पहली बार चुदाई के मजे अलग ही

antarvasna, hindi chudai ki kahani

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम दीपक है और में बी.टेक कर रहा हूँ। मेरी उम्र 20 साल है और में झाँसी में रहता हूँ। आज में आपको मेरी अपनी पहली सेक्स की कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मेरे घर के पास ही संधिया नाम की एक लड़की रहती थी, उसकी उम्र 18 साल है। मेरे एक गर्लफ्रेंड थी, उसका नाम कनिका था। संधिया को कनिका और मेरे बारे में पता था। फिर एक दिन जब में कनिका को कही लेकर गया था, तो तब यह बात संधिया के अलवा कोई नहीं जानता था, क्योंकि में कनिका के घर फोन संधिया के फोन से ही करता था। कनिका और संधिया अच्छे दोस्त की तरह बातें करती थी। कनिका संधिया को मेरे और कनिका बीच हुए सेक्स के बारे में सब बता देती थी। कनिका को यह नहीं पता था कि संधिया की भी सेक्स करने की इच्छा होने लगी थी। वो हमेशा मेरे घर पर आती और मुझसे बोलती कि दीपक भैया आपने कल कनिका के साथ क्या किया था? तो तब में बोलता कि तुझे इन सब बातों से तो क्या काम है? तो तब वो शर्माकर चली जाती थी। फिर मैंने कनिका से पूछा, तो कनिका ने मुझे बता दिया कि वो यह सब बातें उसको बताती है, तो तब में सब समझ गया था

फिर एक दिन जब में अपने घर में काम कर रहा था। तब वो मेरे पास आई और मुझसे बातें करने लगी। तब मैंने उससे कहा कि तू अभी जा, थोड़ी देर से आना, मुझे काम करना है, मगर वो नहीं मानी। फिर मैंने थोड़ी देर तक बोला और फिर वो चली गई। अब मेरी मम्मी को मार्केट जाना था, तो तब मम्मी ने मुझसे कहा कि में थोड़ी देर में वापस आ जाउंगी, तुझे चाय पीनी हो तो संधिया को बोल देना, वो बना देगी। तब मैंने कहा कि ठीक है। फिर मम्मी के जाने के ठीक बाद ही संधिया फिर से मेरे यहाँ आ गई और मुझे परेशान करने लगी थी। अब में अपना काम नहीं कर पा रहा था, तभी इतने में संधिया मेरे हाथ से पैन छीनकर मेरे कमरे में भागने लगी। तब में उसको पकड़ने के लिए खड़ा हुआ और फिर मैंने उसको पीछे से पकड़ लिया।

फिर जब मैंने उसको पकड़ा तो मेरे हाथ उसके बूब्स पर थे, उसके बूब्स बहुत ही नर्म थे और थोड़े बड़े-बड़े भी थे। अब मेरा लंड उसकी गांड पर था। फिर थोड़ी देर तक उसको पकड़ने के बाद उसने मुझे पैन दे दिया। अब में पैन नहीं लेना चाहता था, मगर मैंने उसे छोड़ दिया। फिर मैंने उससे कहा कि मेरे लिए चाय बना दे। तब उसने कहा कि ठीक है भैया और फिर वो चाय बनाने के लिए चली गई। फिर में थोड़ी देर तक सोचता रहा कि क्या करूँ? मगर अब में सेक्स करे बिना नहीं रह सकता था। फिर में धीरे से उसके पास किचन में गया और उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया और उससे कहने लगा कि क्या अभी तक चाय नहीं बनी? और फिर में उसके पीछे से हट गया, क्योंकि वो समझ गई थी।

