परिवार की तीन चुदक्कड़ रंडियां

हैल्लो दोस्तों, एक बार मेरे मम्मी पापा और मधु मेरे मामा के घर एक शादी में 10 दिनों के लिए चले गये, जब प्रिया के एग्जॉम चल रहे थे, इसलिए में और प्रिया नहीं जा सके थे. अब उस दिन प्रिया कुछ ज़्यादा ही खुश नजर आ रही थी.

उस रात हम दोनों खाना खाकर अपने कमरे में सोने चले गये. फिर रात में लगभग 12 बजे प्रिया मेरे कमरे में आई और मेरे बगल में सो गयी और अपना एक हाथ मेरे लंड के ऊपर रखकर सहलाने लगी. अब मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा था, तो प्रिया डर गयी और उसे लगा कि में जगा हुआ हूँ, तो प्रिया ने अपना हाथ झट से हटा लिया और सोने लगी. फिर थोड़ी देर तक प्रिया ने कुछ नहीं किया, तो में भी सो गया. फिर रात में 3 बजे मेरी आँख खुली तो प्रिया मेरी बगल में सो रही थी. फिर में धीरे से अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रखकर धीरे-धीरे उसके बूब्स को दबाने लगा, तो प्रिया सोई ही रही.

फिर में अपना एक हाथ उसकी ब्रा के अंदर डालकर उसके बूब्स को दबाने लगा. और तभी प्रिया की आँख खुल गयी और वो मेरे हाथ को झटकाते हुए गुस्से से बोली कि राहुल ये क्या कर रहे हो? तुम्हें शर्म नहीं आती, आने दो मम्मी को में सब बताती हूँ और फिर वो अपने कमरे में जाने लगी.

तभी मैंने उसके हाथ को पकड़ा और बोला कि पहले ये तो बताओं कि तुम मेरे कमरे में क्या कर रही हो? तो वो बोली कि मुझे अपने कमरे में डर लग रहा था इसलिए में यहाँ सो गयी थी, लेकिन तुम ऐसे होंगे, मैंने कभी नहीं सोचा था, आने दो मम्मी को में सब बताती हूँ और वो जाने लगी.

तभी मैंने उसे अपनी तरफ खींचकर उसे बेड पर पटक दिया और उसके बूब्स को दबाते हुए बोला कि मेरी रानी गुस्सा क्यों हो रही हो? जब मेरे लंड को सहला रही थी तो तब मम्मी की याद नहीं आई और अब मम्मी की याद आ रही है. फिर तब जाकर प्रिया शांत हुई और बोली कि राहुल तुम्हें सब पता है? तो मैंने कहा कि हाँ मेरी जानेमन मुझे सब पता है.

फिर उसके बाद तो प्रिया मुझसे लिपट गयी और बोली कि राहुल आई लव यू, तुम्हें नहीं पता में तुम्हें कितना चाहती हूँ? फिर उसके बाद हम दोनों एक दूसरे के होंठो को चूमने लगे. फिर मैंने प्रिया के सारे कपड़े उतार दिए और अपने भी कपड़े उतार दिए.

अब प्रिया सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी. फिर जब मैंने प्रिया को देखा तो बस देखता ही रह गया. में जिंदगी में पहली बार किसी लड़की को इस हालत में देख रहा था. अब मेरा लंड तो बिल्कुल तनकर खड़ा हो गया था. फिर उसके बाद में प्रिया के बूब्स को दबाने लगा. फिर जब प्रिया गर्म होने लगी, तो तब मैंने अपना लंड बाहर निकाला और प्रिया के हाथ में दे दिया. अब प्रिया मेरे लंड के साथ खेलने लगी थी.

फिर में अपना लंड प्रिया के मुँह में डालने लगा, तो प्रिया मना करने लगी और बोली कि नहीं राहुल प्लीज. फिर मैंने कहा कि जानेमन आज तो हमारी सुहागरात है और आज की रात यही सब तो होता है, आज मना करोगी तो ये साहब नाराज हो जाएगें. फिर तब प्रिया मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लग गयी. अब उस वक़्त मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना सारा रस प्रिया के मुँह में ही निकाल दिया, तो प्रिया मेरा सारा जूस पी गयी.

