मदर’स डे पर करवाई माँ की चुदाई

हाई फ्रेंड, इट्स मी स्वाति अगेन विथ माय न्यू स्टोरी. सॉरी फॉर दिस मच डिले. एक्चुअली, आल माय टेक्स्ट फाइल्स वर डिलीट, सो हेव टू राईट इट अगेन. डोज हु डोंट क्नो मी, उनके लिए एक क्विक इंट्रोडक्शन है मेरा. नाम तो मैंने अपना बता ही दिया स्वाति और मेरी उम्र १९ साल है और मेरी फिगर ३६ – ३२ – ३८ है और बॉडी कर्वे है. लेट्स स्टार्ट विथ स्टोरी. ये स्टोरी लास्ट मंथ की है. ऐज यू पीपल क्नो, १० को मदर डे था, तो मम्मी के लिए कुछ स्पेशल करना था उनको कुछ स्पेशल गिफ्ट देना चाहती थी. मेरी एक फ्रेंड ने सजेस्ट किया, कि एक स्ट्रिपर गिफ्ट रेप करके दे दे. जम कर चोदेगा वो आंटी को. मुझे आईडिया अच्छा लगा और मैंने एक एजेंसी में कांटेक्ट किया. मैंने २ मेल स्ट्रिपर चूज किये और १० हजार एडवांस दे दिया. फिर मैंने अपनी पूरी रेकुइरेमेंट के साथ उसको सुबह १० बजे घर आने को कहा.

हम सुबह ६:३० बजे जोगिंग, योग करके रेडी हो जाते है. ९ बजे तक बाथ लेकर और ब्रेकफास्ट भी कर लेते है. मैंने मम्मी को सुबह विश किया और वो बहुत खुश हुई बट मैंने स्ट्रिपर के बारे में कुछ नहीं बताया. मैंने ग्रे लेगिंग और ब्लैक टीशर्ट पहनी थी इर मम्मी ने पिंक कैपरी और वाइट टीशर्ट पहनी हुई थी. हम दोनों ही मस्त सेक्सी लग रही थी. मम्मी अपने रूम में थी, कि इतने में डोरबेल बजी और मैंने दरवाजा खोला. मैंने उन दोनों को फिर अन्दर आने को कहा. उनमे से एक नाम आसिफ था और दुसरे का महेश. महेश ५. १० फिट का था गोरा था और आसिफ ५.८ फिट का और थोड़ा सांवला. दोनों ही हैण्डसैम थे और मस्कुलर बॉडी वाले थे. महेश का लंड का लम्बा था आसिफ से, लेकिन आसिफ का लंड मोटा था. मम्मी अपने रूम से बाहर आई और देखा २ लड़के मेरे साथ खड़े है. मैंने कहा – हैप्पी मदर डे. मम्मी ये दोनों स्ट्रिपर आपके गिफ्ट है. मुम्मी बहुत खुश होते हुए मुझे हग करने लगी. हमने स्कॉच के गिलास बनाये और काउच पर बैठ गये. आसिफ और महेश ने डांस करना स्टार्ट किया और वो लोग काफी हॉट लग रहे थे.

वो दोनों डांस करते रहे और उन्होंने अपनी शर्ट उतार दी. दोनों की बॉडी देख कर हमारा मन होने लगा. स्कॉच का दूसरा गिलास बनाया और एन्जॉय करने लगे. आसिफ आगे आया और मम्मी के हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खीचा और दोनों लड़के मम्मी के आगे और पीछे चिपक कर डांस करने लगे. मम्मी को बहुत मज़ा आ रहा था. दोनों ने अपनी जीन्स भी उतार दी और सिर्फ अंडरवियर में थे. वो कपड़े के ऊपर से ही अपने लंड को मम्मी के आगे और पीछे रगड़ रहे थे. मम्मी के फेस से पता पड़ रहा था, कि वो एक्साइट हो गयी थी. महेश मम्मी की गांड से चिपका हुआ था और फिर वो नीचे झुका और मम्मी की गांड पर बाईट करने लगा, कैपरी के ऊपर से ही. ऐसे ही आसिफ झुका और मम्मी की चूत को कैपरी के ऊपर से काटने लगा. मम्मी को नशा होने लगा और दोनों के सिर पर हाथ रख कर दोनों को और जोर से दबाने लगी. आसिफ खड़ा हुआ और मम्मी का हाथ पकड़ कर अपनी अंडरवियर के अन्दर डाल दिया. मम्मी उसके लंड को पकड़ कर सहला रही थी. पीछे से महेश ने मम्मी की कैपरी नीचे खिची और मम्मी की ब्लैक पेंटी भी साथ ही निकल गयी.

