ताईजी को चोदा चाय पिलाकर

हेलो दोस्तों.. मेरा नाम संजय है और मेरी उम्र 24 साल और मैं दिल्ली मैं रहता हूँ. मैं मेडिकल साइन्स से रिलेटेड पड़ाई कर रहा हूँ.. यह घटना आज से 8 महीने पहले की है और यह कहानी मेरी ताईजी (बड़ी मम्मी) की चुदाई की है जो कि मेरे दूर के रिश्ते मैं है. वो गावं की है.. लेकिन लगती बहुत सेक्सी है. वो हमारे यहाँ पर बहुत पहले से रह रही है क्योंकि उनके पति की मौत के बाद पापा मम्मी ने उन्हे हमारे साथ रख लिया और बचपन से मेरी देखभाल वही करने लगी. उनकी एक लड़की भी है जो कि मेरी ही उम्र की है.. लेकिन वो दूसरे शहर मैं पड़ती है. मैं और ताईजी अकेली ही रहती है और वो बहुत कम ही किसी से मिलती है और ज़्यादातर घर के कामों और मेरे साथ ही व्यस्त रहती है. मेरे मम्मी, पापा एक प्राईवेट कम्पनी मैं बहुत अच्छी जगह पर हैं और अपने काम मैं ही ज़्यादा व्यस्त रहते हैं. मेरी ताईजी की उम्र 40 साल और उनकी हाईट 5.3 की है और वो बहुत सेक्सी है वो बड़े बड़े फिगर, काले लंबे बाल वाली है उनका फिगर 42-32-42 है बूब्स और कूल्हे इससे कम नहीं ज़्यादा ही होंगे. उनके बूब्स बहुत बड़े और सीना बड़ा है एकदम किसी हिरोईन की कॉपी समझ लीजिए.. उनकी कमर कम और कूल्हे बहुत बड़े है और चलने पर बहुत हिलते है.

वो घर मैं मेक्सी और साड़ी ही पहनती है और मेक्सी उनके बदन पर पूरी टाईट रहती है.. वो अक्सर मेक्सी मैं ब्रा नहीं पहनती और इसलिए उनके निप्पल उभरे हुए दिखते है. मेक्सी मैं उनकी चूची और कूल्हे कसे हुए रहते और पूरे बाहर निकले रहते है.. उनका बड़ा सीना बाहर निकला रहता है और बड़ी गांड पीछे. वो पेट से मोटी नहीं है इसलिए उनका फिगर बड़ा कामुक है.. उनसे बड़े बूब्स और गांड मैंने आज तक कभी नहीं देखे. जब मैं 18 साल का हुआ.. तब से वो मुझे सेक्सी लगने लगी और मैं उनके बूब्स और कूल्हों को देखे बिना नहीं रह सका और मैं मज़ाक मैं उनके कूल्हे, कमर और बूब्स को छू लिया करता था और वो कुछ नहीं कहती थी. मुझे उनके कोमल जिस्म को छूने मैं बहुत मज़ा आता था. फिर मैं धीरे धीरे उनको छुपकर नहाते हुए और कपड़े बदलते हुए देखने लगा और जब मैंने पहली बार उनका पूरा नंगा शरीर देखा तो मैं हैरान रह गया. मैंने इतने बड़े बूब्स, कूल्हे और मोटी जांघे आज तक किसी ब्लू फिल्म मैं भी नहीं देखी थी. उनके सामान हमेशा कपड़े मैं कसे हुए रहते थे.. लेकिन कपड़े खुलने पर बहुत बड़े लगते थे. मैं उन्हें अक्सर नहाते हुए देखता और सोचकर मुठ मारता था. मैंने उनके साथ सेक्स करने की सोच ली और मुझे एक आईडिया आया और मैंने ताईजी को चोदने का प्लान बनाया.

