रूपाली से हुई सेक्स की शुरुआत

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम साहिल है और में अमृतसर का रहने वाला हूँ. मेरी लम्बाई 5.9 इंच है और दोस्तों यह मेरी दूसरी सच्ची कहानी है दोस्तों यह बात तब की है जब में अपनी पढ़ाई कर रहा था, तब मेरी लाइफ में असली सेक्स का मजा शुरू हो गया.

दोस्तों मेरी पढ़ाई पूरी होने के बाद मेरी एक बहुत अच्छी जगह पर नौकरी लग गई थी और मैंने अपनी नौकरी के साथ ही अपनी एक कोचिंग भी शुरू दी उस समय मेरी हर रविवार को क्लास लगा करती थी, क्योंकि बाकी के दिन में अपनी नौकरी किया करता था.

दोस्तों मेरा पहला सेमीस्टर तो मुझे पता ही नहीं चला कैसे निकल गया, क्योंकि तब मेरी नौकरी लगी थी और में सोच रहा था कि में अपनी पढ़ाई को भी लगातार करूं या ना करूं?

मैंने यह बात सोचते हुए ही अपने पेपर भी ऐसे ही दे दिए में ज्यादा दिन अपनी क्लास में भी नहीं गया इसलिए पहले सेमीस्टर में मेरे इतने ज़्यादा दोस्त नहीं बने, लेकिन हाँ दूसरे सेमीस्टर में मेरी दोस्ती एक बहुत ही सुंदर लड़की जिसका नाम रूपाली था उससे मेरी दोस्ती हो गई वो मेरे घर के पास ही रहती थी और कुछ दिनों बाद हम दोनों ने विचार किया कि अब हम दोनों एक साथ ही मिलकर अपनी पढ़ाई किया करेंगे और इस तरह हम दोनों एक बहुत अच्छे दोस्त बन गये और पेपर से पहले हम दोनों हमेशा एक साथ बैठकर पढ़ाई किया करते थे.

अब उसका मेरे घर पर और मेरा उसके घर पर आना जाना शुरू हो गया था. उसका परिवार मुझे बहुत अच्छी तरह जानने और मेरे साथ बहुत अच्छा व्यहवार करने लगे थे.

दोस्तों रूपाली का एक बॉयफ्रेंड था जो अब उससे बात नहीं किया करता था और ऐसे ही दिन बीत गये और हम दोनों चोथे सेमीस्टर में आ गये और अब मेरा एक दोस्तों का गेंग बन गया था. चोथे सेमीस्टर में मेरा प्रॉजेक्ट का काम था इसलिए हम दोनों ने एक ही प्रॉजेक्ट पर काम करने के बारे में सोचा और अपनी पढ़ाई को शुरू कर दिया था, वो भी अब मेरे साथ ही मेरी बाइक पर जाया करती थी.

एक दिन जब हम ट्यूशन से घर आ रहे थे तभी बहुत ज़ोर से बारिश आना शुरू हो गई जिसकी वजह से हम दोनों बुरी तरह से गीले हो गये थे और उस समय मेरे पास मेरा लॅपटॉप भी था और मुझे चिंता थी कि वो कहीं गीला ना हो ज़ाये इसलिए मैंने अपनी बाइक को उसके घर की तरफ ना जाकर मेरे घर की तरफ घूमा दिया, वो पीछे बैठकर मुझसे कहती रही कि प्लीज मुझे मेरे घर पर छोड़ दो, तो मैंने उससे कहा कि नहीं पहले में अपना लेपटॉप घर पर रख दूँ और फिर उसके बाद में तुझे तेरे घर पर छोड़ दूँगा और वो तुरंत मेरी बात को सुनकर मेरी समस्या को समझकर झट से मान गई और जब हम दोनों मेरे घर पर पहुंचे तो उस समय लाइट भी नहीं थी.

मैंने अपने लॅपटॉप रख दिया और फिर मैंने उसको पानी साफ करने के लिए एक टावल दे दिया कि वो अपने गीले बालों को उससे साफ कर ले. दोस्तों तब मैंने देखा कि वो अपने गीले कपड़ो में क्या मस्त कमाल की लग रही थी? और उसके शरीर से एक बहुत अच्छी कामुक खुश्बू आ रही थी कि तभी ना ज़ाने मुझे क्या हो गया? और मैंने उसको तुरंत पकड़कर ज़ोर से हग कर दिया.

