मेरी नंगी फोटो देखने के बाद चाचा ने मुझे चोदा

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मेरा नाम कोमल है और मैं कक्षा बारहवीं में पढ़ती हूं, हमारे कुछ ही दिनों में पेपर होने वाले थे इसी वजह से मेरे पापा चाहते थे कि मैं उसके बाद पढ़ने के लिए शहर में चली जाऊं क्योंकि हम लोग गांव में ही रहते हैं और मेरे पापा खेती करके ही गुजारा चलाते हैं लेकिन मेरे चाचा शहर में एक बहुत बड़े पद पर हैं और उन्होंने कह दिया था कि जब कोमल की पढ़ाई पूरी हो जाएगी तो तुम उसे हमारे पास ही भेज देना इसी वजह से मेरे पापा ने कहा कि ठीक है मैं उसे तुम्हारे पास ही भेज दूंगा। कुछ दिनों बाद मेरे एग्जाम नजदीक आ गये और मैंने जब अपने पेपर दिए तो उसके दो तीन महीनों बाद मेरा रिजल्ट आना था इसलिए मैं घर पर अपने मम्मी पापा के साथ ही थी और उनके साथ काम में हाथ बडा दिया करती थी क्योंकि मेरा भाई अभी बहुत छोटा है इस वजह से वह कुछ काम नहीं कर सकता।

हम लोग उसे घर पर ही रकते हैं। मुझे ही अपने मम्मी-पापा के साथ काम पर जाना पड़ता था। गांव में मेरी जितनी सहेलियां है वह सब बहुत ही अच्छी हैं। जब भी हमारे गांव में मेंला होता तो हम लोग वहां घूमने जाया करते और मेले में जमकर मस्ती किया करते थे। हम लोग अपने गांव में बहुत ही खरीदारी करते थे और मुझे बहुत अच्छा लगता था जब मैं किसी भी मेले में जाती हूं और कुछ दिनों बाद मेरा रिजल्ट आ गया। जब मेरा रिजल्ट आया तो मेरे अच्छे नंबर आये और मैं अच्छे नंबरों से पास हो गई। कुछ दिनों बाद मेरे चाचा का भी फोन आया और वह कहने लगे कि तुम कोमल को हमारे पास भेज दो। मेरे पापा ने जब मुझे यह बात कही तो मुझे काफी बुरा सा लग रहा था क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि मैं उनके साथ शहर में जाऊं, मैं गांव में ही रहना चाहती थी पर मेरे पापा चाहते थे कि मैं अपनी अच्छे से पढ़ाई करू और अपनी पढ़ाई में ध्यान दू। मेरे चाचा का नाम संजीव है और उनकी पत्नी का नाम कल्पना। उनके बच्चे भी अभी छोटे हैं। मैंने अपने पापा से कई बार मना किया कि नहीं मुझे वहां नहीं जाना लेकिन वह बिल्कुल भी मेरी बात सुनने को तैयार नहीं थे और कह रहे थे कि तुम्हें शहर तो जाना ही पड़ेगा नहीं तो तुम यहां गांव में क्या पढ़ाई करोगी।

