मुझे बहुत डर लगता है-2

desi sex kahani, indian chudai ki kahani फिर मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोल दिए तो तब उसने झटके से अपना ब्लाउज उतार दिया। अब तो वो सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी, वो क्या आकर्षक लग रही थी बस पूछो मत। फिर वो मुझसे लिपट गयी और बोली कि जल्दी से जैसे भी कॉकरोच को बाहर फेंको ना, प्लीज। तब मैंने भी मौके का फायदा उठाकर उसको ज़ोर से चिपका लिया और बोला कि मामी मेरे होते क्यों डरती हो? अभी फेंक देता हूँ और फिर उसको एक बार फिर से भींच दिया। तब वो कुछ नहीं बोल सकी। फिर मैंने कॉकरोच को उसकी साड़ी और पेटीकोट में लपेटकर रूम के बाहर बालकनी में फेंक दिया और लाईट ऑफ कर दी। अब सिर्फ नाइट बल्ब जल रहा था और रूम का दरवाजा भी बंद कर दिया और उससे कहा कि मैंने कॉकरोच बाहर फेंक दिया है और दरवाजा भी बंद कर दिया है, ताकि कही फिर ना आ जाए।

फिर मैंने उसका एक हाथ पकड़कर बेड पर लेटा दिया और उससे कहा कि सो जाओ और फिर बोला कि मामी आप जो भी बोलो, लेकिन आप बहुत सेक्सी और मस्त चीज हो। तब वो बोली कि बदमाश और पास पड़े एक टावल को अपने बदन पर डाल दिया। तब में बोला कि अब क्यों शर्मा रही हो? और फिर मैंने कहा कि कॉकरोच ने आपको कही काटा तो नहीं, अरे कहाँ-कहाँ घुमा? देखूं तो सही, कहीं निशान तो नहीं पड़ गये? और अब में उनकी टांगो पर अपना एक हाथ फैरने लगा था और फिर उसकी जांघो पर अपना हाथ फैरा और फिर हँसकर बोला कि पेंटी में तो नहीं घुसा था ना। तब वो बोली कि चल बदमाश, बेशर्म हो गया है। तब मैंने कहा कि मामी आपको कोई क्रीम बॉडी पर लगा लेनी चाहिए, ताकि स्किन पर इन्फेक्शन नहीं हो जाए। तब वो बोली कि ड्रॉयर में बोरोलिन रखी है, निकाल ले। तब में बोरोलिन क्रीम निकाल लाया और उनके पूरे पैरो पर मलने लगा था। फिर मैंने थोड़ी क्रीम उसकी जाँघो पर लगाई। अब मुझे उसकी जाँघो पर हाथ फैरने में बड़ा मज़ा आ रहा था, क्या कोमल त्वचा थी? अब में बड़ा उत्तेजित हो रहा था।

फिर मैंने उसकी जाँघो से आगे बढ़कर ऊपर तक अपने हाथ से मसला और फिर उसकी पेंटी में अपना एक हाथ डालकर थोड़ी क्रीम लगा दी। तब मामी बोली कि क्या कर रहे हो? तो तब में बोला कि उतार नहीं रहा हूँ सिर्फ हाथ अंदर करके लगा रहा हूँ, नहीं तो तुम अपने आप लगा लो। तब वो बोली कि अच्छा लगा दो। फिर मैंने थोड़ी क्रीम उनकी कमर पर लगाई और थोड़ी उनके चूतड़ पर भी लगा दी। अब उसको भी बहुत उत्तेजना हो रही थी। फिर मैंने उसके चूतड़ दबा दिए, तो तब वो सिसकारी भरते हुए बोली कि ये सब क्या हो रहा है? तो तब में बोला कि मामी तुम बोली थी कि कॉकरोच को फेंक दोंगे तो जो माँगोगे वो मिलेगा और फिर मैंने उनका चेहरा पकड़कर कहा कि मामी तुम सच में बहुत सुंदर हो, एक किस दे दोना प्लीज। तब वो बोली कि लेकिन और कुछ नहीं करना। तब मैंने कहा कि मामी प्लीज सिर्फ़ एक बार किस करने दीजिए, प्लीज किसी को कुछ पता नहीं चलेगा, मेरी अच्छी मामी, मेरी सुंदर मामी प्लीज।

