मुझे सेक्स की भूख -2

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जिसका नाम था “नीरजा मम्मी और शिप्रा आण्टी” वो स्टोरी पड़ते पड़ते मैं तो हैरान ही रह गई ओर मैने कंप्यूटर बंद कर दिया ओर उठ खड़ी हुई। लेकिन मेरे होश अपनी जगहे पे नही थे की क्या दुनिया मैं ऐसा भी हो सकता है।

फिर मैने रात का खाना तेयार करा ओर इतने मैं अजय ओर राहुल भी आ गये फिर हम ने खाना खाया ओर हम अपने अपने रूम मैं चले गये सोने के लिए। आज मैं रूम मैं जाते ही सो गई लेकिन मुझे नींद नही आ रही थी। रात के 12 बज चुके थे लेकिन मैं जाग रही थी करीब 1 बजे मैं उठी ओर रूम से बाहर निकली ओर स्टडी रूम के पास गई लेकिन आज वहाँ पे कोई भी नही था स्टडी रूम की लाइट बंद थी। आज ना जाने को मेरा मन वही सब दुबारा देखने का हो रहा था। मैं वापिस अपने रूम मैं आ गई ओर सोने की कोशिश करने लगी पता नही मुझे कितने बजे नींद आई लेकिन सुबह उठी तो दोनो जिम जा चुके थे। अगले दिन फिर मैं जल्दी अपने रूम मैं चली गई ओर लेट गई। उस दिन भी मेरी आखो मैं नींद नही थी। मैं करीब 1 बजे उठी ओर स्टडी रूम की तरफ गई तो देखा की लाइट जल रही है मैं झट से के हाल के पास गई ओर अंदर देखने लगी तो मैने देखा की आज भी दोनो अपने अपने लंड को हिला रहे हैं। लेकिन आज मुझे उन पे गुस्सा नही आ रहा था ना जाने आज ये सब मुझे देखना अछा लग रहा था ओर मेरा मन कर रहा था की मैं ये सब देखती ही रहूं ओर मेरा एक हाथ अपनी चूत को भी सहला रहा था। मुझे लगा की मेरे भी वहाँ पे खुजली होने लगी है। फिर वो दोनो फ्री हो गये ओर कंप्यूटर बंद कर दिया मैं जल्दी से अपने रूम मैं गई ओर सीधी बाथरूम मैं गई मैने अपनी नाईटी उपर की ओर पेंटी उतार कर अपनी चूत मैं उंगली आगे पीछे करने लगी ओर कोई 5 मिंनट बाद फ्री होकर आपने बेड पे आ गई।

मैने सोने की कोशिश की लेकिन मुझे नींद नही आ रही थी। आज बार बार मेरी आँखों के सामने मेरे बेटों के तने हुए फूंकारते हुए लंड घूम रहे थे। मुझे बार बार वोही सीन याद आ रहे थे। मैने आँखें बंद की तो लगा जैसे अजय ओर राहुल कह रहे हों आओ माँ आ जाओ हम तुमारी प्यास बुझा देंगे तुम हमारी बुझा दो। मैने झट से आँखें खोल दी आज वो स्टोरी पड़ने के बाद मेरे मन मैं भी ये ख़याल आने लगे थे की क्या ऐसा हो सकता है की क्या मैं भी अपने बेटों से चुदवा सकती हूँ मज़े ले सकती हूँ। यही सब सोचते सोचते रात निकल गई ओर सुबह सारा दिन स्कूल मैं मेरा मन नही लगा ओर मैं जल्दी घर आ गई। रात को फिर मैने 1 बजे उठ कर देखने की कोशिश की लेकिन आज फिर वो दोनो सो रहे थे। मैं आपने रूम मैं आ गई मेरा मान कर रहा था की मैं भी उन दोनो के बीच मैं बैठ कर आज वो ही मूवी उनके साथ देखूं। ये सब सोचते सोचते मेरे मन ने फ़ैसला कर लिया था की मैं अपने बेटों को पटाने की कोशिश करूँगी ओर उनसे ही अपनी प्यास बुझाउगी। अगले दिन मैने स्कूल से छुट्टी ले ली ये कह कर की मेरी तबीयत ठीक नही है ओर घर पे ही रहने का फ़ैसला किया। जब दोनो बेटे कॉलेज चले गये तो मैने पीछे से वही वेबसाइट खोली ओर उस पे मन बेटे की ओर बाकी जो भी थी सभी कहानियाँ पड़ी ताकी ये सोच सकूँ की मुझे अपने बेटों को कैसे पटाना है। ओर मैने चैटिंग करने की कोशिश की अब्दुल से लेकिन वो ऑनलाइन ही नही था सो मैने इस वेबसाइट के लिए उसे थैंक्स कहा। मैं 1 बजे तक कहानियाँ पड़ती रही ओर फिर मैने सारा प्लान तेयार कर लिया की मुझे क्या करना है। जब वो कॉलेज से आए तो मैं पूरी तरह से रेडी थी।