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तुम्हारी भी कुछ सालों बाद शादी हो जाएगी और तुम कुछ अपने जीवन में नहीं कर पाओगी लेकिन मैं नहीं चाहता कि तुम किसी तरीके से शादी कर लो और अपने जीवन को बर्बाद कर बैठो, मैं तुम्हें आगे पढ़ाना चाहता हूं और उसी के लिए मैंने तुम्हारे चाचा से बात की थी उन्होंने भी जब हामी भर दी है तो तुम्हें किस चीज की आपत्ति है। मैंने उन्हें कहा कि मुझे किसी भी बात से आपत्ति नहीं है लेकिन मैं आपको छोड़कर जाना नहीं चाहती क्योंकि मैं शहर में नहीं रही हूं और मुझे वहां के तौर-तरीके नहीं मालूम। मुझे वहां अपने आप को ढालने में कई समय लग जाएगा लेकिन मेरे पापा मेरी एक भी बात सुनने को तैयार नहीं थे और उन्होंने मुझे शहर भेजने की तैयारी कर दी। मेरे चाचा कोलकाता में रहते हैं और वहीं पर उन्हें कई साल हो चुके हैं। मेरे पापा ने हमारी ट्रेन की टिकट बुक करवा दी। वह मुझे छोड़ने के लिए कोलकाता आये। मुझे बहुत बुरा लग रहा था जब वह घर लौट रहे थे लेकिन मैं कुछ भी नहीं कर सकती थी और मेरी आंखों में आंसू आ गए। मैं उनके बिना कैसे रहूंगी लेकिन मुझे किसी ना किसी तरीके से तो रहना ही था और आगे की पढ़ाई अपनी पूरी करनी थी। मेरे चाचा भी बहुत अच्छे हैं और मेरी चाची भी बहुत अच्छी है वह दोनों ही मुझे बहुत अच्छा मानते हैं। मैंने जब अपने चाचा से इस बारे में बात की तो वह कहने लगे कि तुम गांव में क्या करोगे गांव में तुम्हें किसी भी प्रकार से कोई अच्छी शिक्षा नहीं मिलने वाली और तुम्हारा जीवन वहां खराब हो जाएगा इसीलिए तुम यहां रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करो और पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी अच्छे पद के लिए तुम तैयारी करो। मुझे भी लगने लगा की मुझे शहर में ही रहकर पढ़ाई करनी पड़ेगी। जब मैं शुरुआत में उनके साथ रही तो मुझे उनके साथ रहने में काफी दिक्कत हो रही थी क्योंकि उनके तौर-तरीके थोड़ा अलग है।

उनका नाश्ता करने का समय भी काफी लेट था और हम लोग गांव में सुबह ही नाश्ता कर लिया करते थे इस वजह से मुझे काफी दिक्कतें हो रही थी और मैं कोलकाता में किसी को जानती भी नहीं थी, उसकी वजह से मुझे और भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था लेकिन जैसे जैसे मुझे समय बीतता गया तो वैसे ही मेरे दोस्त बनते गए और अब मेरे काफी दोस्त बन चुके थे क्योंकि मैंने कॉलेज में भी एडमिशन ले लिया था और जब मैं कॉलेज जाती तो मेरे चाचा ही मुझे छोड़ने आया करते थे। शुरुआत में तो वही मुझे कॉलेज छोड़ने आए लेकिन धीरे-धीरे मैं खुद ही जाने लगी क्योंकि मुझे अब रास्तों का पता चलने लगा था और मैं खुद ही चली जाया करती थी। मेरे दोस्त बहुत ही अच्छे हैं और हम लोग जमकर मस्ती किया करते थे। मुझे बहुत अच्छा लगने लगा था जब मैं कोलकाता में रहने लगी। मेरे कॉलेज में जितने भी दोस्त हैं वह सब कोलकाता के ही थे वह लोग बहुत ही अच्छे थे। कॉलेज में ही एक लड़का है उसका नाम गौरव है और मुझे वह पसंद आने लगा था लेकिन वह कॉलेज में हमारा सीनियर  था इसलिए मेरी उससे बात नहीं हो पाती थी लेकिन धीरे-धीरे हमारी बातें होने लगी और जब मेरी बात गौरव से होने लगी तो वह भी मुझसे काफी बातें किया करता था और हम लोग एक साथ बैठकर काफी समय बिताया करते थे तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता था।

