ट्रेन में बदल लिया पति

antarvasna मेरी शादी ५ साल पहले एक नेहा नाम की लड़की से हो गयी . वह बंगाल की है और बेहद खूबसूरत है . उसकी बड़ी बड़ी कजरारी आँखे , गोल चेहरा, लम्बे बाल, गुन्दाज़ बाहें, पतली कमर. गोल गोल उभरे हुए चूतड़, उसके बीच में फंसी हुई सेक्सी गांड और उसकी बड़ी बड़ी सुडौल चूंचियाँ उसकी खूबसूरती बढ़ा रही है . वह चलती है तो आगे से चूंचियाँ उछलती है और से पीछे गांड ? उसे देखने के लोग अक्सर लोग इधर उधर खड़े रहते है . जितना अच्छा जिस्म है उसका उतनी ही अच्छी बातें भी करती है पूजा . जब वह मुस्कराती है हंसती है तो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर लेती है . मेरी स्टडी के मुताबिक, इस तरह की बीवियों को संभालना बड़ा मुश्किल होता है . वे बहुत जल्दी फिसल जाती है .पराये मर्दों के हाथ में बहुत जल्दी चली जाती है . उन्हें गुमान होता है की उन्हें चोदने के लिए हर कोई तैयार बैठा है . हर कोई उन्हें अपना लण्ड पकडाना चाहता है इसलिए हमें किसी का भी लण्ड पकड़ने के लिए कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती . बस थोड़ी मुस्कान दी और लिफ्ट दिया तो लौड़ा अपने हाथ में ? इसलिए ऐसा कहा गया है खूबसूरत बीवियां अक्सर बदचलन होती है . खैर मैं अपनी बीवी को बहुत चाहता हूँ क्योंकि मैं भी कम स्मार्ट नहीं हूँ . यह बात स्मार्ट लोगों पर भी लागू होती है . इसलिए मेरी बीवी मुझसे बंध कर रहती है . इधर उधर जाने की कोशिश करती है पर शायद हिम्मत नहीं होती ?

एक दिन उसका दिल आखिर कार डोल ही गया . रात को मेरा लण्ड हिला रही थी . बार बार उसका सुपाड़ा चाट रही थी . सुपाडे पर जबान फिरा रही थी . मैं भी उसकी चूंचियाँ मसल कर मज़ा ले रहा था . उसने लण्ड की कई बार चुम्मी ली उसे प्यार किया और फिर अपने दोनों गदेलियों से मथानी की तरह मथने लगी लण्ड ?
वह बोली :- सुनो जी, एक बात बोलूँ ? एक ही लण्ड बार बार चाटते चाटते चूसते चूसते थोडा बोर होने लगी हूँ यार ? ज़रा सोंचो तुम्हारे लण्ड की तरह एक और लण्ड होता तो कितना मज़ा आता ?
मैंने भी मजाक में जबाब दिया :- हां यार तेरी चूंची की तरह किसी और की भी चूंची हाथ में होती तो कितना मज़ा आता ? मेरा भी मन हो रहा है की मैं किसी और की चूंचियाँ पकडूँ ? अगर ऐसा हो कितना मज़ा आये ?
हम दोनों हंस पड़े .
मेरा नाम है पवन मैं ३२ साल का एक मस्त नौजवान आदमी हूँ . कद ५”१०” है तगड़ा तंदुरुस्त हूँ गोरा चिट्टा हूँ और खूबसूरत भी दिखता हूँ . लड़कियां कहती है की मैं स्मार्ट भी हूँ ?
आगे की कहानी आप मेरी बीवी पूजा के मुंह से सुनिए :- हमारी सेक्स लाइफ बहुत अच्छी जा रही थी लेकिन हमें एक ऐसे कपल की तलास थी जो हमारे साथ अदला बदली कर सके . वैसे अपने मन माफिक कपल का मिलना बड़ा मुश्किल होता है . हमारी खोज चालू हो गयी . हम लोग, दोस्तों से लेकर नेट तक खोज करने लगे . कई लोगों से बात की सन्देश का आदान प्रदान किया लेकिन फाइनल कही नहीं हो पाया .
