मम्मी चूत को फाड़ दे बेटा

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम स्नेहल है और में बी कॉम के आखरी साल में पढ़ता हूँ. दोस्तों यह कहानी उस वक़्त की है जब मेरे पापा उनके किसी काम से कहीं बाहर गए हुए थे. उस वक़्त घर पर में और मेरी सेक्सी मम्मी दोनों ही अकेले थे. दोस्तों में अपनी इस घटना को सुनाने से पहले अपनी मम्मी का परिचय दे देता हूँ.

मेरी मम्मी का फिगर 36-24-36 है और वो इतनी सेक्सी लगती है कि कोई भी उनको देखकर उनकी चुदाई करने की इच्छा रखता है. अब में आप लोगों को घुमाना नहीं चाहता और इसलिए में सीधे अपने जीवन के सच्चे अनुभव की तरफ ले चलता हूँ. एक दिन मेरे पापा अपने काम की वजह से वो गोवा गये हुए थे और में घर पर अपनी मम्मी के साथ था.

उस समय मेरी मम्मी सब्जी लेने बाजार में गयी हुई थी और जब वो सब्जी लेकर वापस आई तो वो अपने कपड़े बदलने के लिए कमरे में चली गयी और तब उन्होंने अपना दरवाजा खुला छोड़ दिया. में तुरंत वहां पर चला गया और तब मैंने देखा कि वो उस समय अपना दरवाजा बंद करना भूल गई है और मैंने वहां छुपे छुपे थोड़ा सा दरवाजा खोला और में अंदर देखने लगा.

मम्मी ने अपनी साड़ी उतारी और उसके बाद में उन्होंने अपना ब्लाउज भी उतार दिया, जिसकी वजह से अब मम्मी सिर्फ़ अपनी ब्रा और पेंटी में खड़ी हुई थी. अब यह नजारा देखते ही मेरा लंड तुरंत तनकर खड़ा हो गया और में कुछ देर मज़े लेकर अपने कमरे में चला गया और में अपना लंड हाथ में लेकर मसलने लगा. अपने लंड को सहलाने लगा और में कुछ देर बाद में अपने दोस्त के साथ बाहर चला गया.

फिर जब में लौटकर वापस आया तो मेरी मम्मी ने खाना टेबल पर रख दिया था और में खाना खाकर बाहर के रूम में जाकर सो गया. फिर रात को अचानक मेरी जब नींद खुल गयी तो मैंने देखा कि मेरी सेक्सी मम्मी भी उस समय आगे के रूम में मेरे पास वाले बेड पर सोई हुई है.

करीब 15 मिनट तक में उनको देखता ही रहा और उन्होंने उस समय बहुत ही सेक्सी गाउन पहना हुआ था, लेकिन अब मुझसे रहा नहीं गया और में धीरे से उनके पास जाकर बैठ गया और मैंने मम्मी को धीरे से हिलाया और चेक किया कि वो सो गयी है या अभी जाग रही, लेकिन वो तो उस समय पूरी तरह से सोई हुई थी, इसलिए मैंने थोड़ी हिम्मत करके धीरे से अपना एक हाथ उनके गोरे, बड़े और सेक्सी बूब्स पर रख दिया और मम्मी की तरफ से कोई भी हलचल ना देखकर थोड़ी और हिम्मत करके मैंने थोड़ी देर के बाद अपने दूसरे हाथ से उनके गाउन की चैन को धीरे धीरे खोलना शुरू कर दिया और उसके बाद मैंने अपना एक हाथ उनके बूब्स पर रख दिया और अब में धीरे धीरे उनके बूब्स को दबाने लगा.

मैंने महसूस किया कि उनके वाह क्या मस्त मुलायम बूब्स थे, वो बहुत ही बड़े आकार के और सेक्सी थे आर मैंने करीब बीस मिनट तक उनके बूब्स को दबाया और उनको सहलाया. फिर उसके बाद में धीरे से उठकर उनके दोनों पैरों के बीच में जाकर बैठ गया और अब में अपना हाथ धीरे धीरे उनकी चूत के करीब ले गया और फिर में अपने हाथ को उनकी चूत के ऊपर फेरने लगा.

में उनकी चूत को छूकर महसूस करने लगा और सहलाने लगा. मुझे यह सभी काम करने में बहुत मज़ा आ रहा था. तभी थोड़ी देर के बाद अचानक से मेरी मम्मी जाग गयी और तब उन्होंने देखा कि मेरा हाथ उनकी चूत पर है तो वो यह सब देखकर एकदम घबरा गई, तो उसी समय मैंने उनसे बोला कि मम्मी अगर आपको ऐतराज ना हो तो क्या में आपको चोद सकता हूँ.

मम्मी मेरे मुहं से यह बात सुनकर पहले से ज्यादा घबरा गई. वो मेरी उस बात को सुनकर बड़ी चकित थी और इसलिए वो मुझसे बोली कि तुझे पता भी कि तू मुझसे यह सब क्या कह रहा है और अगर तेरे पापा को यह बात पता लगी तो क्या होगा, तुम्हे मालूम है? मैंने कहा कि किसी को कुछ भी पता नहीं पड़ेगा और में किसी से कुछ नहीं कहूँगा और आप भी मत बताना. उसके बाद मैंने अपनी माँ को बहुत देर तक समझाया तब जाकर वो तैयार हुई और उनकी तरफ से हाँ सुनकर अब मुझे कौन रोक सकता था? इसलिए में तुरंत कूदकर अपनी मम्मी पर चड़ गया और में उनको होंठो पर किस करने लगा.