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मैने लो कट वाली नाईटी पहन ली थी जो की मैं जादातर तब ही पहनती थी जब मैं रात को अपने पति के साथ होती थी को की उसमे से मेरी ब्रा ओर पेंटी हल्के हल्के दिखाई देते थे। ओर उसका गला इतना नीचे थे की पहनी हुई ब्रा ओर चूची का उभार गले मैं से अगर मैं थोडा झुक जाऊ तो साफ दिखाई देता था। मैने रात का खाना तेयार किया ओर टेबल पे लगा दिया ओर दोनो को आवाज़ लगी खाने के लिए वो दोनो ही टेबल पे आ चुके थे आज से पहले ओर अब से पहले मैं कभी भी उनके सामने इस नाईटी मैं नही गई थी। अभी मुझे पहली बार उनके सामने जाना था इस नाईटी मैं। वो दोनो टेबल पे पास पास बैठे हुए थे। जैसे ही मैं खाना लेकर उनके सामने गई तो मुझे देखते ही दोनो की आँखों मैं मैने कुछ चमक सी देखी ओर दोनो ने एक दूसरे की तरफ देखा ओर तोड़ा सा मुस्कुरा पड़े लेकिन मैने उकी तरफ देखा नही ओर उनके बिल्कुल सामने खड़ी हो कर तोड़ा ज़ुक कर उन्हे खाना ओर सब्जी देने लगी। मेरे ज़ुकने की वजह से मेरी ब्रा उन्हे सॉफ दिखाई देनी थी मैने देखा की दोनो ही चोर नज़रों से मेरी चूची को ही घूर रहे थे।

मैं मन ही मन अपने पे मुस्कुरा उठी की पहली बार मैं ही मैं उन्हे अपना जलवा दिखाने मैं कामयाब हो गई हूँ। फिर हम ने खाना खा लिया ओर हम टीवी देखने लगे। आज मैं उनके सामने सोफे पे बैठी हुई थी ओर मैने देखा की वो भी बार बार मेरी तरफ देख रहे थे लेकिन मैने ऐसे शो किया जैसे मुझे पता ही ना हो फिर वो जब भी मेरी तरफ देखते मैं जान बूझ कर अपनी चूची को तोड़ा सा मसल देती या उन्हे सहलाने लगती ओर कभी कभी उन्हे अपने हाथों से उपर को उठती। मैने देखा की मैं जब भी ऐसा करती थी वो मेरी तरफ ही देख रहे होते थे। फिर रात के 9 बज गये ओर मैं अपने रूम मैं चली गई। ऐसे ही दो तीन दिन बीत गये लेकिन बात इससे आगे नही बड रही थी ओर ना ही लास्ट तीन दिन से वो रात को स्टडी रूम मैं आए थे।

अगले दिन भी जब हम खाना खाने के बाद टीवी देखने के लिए बैठे तो मैने आज उन्हे अपनी चूची को मसलना तो दिखाया ही साथ ही जब भी वो देखते थे मैं अपनी चूत को भी एक हाथ से सहला देती थी ऐसे जैसे की खुजली कर रही हू। आज मैने देखा की मैं जब भी उनकी तरफ देखती थी तो वो दोनो ही अपने अपने लंड को सहलाने लगते थे। मुझे लगा की अब बात कुछ आगे बड रही है। मैने देखा की उनके लंड उनकी पेन्ट मैं तने हुए थे ओर फंनफना रहे थे मुझे देखते ही वो उन्हे मसल देते थे। फिर करीब 9 बजे मैं अपने रूम मैं चली गई। आज मेरे मन मैं कुछ ओर ही करने का इरादा था। मैं सो गई 12 बजे बाहर गई लेकिन वो आज भी वहाँ नही थे। सुबह जब मैं उठी तो मैं सब से पहले उनके रूम मैं गई मैने देखा की वो जा चुके थे जिम।

मैं अपने रूम मैं वापिस आई मैने अपने रूम की टूटी खराब कर दी ओर नाश्ता बनाने लग गई। जब वो दोनो वापिस आए तो मैने विजय के रूम मैं ही उन्हे नाश्ता पकड़ा दिया वो दोनो खाने लगे तो मैने कहा की ओर कुछ चाहिए तो दोनो ने मेरी बोब्स को घूरते हुए कहा की नही तो मैने कहा की ठीक है फिर मैं आज यहाँ पे तुम्हारे बाथरूम मैं नहा लेती हूँ। मेरे बाथरूम की टूटी खराब हो गई है ओर राहुल से कहा की कॉलेज से आते वक़्त वो प्लमबर को साथ मैं ले आए ताकी वो टूटी ठीक हो सके तो वो बोले की ठीक है। मैं अपने रूम मैं गई वहाँ से अपनी ब्रा पेंटी ओर दूसरे कपड़े ले कर आ गई ओर बाथरूम मैं घुस गई। मैने ये सब सिर्फ़ इस लिए किया था की मैं सिर्फ़ ये देखना चाहती थी की उनपे कुछ असर हुआ भी है की नही अगर उन पे असर हुआ है तो क्या वो अपनी माँ को नंगी देखते हैं की नही अगर नही देखते तो मेरी सारी मेहनत बेकार है। मैं जैसे ही बाथरूम मैं घुसी मैने अपनी आँखें हांल पे लगा दी ओर देखा की उन्होने जल्दी से नाश्ता खत्म किया ओर राहुल बाथरूम की तरफ आ गया ओर अजय को उसने अपने रूम की तरफ जाने को कहा मैं समज गई की वो उस रूम मैं से मुझे देखेगा जब राहुल होल पे झुकने लगा तो मैं पीछे हट गई ओर मैं अपने कपड़े उतरने लग गई।

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