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अब मम्मी की चूत और गांड खुली थी और मम्मी आधी नंगी थी. महेश ने अपना सिर फिर से मम्मी की गांड में दबाया और चाटने लगा. अपने हाथ से दोनो गांडो को फैला कर पूरी गांड ऊपर से नीचे तक चाटने लगा. आसिफ की अंडरवियर तो मम्मी ने निकाल दिया. आसिफ सीधा खड़ा था. मम्मी झुक कर उसका लंड मुह में लेकर चूसने लगी थी. और पीछे से महेश अपने घुटनों पर बैठा हुआ उसकी गांड चाट रहा था और उसकी चूत में ऊँगली कर रहा था. मम्मी लंड चूसते चूसते बीच में अहहः अहः अहहः अहहः आहाहाह अओअओअओअऊअ हहहः कर रही थी. आसिफ ने मम्मी की टीशर्ट खीच कर निकाल दी. अब मम्मी सिर्फ ब्रा में खड़ी थी और लंड चूस रही थी और अपनी चूत में ऊँगली करवा रही थी. आसिफ उनके बूब्स पकड़ कर मसल रहा था. ये सब देख कर मेरी चूत से पानी निकलने लगा था. मैंने पेंटी नहीं पहनी थी, इसलिए मेरी लेगिंग भीग गयी थी. मैं कपड़े के ऊपर से अपने बूब्स दबा रही थी और अपनी चूत को रगड़ने लगी थी. महेश खड़ा हुआ और उसका लंड बिलकुल तन चूका था.. उसने कंडोम लगाया और पीछे से लंड मम्मी की चूत पर रखा और एक ही झटके में घुसा दिया.

मम्मी जोर सेउछल पड़ी और अहहाह अहहाह अहहः अहहहः करने लगी. आसिफ सिफ ने लंड मम्मी के मुह से निकलने नहीं दिया और उनका मुह पकड़ कर लंड अन्दर बाहर करने लगा. मम्मी को भो दोनों लंड एक साथ लेकर बड़ा मज़ा आ रहा था. महेश ने मम्मी की ब्रा का हुक भी खोल दिया और निकाल कर फेंक दिया. वो पीछे से जोर से मम्मी की चूत में लंड पेल रहा था और हर झटके साथ मम्मी अहहाह अहहहा अहहह्हा ओअओअओअओअ अहहाह अहहाह कर रही थी. आसिफ ने लंड मम्मी के मुह से निकला और मेरे पास आ गया. मैं लंड के लिए तड़प रही थी. उसने आते ही मुझे धक्का दे दिया और मैं लेट गयी काउच पर. उसने मेरी लेग्गिंग खीच कर निकाली और मेरी गीली चूत उसके सामने आ गयी. वो नीचे झुका और मेरी चूत को चाटने लगा. अपनी जीभ चूत को फैला कर अन्दर तक घुमाने लगा. बड़ा ही मज़ा आ रहा था.. अहहाह अहहाह अहहः ऊअओअओअ हूहोहोहोहोहोह… मैंने अपनी टीशर्ट निकाल दी और ब्रा तो मैंने पहनी नहीं थी. वो नीचे चूत में जीभ घुमा रहा था और फिर उसने अपना एक हाथ मेरे बूब्स पर रख दिया और उसको मस्ती में मसल रहा था. मैं ऊपर लेटी हुई उसके सिर को अपनी चूत में दबा रही थी और अपने आप ही अपना दूसरा बूब्स मसल रही थी. वहां पर मम्मी खड़ी हुई थी और झुक कर मरवा रही थी.