उसने भी मेरी इस हरकत का कोई भी विरोध नहीं किया और हम दोनों ने कम से कम 20 मिनट तक ऐसे ही एक दूसरे को गले लगाए हम खड़े रहे मानो हम एक नयी दुनिया में आ गये हो और जब उसके घर से उसके पास उसकी माँ का फोन आया तो हमे पूरा होश आ गया और उसके बाद हम एक दूसरे से अलग हो गए और फिर हम एक दूसरे से माफ़ी मांगने लगे और वो अपनी माँ से फोन पर बात करने लगी.

उसने कहा कि हाँ हम अभी कुछ देर में घर पर आ रहे है और वो अब मुझसे जल्दी अपने घर पर ले जाने के लिए बोलने लगी थी. मैंने जल्दी से अपने कपड़े बदले और फिर रेनकोट पहन लिया और उसके बाद में उसको घर पर छोड़ने चला गया. उसके बाद बस उसने एक दिन मुझसे पूछा कि मैंने कहीं अपने बॉयफ्रेंड को धोखा तो नहीं दिया? मैंने उससे कहा कि कौन सा बॉयफ्रेंड जो तुमसे कभी बात भी नहीं करता और कैसा धोखा वो पल ही कुछ ऐसे थे कि ना जाने कब हग हो गया? तो उसने एक लंबी आह भरी और उसने मेरी बात को टाल दिया.

फिर उसके बाद हम ऐसे ही ट्यूशन पर जाते रहे और प्रॉजेक्ट तो मैंने बना लिया, लेकिन अब थोड़ी सी पेपर की पढ़ाई करना बाकी रह गया था. उसके लिए कभी वो मेरे घर पर या में कभी उसके घर पर पढ़ने जाया करता था.

एक दिन वो मेरे घर पर आई हुई थी हमारे घर पर दोपहर के समय कोई नहीं होता, क्योंकि मेरे पापा अपनी नौकरी पर होते है और मेरी मम्मी आसपास किसी पड़ोसन के घर पर होती है जिसकी वजह से में अकेला होता था, लेकिन दोस्तों अब जब भी हम एक साथ अकेले होते तो हमें वो साथ में बिताए वो कुछ पल याद आ जाते थे.

फिर उस दिन भी उसके आने के कुछ देर बाद मेरे साथ ठीक यही हुआ और मैंने बिल्कुल बेशर्म बनते हुए उससे कह दिया कि मुझे हग करना है, लेकिन वो मुझसे थोड़ा सा मना करने के बाद मेरे बहुत बार कहने पर मान गई और उसने मुझे एक बहुत मस्त वाला हग किया. उसके बाद हम दोनों के बीच में हग करना हर कभी का काम हो गया था और में कभी कभी मजाक मजाक में उसके माथे पर किस भी कर लिया करता था और बाद में वो मुझे मारने के लिए मेरे पीछे दौड़ती थी.

कुछ दिन ऐसे ही बीत गये और अब हम दोनों एक दूसरे से ज्यादा ही करीब होते चले गये. एक दिन हम पढ़ाई कर रहे थे और वो मुझे उस दिन चेहरे से बहुत थकी थकी हुई सी लग रही थी, इसलिए मैंने उससे कहा कि तुम कुछ देर आराम कर लो और वो मेरे कहने पर लेट गई और में भी उसके ऊपर अपना एक हाथ रखकर उसके साथ में उसको हग करके लेट गया और फिर मैंने उसके माथे के पास अपने होंठ रख दिए.

दोस्तों सच पूछो तो मुझे उस पर उस दिन बड़ा ही प्यार आ रहा था, वो मेरे साथ अपनी दोनों आखें बंद करके लेटी रही.

फिर तभी मैंने सही मौका देखकर उसको माथे पर एक किस कर दिया, लेकिन वो मुझसे कुछ भी नहीं बोली, दोस्तों में अब खुद को बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं कर पा रहा था इसलिए मैंने अब उसकी गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया और मेरे कुछ देर चूमने और उसके सर को सहलाने से वो भी थोड़ी रोमॅंटिक हो गयी. फिर तभी मैंने उसको देखकर मौके का पूरा पूरा फायदा उठाकर झटके से उसके होंठो पर अपने होंठो को रख दिया.

