मुझे बहुत डर लगता है-1

desi sex stories, indian porn kahani हैल्लो दोस्तों, एक बार की बात है। में दिल्ली मेरे मामा जी के घर गया था, में वहाँ 4 दिन के लिए गया था। मेरी मामी दिखने में बहुत सुंदर है, उनके बूब्स और गांड बहुत सेक्सी है, वो जब चलती थी तो तब उसके चूतड़ के गोले ऊपर नीचे होते थे तो बहुत ही सेक्सी लगते थे। मामी की गांड इतनी मस्त थी कि उसे एक बार टच करके दबाने का दिल करता था। वो साड़ी भी ऐसे पहनती है कि पीछे से उनकी कमर साफ दिखती है। में उनके बड़े-बड़े बूब्स को हमेशा ही देखा करता था और में उनकी तरफ बड़ा ही आकर्षित था। फिर जब में वहाँ पहुँचा तो अगले दिन ही मामा जी को कोई बिजनेस ट्रिप से 2 दिन के लिए बाहर जाना पड़ा। तब वो मामी से बोले कि इसका ठीक से ख्याल रखना, बहुत दिनों के बाद तो आया है। तो तब मामी बोली कि आपको इसके लिए बोलना पड़ेगा क्या? ये मेरा भी तो भांजा है। तो तब मामा जी मुझसे भी बोले कि कोई संकोच मत करना, अपना ही घर समझकर रहना, में जल्दी ही आ जाऊँगा।

अब उनके घर में और कोई नहीं था, उनके कोई संतान नहीं थी। फिर मामी बोली कि बेटे तुम मेरे रूम में ही सो जाना, अकेला कहाँ सोएगा? तो तब मुझे बहुत अच्छा लगा। मेरी मामी कॉकरोच से बहुत डरती थी, ये मुझे रात को पता चला था जब उनके बेड पर कॉकरोच चल रहा था। तो तब वो उसे देखकर इधर उधर भाग रही थी और फिर अचानक से उन पर चढ़ गया। तब वो बहुत ऊपर नीचे हो रही थी और बड़ी उछल कूद मचाई, इधर उधर भागी। फिर मैंने कॉकरोच के ऊपर एक कपड़ा डालकर उसे पकड़कर रूम से बाहर फेंका तब उसकी जान में जान आई।

तब वो बोली कि मुझे बहुत डर लगता है, आज तुम थे नहीं तो पता नहीं क्या होता? तो तब में बोला कि मामी जब तक में यहाँ हूँ तब तक तुमको जरा भी डरने की जरूरत नहीं है और में भी तो तुम्हारे पास ही तो सो रहा हूँ। अब में मन ही मन मामी की तरफ आकर्षित तो था ही और मुझे एक अच्छा बहाना मिल गया था। फिर रात को हमने देर तक टी.वी पर मूवी देखी और उसमें अच्छे सेक्सी सीन थे। तब मैंने एक दो बार मज़ाक में मामी से फ्लर्ट करते हुए कहा भी तुम भी तो कम सेक्सी नहीं हो और हमारी मामी भी सुंदरता में किसी से कम नहीं है और फिर हम दोनों ने हंसते बोलते इन्जॉय किया और फिर सो गया। फिर रात को में जानबूझकर मामी के करीब हो गया और बीच में उनकी छाती पर अपना एक हाथ रख देता था और फिर में सो गया। फिर अगले दिन मैंने सुबह उनके स्टोर के सामान में कॉकरोच देखे तो तब मुझे तुरंत आइडिया आया और फिर मैंने एक बोतल में 3 कॉकरोच बंद कर लिए। मैंने उस बोतल के ढक्कन में छेद कर दिया था, ताकि वो मरे नहीं और फिर रात को मामी के साथ सेक्स करने के सपने देखने लगा था।

फिर दिन में मामी के साथ मार्केट गया और कुछ शॉपिंग की और घूमे फिरे। फिर डिनर करने के बाद मैंने टी.वी चलाया, तो तब टीवी पर हवस मूवी आ रही थी, जिसमें जॉन अब्राहम और बिपाशा के बड़े ही हॉट उत्तेजक सीन थे। तब मामी बोली कि आजकल फ़िल्मों में क्या-क्या दिखा देते है। तभी मैंने कहा कि आजकल तो फिल्मों में ब्लू फिल्म से कम सेक्सी सीन होते ही नहीं, सब कुछ तो दिखा देते है। तब मामी बोली कि हाँ यह तो है, आजकल बच्चे भी शादी से पहले सब जान जाते है और फिर इस तरह की बातें होती रही। अब में सीन देखकर बहुत ही उत्तेजित हो रहा था। अब मेरा लंड पैंट में खड़ा था तो तब मैंने पूछा कि मामी आपने कभी एडल्ट मूवी या ब्लू फिल्म देखी है क्या? तो तब वो बोली कि हाँ केबल वाला कभी-कभी दिखा देता था, लेकिन आजकल नहीं दिखाता है और फिर हम मूवी देखते रहे। फिर रात को मूवी के बाद मामी ने मुझे दूध पिलाया और बोली कि में सोने जा रही हूँ, तुमको भी नींद आए तो सो जाना।