उस दिन सुबह वह अपना सारा काम पूरा करके नहाई और अपनी मेक्सी पहनकर नाश्ता करने लगी. उनके बाल खुले और गीले थे. हमारी कामवाली भी अपना काम निपटा कर चली गयी थी और अब घर मैं कोई नहीं था.. वो नाश्ते के बाद चाय बनाने लगी. तो मैंने कहा कि आज मैं आपके लिए चाय बनाऊंगा.. पहले तो वो नहीं मानी.. लेकिन बाद मैं मान गयी. तो मैंने उनकी चाय मैं चुपके से एक नशे की दवा मिला दी.. मुझे दवा की अच्छी जानकारी है और उस दवा को लेने बाद 4 घंटे की हल्की बेहोशी होती है. फिर वो किचन मैं काम करने लगी.. मैं उनके पीछे गया और खड़ा हो गया. दो मिनट बाद वो बेहोश होकर गिरने लगी और मैंने उनको पकड़ लिया. मैंने उनको धीरे से बेडरूम मैं ले जाकर बेड पर लेटा दिया और अब मुझे मेरा प्लान सफल होता हुआ लग रहा था.. मैंने उनको हिलाकर चेक किया और उनके चहरे पर पानी भी डाला.. लेकिन वो धीरे से उउउंम्म करके हिली और फिर चुप हो गयी. उनकी आँखें हल्की सी खुली थी तो मुझे लगा कि बाद मैं उनको कुछ याद ना आ जाए तो मैंने उनकी आँखों पर अपना रुमाल रखकर बांध दिया. मैंने सोचा कि मुझे पता नहीं अगली बार कब ऐसा मौका मिले तो मैंने अपना कैमरा निकाला और टेबल पर रख दिया.. जिसमे बेड का फुल सीन आने लगा और रिकोर्डिंग शुरू करके वापस अपने काम पर लगा गया. मैंने अपने सारे कपड़े जल्दी से उतार दिए और नंगा हो गया और मैंने सोच लिया था कि आज मैं उनके जिस्म का पूरा मज़ा लूँगा. वो बेड पर पड़ी हुई थी.. फिर मैंने उनके लाल होंठो पर अपने होंठ चिपका दिए और कसकर चूमने लगा और मुझे मज़ा आने लगा. मैंने उनके गोरे-गोरे गालों को भी बहुत चूमा उनके कोमल होंठ और गाल चूमने मैं मुझे बहुत मज़ा आने लगा. फिर मैंने उनकी दोनों चूची को टाईट मेक्सी के ऊपर से अपने हाथों मैं भर लिया और दबाने लगा. बहुत कोमल चूची थी उनकी और दबाने पर पूरी दब जाती.. मुझे बहुत मज़ा आने लगा.. उनकी चूची इतनी बड़ी थी कि पूरी मेरे हाथ मैं आ ही नहीं रही थी.

तो मैंने उनकी टाईट मेक्सी के अंदर ऊपर से हाथ घुसा दिया और चूची दबाने लगा. उनकी छाती की त्वचा बहुत मुलायम थी और चूची दबाने मैं मुझे बहुत मज़ा आने लगा.. ऐसा लग रहा था जैसे कोई पानी का गुब्बारा हो. उनके निप्पल छूने पर मुझे गज़ब का एहसास होने लगा. कुछ देर तक उनकी चूची दबाने के बाद मैंने उनके बड़े कूल्हे देखने के लिए उनको उल्टा कर दिया ताकि उनकी मोटी गांड का मज़ा ले सकूँ. फिर मैंने उनको बेड पर उल्टा कर दिया और मेक्सी के ऊपर से ही बड़े-बड़े कूल्हे दबाने लगा. उनके कूल्हे बहुत कोमल और गुदगुदे थे. चिकनी मेक्सी मैं कूल्हे दबाने मैं बहुत आनंद आने लगा. मेक्सी उनके कूल्हे और जांघो पर एकदम टाईट थी मैंने उनकी टाईट मेक्सी को पैरों से ऊपर करके कूल्हे से ऊपर कमर पर कर दिया. उन्होंने नीले कलर की पेंटी पहन रखी थी.. जो उनके बड़े-बड़े कूल्हे पर पूरी टाईट थी. उनकी गोरी-गोरी कमर और बड़ी जांघो पर गहरे कलर की पेंटी कमाल की लग रही थी. मैं उनकी गोरी-गोरी जांघे चूमने लगा और दोनों हाथों से दबाने लगा. मैंने उनकी पेंटी को धीरे से उतार दिया और जब मैंने उनकी पेंटी अपने हाथ मैं ली तो वो बहुत बड़ी थी. फिर मैं उनके बड़े-बड़े कूल्हों को चूमने और मसलने लगा.. कुछ देर बाद मैंने उनके बड़े कूल्हे को अपने हाथों मैं लेकर ज़ोर से हिलाने लगा जिससे वो और भी गज़ब के दिखने लगे.