कुछ देर बाद मम्मी भी मुझे अपने होठों से अपना जवाब देती हुई मेरा साथ देने लगी थी, उनका जोश देखकर मैंने सही मौका समझकर मम्मी का वो गाउन पूरा उतार दिया और अब मैंने उनको अपने सामने पूरा नंगा कर दिया. अब मम्मी ने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए और वो मेरे लंड को अपने मुहं में लेकर लोलीपोप की तरह चूसने लगी, जिसकी वजह से हम को बहुत मज़ा आने लगा और थोड़ी देर के बाद मैंने मम्मी को बेड पर लेटा दिया और अब में दोबारा उनके ऊपर चड़ गया और मैंने अपना तनकर खड़ा लंड उनकी चूत के छेद पर रखकर एक ज़ोर का झटका लगा दिया.

उसकी वजह से मम्मी के मुहं से सस्स्स्स्सस्स आह्ह्ह्हह्ह आईईईई ज़ोर से आवाज़ निकल गयी और में उनकी चीख को सुनकर एकदम से घबरा गया कि कहीं मेरे जोरदार धक्के के वजह से मम्मी की चूत फट तो नहीं गई और अगर ऐसा हुआ तो हमारे सामने समस्या खड़ी हो जाएगी और यह बात सोचकर में बहुत ज्यादा डर गया. उस दर्द की चीख की वजह मैंने मम्मी से भी पूछा, तो मम्मी ने मुझसे बोला नहीं बेटे अभी मेरी चूत नहीं फटी है, लेकिन अब तुम मेरी चूत को फाड़ दो और मेरी इस प्यास को बुझा दो, तुम मुझे आज अच्छी तरह जमकर चोदो और मुझे चुदाई का पूरा मज़ा दे दो.

वैसे भी मुझे यह सब करे हुए बहुत समय हो गया है, क्योंकि तुम्हारे पापा को समय ही नहीं मिलता या वो बहुत थके होते है. अब मैंने उनके मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश होकर में अब ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगा और मम्मी भी नीचे से ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाती हुई मेरे धक्को का जवाब देती रही. इस तरह हम दोनों ने करीब आधे घंटे तक धक्के देकर चुदाई के बहुत मज़े लिए उसके बाद मैंने मम्मी से कहा कि अब आप उल्टा लेट जाओ और अब में आपकी गांड मारूँगा.

फिर यह बात सुनकर मम्मी ने मुझसे कहा कि नहीं बेटे तेरे पापा ने आज तक मेरी गांड नहीं मारी, हाँ उन्होंने कभी कभी मेरी गांड में अपनी ऊँगली जरुर डाली, लेकिन कभी लंड नहीं डाला. तुम रहने दो मुझे बहुत दर्द होगा और अब तू मेरी गांड मारेगा तो शायद वो आज फट जाएगी और उसका छेद भी बहुत छोटा और टाईट है इसमे तुम्हारा मोटा लंबा लंड नहीं जाएगा और तू तो अपना यह लंड मेरी चूत में डालकर ही इसके साथ मज़े कर ले.

मैंने मम्मी से कहा कि पहली बार आपको थोड़ा सा दर्द जरुर होगा, लेकिन उसके बाद में आपको बहुत अच्छा लगेगा और आपको मेरे साथ अपनी गांड में लंड लेने में बड़ा मज़ा आएगा और मेरे समझाने पर मम्मी तैयार हो गई और में उनके ऊपर आ गया. फिर मैंने अपना लंड मम्मी की गांड के छेद पर रख दिया और एक ज़ोर का झटका दिया जिसकी वजह से मेरा आधा लंड मम्मी की गांड में घुस गया, लेकिन दर्द की वजह से मम्मी अब बहुत ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी और वो मुझसे कहने लगी कि बाहर निकाल तेरा लंड ऊऊईईईईईईईइ माँ में मर गई निकाल इसको बाहर वरना यह मेरी गांड को फाड़ देगा ऊउफ़्फ़्फ़ मुझे बहुत दर्द हो रहा है आह्ह्हह्ह में मर जाउंगी प्लीज अब बाहर निकाल इसको, लेकिन में तो उनकी बात को सुने बिना अब और भी ज़ोर ज़ोर से धक्के लगा रहा था.

फिर कुछ देर बाद मैंने महसूस किया कि अब मम्मी को भी मुझसे अपनी गांड मरवाने में बड़ा मज़ा आने लगा था और इसलिए वो भी अब अपनी तरफ से ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगी और थोड़ी देर के बाद मैंने वापस मम्मी को सीधा लेटा दिया और मैंने दोबारा उनकी चूत में अपना लंड डाल दिया. में उनको जोरदार धक्के देकर चोदने लगा और जब मेरा वीर्य निकलने वाला था तो मम्मी से पूछा कि में इसको कहाँ निकालूं? तब उन्होंने मुझसे बोला कि तुम अपना लंड मेरी चूत से बाहर मत निकालना और तुम अपना वीर्य मेरी चूत में ही डाल देना और अब मैंने ठीक वैसा ही किया मैंने जोरदार धक्को के साथ अपना पूरा वीर्य उनकी चूत की गहराइयों में ही डाल दिया.

उसके थोड़ी देर के बाद मैंने हम दोनों उठकर साथ में बाथरूम में नहाने चले गए. हम साथ में नहाने लगे और नहाकर वहां से बाहर निकलने के बाद हमने एक बार फिर से सेक्स किया और मस्त चुदाई के मज़े लिए और उसके बाद में खाना खाकर सो गया. दोस्तों सच कहूँ तो उस चुदाई से हम दोनों ही बहुत खुश थे, जिसमे उन्होंने भी मेरा पूरा पूरा साथ दिया और हमने चुदाई के मस्त मज़े लिए.

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