जिम्मेदारी (कुछ नयी कुछ पुरानी) -38

chodan अध्याय 38 अजय की नींद निधि के हिलाने से खुली,अभी सुबह नही हुई थी पर निधि की कसमसाहट से अजय के लिंग जो की अब भी निधि के योनि में फसा था,कुछ गुदगुदी दी हुई,दोनो की नींद टूट चुकी थी ,दोनो ने एक दूजे को देखा,क्या सुबह थी वो,… ये नया अहसास था दोनो के … Continue..

जिम्मेदारी (कुछ नयी कुछ पुरानी) -24

kamukta अध्याय 24 शाम होने को थी और डॉ और मेरी सभी से विदा लेकर वापस शहर चले जाते है ,चंपा का मिजाज बड़ा ही खुश था की उसके बेटे को प्यार हो गया है वही अजय और विजय अपने बहनों से सम्बन्ध को लेकर दुविधा में थे की ये क्या हो गया है ,बस होठो … Continue..