प्रीति नाम की लड़की

antarvasna, hindi sex kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम पंकज है और मेरी उम्र 22 साल है। में दिखने में काफ़ी हैंडसम हूँ, में मुंबई शहर में रहता हूँ और में एक फिल्म मेकर हूँ। वैसे तो आप सब लोग जानते ही होंगे की फिल्म मेकर होता कौन है? लेकिन फिर भी में आपको बता देता हूँ। फिल्म मेकर वो होता है, जो अपनी पूरी लग्न के साथ अपने दिमाग से मूवी बनाता है और खूब मेहनत करके अपनी फिल्म को बनाता है, जिस तरह एक बीज के बोने पर उसकी सेवा करनी पड़ती है ठीक वैसे ही फिल्म मेकर की ज़िंदगी भी वैसी ही होती है। चलो ये सब छोड़ो, आपको मेरी लाईफ का भी धीरे-धीरे पता चल जाएगा, लेकिन फिलहाल के लिए में आपको वो बताने जा रहा हूँ जिसके लिए अब में आया हूँ। तो दोस्तों बिना कोई देर किए अब हम कहानी पर चलते है।

दोस्तों मूवी की दुनिया में ही एक दिन मेरी मुलाकात प्रीति नाम की लड़की से हुई थी। फिर जब मैंने उसको देखा तो बस देखता ही रह गया। उसका रंग गोरा था और उसकी हाईट 5 फुट 7 इंच थी, उसका बॉडी फिगर बहुत ही कमाल का था और उसकी बॉडी में सबसे मस्त उसके होंठ थे और उसके बूब्स थे जो कि हर किसी को अपना दीवाना बना रहे थे और उसके इसी जिस्म का सबसे बड़ा दीवाना में बन रहा था और फिर ऐसे ही हम मिलते रहे। अब हम एक साथ शूट भी करने लगे थे, तो तभी मेरी उससे पहली बार बात भी वही हुई। फिर मैंने उसे हैल्लो में बुलाया और फिर उसने भी मुझे हैल्लो का जवाब हाए में दिया और ऐसे ही थोड़ी-थोड़ी, लेकिन धीरे-धीरे करके हमारी बात शुरू होने लग गई। अब मुझे ये सब बहुत अच्छा लगने लग गया था।

अब हम ऐसे ही मिलकर काम करने लग गये थे और अब हमने एक दूसरे साथ समय बिताना भी शुरू कर दिया था। अब मुझे उसके साथ बहुत ही ज़्यादा अच्छा लगता था और शायद उसे भी ठीक यही फिलिंग आती थी, जो कि में महसूस कर रहा था। अब ऐसे ही हम मूवी के बाद कॉफी पीने के लिए कहीं बाहर भी चले जाया करते थे और अब हम ऐसे ही एक दूसरे साथ टाईम बिताया करते थे। अब वो और में बहुत ही पास आने लग गये थे और अब हमारी बात धीरे-धीरे फोन पर भी होने लग गई थी, जिससे कि में उससे खुलकर बात भी कर लिया करता था और वो भी अब मेरे काफ़ी पास होने लग गई थी। अब हम कई बार एक दूसरे के जिस्म को टच भी कर लिया करते थे, जिसका वो कभी बुरा नहीं मानती थी और ऐसे ही सब अच्छा-अच्छा चलने लग गया था।

फिर एक दिन प्रीति ने मुझसे मूवी देखने को कहा तो तब मैंने भी उससे हाँ कर दी और फिर हम मूवी देखने भी चले गये और वहाँ पर वो मेरे इतना क्लोज बैठी थी कि जिससे में पागल हुए जा रहा था और मेरा लंड तो और भी ज़्यादा पागल हो रहा था। फिर हम मूवी देखने के बाद किसी बार में चले गये और फिर हम वहाँ पर बैठकर बातें करने लग गये। फिर बातें करते हुए मैंने उसे ड्रिंक ऑफर की तो उसने मना कर दिया, लेकिन बाद में उसे मेरी जिद के आगे झुकना पड़ा और फिर उसके बाद उसने भी एक पैग पी ही लिया। अब उधर म्यूज़िक तेज होने की वजह उसके पैर थिरकने लग गये थे और फिर उसके बाद वो मुझे डांस फ्लोर पर जाने को कहने लग गई। तब मैंने भी उसकी बात मान ली और फिर में उसके साथ डांस फ्लोर पर चला गया और अब हम डांस करने लग गये थे। अब हमें एक दूसरे से बात करने में भी बहुत करीब होना पड़ रहा था, इसलिए वो मेरे कानों में आकर बोलती थी, जिससे उसकी गर्म साँसे मुझे पागल कर रही थी और अब में आउट ऑफ कंट्रोल हुए जा रहा था।

