संगीता भाभी के साथ प्यार

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राहुल है और में पुणे में रहता हूँ. में पिछले कुछ सालो से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ, जिनको पढ़कर मुझे बड़ा मज़ा और एक अजीब सा जोश मिलता है. मैंने अब तक बहुत सारी सच्ची सेक्सी कहानियों को पढ़कर उनके मज़े लिए है, मुझे वो सभी कहानियाँ बहुत मजेदार लगी और आज में ठीक वैसी ही अपनी एक सच्ची कहानी आप लोगों को सुनाने जा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह मेरा सेक्स अनुभव आप सभी को जरुर पसंद आएगा.

यह कहानी दो महीने पहले की है, जिसमे मैंने मेरे घर के सामने रहने वाली उस सेक्सी संगीता के साथ प्यार किया जिसको पहली बार देखकर ही में उसकी तरफ आकर्षित हो चुका था और में उसका बिल्कुल दीवाना था, लेकिन उस रात को मुझे पता चला कि वो भी मुझसे कुछ चाहती है और में पहले बहुत चकित हुआ, लेकिन बाद में वो सब हो गया. अब में पहले अपना पूरा परिचय आप सभी से करवा देता हूँ उसके बाद आगे की घटना पूरे विस्तार से आप सभी को बताऊंगा.

दोस्तों मेरी उम्र 20 और में दिखने में बिल्कुल ठीक-ठाक अच्छा लगता हूँ. मैंने अपने शरीर को बहुत सम्भालकर रखा हुआ है और में हर दिन जिम जाकर अपने शरीर की देखरेख करता हूँ और अब में अपनी कहानी शुरू करता हूँ जिसके लिए में यहाँ पर आया हूँ.

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दोस्तों मेरे घर के ठीक सामने वाले घर में उस समय एक शादीशुदा जोड़ा रहता था जिनका नाम संगीता और राजेश है. उन दोनों की शादी को अभी कुछ महीने ही बीते थे इसलिए मेरी पड़ोसन संगीता के उस बदन ने अपना आकार धीरे धीरे बदलना शुरू किया था, वो देखते ही देखते दिनों दिन और भी ज्यादा सेक्सी लगने लगी थी. पहले जब वो रहने आई थी तब उसका वो सुंदर चेहरा मुझे अपनी तरफ आकर्षित करता था, लेकिन अब तो मुझे उसका वो आकार बदलता हुआ गदराया हुआ बदन देखकर में पागल सा होने लगा था.

वैसे दोस्तों संगीता दिखने में बहुत ही सेक्सी औरत थी और उसका सेक्सी, लेकिन पतला बदन मुझे हमेशा अपनी तरफ आकर्षित करता था. में अपनी चोर नजर से हमेशा बस उनको ही देखा करता था और वो मेरे दिमाग में बस गई थी, वो अब पहले से भी ज्यादा अच्छी लगने लगी थी और पहले उसकी गांड बूब्स का आकार थोड़ा कम था, लेकिन अब वो ज्यादा बढ़कर दिखने और मुझे अपनी तरफ ललचाने लगा था और में अब हर रात को संगीता को चोदने के सपने देखा करता था. में उन पर मन ही मन मरता था, लेकिन मुझे ऐसा कोई भी अच्छा मौका नहीं मिल रहा था जिसका में फायदा उठा सकता और उसकी चूत को अपने लंड का मज़ा चखा सकता.

फिर बहुत दिनों तक ऊपर वाले से उनकी चूत को चोदने और बूब्स को बहुत अच्छी तरह से निचोड़ने की कामना करने के बाद एक दिन मेरी अच्छी किस्मत से ऐसा हुआ कि में उनके घर पर कुछ काम के लिए गया हुआ था और फिर मैंने देखा कि उनके घर का दरवाजा खुला हुआ ही था और कुछ देर बाहर खड़े रहने के बाद में उनके घर के अंदर चला गया.

तभी मैंने एक कमरे से कुछ आवाजे सुनकर उसके पास जाकर चोरी छिपे अंदर झांककर देखा कि संगीता अपने कमरे के अंदर कपड़े बदल रही थी, वो उस समय कुछ गुनगुना भी रही थी और मुझे उसकी पेंटी से ढकी हुई उभरी बड़े आकार की गांड और ब्रा के अंदर से बाहर आने को बेचेन बूब्स दिखे, वो बहुत व्यस्त थी और उसका मेरी तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं था.

दोस्तों सच पूछो तो उसको लगातार घूरकर देखता रहा और में भी किसी दूसरी दुनिया में था. फिर कुछ ही समय देखने के बाद मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया और फिर जब मुझे महसूस हुआ कि अब वो मुझे देख सकती है तो में वहां से कुछ देर बाद पीछे हटने के बाद मैंने उनको आवाज़ दी और थोड़ी देर बाद वो बाहर आ गई, लेकिन में तब तक उनके घर से बिना कुछ बोले ही बाहर निकल पड़ा और कुछ दिन बाद मुझे ऐसा महसूस होने लगा था कि वो भी मुझमें थोड़ी रूचि रखती है, वो मेरे घर के सामने रोड से निकलते वक़्त भी मुझे सेक्सी स्माइल देती थी.