अब वो मुझसे कतराने लगी थी। अब में भी समझ गया था कि यह अब मुझसे कतरा रही है। फिर उसने मुझे चाय दी और कहा कि भैया में घर जा रही हूँ। तब मैंने कहा कि रुक ना चाय तो पीने दे, फिर उसके बाद चली जाना। तब उसने कहा कि ठीक है पी लो। फिर में उसे अपने कमरे में ले गया। अब वो मेरे कमरे में एक कोने में चुपचाप खड़ी हो गई थी। फिर मैंने सोचा कि अब क्या किया जाए? और फिर मैंने उससे जानबूझकर कनिका की बात को छेड़ा। फिर मैंने उससे पूछा कि तेरी कनिका से कोई बात हुई है क्या? तो तब उसने कहा कि नहीं। फिर मैंने उससे कहा कि तू कनिका को फोन करके यहाँ बुला ले। तो तब उसने कहा कि क्यों? यहाँ क्यों बुला रहे हो भैया? तो तब मैंने कहा कि मम्मी नहीं है ना इसलिए। तब उसने कहा कि ठीक है और फिर वो बोली कि में फोन करके आती हूँ। तब मैंने कहा कि रुक, तो मेरे यह कहने से वो रुक गई और कहने लगी कि क्या कह रहे हो भैया? तो तब मैंने उससे पूछा कि कनिका तुझे क्या-क्या बात बताती है? तो तब उसने कहा कि कुछ नहीं।

अब में समझ गया था कि वो अब मुझसे बोलने में डर रही है, तो तब मैंने कहा कि संधिया तू मेरे पास आ। तो तब वो बोली कि क्यों? तो तब मैंने कहा कि आ तो सही। फिर वो धीरे से मेरे पास आई। तो तब मैंने उसको बेड पर बैठाया और उससे कहा कि संधिया तुझे मेरे और कनिका के सेक्स के बारे में सब पता है ना। तो तब वो कहने लगी कि भैया मुझे कुछ नहीं पता है कसम से। अब वो उस समय डर गई थी। फिर मैंने कहा कि कोई बात नहीं, तुझे हमारी बातें जाननी हो तो मुझसे पूछ लिया कर, मगर कनिका से मत पूछाकर। तब उसने तुरंत पूछा कि क्यों? तो तब मैंने कहा कि कही कनिका ने तेरी मम्मी से कह दिया तो। तब उसने धीरे से हाँ की। फिर उसके बाद मैंने उससे पूछा कि क्या तुझे अभी कोई बात जाननी है? तो तब उसने धीरे से अपने मुँह को नहीं में हिलाया। फिर भी मैंने उसको बात बताना शुरू कर दिया। तो थोड़ी देर तक तो वो ना-ना करती रही, लेकिन उसके बाद वो गौर से सुनने लगी थी। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने उसको एक बात तो पूरी बता दी। फिर उसके बाद उसने मुझसे कहा कि भैया कोई और दिन की सुनाओ ना। फिर जब मैंने उससे कहा कि में अब सुनाता नहीं हूँ, करना चाहता हूँ। तब वो एकदम से खड़ी हो गई। तब मैंने उसको आगे से पकड़ लिया और उसके होंठो पर किस करने लगा था। अब वो मुझसे छूटने की पूरी कोशिश कर रही थी, मगर मैंने उसको छोड़ा नहीं था। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उससे कहा कि बेड पर लेट जा, मगर वो बोली कि में चिल्ला दूँगी भैया, मुझे छोड़ो। तब मैंने कहा कि ठीक है, तू चिल्ला और फिर मैंने उसको अपने हाथों में उठाया और बेड पर लेटा दिया और उसके ऊपर लेट गया था। अब मैंने उसके हाथों को पकड़ लिया था और उसको किस करने लगा था। फिर थोड़ी देर तक तो वो ना ना करती रही। फिर मैंने अपने एक हाथ से उसके दोनों हाथ पकड़ लिए और अपने एक हाथ से उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया। अब वो नहीं नहीं कर रही थी।

