदार मुझे ही कहेंगे कि मैंने तुम्हारी शादी समय पर नहीं करवाई।

भैया की एक गर्लफ्रेंड थी जिससे कि मैं भी मिला था लेकिन उन दोनों की आपस में शादी नहीं हो पाई। वह लड़की बहुत ही तेज और चंचल किस्म की थी। उन्होंने भैया को बहुत ही दुख पहुंचाया और फिर कुछ समय बाद किसी दूसरे लड़के से शादी कर ली। जब मुझे उनके बारे में असलियत पता चली तो उनके कई लड़कों से संबंध थे लेकिन भैया को यह बात नहीं पता थी क्योंकि वह बहुत ही सीधे और सच्चे व्यक्ति हैं। वह किसी पर भी जल्दी से भरोसा कर लेते हैं इसी वजह से उन्हें इस प्रकार का सदमा पहुंचा था लेकिन मैंने भी उन्हें यह बात नहीं बताई कि जिससे वह प्यार करते थे वह बहुत ही तेज किस्म की लड़की है यदि मैं उन्हें यह बात बता देता तो उन्हें बहुत ही बुरा लगता है इसलिए मैंने यही उचित समझा कि उन्हें यह बात ना बताई जाए। वह भी अपने काम में लगे रहते थे। वह सुबह अपने बैंक चले जाते और शाम तक ही उनका घर लौटना होता था। मेरे भैया हमेशा ही मुझसे पूछते थे कि तुम्हें पैसों की जरूरत तो नहीं है, मैं उन्हें कहता कि नहीं मुझे पैसों की जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें मालूम था कि मैंने अभी अपना काम नया नया शुरू किया है इस वजह से शायद मुझे पैसों की जरूरत हो लेकिन मैं उन्हें साफ मना कर देता कि नहीं मुझे अभी पैसों की आवश्यकता नहीं है।

मैं उनसे कहता कि यदि मुझे पैसों की आवश्यकता होगी तो मैं आपसे ले लूंगा क्योंकि मेरा काम अब अच्छे से चल रहा था इसलिए मैंने कभी भी उनसे मदद नहीं ली और एक दिन पिताजी ने उनके लिए एक रिश्ता देख लिया। जब उन्होंने उनके लिए रिश्ता देखा तो भैया भी इस बार मना ना कर सके और उन्होंने भी रिश्ते के लिए हामी भर दी क्योंकि लड़की बहुत ही अच्छी थी। जब भैया उनसे पहली बार मिले तो उन्हें उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगा और उन दोनों के बीच में अच्छी बातचीत हो गई। उन्होंने पापा से कहा कि मैं भी इस रिश्ते के लिए तैयार हूं। सब लोग घर में बहुत ही खुश थे क्योंकि भैया ने काफी समय बाद शादी के लिए हां करी थी। इस बात से पिताजी बहुत ही खुश थे और उन्होंने शादी का सारा बंदोबस्त करवा दिया और मैंने भी उनकी बहुत मदद की, मैंने भी शादी में जो भी जरूरत की चीजें थी उन सबको मैंने बहुत ही अच्छे से मैनेज किया। शादी हम लोग बहुत ही धूमधाम से करना चाहते थे इसलिए हम लोगों ने एक बहुत ही बड़ा सा बैंक्विट हॉल भी बुक कराया, जो शहर का सबसे बड़ा बैंक्विट हॉल था। शादी की सारी तैयारियां हो चुकी थी और मैं भैया के साथ शॉपिंग करने गया तो मैंने भैया के लिए अपनी पसंद की शेरवानी ली। वह भी बहुत खुश थे कि मैंने उन्हें अपनी पसंद की शेरवानी दिलवाई। उन पर वो बहुत ही अच्छी लग रही थी। अब शादी की सारी तैयारियां हो चुकी थी और हमारे रिश्तेदार भी आने लगे थे क्योंकि लड़की वालों ने और हम लोगों ने एक साथ ही अरेंजमेंट करवाया था इसी वजह से हम लोगों ने अपना प्रोग्राम एक साथ ही रखवाया था। उसी समय मुझे एक लड़की दिखाई दी, वह मुझे बहुत ही अच्छी लगी। मैंने जब उसे देखा तो वह मेरे नजर से बिल्कुल भी नहीं हट रही थी लेकिन मुझे पता नहीं चल पा रहा था कि वह किसकी तरफ से हैं।

मैंने जब अपने भैया से इस बारे में बात की तो वह कहने लगे कि मुझे भी नहीं पता कि वह लड़की कौन है लेकिन उन्होंने मेरी भाभी से पूछ लिया तो मेरी भाभी कहने लगी कि वह मेरी सहेली है और वह मुंबई में रहती है। मैंने अपनी भाभी से कहा कि आप मेरी बात उससे करवा दीजिए, तो वह कहने लगी कि तुम बहुत ज्यादा उतावले हो रहे हो, अभी तक तो हम दोनों की शादी भी नहीं हुई और तुम्हें अपनी शादी की ज्यादा जल्दी पड़ी है। मैंने उन्हें कहा कि मैं शादी नहीं करना चाहता मैं सिर्फ उस लड़की से बात करना चाहता हूं। मैंने भाभी से उसका नाम पूछा तो उन्होंने उसका नाम मुझे बता दिया। उसका नाम अंजली है। मेरी भाभी ने मेरा उससे इंट्रोडक्शन करवा ही दिया और भाभी कहने लगी कि यह मेरे देवर हैं। जब उन्होंने मुझे अंजली से मिलवाया तो मुझे उनसे मिलकर बहुत ही खुशी हुई और मैंने उन्हें कहा कि आप मेरे साथ ही रहिए यदि आप बोर ना हो रही हो तो। अब वो कहने लगी कि ठीक है वैसे भी मैं अकेले बोर हो रही हूं इसी वजह से मैं आपके साथ ही रहती हूं। वह मेरे साथ ही रह रही थी, हम दोनों अब साथ में ही थे। अब भैया की शादी भी हो चुकी थी। शादी बहुत ही अच्छे से हो गई और अब हमारे रिश्तेदार जाने लगे थे लेकिन मैंने अंजलि का नंबर ले लिया था और फिर मैंने उसे फोन करके पूछा कि आप अभी कितने दिनों तक यहां पर रुकने वाली है, वह कहने लगी कि मैं कुछ दिनों तक और रहूंगी।

