सेक्सी साली के साथ मजे की बात

desi chudai ki kahani हैल्लो दोस्तों, मेरी साली रश्मि गजब की सुंदर थी। जब मैंने अपनी बीवी को पहली बार देखा था और उसे भी देखा तो तब एकदम से इच्छा हुई कि इसे तो चोदना ही पड़ेगा, मलाई जैसा बदन, गुलाबी होंठ चूसने के लिए तैयार और न्योता देती हुई मस्त मस्त चूची उठी हुई कपड़े से बाहर आने के लिए बेकरार। देखते ही ऐसा लगता था कि अपने हाथ बढ़ाकर दबा दूँ। रश्मि को देखते ही मेरा लंड खड़ा होकर किलकारियाँ मारने लगता था, लेकिन वो थी कि अपने चूतड़ पर हाथ भी रखने नहीं देती थी और बात करते-करते अगर उसका हाथ छू जाए तो मुझे तो करंट लगता ही था, लेकिन रश्मि एकदम शर्माकर हट जाती थी। वो अपने बूब्स को हर तरह से कोशिश करती रहती थी कि साड़ी के पल्लू से ढक लूँ, लेकिन उसके बूब्स इतने मस्त थे कि दिख ही जाते थे, वो कहाँ तक उन मस्त-मस्त चूचीयों को छुपाती? अब में तड़पता रहता था कि कब इसे चोद पाऊँगा? कब इसकी चूत के दर्शन होंगे? कब इसकी चूचीयों को कसकर दबाऊँगा? कब इसके होंठो को चूस-चूसकर मज़ा लूँगा? कब इसकी चूत में मेरा लंड घुसेगा? और कब इसे कस-कसकर दबोच पाऊँगा?

फिर में करीब शादी के 5 साल तक सोच-सोचकर मुठ मारता रहा, लेकिन मुझे कोई मौका ही नहीं मिल रहा था। फिर आख़िर एक दिन आया, जब गजब की सुंदरी रश्मि अपना बदन लिए हुए हमारे घर में रहने आई थी। अब मेरे बच्चे स्कूल गये हुए थे और मेरी बीवी बाज़ार गयी थी और 2-3 घंटो के बाद ही वापस आने को कह गयी थी। अब में साली से बातें करने लगा था। तो तब मैंने सोचा कि इस बार कुछ पहल करनी ही पड़ेगी। तो तब मैंने आख़िर पूछ ही लिया रश्मि तुम शादी के 3 साल बाद तक भी इतनी सुंदर कैसे रहती हो? तो तब वो बोली कि क्यों जीजाजी शादी के 3 साल बाद क्या सुंदरता नहीं रहती है? तो तब मैंने कहा कि नहीं यह बात नहीं है, तुम एकदम भी चेंज नहीं हुई हो, अजय तो तुम्हें बहुत प्यार करते होंगे। तो तब उसने जवाब दिया कि जीजाजी क्या आप विश्वास करेंगे की उनका इंटरेस्ट मुझसे कितना कम हो गया? तो तब मैंने पूछा कि यह कैसे हो सकता है? रश्मि तुम कितनी अच्छी हो। तो तब उसने दबदबाती आँखों से कहा कि क्या कहूँ जीजाजी? अजय में काफ़ी चेंज आ गया है। तो तब मैंने रुमाल देते हुए उससे कहा कि क्या तुम सच कह रही हो कि अजय तुमसे प्यार नहीं करता है? क्या कोई और लड़की का चक्कर है? तो तब उसने कहा कि नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, बस वो अपने काम में बिज़ी रहते है और हो सकता है मुझसे ऊब गये हो। तो तब मैंने कहा कि रश्मि तुमसे कोई आदमी ऊब नहीं सकता है और यह कहते हुए मैंने हल्के से उसके गालों पर एक चुंबन दे दिया। तो तब उसने संकुचते हुए कहा कि जीजाजी आप तो बड़े वो है, आपने शायद पहली बार मुझे छुआ है।

तब मैंने आगे बढ़ते हुए कहा कि हाँ रश्मि शायद यह मेरी गलती थी, में एक चुंबन और लेना चाहता हूँ और अपनी साली को प्यार करना चाहता हूँ। तो तब उसने कहा कि सिर्फ़ एक चुंबन तो ठीक है, लेकिन और कुछ नहीं। बस फिर क्या था? मैंने उसे अपनी बाँहों में भरा और अपने होंठ उसके गुलाबी गुलाबी नर्म-नर्म होंठो पर रख दिए। अब तो मेरे बदन में मानों आग सी लग गयी थी। फिर मैंने आहिस्ते-आहिस्ते अपनी पकड़ को कसा और अब उसके होंठो को चूसने लगा था। अब तो कमाल हो गया था और अब उसने कोई विरोध नहीं किया था, बल्कि अपने चेहरे को और उठाकर मज़ा लेने लगी थी, मेरी साली क्या चीज थी? अब मुझे ऐसा नशा छाया था कि मेरे लंड महाराज कूदने लगे थे। फिर मैंने अपनी जीभ को उसके मुँह में घुसाया और टेस्ट ऐसा कि बता नहीं सकता। दोस्तों सच में जन्नत का मज़ा इसे ही कहते होंगे। अब क्या था? अब मेरे हाथ अपने आप उसके बूब्स पर आ गये थे और अपने दाहिने हाथ से उसकी बाईं चूची को दबाने लगा था।