उसके बाद मैंने प्रिया की ब्रा और पेंटी उतार दी और प्रिया की चूत में अपना लंड डालने लगा, तो प्रिया चिल्ला पड़ी और बोली कि राहुल प्लीज धीरे-धीरे डालो, मुझे दर्द होता, पहली बार तुम्ही तो मेरे राजा बने हो. फिर मैंने प्रिया को आराम- आराम से चोदना शुरू कर दिया.

हम दोनों ने उस रात 2 बार सेक्स किया और थककर सो गये. फिर सुबह जब में सोकर उठा, तो प्रिया बाथरूम में नहा रही थी, तो में सीधा बाथरूम में चला गया और प्रिया को पीछे से पकड़ लिया और उसके बूब्स को दबाने लगा, तो प्रिया मुझे देखकर खुश हो गयी और मुझसे लिपट गयी.

फिर हम दोनों साथ-साथ नहाने लगे और फिर में प्रिया को चोदने लगा. फिर उसके बाद प्रिया अपने कॉलेज चली गयी. फिर इस तरह से हम दोनों एक हफ्ते तक पति पत्नी की तरह एक दूसरे के साथ मजे करते रहे. अब हम कभी बाथरूम में तो कभी किचन में तो कभी सोफे पर जब मन करता एक दूसरे के साथ चिपक जाते थे.

जब मम्मी पापा आ गये, तो तब हम दोनों छुप-छुपकर अपना काम कर लेते थे. फिर एक दिन मैंने प्रिया से बोला कि प्रिया में एक बार मधु को भी चोदना चाहता हूँ. फिर प्रिया बोली कि राहुल तुम पागल तो नहीं हो गये हो?

मधु अभी सिर्फ़ 18 साल की है और उसे थोड़ी और बड़ी होने दो फिर कर लेना. फिर मैंने कहा कि प्रिया तुम भी ना मधु अब बच्ची नहीं है और कब तक इंतजार करवाओगी? सोचो जरा कितना मज़ा आएगा जब में तुम और मधु एक साथ होंगे? तो तब जाकर प्रिया बोली कि अच्छा मेरे साजन जी बहुत जल्द मेरी ननद और तुम्हारी साली तुम्हारी बीवी बनकर तुम्हारे सुहाग के सेज पर होगी और फिर हम दोनों हँसने लगे.

फिर उस दिन रात में मम्मी मेरे कमरे में आई और धीरे-धीरे मेरी जाँघ को सहलाने लगी और फिर उन्होंने मेरी पैंट की चैन खोल दी. फिर में हड़बड़ा गया और उठकर बैठ गया. फिर मम्मी ने कहा कि क्या हुआ? तो मेरे मुँह से कुछ आवाज ही नहीं निकल पाई.

मम्मी मेरी पैंट के अंदर अपना एक हाथ डालते हुए बोली कि क्या सारा हक सिर्फ़ प्रिया का ही है? मेरा तुम पर कोई अधिकार नहीं है, आख़िर में भी तो तुम्हारी माँ हूँ और एक औरत भी हूँ, तुम्हें तो पता ही है कि तुम्हारे पापा कई-कई दिन तक घर से बाहर होते है, मेरी भी तो कुछ चाहत है और फिर मम्मी ने मेरे लंड को मेरी पैंट से बाहर निकाल दिया और बोली कि प्लीज राहुल मेरी भी प्यास बुझा दो और फिर मम्मी मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

अब मेरा लंड बिल्कुल तनकर खड़ा हो गया था. फिर उसके बाद मैंने मम्मी को अपने बिस्तर पर लेटा दिया और उसके होंठो को चूसने लगा. फिर मैंने उनकी साड़ी और ब्लाउज को उतार दिया और उनके बूब्स को दबाने लगा. फिर उसके बाद मैंने अपने और मम्मी के पूरे कपड़े उतार दिए और मम्मी की चूत में अपने लंड डाल दिया और मम्मी को चोदने लगा.