फिर एक दिन उनके पति राजेश किसी काम की वजह से दिल्ली चले गये और मेरी अच्छी किस्मत से ठीक उसी समय मेरे भी घर वाले कुछ काम के लिए बाहर गए हुए थे. उसके दूसरे दिन में संगीता को मिलने के लिए उनके घर पर चला गया. मेरे घर पर कोई भी नहीं है यह बात उसको पहले से पता थी और मैंने देखा कि वो उस समय घर में एकदम अकेली थी और दरवाजा खोलकर उन्होंने मुझे घर के अंदर बुलाया और फिर मुझे बैठने के लिए कहने के बाद वो मेरे लिए पानी लेकर आ गई. फिर तभी उन्होंने मुझसे कहा कि राहुल आज तुम्हारे घर में कोई भी नहीं है तो आज रात का खाना खाने के लिए तुम यहीं पर आ जाना और वैसे में भी घर पर अकेली हूँ, हम दोनों को खाना एक ही जगह बन जाएगा और हम साथ में ही खा भी लेंगे.

फिर मैंने कहा कि ठीक है और फिर में रात को उनके घर पर चला गया और रात को खाना खाने के बाद मैंने उनसे कहा कि आंटी में अब अपने घर पर जाता हूँ. तभी वो मुझसे बोली कि तुम आज यहीं पर सो जाओ, क्योंकि में भी आज रात को अकेली ही हूँ और तुम भी घर पर अकेले. फिर मैंने उनकी बात सुनकर मन ही मन बहुत खुश होकर तुंरत हाँ कर दिया और में वहीं पर रुक गया, रात को संगीता ने अपना सारा काम खत्म किया और उसके बाद वो मेरे पास आकर बैठ गई.

तब में टीवी देख रहा था और वो आज बहुत ही सेक्सी लग रही थी. उसने जालीदार गाउन पहना हुआ था और उसमें से उसके गोल गोल बूब्स बाहर आ रहे थे और बड़े मोटे थे. फिर थोड़ी देर के बाद उसने मुझसे पूछा कि राहुल क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है? दोस्तों सच कहूँ तो मुझे बहुत अजीब लगा कि यह मुझसे ऐसा क्यों पूछ रही है? अब मैंने शरमाते हुए उससे कहा कि नहीं है.

अब वो मेरे बिल्कुल पास आ गई और उन्होंने मुझसे हंसते हुए पूछा कि तुम मुझे बार बार चुपके से क्यों देखते रहते हो? तो मैंने बिना डरे सच सच कहा कि आप मुझे बहुत अच्छी दिखती हो इसलिए मेरी नजर आप पर बार बार जाती है, मेरा आपको देखने से मन ही नहीं भरता, इसलिए में आपको देखकर अपने मन को शांत करने की कोशिश करता रहता हूँ.

फिर वो मुझसे बोली कि क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगे? वैसे में बहुत अच्छी तरह से जानती हूँ कि तुम भी मन ही मन मुझ पर मरते हो, लेकिन मुझसे कहने से तुम डरते भी हो, क्यों मैंने ठीक कहा ना.

फिर मैंने भी सब कुछ सही मन में जो कुछ था बता दिया और मेरे कहने की देर थी कि वो मुझे अब ज़ोर से किस करने लगी और मुझे भी अब बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हुआ और में भी संगीता को किस करने लगा. उसका पूरा पूरा साथ देने लगा.

फिर वो मुझसे बोली कि मुझे मेरे पति ने आज तक कोई भी किसी प्रकार का सुख नहीं दिया है, तू प्लीज आज मेरी इस प्यासी चूत को अपना लंड डालकर फाड़ दे और फिर उसने मुझे उसके कपड़े उतारने के लिए कहा और उसने भी तुरंत मेरे सारे कपड़े उतार दिए और वो तो अब मेरे सामने एकदम नंगी हो गई थी जिसकी वजह से उसके गोरे गोरे बूब्स के वो तने हुए निप्पल और छोटे छोटे बालों से भरी उसकी चूत मुझे अपनी तरफ आकर्षित करने लगी और अपनी चुदाई का न्योता देने लगी थी, वो बहुत कामुक लग रही थी और बिल्कुल काम की देवी नजर आ रही थी.