अब मुझे उसके जिस्म की खूशबू भी बहुत अच्छी लग रही थी और तो और फिर हम कपल डांस करने लग गये थे, वहाँ पर इतना अंधेरा था सबकी सिर्फ़ परछाई ही नजर आ रही थी। तब मैंने उसकी कमर पर अपना एक हाथ रख दिया और फिर ऐसे ही आउट ऑफ कंट्रोल होते हुए मैंने उसके होंठो पर किस कर डाला, जिससे की वो भी मुझे कुछ नहीं कह पाई और फिर थोड़ी देर और डांस करके हम बाहर आ गये और उसी कार में आकर बैठ गये थे। अब कार प्रीति चला रही थी और अब में उसके साथ बैठा उसे ही देखे जा रहा था। अब उसके बूब्स सीट बेल्ट की वजह से दब रहे थे, जो कि बहुत अच्छे लग रहे थे। अब उधर वो भी गर्म हो रही थी। तब मैंने उसे किस का सीन याद दिलाया, जिससे की वो मुस्कुरा पड़ी और फिर मैंने उसे किस कर डाली।

फिर थोड़ी देर किस करने के बाद हम पिछली सीट पर आ गये। अब हल्की बारिश हो रही थी, जिस वजह से मौसम बहुत अच्छा बना हुआ था। अब हम दोनों भी बहुत गर्म हो चुके थे। फिर मैंने बड़े प्यार से प्रीति का वन पीस थोड़ा सा ऊपर किया और उसकी पेंटी को उतार दिया। अब मैंने उसकी पेंटी उसके सिर के पास ही रख दी थी। अब उसकी पेंटी उसकी चूत के पानी से पूरी तरह से भीग चुकी थी। फिर में उसके ऊपर आया। तब प्रीति ने धीरे से मुझसे पूछा कि कंडोम है ना तुम्हारे पास। में कंडोम हर दम अपने पास ही रखता हूँ। तब मैंने उससे झट से हाँ कह दिया और फिर मैंने अपने लंड पर कंडोम चढ़ाकर अपना लंड उसकी गीली चूत पर सेट कर दिया और जोरदार धक्के से उसकी चूत में अपना पूरा लंड उतार दिया। तब उसके मुँह से आहह, आहह की आवाज निकली। फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के मारना शुरू कर दिया। अब हम दोनों की गर्म सांसो ने पूरी कार को अंदर से गर्म कर दिया था। अब उसके बाद मुझे उसकी पेंटी पर लगे चूत के पानी ने पागल बना दिया था।

फिर तभी प्रीति पूरी की पूरी अकड़ गई और फिर उसने अपनी चूत का सारा पानी निकाल दिया। तब मैंने भी फिर अगले 5 मिनट के बाद अपने लंड का पानी निकाल दिया। फिर कुछ देर तक में उसके ऊपर लेटा रहा और फिर हम दोनों उठकर अगली सीट पर बैठ गये। तब प्रीति ने मुझे किस किया और पूछा कि क्या तुम मेरे घर चलोगे? तो तब मैंने झट से हाँ कह दिया और फिर उसने कार स्टार्ट की और सीधा मुझे अपने घर ले गई और फिर घर में जाते ही वो किचन में चाय बनाने लग गई। अब में उसके पीछे खड़ा था। अब मुझे उसकी ब्लेक कलर की ब्रा साफ-साफ दिखाई दे रही थी। फिर मैंने उसको पीछे से उसके नंगे कंधो और उसकी गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया। अब उसकी आँखें बंद हो गई थी और उसकी गर्म-गर्म साँसे चलनी शुरू हो गई थी। फिर वो झट से पीछे की तरफ मुड़ी और फिर उसने मेरी शर्ट को उतार दिया और मेरी छाती के निपल को अपनी जीभ से चाटने लग गई थी।

