सेक्सी कोचिंग गर्ल के साथ मजा

xxx kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और में सूरत में रहता हूँ। मेरी कोचिंग में एक लड़की पड़ती थी, जिसका नाम प्रियंका था, वो दिखने में गजब की खूबसूरत थी। फिर एक दिन वो बड़े गले का सूट पहनकर आई और मेरे पास बैठ गई। अब हम लोग सबसे पीछे बैठे थे। अब मुझे उसके बड़े-बड़े बूब्स साफ-साफ़ दिख रहे थे। तभी मैंने अपनी टाँगे उसकी जांघो से टच करा दी तो उसने मुझे सेक्सी निगाहो से देखा और मुस्कुराई तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और फिर मैंने अपना राईट हाथ उसकी लेफ्ट जांघ पर रख दिया और हल्के-हल्के सहलाने लगा था। अब मेरा हाथ टेबल के नीचे था, इसलिए कोई मुझे देख नहीं पा रहा था। वो इलास्टिक वाला ट्राउज़र (सलवार) पहने थी। फिर जब उसने कोई विरोध नहीं किया तो मैंने थोड़ा सा उसका टॉप (कुर्ता) उठाकर अपना एक हाथ उसके कुर्ते में पेट पर रख दिया। तब मैंने महसूस किया कि उसकी साँसे तेज़ी से चल रही थी। तभी मैंने अपना एक हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया, ये क्या? उसकी पेंटी तो एकदम गीली थी। तभी मेरा ध्यान उसके बूब्स पर गया, वो भी एकदम नुकीले और टाईट हो रहे थे।
अब में समझ गया था कि प्रियंका गर्म हो गई है। फिर मैंने उसकी गर्म चूत पर अपना एक हाथ रख दिया, तो वो हल्के से सिसकारी लेने लगी और तभी उसने भी मेरा लंड मेरी पेंट के ऊपर से ही पकड़ लिया और सहलाने लगी थी। मैंने पहली बार किसी लड़की की चूत पर अपना हाथ रखा था। अब में भी पागल हो गया था। फिर मैंने उसका क्लाइटॉरिस पकड़ लिया और उसे दबाने लगा था। अब उसकी चूत लगातार पानी छोड़ रही थी, जो बहकर चूत के नीचे बहता जा रहा था। तभी मैंने उसकी चूत के बहे पानी को अपने हाथ में लिया और अपना मुँह नीचे करके चाट लिया, वो एकदम नमकीन सा टेस्ट था।
फिर मैंने अपना लंड 1 मिनट के लिए बाहर निकाला जो एकदम गीला हो रहा था। में आपको बता दूँ कि मेरा लंड 7 इंच लंबा है। फिर मैंने देखा कि वो मेरे लंड को बड़े गौर से अपनी आँखों में उतार रही थी। फिर मैंने अपना लंड अंदर करने के बाद फिर से उसकी चूत पर अपना एक हाथ डाल दिया। फिर मैंने अपनी 2 उंगलियाँ उसकी चूत में डाल दी और ज़ोर-जोर से हिलाने लगा था। फिर में 2-3 मिनट तक उसका हस्तमैथुन हल्के–हल्के करता रहा। तभी एकाएक उसका शरीर अकड़ा और वो एकदम से शांत हो गई और उसकी चूत से सफ़ेद पारदर्शी जैली के जैसा जैल बहकर बाहर आया, जिसे मैंने अपने हाथ में लेकर अपना मुँह नीचे करके चाट लिया था। फिर कोचिंग का टाईम ख़त्म हो गया। अब जाते समय उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव थे। अब वो मुझे प्यार भरी निगाहों से देख रही थी। मेरा घर मेरे रूम से काफ़ी दूर था। प्रियंका भी रूम किराए पर लेकर अपनी एक पार्टनर के साथ अकेली रहती थी। हम दोनों के रूम सेपरेट थे। फिर मैंने उसी दिन रात को 11 बजे उसे फोन किया तो वो बोली क्या कर रहे हो? तो मैंने कहा कि तुम्हें याद कर रहा हूँ। फिर हम दोनों ने ढेर सारी सेक्सी बातें की। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुमने किसी से अब तक चुदवाया है? तो वो बोली कि नहीं। तब मैंने पूछा कि अब क्या इरादा है चुदवाने का? तो वो कुछ नहीं बोली। फिर मैंने पूछा कि क्या तुमने अब तक ब्लू फिल्म देखी है? तो वो बोली कि नहीं। उसके रूम में कंप्यूटर भी था, लेकिन इंटरनेट नहीं था और तभी वो बोली कि मुझे ब्लू फिल्म देखनी है। तब मैंने कहा कि ठीक है कल में तुम्हें ब्लू फिल्म की सी.डी कोचिंग में कॉपी में रखकर दे दूँगा। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम हस्तमैथुन करती हो? तो वो बोली कि हाँ, में तो रोज नहाते समय अपनी उंगली से या फिर पानी की तेज धार पाईप से अपनी चूत में डालती हूँ तो 2-3 मिनट में मेरा हो जाता है।

फिर मैंने उससे कहा कि में तो अपने लंड को मुट्ठी में पकड़कर ऊपर नीचे करता हूँ तो 5-10 मिनट तक लगातार करने के बाद में झड़ता हूँ। फिर अगले दिन मैंने उसे सी.डी दे दी। फिर रात को मैंने उसे फोन किया, तो वो सी.डी देख रही थी। अब उसकी आवाज बदली हुई थी। फिर वो मुझसे बोली कि इस सी.डी में तो लड़का काफ़ी देर से करीब 50 मिनट से लड़की के धक्के लगा रहा है, इतनी देर में तो मेरा जाने कितनी बार झड़ जाएगा? तब मैंने कहा कि सी.डी में तो मेडिसिन लेकर सेक्स करते है। तो तब वो बोली कि मुझे ज्यादा देर बाद झड़ने की मेडिसिन लाकर दे दो, तो मैंने कहा कि दे दूँगा। फिर वो बोली के 1 मिनट फोन होल्ड करो, में अपना नाईट सूट का टॉप उतार रही हूँ। फिर टॉप उतारने के बाद मैंने कहा कि ट्राउज़र भी उतार दो। अब वो केवल ब्रा पेंटी में थी। अब मैंने उसकी ब्रा पेंटी भी उतरवा दी थी।
