पड़ोस के लड़के से गुस्से में अपनी चूत मरवाई

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मेरा नाम रवीना है मैं अहमदाबाद की रहने वाली हूं, मेरी उम्र 26 वर्ष है और मेरे पिताजी एक बिजनेसमैन है। मेरी मां भी घर का काम करती हैं। मेरे भाई मेरे पिताजी के साथ उनके काम में हाथ बढ़ाता है और वह मेरे पिताजी के साथ काफी समय से काम कर रहा है। मेरे पिताजी मुझे बहुत ही प्यार करते हैं और उन्होंने मुझे एक अच्छे कॉलेज में भी पढ़ाया। जब मेरी पढ़ाई हो गई तो उसके बाद वह मेरे लिए लड़का देखने लगे लेकिन मैंने उन्हें कहा कि मुझे अभी शादी नहीं करनी है, मुझे कुछ बडा काम करना है इसलिए उन्होंने मेरी शादी की बात को अपने दिमाग से निकाल दिया। हमारे पड़ोस में ही मेरी दोस्त रहती है उसका नाम रेखा है। रेखा और मेरे बीच में बहुत अच्छी दोस्ती है, इस वजह से मेरा उसके घर पर अक्सर आना-जाना लगा रहता है। रेखा भी हमारे घर पर बहुत आती है, उसके पिताजी भी बिजनेस करते हैं और वह लोग भी एक अच्छे घर से हैं।

मैं जब रेखा के घर जाती थी तो रेखा का भाई मुझे अक्सर देखता रहता। रेखा के भाई का नाम अमित है और वह मुझे दिल ही ही दिल पसंद करता था लेकिन उसने कभी भी मुझसे अपने दिल की बात नहीं कही, रेखा ने हीं मुझे एक दिन यह बात बताई लेकिन मैंने उसे मना कर दिया। फिर अमित ने मुझसे बात की और मुझे लगा कि अमित अच्छा लड़का है, अमित से मेरी इतनी ज्यादा बातचीत नहीं थी वह सिर्फ हमारे पड़ोस में ही रहता था और मैं उसके बारे में ज्यादा नहीं जानती थी लेकिन मैंने भी अमित के साथ समय बिताना शुरू कर दिया और हम दोनों फोन पर भी बात करते थे। धीरे-धीरे हम दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगी तो रेखा ने मुझसे कहा कि तुम अपने घर में अमित और अपने रिलेशन के बारे में बता दो। रेखा के घर वालों को भी आपत्ति नहीं थी और उन्हें मैं बहुत ही अच्छी लगती थी क्योंकि मैं पहले से ही उन लोगों के घर अक्सर आती जाती रहती हूं इसलिए उन्हें मेरा व्यवहार अच्छे से पता था। मैं जितना समय अमित के साथ रही मुझे अच्छा ही लगा परंतु मैं अपने घर पर बात नहीं कर पाई। मैंने अमित से हमेशा कहा कि तुम ही मेरे घर पर बात कर लेना,  अगले दिन अमित ने अपनी मम्मी को बता दिया। उसके मम्मी और पापा हमारे घर पर मेरा रिश्ता मांगने के लिए आये।