मैंने उसे कहा कि ठीक है आप मेरे साथ ही घूम लेना। अब हम दोनों साथ में घूमने लगे और भैया और भाभी हनीमून के लिए जा चुके थे। मैं अंजली के साथ घूम कर बहुत ही खुश हो रहा था और उसे मेरी कंपनी बहुत ही पसंद आ रही थी। मैंने जब अपने भैया को फोन किया तो वह मुझे चिढ़ाने लगे कि तुमने तो अपनी सेटिंग पहले ही बना ली है। मैंने उन्हें कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है,  मैं सिर्फ अंजलि से बात ही कर रहा हूं लेकिन वह लोग मुझे बहुत ही चिढ़ाने लगे। मेरी भाभी भी मुझे चिढ़ा रही थी, मैंने जब उनसे पूछा कि आप लोग कब वापस लौट रहे हैं तो वह लोग कहने लगे कि हम लोग अगले हफ्ते तक इंदौर वापस लौट आएंगे। तब तक अंजली भी इंदौर में रुकी हुई थी। मुझे अंजली के साथ समय बिताना वाकई में बहुत अच्छा लग रहा था और अंजलि ने एक होटल में रुम लिया हुआ था, वह वहीं पर रुकी हुई थी। मैं जब उसके साथ घुमके आता तो उसको उसके होटल में ही छोड़ दिया करता था। कहीं ना कहीं उसे भी मेरे साथ समय बिताना बहुत अच्छा लग रहा था और वह भी मुझसे कहती कि मुझे तुम्हारे साथ समय बिताना अच्छा लग रहा है। अंजली मुंबई में ही अपना काम संभालती है तो मुझे उससे बहुत ही हेल्प मिल रही थी। मैंने भी उसे बताया कि मैंने अपना एक छोटा सा स्टार्टअप शुरू किया है। वह मुझसे उसके बारे में बहुत ही बात करती थी और हम दोनों की बहुत बातें होती थी। मुझे उससे कई नए नए आइडिया मिले जिससे कि मैं अपने काम को बड़ा सकू। अंजली मुझसे कहने लगी कि अब मुझे मुंबई लौटना पड़ेगा क्योंकि वहां पर मेरा कुछ जरूरी काम पड़ गया है। मैंने उसे कहा कि तुम मुम्बई जा रही हो तो आज मैं अपनी तरफ से तुम्हें डिनर देना चाहता हूं। मैं उसे अपने साथ डिनर पर ले गया और हम दोनों ने वहां पर काफी देर तक बात की। जब हम दोनों ने डिनर कर लिया, उसके बाद मैं उसे छोड़ने उसके होटल में गया। मै अंजली के होटल में गया तो वह मुझे कहने लगी कि तुम रूम में ही आ जाओ मै उसके साथ रूम में चला गया मैं जैसे ही अंजली के साथ गया तो वह बाथरूम में चली गई और अपने कपड़े चेंज करने लगी लेकिन उसका दरवाजा खुला रह गया। मैंने जैसे ही उसका दरवाजा खोला तो उसका नंगा बदन देख लिया अब मेरा पूरा मूड खराब हो चुका था। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और जैसे ही उसका शरीर मेरे शरीर से टच हुआ तो उसके अंदर की गर्मी भी बाहर आने लगी और मेरे अंदर की गर्मी भी बाहर आने लगी।

मैंने उसके होठों को किस कर लिया और वह भी मेरे होठों को किस करने लगी उसे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब वह मेरे होठों को किस कर रही थी। मैंने उसके स्तनों को भी अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और उसके स्तनों को बहुत ही अच्छे से मै चूस रहा था वह बहुत खुश हो रही थी जब मैं उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसता जाता। उससे बिल्कुल भी रहा नहीं गया और उसने अपने दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए बिस्तर में लेट गई। मैंने उसकी योनि को थोड़ी देर तक चाटने के बाद अपने लंड को उसकी योनि में डाल दिया जब मैंने अपने लंड को उसकी योनि मै डाला तो वह चिल्लाने लगी और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसे धक्के मार रहा था। मैंने जब अपने लंड को देखा तो मेरे लंड पर खून लगा हुआ था और उसकी योनि से वह खून टपकता जा रहा था अब वह भी पूरे मूड में आ गई और मैंने उसके दोनों पैरों को मिलाकर उसे चोदना शुरू कर दिया। उसकी चूतडे जैसे ही मेरे लंड से टकराती तो उसे बहुत ही मजा आता और मुझे भी बहुत अच्छा लगता। वह बहुत ही खुश हो रही थी वह अपने मुंह से सिसकियां लिए जा रही थी अब वह मेरा पूरा साथ देने लगी और उसने अपनी चूत को बहुत ज्यादा टाइट कर लिया जिससे कि मुझे धक्के मारने में बहुत ही दिक्कत हो रही थी लेकिन मैं उसे बड़ी तीव्र गति से झटके दिए जा रहा था। मैंने उसे इतनी तेजी से धक्के मारे कि मैं उसकी योनि की गर्मी को ज्यादा देर तक बर्दाश्त नहीं कर पाया और मेरा माल उसकी योनि के अंदर ही गिर गया।