अब मुझसे और कंट्रोल नहीं हो रहा था, इसलिए मैंने गैस को बंद किया और उसे अपनी गोद में उठाकर बेडरूम में ले गया। फिर मैंने उसको बेड पर लेटाकर उसके सारे कपड़े उतार दिए और साथ ही अपने भी सारे कपड़े निकाल दिए थे और फिर उसके बाद में उसके ऊपर आ गया और प्रीति के होंठो को चूसने लग गया था। अब मेरे दोनों हाथों में उसके बूब्स थे, जिसे में पागलों की तरह मसल रहा था। फिर में उसके होंठो को चूसता हुआ सीधा नीचे उसके बूब्स के पास आ गया और उसके दोनों बूब्स को पागलों की तरह चूसने लग गया था। अब में बीच-बीच में अपने दातों से उसके बूब्स के निपल्स को काट रहा था, जिससे उसे काफ़ी दर्द हो रहा था और दर्द की वजह से वो मेरे नीचे मछली की तरह तड़प रही थी।

फिर कुछ देर तक उसके बूब्स अच्छे से चूसने के बाद में नीचे सीधा प्रीति की चूत के पास चला गया। फिर मैंने बड़े प्यार से उसकी दोनों टाँगे खोली और उसकी गुलाबी चूत देखने लग गया। उसकी चूत पर छोटे-छोटे बाल थे, जो उसने ट्रिम किए हुए थे। सच में काफ़ी सेक्सी चूत लग रही थी उसकी। फिर मैंने अपनी जीभ झट से उसकी चूत पर रखी और ज़ोर-ज़ोर से उसकी चूत को अच्छे से चाटने लग गया था। अब मेरी जीभ उसकी चूत को नीचे से ऊपर की तरफ चाट रही थी, जिससे मुझे एक अलग ही मज़ा आ रहा था और अब में लेटे हुए बहुत ही मज़े में उसकी चूत को बहुत ही अच्छे से चाट रहा था। अब उसकी चूत में से थोड़ा-थोड़ा पानी बाहर आने लग गया था, जिसे अब में अपनी जीभ से चाटने लग गया था। फिर कुछ ही देर के बाद उसका शरीर पूरी तरह से अकड़ गया और फिर उसने अपने दोनों हाथों से मेरा सिर अपनी चूत में दबा दिया। फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी, जिससे वो और भी ज़्यादा मचलने लग गई थी। फिर कुछ ही देर के बाद मेरी जीभ पर उसकी चूत का काफ़ी सारा पानी आ गया, जिसे में चाट-चाटकर सारा का सारा पी गया था। फिर मैंने उसकी चूत को अच्छे से चाटा और उसकी पूरी चूत को अपनी जीभ से ही चाट-चाटकर अच्छे से साफ कर दिया। फिर मैंने अपना अंडरवियर भी उतार दिया और अपने लंड पर कंडोम लगाने लगा, तो तब उसने मुझे मना कर दिया।

अब में काफ़ी खुश हो गया था और खुशी के मारे में उसके ऊपर खूदकर आ गया और उसकी दोनों टाँगे उठाकर अपने कंधो पर रख ली और अपना लंड उसकी चूत पर सेट करके एक जोरदार धक्का मारा, जिससे मेरा लंड एकदम से काफ़ी अंदर तक उसकी चूत में चला गया था। तभी उसकी चीख निकल गई, सच में उसे बहुत दर्द हुआ था, क्योंकि अब उसकी आँखो से आँसू भी बाहर आ गये थे, लेकिन मैंने उस पर अब कोई रहम नहीं किया और ज़ोर-ज़ोर से उसकी चूत को चोदने लग गया था। फिर में थोड़ा नीचे हुआ। अब में उसको चोदने के साथ-साथ उसके बूब्स भी चूस रहा था। अब इस सबमें सच में काफ़ी ज़्यादा मज़ा आ रहा था। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसे घोड़ी बनने को कहा तो तब प्रीति ने मेरी बात झट से मान ली और फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में पीछे से डाल दिया और अब में ज़ोर-ज़ोर से पीछे से ही उसकी चूत को चोदने लग गया था। फिर काफ़ी देर तक उसकी चूत मारने के बाद मैंने अपने लंड का सारा पानी उसकी चूत में ही निकाल दिया और अब में उसके ऊपर ही लेट गया था। फिर करीब 30 मिनट तक आराम करने के बाद मैंने उसे फिर से जमकर चोदा। अब उस चुदाई के बाद वो मेरी फैन हो गई थी और अब में हर हफ्ते उसे उसके ही घर पर चोदने जाता हूँ और बहुत मजा करता हूँ ।।

धन्यवाद …