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जब वह लोग हमारे घर पर आए तो मेरे पिताजी से उन्होंने मेरे रिश्ते की बात की। मेरे पिताजी ने मुझसे इस बारे में बात की तो मैंने उन्हें कहा कि हां मुझे अमित पसंद है और हम दोनों शादी करना चाहते हैं। मेरे पिताजी को अमित के परिवार से कोई भी आपत्ति नहीं थी और हमारा परिवार बहुत खुश था। अब मेरी अमित के साथ सगाई हो गई, जब अमित और मेरी सगाई हुई तो हम दोनों अब फोन पर बहुत बात करते थे और मुझे भी जितना वक्त मिलता था मैं अमित के साथ ही बिताती थी। हम लोग घूमने भी जाते थे और मुझे अमित के साथ समय बिताना अच्छा लगता था लेकिन अमित मुझ पर कुछ ज्यादा ही दबाव डालता था। वह हर चीज के लिए मुझे कहता था कि तुम इस प्रकार से यह काम करो लेकिन मुझे उसकी आदत पसंद नहीं थी इसलिए मैंने उसे कई बार इस बारे में समझाया भी लेकिन उसके बावजूद भी वह इसी प्रकार से मुझसे बात किया करता था। धीरे-धीरे हम दोनों के बीच में कभी कभार झगड़े हो जाते थे लेकिन उसके बावजूद भी हम दोनों ही एक दूसरे को मना लेते थे। मुझे अमित के साथ रिलेशन रखे हुए काफी समय हो चुका था लेकिन उसके बावजूद भी मुझे कई बार ऐसा लगता है कि शायद मैं अमित के साथ रिलेशन में खुश नहीं हूं। मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था क्योंकि मैं और अमित एक साथ रिलेशन में भी थे और हम दोनों की सगाई भी हो चुकी थी, यदि मैं इस बारे में अपने घर में बोलती कि मैं अमित के साथ अब शादी नहीं करना चाहती तो मेरे घर वाले मुझसे बहुत गुस्सा हो जाते इसीलिए मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। मैंने इस बारे में रेखा से बात की तो रेखा मुझे कहने लगी कि तुम दोनों को आपस में बात करनी चाहिए,  उसके बाद ही तुम्हें कोई फैसला लेना चाहिए। मैंने रेखा से यह बात कही तो उसे मेरी बात बहुत बुरी लगी और उसके बाद से वह मुझसे बहुत कम बात करती है। मैं भी रेखा से कम ही बात किया करती थी।

हमारे ही कॉलोनी में एक लड़का रहता है उसका नाम रोहित है, हम दोनों की बात इतनी ज्यादा नहीं होती थी लेकिन अब हम दोनों की बातें होने लगी थी और यह बात रेखा को बिल्कुल भी पसंद नहीं थी। रेखा जब भी मुझे रोहित के साथ देखती तो वह अमित को बता दिया करती थी और अमित मुझ पर बहुत गुस्सा होता था। मुझे यह बिल्कुल भी समझ नहीं आ रहा था कि उन्हें मेरे और रोहित के बात करने से क्या आपत्ति । रोहित एक कंपनी में जॉब करता है और वह किराए पर रहता है। इस बारे में मैंने जब रोहित से बात की तो वह कहने लगा यदि उन लोगों को तुम्हारे और मेरे बात करने में आपत्ति है तो तुम मुझसे बात मत किया करो लेकिन मेरे और रोहित के बीच में ऐसा कुछ भी नहीं था और अमित मुझ पर बेवजह ही शक कर रहा था। मैंने उसे कई बार समझाया लेकिन उसके बावजूद भी वह मुझ पर पहुंच शक करता था। जब भी हम लोग साथ में होते तो अमित मेरा फोन देख लिया करता था। जब भी मैं रोहित से बात करती तो मुझे रोहित के साथ बात करना अच्छा लगता था लेकिन मेरा और अमित का रिलेशन था इसलिए मैं अपनी मर्यादा में रहती थी। एक दिन मुझे रोहित ने फोन किया और कहा कि आज मेरी छुट्टी है यदि तुम मेरे साथ घूमने चल सकती हो तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा। मैंने रोहित से कहा कि मुझे तुम कुछ समय दो, मैं तुम्हें थोड़ी देर बाद फोन करती हूं।