फिर में उसकी सलवार में अपना एक हाथ डालकर उसकी चूत को सहलाने लगा। थोड़ी देर तक यह सब करने के बाद वो भी गर्म होने लगी थी। फिर मैंने उसके हाथ को छोड़ दिया और अब उसके बाद में समझ गया था कि अब वो भी गर्म हो गई है। फिर मैंने उसकी कुर्ती उतारी और उसके साथ उसकी समीज भी उतार दी। अब में उसके बूब्स को सहलाने लगा था और उसकी चूत को अपने एक हाथ से सहलाने लगा था, मुझे पता था कि यह पहली बार सेक्स कर रही है। अब उसके मुँह से आहहहह, ऊहह की आवाज आ रही थी। फिर मैंने उससे कहा कि में कनिका के साथ भी यही करता हूँ। तब उसने अपनी बंद आँखें खोली और कहा कि उसके बाद क्या करते हो? अब में समझ गया था कि यह अब पूरी गर्म हो गई है। फिर मैंने उसके पूरे कपड़े उतार दिए। अब वो मेरे सामने पूरी नंगी थी। फिर मैंने अपने पकड़े उतारे और तेल की शीशी लेकर आ गया।

फिर मैंने मेरे लंड पर थोड़ा तेल लगाया, जो कि 7 इंच लम्बा है और फिर उसके बाद उसकी चूत पर थोड़ा तेल लगाया। फिर मैंने उससे पूछा कि में अपना लंड डाल दूँ। तब उसने कहा कि डाल दो। फिर मैंने जैसे ही अपना लंड थोड़ा सा उसकी चूत में डाला तो तब वो ज़ोर से चिल्लाई ऊऊऊ, आआआआ, हाईईईईईईईईई, नहीं, हाईईईईईईईईई भैया, आआआआ, निकालो। तो तब मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उससे कहा कि थोड़ा तो दर्द होगा, तू इतनी ज़ोर से मत चिल्ला। तब उसने कहा कि ठीक है, मगर भैया थोड़ा धीरे डालना। फिर तब मैंने फिर से अपना लंड उसकी चूत में डाला। तो तब वो जैसे ही चिल्लाई, मैंने अपना मुँह उसके मुँह पर रख दिया और उसके मुँह को चूसने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद जब उसका चिल्लाना थोड़ा कम हुआ, तो तब मैंने अपनी कमर को थोड़ा पीछे करके ज़ोर से एक झटका दिया और अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया।

अब उसके बाद तो वो समझो मर ही गई थी, इतनी ज़ोर से चिल्लाई थी आहहहहह, नहीं, हाईईईईईईईई, भैया, आआ, निकालो, ऊऊऊऊऊऊ। तब मैंने फिर से उसके मुँह से अपना मुँह लगा लिया और ज़ोर- ज़ोर से हिलने लगा था। अब उसकी चूत में से खून आने लगा था और अब वो पागल सी हो गई थी। फिर मैंने उसके चिल्लाने पर भी उसे चोदना नहीं छोड़ा और उसको चोदते ही चला गया। फिर थोड़ी देर के बाद मेरा वीर्य निकल गया, जो मैंने बाहर निकाल दिया था और फिर में उसके ऊपर ही थोड़ी देर तक लेटा रहा। फिर मेरे लंड को उसकी चूत में से बाहर निकालने के बाद ही उसको थोड़ी शांति मिली और कहा कि भैया अब में आपसे कभी नहीं चुदवाऊँगी। तब मैंने उससे कहा कि तू अपना खून साफ कर ले और अपने कपड़े पहन ले और फिर मैंने अपने कपड़े पहन लिए और उसके बाद अपना काम करने लग गया। फिर थोड़ी देर के बाद वो कमरे में से बाहर आई और कहा कि भैया में जा रही हूँ। तब मैंने कहा कि ठीक है, अब कब आएगी? तो तब उसने कहा कि जब टाईम मिलेगा। में आज भी उसको जब भी कभी कोई मौका मिलता है, तो उसको खूब जमकर चोदता रहता हूँ ।।

धन्यवाद …