फिर मैंने आहिस्ता से उसकी साड़ी को हटाया और उसके ब्लाउज के ऊपर ही उसकी चूचीयों को मसलने लगा था। दोस्तों अब मेरा लंड एकदम तन गया था। फिर मैंने साली रश्मि को बच्चे की तरह उठा लिया और बिस्तर पर लेटा दिया था और उससे बोला कि रश्मि तुम कितनी सुंदर हो? कहाँ थी जानेमन इतने दिन से? और यह कहते हुए मैंने उसके ब्लाउज को खोला और जल्दी से उसकी ब्रा को भी हटा दिया। तो तब उसकी चूचीयाँ उछलकर बाहर आई और उसकी चूचीयाँ मुलायम दूध की तरह सफेद, रबड़ बॉल जैसी सख्त थी। फिर मैंने उसकी दाहिनी चूची को तुरंत अपने मुँह में ले लिया और चूसने का मज़ा लेने लगा था, आह उसकी चूचीयाँ मलाई से भी ज़्यादा टेस्टी थी। तब मैंने उसका जवाब सुना कि जीजाजी आपने कभी मेरी तरफ देखा ही नहीं और में शरमाती रही कि अगर आपको मेरे दिल की बात पता चल गयी तो आप बुरा मान जाएँगे।

फिर तब मैंने कहा कि हाए रश्मि हमने 3 साल बर्बाद कर दिए, जानेमन अब में और नहीं रुक सकता हूँ, बस अपनी चूत के दर्शन करवाओ, मेरा लंड तुम्हारी चूत में घुसने को बेताब है, चुदवाओगी ना साली-जान? तो तब उसने जवाब दिया कि जीजाजी इससे पहले की दीदी आ जाए कर दीजिए। तब मैंने कहा कि साली जान कर दीजिए नहीं, चोद दीजिए बोलो ना। फिर तब उसने कहा कि चोदिए ना जीजाजी और फिर उसने अपना मुँह ढक लिया। दोस्तों फिर मैंने देर करना सही नहीं समझा। फिर हमने अपने कपड़े उतारे, नंगे हुए और सेक्स की दुनियाँ में समा गये। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में घुसाया और उसकी चूचीयों को खूब चूसा और उसके होंठो को करीब करीब खा ही गया था और फिर हमने बहुत देर तक चुदाई की। सच मानों मैंने उस डेढ़ घंटे में उसको दो बार कस-कसकर चोदा था। उसकी चूत को मैंने खूब चाटा और चूसा था।
फिर ठीक समय पर हम दोनों एक साथ झड़ गये और एक दूसरे को साफ करके तैयार हो गये थे, क्योंकि अब मेरी बीवी जो आने वाली थी। वैसे मेरी बीवी भी कम सुंदर नहीं है, वो साली पक्की चुदक्कड़ भी है, वो मुझसे खूब चुदवाती है, लेकिन उसको चोद-चोदकर मेरा दिल उब गया था, आज रश्मि की चूत ने ऐसा मज़ा दिया था कि पूछो मत। फिर रात को मेरी साली अलग कमरे में सोने गयी। तब मैंने उसके पास जाकर आहिस्ते से कहा कि क्यों साली साहिबा चुदवाओगी? तो तब उसने कहा कि धत जीजाजी, दीदी को बोल दूँगी। तब मैंने कहा कि बोल ना जानेमन, तुम दोनों को साथ-साथ चोद दूँगा। तो तब उसने कहा कि चुप-चुप जीजाजी, आहिस्ता बोलो दीदी सुन लेगी, अब आप जाइए। तब मैंने कहा कि रात को आऊँगा मेरी रानी, तैयार रहना और फिर जल्दी से उसकी चूचीयों को दबाते हुए मैंने उसे चूमा। दोस्तों फिर मुझे रात को तो मौका नहीं मिला, लेकिन अगले 7 दिनों में मुझे 3 बार और मौका मिला, विश्वास करो फिर हमने खूब चुदाई की, बस मज़ा आ गया था और फिर हम दोनों ने खूब इन्जॉय किया ।।
धन्यवाद

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