फिर पहले तो मना करने के बाद मामी ने कहा कि देख किसी को बताना मत और सिर्फ़ एक बार ही किस करेगा। तब मैंने कहा कि ठीक है और फिर मामी अपनी आँखे बंद करके मेरे पास बैठ गयी और बोली कि देख कुछ शरारत नहीं करेगा और सिर्फ़ एक किस करेगा। तब मैंने उनके होंठो पर अपने होंठ रख दिए और उनकी गर्म-गर्म सांसो को महसूस करने लगा था। फिर मैंने अपनी जीभ उनके होंठो से लगाई और किस करना शुरू किया और फिर मैंने उनके प्यारे होंठो को मेरे मुँह में ले लिया और चूसने लगा था। तब मामी ने कहा कि बस अब बंद कर दे। तब मैंने कहा कि मामी में आज नहीं रुक सकता और फिर मैंने उनको बेड पर धक्का दे दिया और उनको अपनी बाँहों में समेट लिया और बोला कि जो बोलोगी वही करूँगा, मामी और उनके गाल पर किस करना शुरू कर दिया। तब थोड़ी देर तक तो मामी ने मना किया, लेकिन फिर थोड़ी देर के बाद मामी एकदम शांत हो गयी।

अब में उनको लगातार किस कर रहा था। अब हम दोनों ने एक दूसरे को अपनी बाँहों में लेकर अपने गर्म जिस्म को आपस में रगड़ना शुरू कर दिया था। अब मेरे सामने उनके बड़े-बड़े बूब्स सिर्फ़ चोली में थे। फिर उसे किस करते-करते मेरे हाथ उसके पीछे ले गया और उसकी ब्रा के हुक खोल दिए। अब वो टॉपलेस हो गयी थी और अब झटके के साथ उनकी चूचीयाँ बाहर आ गयी थी। अब में तो उसके बूब्स को देखकर एकदम पागल हो गया था और उन्हें अपने मुँह में लेकर चूमने लगा था। अब में उसके एक एक निप्पल को चूसने लगा था और उनके बूब्स को दबा भी रहा था और अब वो ज़ोर से उत्तेजित हो रही थी। अब में मेरे दोनों हाथों से उसके बूब्स को दबा रहा था और अपने मुँह से एक-एक करके ज़ोर ज़ोर से चूस रहा था। फिर मैंने उसके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबाना शुरू कर दिया। अब वो झटपटा रही थी, क्योंकि उसको दर्द हो रहा था।

फिर बाद में मैंने उनके पेट पर और नाभि पर और उसके नीचे भी बहुत से किस दिए और उनकी चूची को अपने मुँह में रखकर चूसने लगा था और साथ-साथ दबा भी रहा था। अब वो सिसकारी भरने लगी थी और बोली कि अब और कुछ मत करना, प्लीज बस करो। तब में बोला कि कुछ भी तो नहीं जैसे तुम बोलोगी वैसे ही करूँगा और फिर से ज़ोर का किस जड़ दिया। अब मामी सिर्फ़ पेंटी में थी। फिर मैंने एक झटके में उसकी पेंटी भी उतार दी, उसकी चूत पर काले-काले बाल थे और फिर मुझे रेशमी झांटो के जंगल के बीच में छुपी हुई उनकी रसीली गुलाबी चूत का नज़ारा देखने को मिला। अब नाइट बल्ब की हल्की रोशनी में चमकते हुए नंगे जिस्म को देखकर में उत्तेजित हो गया था और अब मेरा लंड खुशी के मारे झूमने लगा था। फिर हम दोनों ने एक दूसरे को अपनी बाँहों में लेकर अपने गर्म जिस्म को आपस में रगड़ना शुरू कर दिया। फिर मैंने कहा कि मामी ये सारी बात सीक्रेट रहेगी, किसी को भी कुछ पता नहीं चलेगा, आज रात बस इन्जॉय करो और फिर में तुरंत उनके ऊपर लेट गया और उनकी चूचीयों को दबाते हुए उनके रसीले होंठो को चूसने लगा था।