थोड़ी देर के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये. फिर उसके बाद में थक गया और फिर हम दोनों एक दूसरे के शरीर से खेलने लगे. फिर मम्मी ने मुझसे पूछा कि तुम कितनी लड़कियों के साथ खेल चुके हो? तो मैंने बोला कि मम्मी अब तक सिर्फ़ प्रिया के साथ और आपके साथ. फिर तभी मम्मी बोली कि राहुल इस वक्त में तुम्हारी माँ नहीं बल्कि तुम्हारी सुमन (मम्मी का नाम) हूँ बस मुझे सुमन ही बोलो और फिर मम्मी मेरे लंड को पकड़कर बोली कि ये तो सो रहा है अभी इसे जागती हूँ और फिर वो मेरे लंड को अपने मुँह में डालकर चूसने लगी, तो मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

फिर उसके बाद मम्मी मेरे लंड को चूसने लगी और में मम्मी के मुँह को ही चोदने लगा. फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना रस मम्मी के मुँह में ही छोड़ दिया तो मम्मी मेरा सारा रस पी गयी. फिर मैंने मम्मी से कहा कि मम्मी उस रात प्रिया प्यासी ही रह गयी थी.

मम्मी ने कहा कि कोई बात नहीं आज उसे भी खुश कर देना. फिर उसके बाद मम्मी बाथरूम में फ्रेश होने के लिए चली गयी और में भी फ्रेश होकर सो गया. फिर रात में मधु अपने कमरे में सोने चली गयी और मम्मी किचन में कुछ काम कर रही थी और प्रिया मम्मी का हाथ बंटा रही थी, प्रिया ने जींस और शर्ट पहन रखा था. फिर मैंने धीरे से प्रिया के पीछे जाकर उसके बूब्स को पकड़ लिया. उस वक़्त हम मम्मी के पीछे खड़े थे, तो प्रिया बिल्कुल चौंक गयी और धीरे से बोली कि राहुल मम्मी है. फिर तब तक मम्मी भी पीछे मुड़ चुकी थी और प्रिया के पास आकर उसके बूब्स को दबाने लगी. फिर प्रिया बिल्कुल चौंक गयी, तो मम्मी ने धीरे से मुस्कुरा दिया.

फिर मैंने प्रिया को अपनी गोद में उठा लिया और मम्मी के बेड पर डाल दिया. फिर मम्मी भी उस कमरे में आ गयी और प्रिया के कपड़े उतारने लगी. अब में प्रिया को चूमने लगा था. फिर उसके बाद हम तीनों नंगे हो गये, अब हम तीनों एक दूसरे के साथ चिपके हुए थे.

में प्रिया के बूब्स को दबा रहा था और मम्मी प्रिया के दूसरे बूब्स को दबा रही थी और प्रिया मेरे लंड को सहला रही थी. फिर उसके बाद मैंने प्रिया को बेड पर लेटा दिया और उसको चोदने लगा. फिर उसको चोदने के बाद मैंने अपना लंड प्रिया के मुँह में डाल दिया, तो प्रिया ने मेरे लंड को चूसकर फिर से खड़ा किया. फिर जब मेरा लंड खड़ा हो गया तो फिर मैंने मम्मी को चोदा.

उस रात हम तीनों ने खूब मज़े किए. फिर उसके बाद प्रिया ने मम्मी को बताया कि राहुल मधु के साथ भी खेलना चाहता है. फिर मम्मी ने कहा कि कोई बात नहीं मधु भी इसकी बाँहों में होगी, में भी चाहती हूँ कि राहुल सबको खुश करे.