फिर मैंने पूरे कूल्हे कसकर बहुत देर तक दबाए और अब मैंने उनकी जांघो को पकड़कर खोल दिया और मुझे उनकी गांड का होल और चूत की लाईन नज़र आने लगी. तो मैंने पहले उनकी गांड के होल और चूत को ऊपर से ही ऊँगली से छुआ. दोनों बहुत मुलायम थी और मैंने पहले उनकी गांड के मज़ा लेने कि सोची. कुछ देर तक मैंने उनकी गांड को अपनी जीभ से चाटा और फिर जीभ को होल के अंदर तक डालकर चाटा.. उनका होल बहुत टाईट था. फिर अपनी बीच की ऊँगली गांड के अंदर पूरी डाल दी और घूमाने लगा. वहाँ की चमड़ी बहुत मुलायम थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. कुछ देर तक मैं अपनी जीभ अंदर ही घूमाता रहा.. उनकी चूत बहुत नीचे दबी थी तो मैंने उनको बेड पर घुमाकर सीधा लेटा दिया और अब उनका पेट ऊपर की तरफ था और उनकी मेक्सी कमर तक. उनकी नाभि बहुत गहरी थी और पेट बहुत कोमल और चिकना. मैंने उनकी नाभि मैं अपनी जीभ घुसाकर बहुत चूमा और पेट को भी बहुत चाटा और किस किया. फिर मैंने उनकी मेक्सी को चूची के ऊपर कर दिया. उन्होंने ब्रा तो पहना नहीं था और अब उनकी बड़ी-बड़ी मुलायम चूची मेरे सामने थी. मेक्सी ऊपर करते ही उनकी चूची टाईट और मेक्सी से आज़ाद हो गयी और साईड मैं लटक गयी.. मैं उनकी चूची को कसकर दबाने लगा. उनकी मुलायम और चिकनी चूची को दबाते हुए मैंने अपना मुहं उसमे घुसा दिया और चूमने लगा. फिर मैं उनके निप्पल को कसकर चूसने लगा और अपने दांत से काटने लगा.. काटने पर ताईजी हल्की उम्म.. की आवाज़ निकालती. उनके निप्पल धीरे-धीरे पूरे टाईट होकर लंबे हो गये.

मुझे तो चूसने मैं और भी मज़ा आने लगा.. मैं बहुत देर तक दोनों चूचीयों को पकड़कर निप्पल को चूसने और काटने लगा और चूचीयों को कसकर दबाने लगा. फिर मैंने उनके होंठ का एक लंबा किस लिया और अब मैं धीरे से उनकी चूत के पास गया और कमर के नीचे एक तकिये को रखकर चूत को ऊपर उठा दिया.. उनकी चूत पर एक सीधी लाईन नज़र आ रही थी. तो मैंने उस लाईन को धीरे से ऊँगली से छूकर दबाया. छूते ही मेरे जिस्म मैं करंट दौड़ गया. फिर मैंने धीरे से उनके दोनों पैरों को घुमा दिया और उनकी चूत को किनारे से सहला दिया और उनकी चूत खुल गयी और चूत का छेद पूरा दिखने लगा. इतनी खूसूरत चीज़ मैंने दुनिया मैं आज तक नहीं देखी थी. उनकी चूत एकदम गहरी गुलाबी और चूत अंदर से हल्के गुलाबी कलर की थी. उनकी चूत का छेद बहुत गहरा था और उनकी चूत के ऊपर जहाँ पर चूत का दाना होता है साफ-साफ नज़र आने लगा. तो मैंने दाने को अपनी ऊँगली से सहलाया और फिर अपनी बीच की ऊँगली उनकी चूत के अंदर पूरी डाल दी और अंदर बाहर करके हिलाने लगा.