फिर मामी के जाने के कुछ देर के बाद मैंने भी कपड़े चेंज किए और फिर मैंने भी लुंगी पहन ली। फिर मैंने स्टोर से कॉकरोच की बोतल निकाली और बाहर रख ली। फिर जब मुझे लगा कि मामी सो गयी है, तो तब में उस बोतल के साथ उसके बेडरूम में चला गया और फिर उस बोतल को पलंग के नीचे रख दिया, जब रूम का नाइट बल्ब जल रहा था, अब मामी सो गयी थी। फिर में भी उनके बगल में पिछली रात की तरह सो गया और फिर मामी से सटकर लेट गया था और उनके ऊपर अपना एक हाथ भी रख दिया था, आज तो मेरे दिल में कुछ और ही था। फिर मैंने पलंग के नीचे से बोतल निकाली और मामी के पैरो के पास ले जाकर थोड़ी साड़ी पेटीकोट के अंदर उस बोतल के मुँह को किया और फिर उस बोतल का ढक्कन खोल दिया। फिर तब झट से तीनों कॉकरोच बोतल में से बाहर निकले और मामी के पेटीकोट के अंदर घुस गये और फिर मैंने धीरे से बोतल पलंग के नीचे सरका दी।

फिर जैसे ही कॉकरोच उनकी टांगो पर चढ़ते और ऊपर जाँघो तक पहुँचे। तब वो ज़ोर से चिल्लाई कौन है? और झटके के साथ खड़ी हो गयी थी। तब मैंने भी उनकी आवाज सुनकर उठने का नाटक किया और बोला कि क्या हुआ? क्या हुआ? मामी क्यों चिल्ला रही हो? तो तब वो बोली कि पता नहीं क्या घुस गया है? मुझे मालूम नहीं, जल्दी लाईट जलाओ। तब मैंने लाईट ऑन कर दी। अब उसकी साड़ी बदन से उतर चुकी थी और अब वो ज़ोर-ज़ोर से अपने पेटीकोट को झटक रही थी। अब वो कभी टांगो को तो कभी हाथों को झटक रही थी। अब कॉकरोच बाहर निकलने का नाम ही नहीं ले रहे थे और उनकी जाँघो के पास इधर उधर चल रहे थे। तभी मामी चिल्लाई अरे कुछ तो कर, मेरी जान निकली जा रही है। तो तब मैंने कहा कि ज़ोर से झटको ना या इसे भी उतार दो। अब वो लगातार उछल कूद कर रही थी। तभी मैंने हिम्मत करके उनके पेटीकोट का नाड़ा झटके से खोल दिया, तो तब उसका पेटीकोट नीचे आ गिरा।

अब वो सिर्फ़ पेंटी में थी और ऊपर ब्लाउज था, जिसमें से उसके बड़े-बड़े बूब्स बाहर आने को बेताब थे, अब कॉकरोच पेटीकोट के कपड़े में थे, लेकिन एक उनकी पेंटी में बैठ गया था। तब मैंने उसको उड़ाने के बहाने उसकी पेंटी पर ज़ोर से अपना एक हाथ रगड़ दिया, जिसकी रगड़ उनकी फूली हुई चूत पर पड़ी। अब वो डर रही थी और शर्मा भी रही थी। अब वो कॉकरोच उड़ने लगा था और फिर अचनाक से वो उनकी छाती पर बैठ गया। तब मैंने उसको पकड़ने के बहाने उनकी छाती पर अपना एक हाथ फेंका और उसके बूब्स को दबोच लिया। तब उसके मुँह से सिसकारी निकली और बोली कि संभालकर क्या करता है? उसके ब्लाउज का ऊपर वाला बटन खुला था, तो वो कॉकरोच थोड़ा अंदर घुस आया। तब वो बोली कि जल्दी पकड़ नहीं तो में मर जाउंगी। तब मैंने जल्दी से उसके ब्लाउज में कॉकरोच निकालने के बहने अपना एक हाथ डाल दिया, क्या नर्म-नर्म चूचीयाँ थी उसकी? अब मुझे पूरी मस्ती आ रही थी। अब वो डर के मारे बेहाल थी।

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