गौरव के साथ समय बिताना मुझे बहुत अच्छा लगता था। हम लोग कई देर तक कैंटीन में बैठ कर बातें किया करते थे और अब मैं गौरव से फोन पर भी बात करने लगी थी। मेरी उससे फोन पर भी बहुत देर तक बातें हुआ करती थी और जब मेरी बातें होती थी तो एक दिन मुझे मेरे चाचा ने देख लिया और वह मुझसे पूछने लगे कि तुम किस से बात कर रही हो। मैं बहुत डर गई और मैं सोचने लगी कि कहीं मेरे चाचा को इस बारे में पता चल गया तो वह मेरे पापा से कह देंगे और उसके बाद मुझे घर जाना पड़ेगा लेकिन उस दिन तो मैंने किसी भी तरीके से बहाना बना दिया और मैं उस दिन बच गई। मैंने अपने फोन को तकिए के नीचे छुपा लिया था और उन्होंने भी कहा कि चलो कोई बात नहीं, मैंने उन्हें कहा कि मैं अपने दोस्त से बात कर रही थी और वह मुझसे कुछ कॉलेज से संबंधित सवाल पूछ रहै थे क्योंकि मेरे चाचा को भी चिंता होती थी कि कहीं मैं किसी गलत रास्ते पर ना चल पडू इसलिए वह भी मुझ पर नजर रखते है और मुझसे हमेशा ही पूछते रहते थे। मुझे भी अपनी मर्यादाओं का पता था इसी वजह से मैं गौरव से उतना ही बात करती थी जितना मुझे उचित लगता था, उससे आगे मैंने कभी भी उससे बात नहीं की लेकिन गौरव किसी और लड़की से रिलेशन में था, मुझे इस बात का पता बाद में चला। एक दिन मेरी एक सहेली ने मुझे गौरव के बारे में बताया और कहा कि मैंने उसे किसी और लड़की के साथ देखा है। मुझे पहले उसकी बात पर यकीन नहीं हुआ लेकिन जब मैंने भी गौरव को उस लड़की के साथ देखा तो फिर मुझे पूरा यकीन हो गया और उसके बाद से मैंने गौरव से बात करनी बंद कर दी और मुझे कहीं ना कहीं इस बात का बहुत ही बुरा लग रहा था। मैं बहुत परेशान थी और मेरे चाचा मुझसे पूछने लगे कि तुम काफी परेशान दिखाई दे रही हो, मैंने उन्हें कहा कि नहीं ऐसी कोई भी बात नहीं है।

मेरे चाचा मेरे बगल में ही बैठ गए और जब उन्होंने मेरा फोन को देखा तो उसमें उन्होंने मेरी नंगी फोटो देख ली। उन्होंने मुझे कसकर पकड़ लिया और मेरे स्तनों को दबाने लगे। उन्होंने जैसे ही अपने लंड को अपनी पैंट से बाहर निकाला तो मैंने उनके  लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। उनका बहुत ही मोटा लंड था उनका लंड मेरे गले के अंदर तक जाता तो मुझे बहुत अच्छा लगता मैं उनके लंड को चूस रही थी। उन्होंने जब मेरे सारे कपड़े उतार दिया तो मुझे उनके सामने शर्म आ रही थी लेकिन जब उन्होंने मेरे दोनों पैरों को चौड़ा करते हुए मेरी योनि को चटना शुरू किया तो मुझे बहुत ही मजा आने लगा। मुझे इतना मजा आ रहा था कि मुझे ऐसा लग रहा था जब वह मेरी योनि को चाटते। उन्होंने मेरे स्तनों का भी रसपान करना शुरू कर दिया उन्होंने मेरे चूचो का रसपान करने के बाद जैसे ही मेरी योनि में अपने  लंड को डाला तो मेरी चूत से खून निकलने लगा और मुझे बहुत तेज दर्द होने लगा।

मुझे अंदर से अच्छी फीलिंग भी आ रही थी और वह मुझे ऐसे ही बड़ी तेजी से धक्के मार रहे थे। वह मुझे इतनी तेजी से धक्के देते कि मेरा शरीर पूरा हिल जाता और वह मेरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसने लगे वह मेरे चूचो को को अच्छे से चूस रहे थे। मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जब मेरे चाचा मुझे चोद रहे थे उन्होंने मुझे घोड़ी बना दिया और जैसे ही उन्होंने मेरी योनि में अपने लंड को डाला तो मुझे दर्द हो रहा था और मेरी योनि से खून निकल रहा था। वह अब भी मुझे बड़ी तेजी से धक्के मारने लगे उन्होंने मुझे इतनी तेज झटके मारे कि मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा जा रहा था। मेरी योनि मे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा मैं भी उनके लंड से अपनी चूतडो को टकराती जाती। उन्होंने मुझे इतनी तेजी से धक्के मारे की उसी बीच में ना जाने कुछ देर बाद उनका माल मेरी योनि के अंदर ही जा गिरा। जब उनका वीर्य मेरी योनि में गिरा तो मुझे बहुत ही अच्छा लगने लगा मुझे ऐसा लगने लगा कि मैं बेकार में ही गौरव के चक्कर में पड़ी हुई थी।  मैं आप बहुत ज्यादा खुश थी और मुझे अपने कॉलेज में किसी से भी कोई मतलब नहीं रहता था मैं अपने घर आती और मेरे चाचा मुझे चोदते थे।

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