उनकी चूत का छेद टाईट था.. मुझे लग रहा था कि मेरा मोटा लंड इसमे नहीं घुस पाएगा. इसी बीच चूत को हिलाने से ताईजी हम्म सस्स्स्सिईइ की हल्की आवाज़ निकालने लगी और हिलने लगी. तभी मैं समझ गया कि नशे का इनको असर हो रहा है और अब मैंने उनकी चूत पर अपने होंठ लगा दिए और चाटने लगा.. मैंने उनकी चूत के दाने को कसकर चाटा और जीभ से बहुत सहलाया इससे ताईजी सस्सिईइ की हल्की आवाज़ निकालकर हल्के-हल्के हिल रही थी. मैं समझ गया कि वो मस्त होने लगी है. मैं बहुत देर तक कसकर उनकी चूत को चाटता रहा और ताईजी धीरे-धीरे मस्त होती गयी और अब मेरे लंड से पानी आने लगा था और ताईजी का जिस्म भी बहुत गरम हो गया था. तो मैंने उनकी चूत पर अपना चिकना लंड टिकाया और मोटे सुपाड़े को पूरी चूत पर बहुत देर तक रगड़ा.. पानी से लंड का सुपाड़ा बहुत चिकना हो गया था. मुझे ऐसा करने मैं बहुत मज़ा आ रहा था.. मैंने अपना थूक लिया और उनकी चूत को खोलकर उनकी चूत के होल पर लगाया.. जिससे होल चिकना हो जाए और मेरा लंड पूरा अंदर घुस सके. मैंने अब अपना लंड होल पर रखकर ज़ोर का धक्का लगा दिया. लंड का सुपाड़ा अंदर चला गया.. लेकिन बाकी लंड अंदर नहीं गया. तो मैंने धीरे-धीरे दबाव बड़ाया तो लंड और अंदर चला गया और अब आधा लंड अंदर था. ताईजी ने उउउम्म्म्म की हल्की आवाज़ निकाली और अपने पैर को हल्के से हिलाया.. शायद उनको भी लंड घुसने का एहसास हो गया होगा.

तो मैंने थोड़ी देर लंड को आगे पीछे किया और कुछ देर बाद तक हिलाने पर मेरा लंड पूरा अंदर चला गया और उनकी चूत मैं गायब हो गया. तो मेरा लंड नज़र ही नहीं आ रहा था.. फिर मैं धीरे से ताईजी के ऊपर लेट गया और हल्के-हल्के धक्के लगाते हुए उनके होंठ को चूमने लगा और धीरे-धीरे धक्के मारने से उनकी चूत ढीली होती गयी.. लेकिन अभी भी वो बहुत टाईट थी. फिर ताईजी कभी आह्ह की आवाज़ निकालती तो कभी धीरे-धीरे हिलती और मैं कुछ देर उनको धीरे-धीरे धक्के मारता रहा. फिर मैंने बैठकर बहुत धक्के मारे और धीरे-धीरे अपनी स्पीड बड़ाई और अब मैं ज़ोर-ज़ोर से आगे पीछे होने लगा. अब मेरा लंड पूरा बाहर आता और फिर पूरा अंदर जाता. यह देखकर मुझे बहुत मज़ा आने लगा और मैंने उनके दोनों पैरों को पकड़कर अपने कंधे पर रख लिया और कसकर धक्के मारने लगा और फिर मैंने जैसा मिशनरी पोज़िशन मैं होता है उनके पैरों को उनके कंधे के पास दबा दिया.. जिससे उनकी चूत ऊपर हो गयी और मैं अब दबा दबाकर उनकी चूत मारने लगा और मैं उनके पैर पकड़कर बहुत देर तक ज़ोर ज़ोर से चूत मारता रहा.

मेरा लंड चूत के पूरा अंदर जा रहा था और 10 मिनट तक वैसे ही चोदने के बाद मैंने उनके पैर छोड़ दिए और वापस वैसे ही चोदने लगा और कुछ देर मैं उनके ऊपर चूत मैं लंड डाले हुए लेट गया और उनको लेकर पलट गया. जिससे वो मेरे ऊपर और मैं उनके नीचे आ गया. फिर वो मेरे ऊपर थी और उनकी मोटी मोटी चूचियाँ मेरे सीने से दबी हुई थी और उनके बाल मेरे चेहरे पर थे.. मेरे पैर उनके पैर के बीच मैं थे और वो पैर खोलकर मेरे ऊपर लेटी हुई थी. फिर मैंने उनकी पीठ को अपनी बाहों मैं भर लिया और नीचे लेटकर कमर से धक्के मारने लगा.. ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने से मुझे उनकी गांड उछलती हुई दिख रही थी और ताईजी के मुहं से हल्की उउउंम आहह की आवाज़ निकल रही थी. कुछ देर तक धक्के मारने के बाद मैंने उनके मोटे-मोटे कूल्हों को हाथों से पकड़कर धक्के मारे और उनकी मोटी गांड पर थप्पड़ भी मारे. जिससे चट चट की आवाज़ रूम गूंजने लगी. फिर मैं उनके नीचे से निकल गया और वो अब पेट के बल लेटी हुई थी. उनके कूल्हे लाल हो गये थे. फिर मैंने उनके पेट के नीचे एक तकिया रखा.. जिससे उनकी चूत दिखने लगी और मैंने एक झटके मैं ज़ोर से अपना लंड घुसा दिया.. ताईजी के मुहं से हल्की सी आहह की आवाज़ निकली.