मैंने उसे आधे घंटे बाद फोन किया और कहा कि ठीक है मैं तुम्हारे साथ घूमने के लिए चलती हूं और मैं तैयार होकर रोहित के साथ घूमने के लिए चली गई। जब मैं रोहित के साथ गई तो हम दोनों उसकी कार से जा रहे थे और मुझे रेखा ने जाते हुए देख लिया और उसने अमित को भी बता दिया। अमित ने मुझे फोन किया तो वह बहुत ही गुस्से में था और उसने मुझे बहुत ही बुरा भला कहा। मुझे भी बहुत बुरा लगा और मैं रोने लगी, मुझे रोहित पूछने लगा कि क्या हुआ, मैंने उसे सारी बात बताई और कहा कि अमित मुझ पर बहुत शक करता है लेकिन अब मैं उसके साथ बिल्कुल भी खुश नहीं हूं। रोहित मुझे कहने लगा कि यदि अमित को मुझसे कोई परेशानी है तो मैं उससे बात करता हूं। मैंने उसे कहा कि तुम्हें अमित से बात करने की कोई जरूरत नहीं है। रोहित मुझे वाटर पार्क ले गया और हम लोग वहीं पर काफी देर तक रहे, हम लोगों ने काफी इंजॉय किया और अमित मुझे बार-बार फोन कर रहा था लेकिन मैंने उसका फोन नहीं उठाया। उसके बाद उसने मुझे कई मैसेजेस भी भेजे लेकिन मैंने उसके मैसेज का भी रिप्लाई नहीं किया। जब हम लोग वाटर पार्क मैं बैठे हुए थे तो रोहित मुझे कह रहा था कि तुम्हें अमित को फोन करना चाहिए, नहीं तो वह हमारे बारे में कुछ गलत सोचेगा। मैंने उसे कहा कि मुझे अब उसे कुछ भी फर्क नहीं पड़ता और मैं उससे बिल्कुल भी बात नहीं करना चाहती। मुझे भी उस दिन बहुत ज्यादा गुस्सा आ गया इसलिए मैंने भी अमित से बिल्कुल बात नहीं की। मैं और रोहित साथ में ही बैठे हुए थे।हम दोनों बात कर रहे थे और रोहित ने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहने लगा कि तुम अमित से बात कर लो। मैंने उसे साफ मना कर दिया और कहा कि मुझे अमित से बात करनी ही नहीं है। जब रोहित ने मेरा हाथ पकड़ा तो मेरे अंदर से भी एक अलग ही प्रकार की गर्मी बाहर आने लगी और मैंने अपना पूरा मन बना लिया था कि मैं रोहित से अपनी चूत मरवाकर रहूंगी क्योंकि मेरा मूड बहुत ज्यादा खराब था। मैंने रोहित से कहा कि हम लोग किसी एकांत जगह पर जाते हैं और वही पर हम लोग बात करते हैं। रोहित मुझे अपने एक मित्र के घर ले गया वहा हम दोनों कंफर्टेबल हो कर बैठे हुए थे। मैंने रोहित के होठों को किस कर लिया और उसके होठों को बडी देर तक चूसा मैंने काफी देर तक ऐसा ही किया।

उसके बाद मैंने रोहित की पैंट खोल दी उसके लंड को अपने मुह के अंदर ले लिया और बड़े अच्छे से चूसने लगी। मैं उसके लंड को गले तक ले रही थी। रोहित को भी बहुत मजा आ रहा था उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे स्तनों को चूसने लगा वह बहुत अच्छे से मेरे स्तनों का रसपान कर रहा था। उसने मेरी योनि को चाटना शुरू कर दिया मेरी नरम और मुलायम चूत को जब वह चाट रहा था तो मेरे अंदर की उत्तेजना बढ़ने लगी थी। काफी देर तक उसने मेरी चूत को चाटा उसके बाद जब उसने अपने गर्म और बड़े लंड को मेरी योनि पर लगाया तो मुझे बड़ा अच्छा लगने लगा। उसने धीरे धीरे मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दिया जैसे ही उसका लंड मेरी योनि के अंदर तक गया तो मैं चिल्लाने लगी और मुझे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा। मैंने अपने दोनों पैर चौडे कर लिए मेरी योनि से खून आने लगा था लेकिन वह मुझे बड़ी तेजी से झटके दे रहा था जिससे कि मुझे बड़ा आनंद आ रहा था और मैं उसका पूरा साथ दे रही थी। जब मेरा माल उसकी चूत के अंदर गिरा तो मुझे बहुत लगा जब उसने मेरी योनि से अपने लंड को बाहर निकाला तो मैने अपनी चूत को साफ किया। उसके बाद मैं उसे पकड़कर बैठ गई कुछ देर बाद रोहित ने मुझे घोड़ी बना दिया। उसने अपने लंड को मेरी योनि के अंदर डाल दिया मुझे दर्द हुआ जब उसका लंड मेरी योनि में गया। उसने मेरी चूतडो को कसकर पकड़ा हुआ था और बड़ी तेजी से वह मुझे झटके दे रहा था मुझे भी बहुत मजा आ रहा था वह जिस प्रकार से मुझे झटके दे रहा था लेकिन हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को ज्यादा समय तक नहीं झेल पाए। जैसे ही रोहित का वीर्य मेरी योनि में गया तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस हुआ।

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