फिर मैंने कहा कि सुमन (मम्मी) अब बताओ कि मधु को कब मेरे बिस्तर पर लाओगी? तो मम्मी ने कहा कि बहुत जल्दी मेरे राजा. फिर अगले दिन प्रिया एक ब्लू फिल्म की सी.डी लेकर आई और डी.वी.डी पर लगाकर देख रही थी.

अब उस वक़्त में अपने कमरे में सो रहा था और मम्मी मार्केट गयी हुई थी, तो तभी मधु प्रिया के पास बैठ गयी, लेकिन जब उसने टी.वी पर ब्लू फिल्म देखी, तो वो उठकर जाने लगी. फिर तभी प्रिया ने मधु का हाथ पकड़ लिया और बोली कि मधु कहाँ जा रही हो? बैठो. तो मधु शर्मा गयी और अपना सिर नीचे करके चुपचाप खड़ी हो गयी.

प्रिया ने मधु का हाथ पकड़कर सोफे पर बैठा दिया. अब मधु का सिर उस वक़्त भी नीचे झुका हुआ था. फिर प्रिया बोली कि मधु क्या हुआ? फिल्म अच्छी नहीं है क्या? तो मधु बोली कि दीदी आप ऐसी फिल्म देखती हो, मुझे तो शर्म आ रही है.

तभी प्रिया बोली कि इसमें शर्माने की क्या बात है? जरा देख तो सही दुनिया में क्या-क्या होता है? और में तुम्हारी दीदी ही नहीं तुम्हारी दोस्त भी हूँ.

फिर मधु की नजरे टी.वी की तरफ गयी, लेकिन फिर भी मधु शर्मा रही थी. फिर प्रिया बोली कि मधु मैंने क्या कहा? तुम ये मत सोचो कि में तुम्हारी दीदी हूँ सिर्फ़ तुम्हारी दोस्त हूँ और फिर प्रिया मधु का हाथ अपने हाथ में लेकर सहलाने लगी, तो मधु आराम से बैठकर फिल्म देखने लगी. फिर थोड़ी देर के बाद प्रिया मधु के साथ चिपककर बैठ गयी और मधु के बूब्स को उसके कपड़े के बाहर से सहलाने लगी. फिर थोड़ी देर में ही मधु की साँसे तेज-तेज चलने लगी.

प्रिया ने मधु से धीरे से पूछा कि मधु अब कैसा लग रहा है? तो मधु बोली कि दीदी बहुत अच्छा लग रहा है. फिर प्रिया उठी और दरवाजा बंद कर दिया और वापस आकर मधु को अपनी बाँहों में लेकर चूमने लगी. फिर प्रिया ने मधु की शर्ट के बटन खोल दिए और उसकी ब्रा में अपना एक हाथ डालकर उसके बूब्स को दबाने लगी. अब मधु बुरी तरह से मचलने लगी थी और बोली कि दीदी प्लीज धीरे से दबाओ.

फिर प्रिया ने मधु के बूब्स को उसकी ब्रा में से बाहर निकाला और उसके बूब्स को चूसने लगी. अब मधु बिल्कुल बैचेन हो गयी थी. अब वो दोनों एक दूसरे के साथ बुरी तरह से चिपक गयी थी और एक दूसरे को चूमने लगी थी. फिर थोड़ी देर के बाद वो दोनों अलग हो गयी. फिर प्रिया ने मधु से पूछा कि कैसा लगा? तो मधु बोली कि दीदी मज़ा आ गया.

वो दोनों टी.वी बंद करके बाहर निकल आई. फिर उसके बाद प्रिया ने ये बात मुझे बताई. फिर 1-2 दिन के बाद प्रिया ने फिर से मधु के साथ वही खेल खेला और फिर उस दिन प्रिया मधु से बोली कि मधु तुमने आज तक किसी लड़के के साथ कभी सेक्स किया है?

मधु बोली कि दीदी मैंने आज तक आपके सिवा किसी और के साथ कभी नहीं किया है. फिर मधु ने बोला कि दीदी आपने कभी किया है क्या? तो प्रिया बोली कि हाँ किया है. तो तभी मधु बोली कि किसके साथ किया है? तो प्रिया बोली कि है कोई. तो तभी मधु बोली कि दीदी तब तो आपको बहुत मज़ा आया होगा?