फिर मैंने उनकी कमर को पकड़कर बहुत धक्के मारे. उनकी गांड का छोटा सा गुलाबी छेद बड़ा खूबसूरत था.. बड़े-बड़े कूल्हे और छोटा सा छेद बहुत सुंदर लग रहा था. फिर मैंने उनके होल को ऊँगली से रगड़ना शुरू कर दिया. इधर तेज़-तेज़ धक्कों के झटके से उनकी बड़ी गांड हिलने लगी.. यह मुझे देखकर बहुत अच्छा लगा और मैंने उनके कूल्हों पर चांटे मारे और तेज़-तेज़ धक्के मारे. धीरे-धीरे ताईजी की चूत मैं उनका भी पानी आ गया था जिससे चूत बहुत चिकनी हो गयी थी. तो मेरा और उनका पानी मिलने से बहुत मज़ा आने लगा और हर धक्के से मेरे जिस्म मैं एक अज़ीब सा अहसास आने लगा.. मुझे बहुत मज़ा आने लगा. फिर मैं उनके ऊपर लेट गया और उनकी चूची को नीचे से पकड़कर दबाने लगा और चूत मैं कसकर धक्के मारने लगा.. मैं उनके शरीर कमर और कंधे को किस करते हुए धक्के मारने लगा. उनका शरीर, कूल्हे मेरे जिस्म से चिपक गये थे और मुझे अब लंड आगे पीछे करके हिलाने मैं बड़ा मज़ा आ रहा था. तभी कुछ देर तक धक्के मारने के बाद मुझे अहसास हुआ कि ताईजी की चूत मैं पानी बड़ने लगा है और फिर उनकी चूत से एकदम से बहुत सारा पानी आ गया और ताईजी ने उउंम्म की आवाज़ निकाली और फिर आआहह करके झड़ गयी.

तभी मैं समझ गया कि वो झड़ गई है और मैं उनके पानी से भरी हुई चूत मैं धक्के मारता रहा और उनकी चूत पानी की वजह से पच-पच आवाज़ करने लगी. फिर धक्के मारने पर उनके पानी का झाग बनकर मेरे लंड पर नज़र आने लगा और स्पीड बड़ाने पर झाग मोटा और गाड़ा हो गया और पछ-पछ की आवाज भी बड़ गयी थी. फिर कुछ देर बाद मुझे गज़ब का अहसास हुआ और मेरा भी पूरा पानी ताईजी की चूत मैं निकल गया. उनकी चूत मेरे पानी से डूब गयी मैं और चुपचाप लंड उनकी चूत मैं डाले हुए उनकी कमर को किस करता रहा. कुछ देर बाद मैं उनके ऊपर से उठा और ताईजी के पास मैं लेट गया. मेरी नज़र उनकी मोटी गांड पर जा रही थी. फिर मैंने सोचा कि आज मौका सही है और मेरा मन गांड मारने का कर भी रहा था.. उनकी चूत से मेरा सफेद पानी निकल रहा था. तो मैंने उनकी चूत मैं उंगली डालकर देखा तो वो पानी से भरी हुई थी.. फिर उनके मोटे-मोटे कूल्हे और छोटे से गांड के होल को जीभ से चाटने लगा. मैंने उनको हाथों से बहुत दबाया और कुछ देर ऐसा करते-करते मेरा लंड फिर से फुल टाईट हो गया. तो मैंने उनकी गांड पर अपने लंड के सुपाड़े को रखा और धीरे से दबा दिया.. मेरा बड़ा लंड उनकी टाईट गांड पर फिसल गया और ऊपर निकल गया.. 3-4 बार कोशिश करने पर मेरा लंड फिसल गया. तो मैंने उनके पैरों को पूरा खोला और दोनों हाथ की उँगलियाँ घुसाकर होल को चोड़ा कर दिया.. जिससे उनका छेद खुल गया और मैंने थूक लगाकर उसमे अपना लंड घुसा दिया.