एक बार हम दिल्ली से बंगलोर जा रहे थे . हमारी बुकिंग ये सी फर्स्ट क्लास में थी . जिसमे केवल चार बर्थ ही होती है . सुबह के ११ बजे थे . हम लोग ट्रेन में चढ़ गए . अपना सामान रखा और आराम से बाहर नज़ारा लेने लगे . ट्रेन चलने ही वाली थी . हमारी बर्थ नीचे की थी . हमारे कूपे में दो आदमी और चढ़ गए . ट्रेन चल पड़ी . करीब आधे घंटे बाद जब मैं बाहर बाथ रूम में जा रही थी तो अचानक किसी ने मेरे कंधे पर हाथ रख दिया . मैं पीछे मुड़ी तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा .
मैंने बोली :- वाओ, तुम कामिनी तुम यहाँ कहाँ यार ? इतने दिनो बाद मिली हो वह भी ट्रेन में ? कहाँ जा रही हो ? यार तुमसे मिल कर मज़ा आ गया ? है तुम बड़ी सुन्दर हो गयी हो ?
वह बोली :- यार सुन्दर तो तुम मुझसे ज्यादा हो गयी हो ? वैसे मैं बंगलोर जा रही हूँ अपने हसबैंड के साथ .
मैंने बोली :- अरे वाह ? हम लोग भी बैंगलोर जा रहे है . कहाँ बैठी हो तुम ?
उसने कहा :- आगे वाले कूपे में ? चलो मैं तुम्हे अपने हसबैंड से मिलवा देती हूँ ?

मैंने कहा :- अगर तुम दोनों हो और तुम्हारे साथ कोई और नहीं है तो हमारे कूपे में आ जाओ न ?
यह कह कर मैं उसे अपने कूपे में ले आयी और अपने हसबैंड से मिलवाया . मेरा पति उससे मिलकर बहुत खुश हुआ . मैंने कहा मैं कोशिश करती हूँ की तुम हमारे कूपे में आ जाओ . मैंने उन दो आदमियों से कहा आप आगे वाले कूपे में चले जाईये और ये लोग यहाँ आ जाये , वे मान गये . कामिनी ने फ़ौरन अपना सामान लगा लिया . तब कामिनी ने अपने पति करन से हम दोनों को मिलवाया . चार बर्थ और उसमे हम चारों लोग . मुझे यकीं हो गया की अब सफ़र अच्छी तरह गुजरेगा . मुझे कारन अच्छा लगा और मेरा पति कामिनी को बार बार देखता रहा . मैं समझ गयी की उसे भी कामिनी पसंद आ गयी है . अब हम दोनों उन दोनों से नजदीकियां बढाने लगे . कामिनी मेरे कॉलेज के दिनों की दोस्त है . हम दोनों आपस में बहुत खुली हुई है . हर तरह की बातें करती है और मज़ा करती है . मैंने मजाक में पूंछा कामिनी बोलो अभी भी व्हस्की पीती हो की नहीं ? वह बड़ी बेबाक होकर बोली हां अब तो और पीती हूँ क्योंकि मेरे साथ मेरा हसबैंड भी पीता है . मैं वाकई खुश हो गयी और ड्रिंक्स चुप चाप हम चारों के बीच चलने लगी . मैंने दरवाजे में कुण्डी लगा दी .
कामिनी बोली :- बड़ी मस्त व्हिस्की है बहन चोद , अभी से मज़ा देने लगी है .
मैं बोली :- यार एक पैग तो ख़तम करो फिर देखो क्या मज़ा देती है ससुरी ?
हम दोनों की बातें करन और पवन बड़ी मस्ती से सुनने लगे . मैं जानती हूँ की कामिनी एक बंगाली लड़की है और उसकी की दो कमजोरियां है . एक तो शराब पीना और दूसरे गाली बकना . वैसे मैं भी कम नहीं हूँ . मैंने सोचा की यही मौका है की हम दोनों गन्दी गन्दी और सेक्सी गालियाँ बक बक कर मर्दों के अन्दर उत्तेजना पैदा करें . मैं जान बूझ कर कामिनी को गाली दने के लिए और गन्दी गन्दी बातें करने के लिए उकसाने लगी .