दोस्तों तभी वो मुझ पर ऐसे झपटी जैसे वो सालों की भूखी हो और वो इतने दिनों से इन सबका इंतजार कर रही हो और अब वो मुझे ज़ोर ज़ोर से किस करने लगी मेरे होंठो को लगातार चूसती रही. दोस्तों अब हम दोनों कुछ ही देर में अपने आपे से बिल्कुल बाहर हो गये थे. तभी मैंने कुछ सोचकर उसको अपने से अलग किया और अब में उसके बूब्स को कपड़ो के ऊपर से चूमने लगा और हल्के हल्के बूब्स को दबाने भी लगा था. उसको अब बहुत अच्छा लग रहा था और वो मुझसे कुछ ना बोली बस हल्की आवाज से उह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह् उफफ्फ्फ्फ़ करने लगी.

में लगातार उसके बूब्स को मसलता दबाता रहा और फिर कुछ देर बाद उसने मुझसे लाइट को बंद करने के लिए बोला. तब मैंने उठकर लाइट को बंद कर दिया और अब उस कमरे में बिल्कुल अंधेरा था, लेकिन ऊपर वाली खिड़की से जो हल्की हल्की सी रोशनी जो बाहर से आ रही थी उसकी वजह से हमें कुछ कुछ नजर आ रहा था और में उसको देख पा रहा था.

मैंने अब उसका टॉप उतार दिया और में उसके बूब्स को मसलने लगा और उसके बूब्स के ऊपर अच्छे से अपनी जीभ को फिरने लगा. जिसकी वजह से वो एकदम कामुक हो चुकी थी और उस बात का फायदा उठाते हुए मैंने उसकी ब्रा को भी उतार दिया और में अब उसके बूब्स को चूसने लगा.

दोस्तों में भी आज कितने सालों के बाद किसी के बूब्स को चूस रहा था. मुझे ऐसा करने में बहुत मज़ा आ रहा था और में उसके बूब्स पर भूखे की तरह टूट पड़ा और उसकी एक एक निप्पल को चूसने लगा. दोस्तों वो अहसास बहुत मजेदार था और मेरा लंड अब एकदम टाइट हो चुका था.

फिर में कुछ देर बूब्स को चूसने के बाद नीचे सरकता हुआ सीधा उसके पेट पर आ गया और उसकी नाभि पर किस करने लगा, वो तो मानो मचल सी गयी. फिर में नीचे आ गया और मैंने उसकी जीन्स का बटन खोल दिया और चेन को भी खोल दिया. में जीन्स को उतारने लगा, लेकिन वो जिन्स को अपने कूल्हों के नीचे दबाकर वैसे ही लेटी हुई थी, वो मुझे जीन्स को नहीं उतार दे रही थी. फिर तभी उसने खुद को जरा सा उठाया और फिर जीन्स को वो खुद ही उतारने लगी.

इस बीच मैंने भी अपनी जिन्स को उतार लिया और में अब उसकी चूत को देखकर भूखे शेर की तरह उस पर झपट पड़ा और में अब उसकी चूत को चाटने लगा.

दोस्तों वाह क्या मस्त लग रही थी? उसने मेरे सर पर अपना हाथ रख लिया और मेरे बालो में अपनी उंगलिया घुमाने लगी और में उसको लीक करने लगा. फिर उसने मुझसे बोला कि साहिल प्लीज अब बस करो. मुझसे अब और नहीं सब्र होता आईईईइ प्लीज डाल दो अपना यह सामान मेरे अंदर और मुझे अपना बना लो, में कब से इसकी राह देख रही थी, प्लीज थोड़ा जल्दी करो उफ्फ्फफ्फ्.

फिर मैंने भी समय को खराब ना करते हुए उठकर पास में पड़ा एक टावल अपने हाथ में ले लिया और उसको मैंने बेडशीट पर बिछा दिया और फिर उसको मैंने उस टावल पर एकदम सीधा लेटा दिया और फिर मैंने उसकी कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया जिसकी वजह से उसकी चूत ऊपर की तरफ उठ गयी, क्योंकि मुझे पहले से ही पता था कि अगर में अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डालूँगा तो वो बहुत ज़ोर से चीखने लगेगी और मुझे उसको अच्छी तरह से कसकर पकड़ना होगा.

फिर में सबसे पहले तो अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ता रहा और वो खुद ही मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत के अंदर घुसाने लगी जिसकी वजह से मेरा सुपाड़ा अंदर चला जाता और वो अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ यह तो बहुत मोटा है कहने लगती.