महेश ने लंड बाहर निकाला और चूत से और मम्मी को घुमा कर उनके मुह में डाल दिया. मम्मी अपनी ही चूत का पानी पी कर खुश हो गयी. आसिफ खड़ा हुआ और अपना लंड मेरी चूत पर रख कर अन्दर डालने लगा. २ -३ झटको में लंड अन्दर गया, क्योंकि उसका लंड बहुत मोटा था. मैंने फर्स्ट टाइम कोई मुस्लिम लंड लिया था और वो मेरे ऊपर लेटा हुआ मेरी टाँगे चौड़ी करते हुए और अपने लंड से मेरी चूत में झटके दे रहा था धीरे – धीरे. फिर उसने अपनी स्पीड और बढ़ा दी और स्पीड से मुझे चोदने लगा. मैंने मम्मी को देखा, तो महेश नीचे लेटा हुआ था और मम्मी उसका लंड अपनी चूत में लिए उछल रही थी ख़ुशी से. थोड़ी देर और मेरी चूत मारने के बाद आसिफ ने लंड निकालामेरी चूत से पीछे जाकर फिर से मम्मी के मुह में डाल दिया. मम्मी महेश के लंड पर बैठी थी और अब आसिफ का लंड भी चूस रही थी. नीचे से महेश जोर – जोर से धक्के लगा रहा था. आसिफ ने लंड मुह से निकाला और मम्मी के पीछे जाकर मम्मी को झुकाया महेश पर. महेश का लंड मम्मी की चूत में था, तो आसिफ ने बहुत सारा थूक मम्मी की गांड पर लगाया और लंड गांड में रख कर अन्दर डालने लगा. लंड काफी झटको के बाद पूरा का पूरा अन्दर घुस गया.

अब मम्मी की चूत और गांड दोनों में ही लंड था और दोनों उनकी खूब जम कर चुदाई कर रहे थे और मम्मी जोर – जोर से मोअन कर रही थी. इतनी चुदाई की वजह से महेश के लंड ने पानी छोड़ दिया. आसिफ नीचे लेटा हुआ था और मम्मी उसका लंड अपनी गांड में लिए ऊपर बैठी थी मेरी साइड फेस करके. मुझे पूरा लंड गांड में अन्दर बाहर जाता हुआ नज़र आ रहा था. मम्मी की गांड चूत से ज्यादा टाइट है और आसिफ भी ज्यादा नहीं टिका और उसने भी अपनी निकाल दिया. मैं ऊँगली करते – करते ही १ बार पानी छोड़ चुकी थी और मम्मी का भी २ बार छुट चूका था. सब नंगे ही पड़े हुए थे. आसिफ और महेश दोनों काउच पर बैठे थे. मैं और मम्मी उनकी गोद में. मैं महेश की गोद में और मम्मी आसिफ की. बात कर रहे थे और ड्रिंक कर रहे थे. महेश मेरे बूब्स दबा रहा था और उसका दूसरा हाथ मेरी गांड में फिर रहा था और सहला रहा था. पेग लेने के बाद, मैं नीचे उतरी और अपने घुटनों पर बैठ के महेश का लंड चूसने लगी. मम्मी आसिफ की गोद में बैठे – बैठे ये सब देख कर हंस रहे थे.