मैं – यार कामिनी , याद है वो दिन कॉलेज के दिन ? कितना मज़ा करती थी हम लोग ?
कामिनी – यार मज़ा क्या लड़कों की गांड मारा करती थी . करन और पवन दोनों बड़े जोर से हंस पड़े ?
पवन – भाभी, अच्छा हुआ मैं बच गया . अगर मैं आपके कॉलेज में होता तो आप मेरी भी मार देती ?
कामिनी – हां यार लड़के बहन चोद होते है बड़े हरामी लेकिन मैं गाली दे दे कर उन्हें काबू में रखती थी .
मैं – हां यह बात तो है हर लड़का तुमसे घबराता तो था .

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कामिनी – मैंने एक दिन एक लड़के की शिकायत कर दी तो उसकी माँ चुद गयी, बहन चोद ?
मैं – हां और क्लास में इसने एक दिन लड़के से कह दिया तुम साले गांड मराने आते हो कॉलेज में ?
कामिनी – अरे और सुनो उस दिन तो टीचर भी हंस पड़ी थी जिस दिन मैंने कहा था अबे साले तेरा लौड़ा न घर का है और घाट का ? गधे का लण्ड है तेरा लण्ड ? टीचर खुद मुझे डाटने के वजाय हंसने लगी .
पवन यह सुन कर खूब हंसा और उसका लण्ड वाकई टन टनाने लगा . दो दो पैग शराब हमने पी ली थी . नशा चढ़ चुका था . दिल की बातें बाहर आने लगी .
कामिनी मेरे कान में बोली यार पूजा मेरी तो बुर चोदी बुर बड़ी गरम हो गयी है . बोलो क्या करूँ ?
मैंने भी उसके कान में बोला हा यार मेरी भी गरम हो गयी है, बहन चोद . मैं भी सोच रही हूँ की क्या करूँ ?
कामिनी – यार मैं अगर अपनी चूंचियाँ थोडा खोल लूं तो तेरे पति को बुरा तो नहीं लगेगा ?
मैं – बुरा क्यों लगेगा ? चूंचियाँ तेरी है की उसकी ? वो भोषड़ी वाला कौन होता है बुरा मानने वाला ?
कामिनी – तुम भी खोल कर बैठो न ? मज़ा आएगा . आज हम लोग कितने दिनों के बाद मिली है ?
मैं – पर तेरा पति नाराज़ तो नहीं होगा ?
कामिनी – उसकी माँ का भोषडा ? वो साला बड़ा हरामी है उसे तो मज़ा आएगा ? बड़ा मस्त है मेरा हसबैंड
पवन बोला :- कामिनी भाभी आप दोनों तो एक दूसरे के कान में कह कह बात करने लगी है . क्या कोई गोपनीय बातें है जो हमें न सुनायी पड़े ? हम लोगों को क्यों मजे से बंचित रख रही हो भाभी ?
कामिनी – नहीं कोई खास बातें है . वही औरतों वाली बातें है बहन चोद ? और फिर तुमसे क्या छुपाना ? तुम तो बड़े हैंडसम हो ? मैं तो तुम्हे मन ही मन दिल दे बैठी हूँ .
पवन – हाय भाभी क्या कह रही हो ? आप भी बड़ी खूबसूरत है . मैं भी तुम्हे चाहने लगा हूँ .
करन – अरे यार तुम मेरी बीवी पर लाईन मार रहे हो ?
पवन – नहीं यार मैं तो बस कामिनी भाभी को जबाब दे रहा हूँ .
करन – पर यार मैं तो तेरी बीवी पर लायीं मार रहा हूँ . मुझे तो तेरी बीवी अच्छी लगने लगी है . मुझे यह सुनकर बड़ा अच्छा लगा ?