तो प्रिया बोली कि बहुत मज़ा आया था और तभी प्रिया बोली कि मधु तू भी मिलेगी उससे. तो मधु बोली कि हाँ दीदी. तो प्रिया ने मधु से बोला कि ठीक है तो आज रात को में तुझे उससे मिलवा देती हूँ, तो मधु बहुत खुश हुई. फिर रात में 11 बजे जब मम्मी सो गयी, तो तब प्रिया मधु को मेरे कमरे में लेकर आई और मेरे पास आकर प्रिया मुझसे लिपट गयी और बोली कि मधु यह रहे तेरे जीजू. तो तभी मधु चौंक गयी और कुछ नहीं बोल पाई.

मैंने मधु के पास जाकर उसके बूब्स पर अपना एक रखा ही था की मधु पीछे की तरफ हट गयी और बोली कि भैया प्लीज में आपके साथ कभी ऐसा नहीं कर सकती और दीदी आप भी भैया के साथ में ऐसा सोच भी नहीं सकती थी और फिर मधु वापस जाने लगी. तो तभी प्रिया ने मुझे इशारा किया, तो मैंने मधु को झट से पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और प्रिया ने जल्दी से दरवाजा बंद कर दिया. फिर मैंने मधु को बिस्तर पर पटक दिया और बोला कि मधु इस वक्त में तुम्हारा भैया थोड़ी ना हूँ और फिर में अपनी पैंट की बेल्ट को खोलने लगा. फिर ये देखकर मधु रोने लगी और मुझसे मिन्नते करने लगी की में उसे छोड़ दूँ.

अब में और प्रिया उसे हर तरह से समझा चुके थे, लेकिन वो नहीं मानी. अब हर वक़्त वो बस यही बोलती रही कि में भाई बहन के रिश्ते को नहीं तोड़ सकती हूँ.

प्रिया ने कहाँ कि राहुल जाने दो, लेकिन अब में उसे कैसे छोड़ सकता था? क्योंकि अब मधु जो इस वक्त मेरे सामने थी 18 साल की कच्ची कली जो बिल्कुल ही मिठाई की तरह स्वीट थी. फिर मैंने सोचा कि मधु मम्मी को बोलकर भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती तो क्यों ना में जबरदस्ती ही अपनी ख्वाहिश पूरी कर लूँ?

फिर मैंने मधु को जाने के लिए बोला, तो मधु बेड से उठकर दरवाजे की तरफ बढ़ी, तो तभी मैंने मधु को पीछे से पकड़ लिया और उसकी शर्ट को खींचकर खोल दिया और उसे बेड पर पटक दिया. तो तभी मधु रोने लगी और बोली कि भैया प्लीज. अब प्रिया चुपचाप एक तरफ खड़ी थी.

फिर में आहिस्ते से बेड पर बैठ गया और मधु का एक पैर पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया और उसका स्कर्ट भी खोल दिया. अब मधु सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी.

अब उसका चिकना बदन देखकर मेरा लंड बिल्कुल तन गया था और मेरे मुँह में पानी आ गया था कि आज में एक ऐसी लड़की को चोदने जा रहा हूँ जो बिल्कुल परी की तरह है और मेरी मधु को चोदने की बहुत दिनों को ख्वाहिश थी.

अब मधु अपने दोनों हाथों से अपने बदन को ढकने की कोशिश कर रही थी. फिर मैंने मधु को एक बार फिर से समझाया कि देख मधु में तुझे आज छोड़ने वाला तो नहीं हूँ इसलिए ये जिद छोड़कर हमारे साथ मज़े कर, तुझे बहुत मज़ा आएगा, तुझे प्रिया ने तो बताया ही है.