अब मैंने उसके मुहं पर अपना एक हाथ रखा और एक जोरदार झटके में अपना पूरा लंड उसकी चूत में डालने की कोशिश की, लेकिन लंड अभी आधा ही अंदर घुसा था कि उसने एक ज़ोर से चीख लगाई, वो उस दर्द से एकदम बिन पानी की मछली की तरह पड़पने लगी और मैंने इतने में महसूस किया कि यह दर्द कुछ अलग था और यह तो उसकी चूत की सील टूट जाने का दर्द था और ज्यादा खून देखकर वो डर गयी और मुझसे लंड को बाहर निकालने के लिए बोलने लगी.

अब मैंने लंड को बाहर निकालते हुए उसको संभालकर उससे कहा कि पहली बार में ऐसा ही होता है इसमे डरने की कोई बात नहीं है और यह सब कुछ देर में ठीक हो जाएगा, तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो में हूँ ना और फिर में उसके बूब्स को चूसने लगा और धीरे धीरे सहलाने लगा.

कुछ देर बाद जब उसका दर्द थोड़ा सा कम हुआ तब मैंने एक बार और लंड को चूत में डालने के बारे में सोचा, लेकिन इस बार पहले मैंने लंड को उसकी चूत के मुहं पर लगाया और उसने पहले लंड को अपने मुहं के अंदर लेकर उसको अपने थूक से गीला किया जिसकी वजह से लंड एकदम चिकना हो चुका था और अब में धीरे से लंड को चूत के अंदर डालने लगा, वो अब हल्की हल्की सी सिसकियाँ ले रही थी और मैंने धीरे धीरे करके अपना पूरा लंड चूत के अंदर डाल दिया.

दोस्तों उसकी थोड़ी धीरे धीरे से चीख तो निकली, लेकिन मैंने उन सबकी बिल्कुल भी परवाह नहीं की और में अब लगातार धक्के लगाने लगा था. कुछ देर धक्के लगाने के बाद अब मैंने महसूस किया कि अब उसको भी मजा आने लगा था और मैंने उसको करीब दस मिनट तक लगातार धक्के देकर चोदा और फिर मेरा काम होने वाला था, लेकिन अब वो नहीं चाहती थी कि में अपना बाहर निकालूं क्योंकि अभी उसका काम नहीं हुआ था.

मैंने और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने शुरू किए जिसकी वजह से मेरा सारा माल उसकी चूत की गहराईयों में चला गया, लेकिन मैंने धक्के लगाने अब भी बंद नहीं किए. फिर करीब 5 मिनट बाद उसका भी पानी निकल आया और तब वो एकदम संतुष्ट हो गई. उसका चेरहा पसीने से भीगा हुआ था और वो ना जाने क्या सोच रही थी. अब में भी बहुत थककर उसके पास आकर लेट गया. मुझे मन ही मन उसकी सील तोड़ने की बहुत ख़ुशी थी, लेकिन शायद उसको इस बात का बहुत दुःख था.

फिर जब हमें होश आया तो वो मुझसे कहने लगी कि यह सब क्या हो गया? यह हमने क्या कर दिया यह सब बहुत गलत था और हमें ऐसा नहीं करना चाहिए था. फिर मैंने उससे बोला कि जो भी हुआ वो हमारा प्यार था, तुम कुछ भी ग़लत मत सोचो ऐसा करना गलत नहीं होता, हम एक दूसरे को बहुत प्यार करते है.

दोस्तों मैंने महसूस किया कि उसके मन में अब भी उस गलती का अहसास था. अब बहुत समय हो गया था और मुझे उसको उसके घर पर छोड़ने भी जाना था. फिर मैंने जब लाइट को चालू किया तो देखा कि उस टावल पर बहुत सारा खून लगा हुआ था और मेरे लंड पर भी उसकी चूत का खून लगा था और उसकी जांघो पर भी खून लगा था.

हम दोनों अब उठकर वॉशरूम में चले गये. दोस्तों तब मैंने उसकी बदली हुई चाल को देखकर उसके दर्द का अंदाजा लगाया और फिर एक दूसरे को साफ करने में मदद करने लगे. उसके बाद जल्दी से कपड़े पहने और में उसको घर पर छोड़ने चला गया. दोस्तों इस तरह से हमारा चूत चुदाई का प्रोग्राम शुरू हो गया और उस दिन के बाद मैंने उसको बहुत बार जमकर चोदा और वो हर बार मेरी चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट हुई और उसने चुदाई में हमेशा मेरा पूरा पूरा साथ दिया और यह सब आज तक भी चालू है, लेकिन पहले से अब बहुत कम होता है.