हम सब लोग खिलखिला कर हंस पड़े ? बात करते करते हम दोनों ने अपनी अपनी चूंचियाँ खोल दी . करन मेरी चूंचियाँ देखने लगा और पवन कामिनी की चूंचियाँ ? हम दोनों ने एक दूसरे को आँख मारी और मज़ा लिया . थोड़ी देर में कामिनी बोली यार पूजा मैं बाथ रूम जाकर अपने कपडे बदल लेती हूँ . तब तक पवन बोला नहीं भाभी आप यही रहिये मैं बाहर चला जाता हूँ . मेरे साथ करन भी बाहर आ गया . वे दोनों कपडे बदलने लगी . तब अचानक कामिनी बोली पूजा यार एक मन की बात कहना चाहती हूँ . बुरा तो नहीं मानोगी ? मैंने कहा कैसी बात कर रही हो ? मैं कहाँ बुरा मानने वाली हूँ . कहो न प्लीज ? कामिनी बोली यार मैं तेरे हसबैंड का लण्ड पकड़ना चाहती हूँ . यह सुन कर मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा ? मैं फ़ौरन बोली हां यार पकड़ लो न ? ये तो अच्छी बात है . वह फिर बोली यार तुम मेरे हसबैंड का लण्ड पकड़ लेना ? बड़ा मज़ा आयेगा ? मैंने कहा हां बिलकुल मैं भी पकडूँगी लण्ड ? इन दोनों ने एक एक गाउन पहन लिया न ब्रा और न पैंटी ? उसके बाद दोनों मर्दों ने भी बाथ रूम जाकर अपने अपने कपडे बदल लिया . इन लोगों ने लुंगी पहन ली . गर्मी के दिन थे . ऊपर केवल एक एक सैंडो बनियाइन थी . करन और पवन दोनोंही तगड़े तंदुरुस्त थे . दोनों की चौड़ी चौड़ी छातियाँ और छातियों में घने घने बाल उनका बदन बड़ा सेक्सी बना रहे थे . मैं और कामिनी दोनों ही एक दूसरे के हसबैंड को देख कर मोहित हो गयी .
व्हिस्की का एक एक पैग और शुरू हो गया . लोग नशे में झूलने लगे . शर्म ख़तम होने लगी . इतने में कामिनी उठी औ और मेरे हसबैंड के गाल चूम लिया और बोली तुम भोषड़ी के मुझे बहुत सेक्सी लग रहे हो ? मेरी जान लेने के पहले मुझे अपना लौड़ा दिखाओ बहन चोद ? मैं बड़ी देर से इसे पकड़ने के लिए तड़प रही हूँ . ऐसा कह कर कामिनी ने मेरे पति के लण्ड को लुंगी के ऊपर से ही दबा दिया .
वह फिर बोली :- अरे ये मादर चोद पहले से ही खड़ा है . उसने लुंगी के अन्दर अपना हाथ दाल दिया और बोली हाय पूजा तेरे पति का लौड़ा बहुत मोटा है यार ? बड़ा जबरदस्त लग रहा है . लण्ड चिकना है झांटें भी नहीं है . इधर मैं कहाँ चुप रहने वाली थी . मैंने भी करन की लुंगी के अन्दर हाथ घुसेड़ दिया और पकड़ लिया लण्ड ? मैं बोली वाओ, बड़ा लम्बा चौड़ा है तेरे मियां का लौड़ा कामिनी ? आज तो मैं रात भर इसकी माँ चोदूंगी ? मुझे ऐसे लण्ड की तलास बहुत दिनों से थी . इतने में करन मेरा गाउन खोल दिया . मैं मादर चोद एकदम नंगी हो गयी ., उसने मेरी चूंची दबाना शुरू किया . मेरी चूत सहलाना शुरू किया और मेरे गालों का चुम्मा लेने लगा . बोला भाभी तुम बड़ी सेक्सी हो ? मैंने जबसे तुमको देखा तबसे तुम्हे चोदने की इच्छा हो रही थी . उधर कामिनी भी नंगी हो गयी . अब हम चारों लोग बिलकुल नंगा नंगी हो गयी .