फिर में उसको अपनी गोद में उठाकर बेडरूम लेकर चला गया और उसको नीचे लेटाकर में उसके पूरे गरम गोरे बदन को चाटने लगा. उसकी गांड बहुत ही मोटी और सेक्सी भी थी. मैंने उसकी चूत चाटी, उसकी चूत बहुत ही रसभरी गरम थी और उससे बहुत अच्छी मदहोश कर देने वाली बहुत अजीब सी खुशबू आ रही थी. संगीता को भी मेरे वो सब करने में बहुत मज़ा आ रहा था और फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसके रसीले बूब्स को चूसा और अपना पूरा ज़ोर लगाकर उनका रस निचोड़ दिया और वो आह्ह्हह्ह्ह्ह उन्न्नन्न माँ मर गई प्लीज थोड़ा धीरे करो आईईईईईई में क्या कहीं भागी जा रही हूँ प्लीज थोड़ा आराम से करो.

फिर मैंने उसके बूब्स को करीब 15 मिनट तक बड़े मज़े लेकर दबाया और उसको किस भी किया. अब वो मुझसे बोली कि मुझे तेरा लंड देखना है, चल अब जल्दी से उसको बाहर निकाल. दोस्तों मेरा लंड तब तक पूरा बड़ा हो गया था जो टेंट बनकर खड़ा हुआ था और तभी उसने बिना समय बिताये जल्दी से मेरी अंडरवियर को उतार दिया और मेरा वो अब मेरा 6 इंच का लंबा मोटा लंड देखकर मुझसे बोली कि ऐसा लंड तो में हमेशा अपने सपनो में देखती थी और आज अपनी आखों के सामने पहली बार देख रही हूँ, तुमने अब तक इसको कहाँ छुपाकर रखा था? प्लीज अब थोड़ा जल्दी करो और इतना कहकर वो तुरंत मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर बहुत अनुभवी चुदेल एक रंडी की तरह लंड को लोलीपोप समझकर चूसने लगी.

दोस्तों सच पूछो तो में उसके चूसने की वजह से बहुत अच्छा महसूस कर रहा था और वो बार बार लंड को अंदर बाहर करती और में ज्यादा जोश में आ जाता.

वैसे यह सब कुछ मेरे साथ पहली बार हो रहा था और यह मेरा पहला अनुभव था, जिसको में आज भी नहीं भुला सका और थोड़ी देर के बाद उसने लंड को अपने मुहं से बाहर निकालकर मुझसे अपना लंड उसकी कामुक चूत में डालने के लिए कहा तो मैंने उसको नीचे एकदम सीधा लेटा दिया और लंड का सुपाड़ा चूत की खुली हुई गुलाब जैसी पंखुड़ियों पर रखा और जैसे ही मैंने अपने लंड को एक जोरदार धक्के के साथ उसकी चूत में डाला तो वो बहुत ज़ोर से चिल्लाने लगी उफफ्फ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह प्लीज बस आईईईईईइ में मर गई ओह्ह्ह्हह बाहर निकालो इसको मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन में फिर भी उसकी बिना कुछ सुने अपने लंड को ज़ोर से धक्के देकर चूत के अंदर डालता रहा और लंड को लगातार चूत के अंदर बाहर करने लगा.

फिर कुछ देर धक्के देने के बाद में अपने झड़ने के करीब आ गया. मैंने उससे कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ बताओ में अपना वीर्य कहाँ निकालूं? तो उसने मुझसे लंड को बाहर निकालने के लिए कहा और मैंने ठीक वैसा ही किया और अब उसने मेरे लंड को तुंरत अपने मुहं में डाल लिया और मुठ मारने लगी जिसकी वजह से मेरा पूरा वीर्य उसके मुहं में भर गया और थोड़ा बाहर भी निकलकर बहने लगा. उसने लंड को चाटकर चूसकर पूरा चमका दिया.

संगीता को भी बहुत मज़ा आने लगा था और उस रात को करीब दो बजे तक मैंने उसकी चूत को रुक रुककर चोदा और फिर मैंने देखा कि मेरे लंड की मोटाई और चूत का छेद छोटा होने की वजह से उसकी चूत से खून निकलने लगा था, लेकिन फिर भी मैंने उसको 69 पोज़िशन में भी चोदा और उस रात को हम दोनों एक दूसरे से चिपककर नंगे ही सो गए और संगीता मेरी चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट हो गई थी, इसलिए वो मेरी चुदाई से बहुत खुश थी.

फिर सुबह 6 बजे भी मैंने उठकर उसको एक बार फिर से चोदा और उसके बाद बाथरूम में जाकर हम दोनों नहाए भी एक साथ ही और उस वक़्त मैंने उनको घोड़ी बनाकर उसकी गीली गांड में अपना लंड अंदर सरकाकर चोदा और उसके पति के आने तक मैंने संगीता को कई बार चोदा और उसकी चुदाई के पूरे पूरे मज़े लिए और उसने बताया था कि उसके पति को चुदाई करने का इतना मन नहीं करता और ना ही उसने अब तक उसको वो मज़े दिए थे जो मैंने उसको दिए, वो मेरा साथ और मेरा लंड पाकर बहुत खुश थी और अपनी चुदाई हर कभी मुझसे करवाने का भी उसने मुझसे पक्का वादा किया.

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