शीला और बीना की चुदाई की बात

desi sex हैल्लो दोस्तों, यह कहानी दो औरतों के बीच हुई बातचीत के बारे में है। यह बात उस समय की है, जब में गाँव में रहता था। गाँव में मकान काफ़ी एक दूसरे से सटे होते है। मेरे घर के ठीक सटे हुए घर में शादी हुई थी। शीला आंटी सांवली थी, लेकिन बहुत खूबसूरत थी। उनकी एक ननद बीना जो कि 1 साल से वही थी, बीना भी सांवली थी। अंकल की सुहागरात काफ़ी अच्छी हुई होगी, ऐसा मेरा विश्वास था। अब में आपको सीधा कहानी की तरफ ले चलता हूँ। अब शादी के 2-3 हफ़्तों के बाद शीला और बीना बातें कर रही थी। अब उनकी बातें मेरे रूम में साफ-साफ सुनाई दे रही थी और दीवार में छेद होने के कारण सब दिखाई भी दे रहा था। फिर बीना ने कहा कि भाभी सुहागरात अच्छी गुज़री ना। तो तब शीला ने हंसकर कहा कि हाँ भाई मज़ा आ गया। अब बीना जिसने सालभर से चुदाई नहीं की है, वो दिलचस्पी लेने लगी थी।
फिर बीना ने पूछा कि भैया ने कैसे चोदा था? अब मे शीला की आवाज में लिख रहा हूँ। जानती हो बीना मैंने अपनी भाभी से पूछा था कि मर्दो का कितना बड़ा होता है? तो तब भाभी ने कहा कि तेरे भैया का 5 इंच का है और सभी का 5-6 इंच तक ही होता है। फिर मैंने भाभी से पूछा कि उससे दर्द होता होगा? तो तब भाभी ने कहा कि ना के बराबर, बीना जब में सेज पर बैठी थी तो में यही सब सोच रही थी। तो तभी तुम्हारे (बीना के) भैया आए, फिर उन्होंने पहले दूध पिया और फिर मुझे चूमने लगे। अब में भी उत्तेजित हो गयी थी। फिर उन्होंने अपनी लूँगी में से अपना लंड बाहर निकाला, जो कि 6 इंच का था और फिर वो मेरे हाथ में दे दिया और कहा कि इस पर तेल लगाओ। फिर जैसे ही मैंने उस तेल लगाया तो उसकी साईज बढ़ने लगी।

फिर उन्होंने मेरी साड़ी और ब्लाउज उतार दिया। तब मैंने देखा कि उनका लंड 9 इंच लंबा और 3 इंच मोटा हो गया है। फिर वो मेरी चूचीयों को अपने हाथ से मसलने लगे। अब में सीसी, आहहहहहह की आवाजे करने लगी थी। तभी उनका हाथ मेरी कमर पर गया और फिर वो मेरे पेटीकोट को खोलने लगे, लेकिन उनसे मेरा पेटीकोट नहीं खुला। तो तब में अपने पेटीकोट को ऊपर उठाने लगी, तो वो मुस्कुराने लगे। फिर मैंने अपने पेटीकोट को ऊपर कर लिया। अब वो मेरी चूत पर अपना एक हाथ फैरने लगे थे। तब मैंने देखा कि उनका लंड बड़ा ही भयानक लग रहा है। फिर उन्होंने अपने लंड पर तेल लगाया और मेरी चूत पर रख दिया। तब मैंने कुछ बोलना चाहा, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने एक हल्का धक्का मारा तो तब में चीखने लगी आहह, अया, आहह, नहीं। अब वो मेरे बूब्स को मसल रहे थे।

फिर उन्होंने अपनी कमर को खींचकर एक ज़ोर का झटका मारा। तो में बिल्कुल झटपटा उठी और चीखने लगी आआअहह, आहह, मार डाला। अब तक मेरी चूत में उनका 4 इंच लंड ही घुस पाया था। अब मेरी हालत जल बिन मछली की तरह हो गयी थी। अब वो मेरे बूब्स मसलते हुए मेरे होंठो को चूसने लगे थे। फिर जब में कुछ शांत हुई, तो तब वो मेरी जाँघो के बीच में आ गये और मेरी दोनों टांगो को उठाकर फैला दिया। फिर उन्होंने अपना लंड थोड़ा बाहर खींचकर बहुत ही ज़ोर का झटका मारा। तो तब में दर्द से चिल्ला उठी और अपने पैर पटकने लगी थी। अब उनका 9 इंच का लंड मेरी चूत को फाड़ चुका था। अब वो अपनी कमर को तेज़ी से हिलाने लगे थे। फिर करीब 35 मिनट की चुदाई के बाद उन्होंने अपनी क्रीम मेरी चूत में छोड़ दी। अब इतनी देर में में दो बार झड़ चुकी थी, बीना तेरे भैया बड़े जालिम की तरह चोदते है। अब बीना यह सब सुनकर अपनी चूत को सहला रही थी।
फिर बीना ने मुझसे कहा कि भाभी आप अपनी चूत दिखाइए, जरा में भी तो देखूं कि मेरे भाई का लंड कितना जालिम है? फिर मैंने अपनी साड़ी ऊपर उठाई। तब बीना मेरी चूत को देखकर हैरान हो गयी, क्योंकि वो मेरी चूत की चुदाई कर करके उसे भोसड़ा बना चुके थे। फिर बीना ने मुझे एक बैगन दिखाते हुए कहा कि भैया का लंड इतना बड़ा था? तो तब मुझे एक शरारत सूझी और फिर उसको एक बैगन दिया, जो कि 10 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था। तो तब बीना ने कहा कि भाभी मेरी चूत सालभर से नहीं चुदी है, आप मेरी चूत को इस बैगन से चोद दीजिए। फिर मैंने उस बैगन पर तेल लगाकर बीना की चूत में घुसाया। तो तब वो चीखने लगी। तो तब मैंने कहा कि चीखो मत, अगर कोई मर्द होता तो तुम्हारी चूत को ज़बरदस्ती फाड़ देता और अब वो सिसकीयाँ लेने लगी थी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उस बैगन को 6 इंच तक घुसा दिया। तो तब वो बोली कि नहीं, अब बाहर निकाल दो। अब मैंने भी जोश में आकर पूरा 10 इंच का बैगन बीना की चूत में घुसाकर उसकी चूत को फाड़ दिया था। अब बीना को भी काफ़ी मज़ा आया था, तो तब उसने कहा कि भाभी इतना मज़ा पहले कभी नहीं आया था। मैंने शीला और बीना दोनों की चूत देखी है, उन दोनों की चूत जबरदस्त है ।।
धन्यवाद

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