ट्रेन अपनी तेज गति से चली जा रही थी . इधर हम लोगों की एक दूसरे की बीवी चोदने की इच्छा भी बड़ी तेज रफ़्तार से बढ़ रही थी . दोनों लण्ड साले एक दूसरे की बीवी की बुर में घुसने के लिए ताल ठोंक रहे थे .
मैं वास्तव में बहुत गरम हो गयी क्योंकि बहुत दिनों के बाद मेरी तमन्ना पूरी होने जा रही थी . मैं झुकी और उसका लण्ड चारों तरफ से घुमा घुमा कर देखने लगी . मुझे उसका सुपाड़ा बड़ा मस्त लग रहा था . मैंने जबान निकाल कर लण्ड चाटने लगी . जबान सुपाडे के चारो ओर फ़िराने लगी . उसके पेल्हड़ सहलाने लगी . वह मेरी चूत सहला रहा था . मेरी छोटी छोटी झांटों पर ऊँगलियाँ फिरा रहा था . इसी तरह कामिनी भी मेरे हसबैंड का लण्ड चूसने लगी . और अपनी चूत चटवाने लगी . वे दोनों भी बहन चोद कभी चूंची कभी चूत कभी चूतड़ कभी गांड सबका मज़ा बारी बारी से ले रहे थे . इतने में करन ने पेल दिया लण्ड मेरी बुर में और चोदने लगा . मुझे देख कर कामिनी भी मेरे पति से चुदवाने लगी . मुझे बस इसी दिन का इंतज़ार था .

ट्रेन जितनी तेज गति से चली जा रही थी उतनी ही तेज गति से ये दोनों लण्ड एक दूसरे की बीवी की बुर चोदे चले जा रहे थे . मुझे ट्रेन में किसी पराये मर्द से अपने मर्द के आगे चुदवाने का मज़ा मिल रहा था . मैंने ठान लिया की अब मैं अधिक तर पराये मर्दों से ही चुदाया करूंगी .
कामिनी तो ऐसे चुदवा रही थी जैसे की वो कोई खुली हुई रंडी हो . अचानक उसके मुंह से निकला यार पवन मुझे अपनी बीवी की तरह चोदो ? पूरा लौड़ा घुसेड के चोदो ? साले तेरे लण्ड में बहुत दम है . देखो भोषड़ी का कितनी बेरहमी से चोद रहा है . अरी वो बुर चोदी पूजा देख तेरे हसबैंड का लण्ड कितना खूंखार हो गया है ?
इधर से मैं बोली अरी वो माँ की लौड़ी कामिनी तेरे मियां का लौड़ा बहुत बड़ा हरामजादा है ? इसकी माँ की चूत साले की ? इसकी बहन की बुर ? मैं आज इसकी चटनी बना कर छोडूंगी ? साला अभी बुर पूरी तरह चोदने को बाकी है और मुझसे कह रहा है पूजा मैं तेरी गांड मारूंगा ?
इतने में करन बोला :- यार पवन तेरी बीवी चोदने में ज़न्नत का मज़ा आ रहा है . यह सच है की इतना मज़ा तो मुझे अपनी बीवी चोदने में कभी नहीं आया ? अब यार हफ्ते में कम से कम तीन दिन मुझसे चुदवाया करो अपनी बीवी ? और बाकी दिन तुम चोदा करो मेरी बीवी ?
पवन बोला :- हां यार ठीक है लेकिन हम दोनों एक कमरे में चोदा करेंगे एक दूसरे की बीवी .
दूसरे दिन जब मैं घर पहुँच गयी तो उसी शाम को कामिनी को बुलाया और फिर मजे से रात भर होती रही एक दूसरे के पति से चुदाई . धीरे धीरे मैंने और कपल जोड़ लिया . आज हमारे पास ८/१० कपल है और हम सभी बीवियां एक दूसरे के पति से हर शनिवार और इतवार को चुदवाती है .

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