फिर प्रिया बोली कि मधु दिक्कत क्या है? तू बस ऐसा समझ ले कि ये तुम्हार भाई नहीं एक लड़का है और तू एक लड़की है और अगर तू ये सोचती है कि तेरे चिल्लाने से कोई आ जाएगा, तो तू जानती ही है कि इस कमरे से आवाज बाहर नहीं जा सकती है और में तुझे बचाने वाली नहीं हूँ और तू नहीं मानी तो राहुल तो जबरदस्ती करेगा ही.

फिर दर्द तुझे ही होगा इसलिए कह रही हूँ कि बस एक बार राहुल के साथ मज़े ले ले, फिर तुझे राहुल कभी भी परेशान नहीं करेगा और अगर तू नहीं मानी, तो राहुल तेरे साथ रोज जबरदस्ती करेगा इसलिए कहती हूँ कि बस एक बार राहुल को मज़ा लेने दो, फिर हम तुम्हें छोड़ देंगे. फिर मधु कुछ नहीं बोली. फिर मैंने मधु के करीब जाकर उसके बूब्स को पकड़ लिया और मधु चुपचाप बैठी रही. फिर उसके बाद में और प्रिया मधु के बूब्स को सहलाने लगे.

मैंने मधु के सारे कपड़े उतार दिए और अपने कपड़े भी उतार दिए और प्रिया ने भी अपने कपड़े उतार दिये. फिर उसके बाद में मधु के बूब्स को चूसने लगा और प्रिया मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी, तो थोड़ी देर में ही मधु भी गर्म हो गयी. अब उसके नींबू जैसे बूब्स बिल्कुल तन गये थे और मधु के मुँह से सिसकारी निकलने लगी थी.

मधु बोली कि भैया प्लीज अब बर्दाश्त नहीं होता है, प्लीज कुछ करो ना. फिर मैंने कहा कि क्यों? अब क्या हुआ? तब तो भाई बहन की बातें कर रही थी. फिर तभी मधु बोली कि प्लीज भैया अब मना मत करो, प्लीज जल्दी से कुछ करो. फिर मैंने मधु को बेड पर लेटा दिया और उसके बाद अपने लंड को उसकी चूत में डालने लगा, उसकी चूत बहुत ही टाईट थी. फिर प्रिया मधु की चूत पर तेल डालकर उसे सहलाने लगी.

फिर थोड़ी देर के बाद में अपना लंड मधु की चूत में डालने लगा, तो तभी मधु चिल्लाने लगी और बोली कि भैया प्लीज इसे बाहर निकालो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है. तभी प्रिया मधु के बूब्स को दबाने लगी और बोली कि पहली पहली बार ऐसा ही दर्द होता है और फिर सब ठीक हो जाएगा. फिर में मधु को आराम-आराम से चोदने लगा और थोड़ी देर में ही मधु ने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया, तो मुझे ऐसा लगा कि अब उसका निकलने वाला है और में ज़ोर-ज़ोर से उसकी चुदाई करने लगा.

अब मधु मुझसे बुरी तरह से लिपट गयी थी और ज़ोर-ज़ोर से साँसे लेने लगी थी और फिर उसके बाद उसने एक जोर की सिसकारी ली और शांत हो गयी. फिर तभी मेरा भी पानी निकल गया और में भी अपने लंड को बाहर निकालकर हांफने लगा. फिर हम तीनों थोड़ी देर तक शांत रहे. फिर प्रिया मेरे लंड को सहलाने लगी और में मधु के बूब्स को सहलाने लगा.

उसके बाद मैंने अपना लंड मधु के मुँह में डाल दिया, तो मधु मेरे लंड को चूसने लगी. तो थोड़ी देर में ही मेरा लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया तो फिर में बिना रुके प्रिया को चोदने लगा. फिर इस तरह से मैंने प्रिया की मदद से मधु को चोदा, उस दिन शनिवार था. फिर सुबह यह बात प्रिया ने मम्मी को बताई कि रात में मैंने किस तरह से मधु को चोदा? फिर मैंने मम्मी के सामने भी मधु को चोदा.