साड़ी नाभि के नीचे

antarvasna, desi kahani हैल्लो दोस्तों, मेरी यह पहली स्टोरी है। मेरा नाम राजीव है, मेरी यह स्टोरी मेरी चाची के बारे है। वो हमेशा साड़ी पहनती थी, उनकी गांड और बूब्स बहुत बड़े-बड़े है, उनका फिगर साईज 36-30-38 है, उनकी हाईट 5 फुट 4 इंच है और उनकी उम्र 32 साल है, उनके एक 5 साल की लड़की है। अब में आपका ज्यादा समय ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। मेरी चाची दिखने में बहुत सेक्सी है, वो हमेशा साड़ी अपनी नाभि से थोड़ी नीचे पहनती थी, जिससे उसकी नाभि बहुत उठकर दिखती थी। हमारी पूरी फेमिली एक ही शहर में रहती है, हम सबके घर आस पास है। फिर एक दिन में मेरी चाची के यहाँ पर गया। तब मेरी चाची की बेटी स्कूल से आई थी। फिर में घर में गया तो तब चाची ने मेरा हंसकर वेलकम किया। मेरा चाची को हमेशा चोदने का या चोदते देखने का मन करता था, में बहुत बार मेरी चाची की कल्पना करके हस्तमैथुन करता था। तब मेरे चाचा बाहर गये हुए थे, वो एक बिजनसमैन है और दिनभर बाहर रहते है और सिर्फ़ दोपहर में और रात में खाना खाने के लिए आते थे।

फिर में घर में गया। अब वहाँ चाची किचन में खाना पका रही थी। तब चाची ने लाल कलर की साड़ी पहनी हुई थी और उनकी साड़ी हमेशा की तरह नाभि के नीचे बँधी हुई थी। अब जब वो मुझसे बात कर रही थी, तब में उनकी नाभि के पास और बीच में बूब्स के पास देख रहा था, जो कि बहुत सुडोल और सेक्सी लग रहे थे। अब मेरा लंड खड़ा हो रहा था, लेकिन मैंने अपने आपको संभाला। तभी अचानक से चाची बोली कि राजीव तुम गाड़ी लाए हो। तब मैंने कहा कि हाँ। तो तब चाची ने कहा कि मेरे साथ दर्ज़ी के पास चलोगे। तो तब मैंने पूछा कि क्यों? तो तब चाची ने कहा कि ब्लाउज ठीक कराना था। तब मैंने चलने के लिए हाँ कर दी। चाची मुझे अभी बच्चा समझती थी इसलिए उन्होंने ज़्यादा टेंशन नहीं ली जब में उनके बूब्स को और नाभि को देख रहा था। फिर चाची ने अपना काम कर किया और फिर में गाड़ी पर चाची के साथ दर्ज़ी के पास गया। वो दर्ज़ी मुस्लिम था और उसके दाढ़ी भी थी, वो काफ़ी तगड़ा था और फिर मुझे बाद में पता चला कि उसका नाम असलम भाई है, वो दुकान काफ़ी बुरे एरिया में थी और ज्यादा बड़ी भी नहीं थी। फिर हम दुकान में गये, तो तब असलम ने और चाची ने एक दूसरे को स्माइल दी। वो दुकान सिर्फ़ असलम भाई ही चलाते थे, क्योंकि दुकान में और कोई नहीं था। फिर चाची अंदर के रूम में गयी और साथ में असलम भाई भी चले गये थे और अब में भी उनके साथ में चला गया था।

फिर चाची ने दर्ज़ी से कहा कि असलम यह ब्लाउज मुझे बहुत टाईट हो रहा है। तो तब असलम भाई ने उसे देखा और कहा कि इसे पहनकर आइए। तो तब चाची चेंजिंग रूम में गयी और थोड़ी देर के बाद वापस आई तो तब चाची का पल्लू नीचे गिरा हुआ था। तब चाची ने देखा तो असलम चाची के बूब्स को गौर से देख रहा था। फिर चाची ने अपना पल्लू ठीक किया और असलम के पास आई। फिर उन्होंने असलम भाई के पास आकर कहा कि यह देखो असलम भाई ये ब्लाउज पीछे से बहुत टाईट हो रहा है, जो कि बैक लेस था और सिर्फ़ दो रस्सियाँ थी, चाची की पीठ बहुत गोरी थी। तभी असलम भाई का मन ललचाया और फिर वो चाची की पीठ के पास गया और उसे देखने लगा। फिर उसने उन दो रसियों को हाथ लगाया और साथ में उनकी पीठ पर भी अपना हाथ लगाया। तब चाची थोड़ी बौखला सी गयी, लेकिन चाची ज़्यादा सीरीयस नहीं थी।