मेरे चूसने से महेश का लंड फिर से खड़ा होने लगा और मुझे चूसता देख कर आसिफ का भी टाइट होने लगा. महेश काउच पर बैठा हुआ था. मैं जमीन से खड़ी हुई और महेश की साइड पीठ करके मैंने उसके लंड को अपनी चूत में डालने को कहा. उसने लंड घुसाया और मैं उछलने लगी. चुदाई के नशे में, मैं जन्नत में थी. महेश अपनी पूरी पॉवर से मेरी चूत मार रहा था. मम्मी ने आसिफ को मेरे पास खड़ा कर दिया और मैं उसका लंड चूसने लगी. फिर हम सब लोग अलग हुए. मैं और मम्मी डोग्गी स्टाइल में आ गये और आसिफ मेरे पीछे आया और मेरी चूत में लंड डाल दिया और महेश ने मम्मी के पीछे से उनकी गांड में लंड डाल दिया. वो दोनों हम दोनों को फुल स्पीड से चोद रहे थे. मैं और मम्मी साथ में अहः अहः अहहाह ऊऊ ह्म्म्मम्म ऊहोहोहोहो ऐसे चिल्ला रही थी… हम दोनों की मस्त चुदाई हो रही थी… १२:३० बज चुके थे.

ऐसे और थोड़ी देर चुदाई के बाद, हम चारो का पानी निकल गया. आसिफ और महेश ने अपने – अपने लंड से मेरे और मम्मी के फेस पर पूरा कम डाल दिया और इतनी चुदाई के बाद चूत भी लाल पड़ गयी थी. मैंने होटल फ़ोन करके लंच का आर्डर दिया हम चारो के लिए. फिर मैं शावर लेने चली गयी. मैं ३० मिनट तक बाथटब में आराम से बैठी रही और फिर बाहर आई टॉवल में, तो देखा कि दोनों फिर से मम्मी की चुदाई कर रहे थे. आसिफ चूत मार रहा था और महेश का लंड मम्मी की गांड में था. इतने में डोरबेल बजी और मैं जानबूझ कर टॉवल में ही दरवाजा खोलने चली गयी अपना पर्स लेकर. डिलीवरी बॉय मुझे टॉवल में देख कर पागल ही हो गया था. मैंने आर्डर लिया और उसे पे कर दिया. मुझे टॉवल में देख कर उसका तो दिन ही बन गया था. हम लोगो की चुदाई ख़तम हुई, तो सब शावर लेने गये और मैं भी फिर से आ गयी. हमने एक दुसरे को अच्छे से धोया और साफ़ किया. वो दोनों हमारी चूत को, गांड को और बूब्स को अच्छे से साबुन से साफ़ कर रहे थे और चूत को चाट भी रहे थे.

मैंने और मम्मी ने उसके लंड को साफ़ किया और थोड़ी देर चूसने के बाद उन दोनों के लंड फिर से खड़े हो गये और उन्होंने हम दोनों बाथरूम में ही दबोच लिया और मम्मी को आसिफ बाथटब में और आसिफ मुझे कमोड के ऊपर बैठा कर चोद रहे थे. कुछ देर बाद, आसिफ और महेश ने पोजीशन बदल ली. अब महेश मुझे और आसिफ मम्मी की ठुकाई कर रहा था. हम सब ने एक बार फिर से अपना पानी छोड़ दिया और फाइनली, उसके बाद हम सब फिर से नहाये और बाहर आ गये. लंच के बाद उनको बाकी पेमेंट कर दी और वो दोनों चले गए. मैं और मम्मी बहुत थके हुए थे और बाकी का पूरा दिन हम दोनों एकसाथ सोते रहे. मम्मी ने मुझे जग किया और किस किया और कहा, कि ये मेरा आज तक का बेस्ट गिफ्ट था. वो बहुत खुश थी. तो दोस्तों, आप को मेरी कहानी कैसी लगी. प्लीज मुझे अपने कमेंट से मेरी कहानी के बारे में जरुर बताना, ताकि मुझे पता लग सके, कि आप लोग सेक्स में एक्सपेरिमेंट के बारे में क्या – क्या सोचते है.

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