फिर उसने मुझसे कहा कि तुम भी पूरे नंगे हो जाओ, तो मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए। फिर वो जाकर एक मोमबती उठा लाई और मुझसे कहने लगी कि हस्तमैथुन करो तुम भी और में भी। फिर हम दोनों ने फोन पर ही हस्तमैथुन करना शुरू कर दिया। फिर 3-4 मिनट तक हम दोनों पूरे जोश से अपना अपना हस्तमैथुन करते रहे। फिर हम दोनों एक साथ जाकर झड़ गये, तो तब वो बोली कि तुम्हारे साथ फोन पर सेक्स करने में बहुत मज़ा आया। तब मैंने कहा जब आमने सामने करोगी तो इससे भी ज्यादा मज़ा आएगा। अब तो हम दोनों का नियम बन गया था और रोज रात को हम दोनों फोन पर ही पहले मुठ मारते और फिर झड़कर सो जाते थे। फिर 3 दिन के बाद मैंने रविवार सुबह को उसे अपने रूम पर बुलाया। तो वो जीन्स टॉप पहनकर आई, वो बैग में अपने कपड़े भी रखकर लाई थी। फिर वो मुझसे बोली कि में रात में यहीं रुक जाऊं, तो तुम्हें कोई एतराज तो नहीं? तो मैंने कहा कि मुझे क्यों एतराज होगा? जब भरी गर्मी के दिन थे। फिर में उसके पास गया और उसकी आँखों में देखता रहा और फिर मैंने अपने गर्म होंठ उसके होंठो पर रख दिए और चूसने लगा तो वो भी करीब 10 मिनट तक मेरे होंठ चूसती रही।
फिर उसके बाद मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया। अब मेरा 8 इंच लंबा लंड पूरी तरह से तन चुका था। फिर उसने मेरी पेंट उतार दी और मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी। अब उसे पूरा नशा चढ़ चुका था और फिर देखते ही देखते उसने मुझे पूरा नंगा कर दिया और मेरे शरीर को चाटने लगी थी। उसने मेरे पेट पर, हाथ पर, पैर पर, कूल्हों पर, पीठ पर चाटा था। अब मुझमें पूरी तरह से जोश आ चुका था। फिर मैंने उसे भी नंगा कर दिया और उसकी चूत चाटने लगा, उसका क्लाइटॉरिस पकड़कर रगड़ने लगा था। मेरा बाथरूम भी रूम से ही अटेच था। फिर उसने मुझसे कहा कि उसे पेशाब करना है। तब मैंने उसे उठाया और बाथरूम में ले गया। फिर मैंने शॉवर चला दिया और उसकी चूत चाटने लगा। अब मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी थी। अब वो सिसकने लगी थी और बोली कि में ज्यादा देर नहीं रुक पाऊँगी तो में थोड़ा चूसने के बाद रुक गया।
फिर वो बोली कि मुझे तुम्हारे ऊपर पेशाब करना है। तो तब मैंने कहा कि मुँह को छोड़कर जहाँ चाहो करो। फिर उसने मुझसे बैठने को कहा और मूतने लगी थी। अब उसका गर्म-गर्म पेशाब मेरे ऊपर गिर रहा था। अब में उत्तेजना से पागल हो गया था। फिर मैंने उसे पकड़ा और सीधा लेटा दिया और अब में भी उसके बूब्स पर चूत पर पेशाब करने लगा था। अब वो चीख रही थी और सिसकारियाँ ले रही थी। फिर हम दोनो एक साथ नहाए और फिर हम दोनों कमरे में आकर बेड पर लेट गये। फिर वो मुझसे बोली कि प्लीज मुझे चोद दो, अब में नहीं रह पाऊंगी। अब वो ज्यादा उत्तेजना के कारण रोने लगी थी।
फिर मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के छेद पर रख दिया और फिर हल्के से एक धक्का मारा। तो वो चीख पड़ी और बोली कि मुझे तो बहुत दर्द हो रहा है। तब मैंने कहा कि चिंता मत करो डार्लिंग, थोड़ी देर में यह दर्द मज़ा बन जाएगा और फिर में धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा। अब वो चीख रही थी चोदो मुझे, फाड़ दो मेरी चूत को, मूत दो मेरी चूत में और ज़ोर-जोर से सिसकारियाँ ले रही थी। अब उसने अपने बाल खोल लिए थे और पागल हो गई थी। अब में भी अपने एक हाथ से उसके बूब्स दबा रहा था। तभी अचानक से उसका शरीर अकड़ने लगा और वो एकदम से मुझसे चिपक गई। अब उसने अपने नाख़ून मेरी पीठ पर गढ़ा दिए थे। अब में समझ गया था कि यह झड़ चुकी है। फिर मैंने अपने धक्के और तेज कर दिए और फिर थोड़ी देर के बाद में भी झड़ गया। अब मैंने उसकी चूत को अपने वीर्य से भर दिया था। फिर हम लोग 10 मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे। फिर हम दोनों को जब कभी भी कोई मौका मिला तो हम दोनों ने खूब चुदाई की और खूब मजा किया ।।
धन्यवाद