फिर बाद में चाची ने उसे सामने बुलाया और अपने दोनों बूब्स के बीच की जगह पर हाथ लगाकर इतराते हुए बोली कि देखो ना या यहाँ से टाईट हो रहा है अब इसकी वजह से चाची के बूब्स बहुत बाहर उठकर आ रहे थे, पिछली बार भी तुमने ऐसी गलती की थी अगर इस बार तुमने फिर से गलती की तो में दर्जी चेंज कर लूंगी। तब असलम वहाँ हाथ लगाकर देखकर बोला कि तुम्हे दर्ज़ी तो मुझसे अच्छा मिल जाएगा, लेकिन आदमी मुझसे अच्छा नहीं मिलेगा। अब चाची की साड़ी का पल्लू नीचे था। फिर चाची अपनी नाभि के नीचे अपना हाथ लगाकर बोली कि ये पेटीकोट मुझे ढीला हो रहा है और बार-बार नीचे खिसक जाता है। तो तब उसने चाची से कहा कि तुम्हें ब्लाउज और पेटीकोट उतारना पड़ेगा। तो तब चाची मेरी तरफ शर्माकर बोली कि इसके सामने निकालूँ क्या? तो तब असलम ने मुझे बाहर जाने को कहा। तो तब में बाहर चला गया और पर्दे में से देखने लगा था।

फिर चाची ने असलम को पीछे की रस्सियाँ निकालने को कहा। तो तब असलम ने चाची के ब्लाउज की रस्सियाँ बड़े अच्छे से और प्यार से निकाली। अब चाची के बूब्स सिर्फ़ अपनी सफ़ेद कलर की ब्रा में थे और चूत भी सिर्फ़ सफ़ेद पेंटी में थी। फिर असलम भाई ने चाची के बूब्स की तरफ देखकर कहा कि देखो इस ब्रा की वजह से में तुम्हारा ठीक से नाप नहीं ले पा रहा हूँ, तुम्हें यह ब्रा भी निकालनी होगी। तो तब चाची ने पूछा कि तुम्हारे सामने? तो तब असलम भाई बोले कि इसमें बुराई क्या है? तुम मुझे भाई कहती हो और यह कहकर चाची ब्रा निकालने लगी। तो यह देखकर में दंग रहा गया कि चाची के बूब्स इतने गोरे और बड़े है। अब चाची अपने बूब्स को अपने हाथों से छुपा रही थी, लेकिन नाप लेने के लिए चाची को अपने हाथ हटाने पड़े थे। अब असलम अचानक से अपने हाथों को चाची के निप्पल से लगा रहा था। तब चाची ने कहा कि यह क्या कर रहे हो? तो तब असलम ने कहा कि वही जिसके लिए तुम यहाँ आई हो और ऐसे ही कोई किसी के सामने अपने कपड़े उतारता है क्या? तो तब चाची हँसते हुए बोली कि तुम जब सब समझ गये हो तो जल्दी करो, मेरा भतीजा बाहर इंतजार कर रहा होगा।

तब असलम भाई ने चाची के दोनों बूब्स को जोर-जोर से दबाना चालू कर दिया। अब चाची के मुँह से ज़ोर-ज़ोर से आवाजें निकल रही थी अया धीरे दबाओं। तो तब असलम भाई ने जानबूझकर पूछा कि क्या हुआ? तो तब चाची कहने लगी कि चीटी ने जाँघ पर काटा। फिर उन्होंने 10 मिनट तक किस्सिंग और बूब्स दबाई की और फिर बाद में असलम ने अपने कपड़े उतारे और चाची के मुँह में अपना लंड दिया, जो कि काफ़ी बड़ा था। अब चाची उसे बड़ी अच्छी तरह से अपने मुँह में आगे पीछे कर रही थी और जो पानी बाहर आ रहा था उसे पिए जा रही थी। अब असलम का लंड काफ़ी टाईट हो चुका था। अब वो चाची की चूत को चाटने लगा था और उनकी चूत का पानी पीने लगा था। अब चाटते-चाटते चाची के मुँह से आहह, उईईईईईई, धीरे की आवाज़े आ रही थी। अब असलम चाची की चूत में अपना लंड घुसाने वाला था। तो तभी चाची ने अपनी चूत को फैलाया तो चाची की बड़ी चूत में उसका लंड आसानी से चला गया। फिर 15 मिनट तक चोदने के बाद चाची और असलम दोनों ने अपना-अपना पानी निकाला। अब जब चाची अपने कपड़े पहन रही थी, तो तब असलम ने उन्हें रुकवाया और कहा कि इतनी जल्दी थोड़ी जाने दूँगा तुम्हें और ये कहकर उसने चाची की पेंटी फिर से उतारी और अब वो अपना लंड चाची की गांड में डाल रहा था। चाची की गांड बहुत टाईट थी। फिर असलम ने अपनी टोपी अंदर डाली, तो तब चाची चिल्लाई मारोगे क्या इस रंडी को? थोड़ा धीरे डालो। फिर तब थोड़ी देर के बाद असलम ने एक और झटका दिया और अपना पूरा लंड अंदर घुसा दिया और चाची के बूब्स को पकड़कर आगे पीछे कर रहा था। फिर थोड़ी देर के बाद उसका वीर्य निकल गया। फिर चाची ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और बाहर आ गई थी ।।

धन्यवाद …