फिर तब मामी ने भी मुझे कसकर अपने आलिंगन में जकड़ लिया और चुम्मा का जवाब देते हुए मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी, हाए क्या स्वादिष्ट और रसीली जीभ थी? अब में भी उनकी जीभ को ज़ोर शोर से चूसने लगा था। फिर मैंने उनकी चूचीयों को ज़ोर-ज़ोर से दबाया, चूसा। तब वो बोली कि तू शैतान है, अब मुझसे नहीं रहा जा रहा है और फिर मामी ने अपनी दोनों टाँगे फैला दी और मेरे फड़फड़ाते हुए लंड को पकड़कर अपनी चूत के मुँह पर रख लिया। अब उनकी झांटो का स्पर्श मुझे पागल बना रहा था। फिर मैंने अपना लंड मामी की चूत में घुसाना चाहा, आहह। अब में क्योंकि नौसीखिया था इसलिए शुरू-शुरू में मुझे अपना लंड उनकी टाईट चूत में घुसाने में काफ़ी परेशानी हुई। फिर जब मैंने ज़ोर लगाकर अपना लंड अंदर डालना चाहा तो तब उन्हें दर्द भी हुआ।

अब मामी भी अपने हाथ से मेरे लंड को निशाने पर लगाकर रास्ता दिखा रही थी और फिर मेरा लंड एक ही धक्के में अंदर चला गया तो तब मैंने दूसरा धक्का लगाया। अब मेरा पूरा का पूरा लंड मक्खन जैसी चूत की जन्नत में दाखिल हो गया था। तभी मामी चिल्लाई उईईइ, हाईईईईईई, हाईईईई माँ, आआ, उहहहह, ओह, ऐसे ही कुछ देर हिलना डुलना नहीं, हाए बड़ा जालिम है तेरा लंड। अब में अपना लंड उनकी चूत में घुसाकर चुपचाप पड़ा था। अब मामी की चूत फड़क रही थी और अंदर ही अंदर मेरे लंड को मसल रही थी। अब उनकी उठी-उठी चूचीयाँ काफ़ी तेज़ी से ऊपर नीचे हो रही थी। फिर मैंने अपने दोनों हाथ आगे रहा बढ़ाकर उनकी दोनों चूचीयों को पकड़ लिया और अपने मुँह में लेकर चूसने लगा था। अब मामी को भी जोश आ गया था और फिर उन्होंने अपनी कमर हिलानी शुरू कर दी। अब मामी के मुँह से सिसकारी निकलने लगी थी आह, उहह, उईईईईईईई, अरे ज़ोर से करो ना और ज़ोर से करो, चोदो मुझे, ले लो मज़ा जवानी का और अपनी गांड हिलाने लगी थी।

अब में भी ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा था और अब में पूरी स्पीड में अपने लंड को अंदर बाहर कर रहा था। फिर में उनको 10 मिनट तक चोदता रहा। अब हम दोनों के मुँह से आहह, उईईईईईईई मजा आ गया और ज़ोर से, सीईईई, करते रहो, ऊऊऊओ, आहह, मेरी जान जैसी आवाजे निकलने लगी थी। तब में बोला कि मामी आज नहीं छोड़ूँगा, तेरी चूत को मस्त कर दूँगा, तू हमेशा याद रखेगी और हमेशा मेरे लंड के लिए तड़पेगी। फिर में अपना आधे से ज़्यादा लंड बाहर निकालता और फिर से जोरदार धक्का मारते हुए वापस मामी की चूत की गहराई तक डाल देता। अब मामी ने अपनी आँखें बंद कर ली थी और मेरे हर धक्के के साथ अपनी गांड को उठा-उठाकर धक्का देने लगी थी। अब मेरी रफ़्तार बढ़ने लगी थी और फिर हमारी स्पीड इतनी तेज हो गयी कि हमें पता ही नहीं लगा कि हम दोनों कब झड़ गये थे? फिर हम दोनों एक दूसरे की बाँहों में लिपटकर लेट गये और फिर एक दूसरे की बाँहों में सो गये। फिर हमें पता ही नहीं चला कि कब सुबह हो गयी? फिर सुबह जब हमारी नींद खुली तब मैंने मामी की चूत पर एक किस किया और फिर उनकी निप्पल दबा दी। तब उसने भी मेरे लंड को अपनी मुठी में भींचा और बोली कि इसने बहुत मेहनत की है। तब मैंने कहा कि तुम बोलो तो फिर से शुरू हो जाऊं। तब उसने कहा कि बदमाश, अब भूल जा, चल उठकर तैयार हो जा और फिर हम बिस्तर से उठकर अपने-अपने कपड़े पहनकर रूम से बाहर आ गये। फिर दोस्तों में जब भी वहाँ गया तो तब मैंने मेरी मामी की खूब चुदाई की और खूब मजा किया ।।

धन्यवाद …