मेरा लंड उसमे आधे से थोड़ा कम अंदर चला गया.. क्योंकि उनका छेद बहुत टाईट था. फिर मैंने कसकर अपने लंड को अंदर दबाया और मेरे झटके मारने से ताईजी का पूरा जिस्म आगे पीछे होने लगा.. उनका पूरा जिस्म हिल जाता. धीरे धीरे मेरा पूरा लंड उनकी गांड के अंदर चला गया और मैं कुछ देर उनकी गांड मैं लंड डालकर उनके ऊपर ही लेट गया. मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि मेरा पूरा लंड ताईजी की मोटी गांड के अंदर है. फिर मैं ऐसे ही लंड डाले हुए उनके साथ लेटे रहना चाहता था.. तो मैं बहुत देर तक उनकी गांड मैं लंड डाले हुए उनके ऊपर लेटा रहा.. फिर मैंने धीरे-धीरे अपनी कमर को हिलाना शुरू किया और लंड को हिलाने लगा. गांड के होल मैं मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मेरा लंड ताईजी की गांड मैं फंसा हुआ था और मैं धक्के मारता रहा. फिर 10 मिनट के बाद मैं उनकी गांड मैं ही झड़ गया. यह सब करके मुझे बड़ा आनंद आया.. मैंने ताईजी के सेक्सी जिस्म को चोद दिया. फिर थोड़ी देर रुकने के बाद मैंने एक बार और उनको चोदा.

फिर मैंने उनके नंगे जिस्म की, चूत की, चूची की, कुछ फोटो ली और अपना कैमरा देखा तो उसमे पूरी चुदाई रिकोर्ड हो गई थी. फिर मैंने गीले कपड़े से उनकी गांड और चूत को अच्छे से साफ किया और उनको वापस उनकी पेंटी पहनाई और चुपचाप अपने रूम मैं चला गया. जब उनके उठने का टाईम ज़्यादा हो गया तो मैं उनके चेहरे पर पानी डालकर छुपकर देखने लगा. ताईजी अपने सर पर हाथ लगाकर धीरे से बेड से उठी और धीरे-धीरे चलने की कोशिश करने लगी.. शायद उनके सर मैं दर्द हो रहा होगा और कुछ दूर चलने के बाद उन्होंने बेड पर बैठकर अपनी मेक्सी ऊपर की और अपनी पेंटी मैं हाथ डालकर चूत चेक करने लगी.. शायद उनकी चूत और गांड मैं दर्द हो रहा था. फिर वो टॉयलेट चली गयी और वहाँ पर बहुत देर तक रुकी रही. फिर जब वो टॉयलेट से निकली तो मैंने कहा कि आप चक्कर से गिर गयी थी तो वो कुछ नहीं बोली और चुपचाप जाकर के लेट गयी. शाम को मम्मी, पापा देर से आए तो वो उठी और अपना नॉर्मल काम करके जल्दी ही सो गयी.. लेकिन जब रात को 12 बज रहे थे और सब सो रहे थे तो वो मेरे रूम मैं आई और मुझसे कहा कि मेरे कमरे मैं आओ मुझे तुमसे कुछ बात करनी है.. मैं बहुत डर गया कि कहीं ताईजी सच ना जान गयी हो.

फिर मैं उनके रूम मैं गया तो ताईजी ने मुझसे कहा कि सच सच बता दिन मैं क्या हुआ था. ये सुनते ही मेरे तो होश उड़ गये. उनके बहुत जोर देने पर मैंने उनको सब कुछ सच सच बता दिया और कैमरे मैं उनकी फोटो और रिकॉर्डिंग भी उनको दिखा दी. फिर ताईजी मुझे बोली कि तुझे ये सब करना ही था तो मुझसे ही बोल देता. मैं खुद ही तुझे अपने जिस्म का मजा दे देती. यह सुनकर मैं हैरान रह गया और उनसे सॉरी मांगने लगा.. तो वो बोली कि कोई बात नहीं.. सेक्स जब दिमाग मैं चड़ता है तो ये सब हो ही जाता है. लेकिन ध्यान रखना कि ये बात किसी को पता नहीं लगनी चाहिये. दोस्तों उस दिन के बाद ताईजी खुद खुशी खुशी मुझे अपनी चूत देती है और मस्त चुदाई करवाती है ..