मेरी गर्लफ्रेंड ममता

hindi sex kahani, desi porn stories हैल्लो दोस्तों, में नया पाठक हूँ। में आज आपको मेरी गर्लफ्रेंड ममता के साथ किए गये सेक्स की स्टोरी बताने जा रहा हूँ। मेरा नाम राहुल है, में पंजाब का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 24 साल है और ममता 23 साल की है। उसके साथ मेरी पहली मुलाकात उसके घर पर ही हुई थी। मैंने जब उसे पहली बार देखा तो देखता ही रह गया था। क्या सेक्सी फिगर था उसका? 34-26-38 और हाईट 5 फुट 3 इंच। मैंने उसे देखने के बाद तय कर लिया था कि में उसको एक बार चोदकर ही रहूँगा और फिर एक दिन मुझको मौका मिल गया। वो अपने घर के बाहर खड़ी थी, तो तब मैंने उसको प्रपोज किया। तो तब वो कुछ नहीं बोली और अपने घर में चली गई थी। फिर दूसरे दिन में फिर से गया तो तब वो मेरी आवाज सुनकर बाहर आई और एक लेटर मेरे हाथ में थमा दिया। तब उसने भी लेटर में अपने प्यार का इज़हार किया। फिर क्या था? अब हम दोनों का अफेयर शुरू हो गया था। अब हम दोनों मिलने के लिए मौके की तलाश में थे की हमें मौका मिल गया।

फिर एक दिन उसके घर में कोई नहीं था। फिर उसने मुझे फोन करके बताया कि तुम दोपहर को 3 बजे मेरे घर आ जाना। फिर जब में उसके घर पहुँचा तो वो दरवाजे के पास खड़ी थी। फिर मैंने आस पास देखा, जब दोपहर का टाईम था इसलिए कोई नहीं था। फिर में अंदर घुस गया और फिर अंदर जाते ही मैंने उसको बाँहों में भर लिया और उसके गाल के ऊपर किस करने लगा था। तब उसने अपने आपको छुड़ाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मैंने उसको नहीं छोड़ा था। तब वो बोली कि छोड़ो मुझे तो तब मैंने उसको छोड़ दिया। फिर थोड़ी देर तक हमने बातें की। फिर मैंने उसको धीरे-धीरे टच करना शुरू किया। में पहले उसके होंठो पर किस करने लगा और अपना एक हाथ उसके पेट पर फैरने लगा था और फिर धीरे-धीरे में अपना हाथ उसके बूब्स पर ले गया। तब उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और कहा कि आज नहीं फिर कभी, लेकिन में नहीं माना और कहने लगा कि आज के बाद मुझे मिलने मत बुलाना।

फिर तब वो कुछ नहीं बोली। तब मैंने फिर से अपना काम शुरू कर दिया। अब में धीरे-धीरे उसके बूब्स को अपने हाथों से सहलाने लगा था। फिर मैंने धीरे से उसकी ड्रेस के अंदर अपना एक हाथ डाला और उसकी ब्रा पर फैरने लगा था। अब वो धीरे-धीरे गर्म हो रही थी। अब मेरा भी लंड तन गया था। फिर मैंने अपने दूसरे हाथ से उसकी ड्रेस के हुक खोल डाले और फिर उसके बदन पर से उसे अलग कर दिया और फिर से उसके बूब्स को मसलने लगा था। फिर थोड़ी देर के बाद में उसके नाड़े से खेलने लगा और फिर धीरे से उसकी गाँठ खोल दी। अब वो अपनी आँखे बंद किए हुई थी और मेरी पीठ सहला रही थी।

फिर मैंने अपना एक हाथ अंदर डाला और उसकी चूत को सहलाने लगा और अपने दूसरे हाथ से उसके बूब्स को सहला रहा था। फिर मैंने उससे पूछा कि पहले कभी किसी से चुदवाया है? तो तब वो शर्मा गई और कुछ नहीं बोली। अब में तो मन ही मन में बहुत खुश हो गया था कि चलो आज एक कुँवारी चूत मिल गई और यहाँ मेरा लंड तो फूला नहीं समा रहा था। अगर थोड़ी देर और अंदर रहता तो मेरी पेंट फाड़कर बाहर आ जाता, इसलिए मैंने अपनी पेंट उतार दी और शर्ट भी उतार दी थी। फिर मैंने उसके बाकी के कपड़े भी उतार दिए। अब वो शर्म के मारे अपनी आखें बंद किए हुई थी। फिर में उसके पूरे बदन को चूमने लगा। अब वो गर्म हो चुकी थी और अपने हाथों से मेरे सिर को पकड़कर अपने बूब्स के ऊपर दबा रही थी। फिर में अपनी उंगली से उसकी चूत को चोदने लगा। अब वो बहुत मस्त हो रही थी और चुस्त भी थी, लेकिन वो एक बार झड़ गई थी, इसलिए उसकी चूत गीली और चिकनी हो गई थी इसलिए मेरी उंगली आराम से अंदर घुस गई थी।

फिर में मेरी उंगली को उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा और उसको गर्म करता रहा। फिर मैंने उसकी जांघे फैला दी और उसकी चूत को चाटने लगा था। अब इतने में वो 2 बार झड़ गई थी। फिर में उठा और उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया, तो वो मेरे लंड को चूसने लगी थी। फिर करीब 15 मिनट के बाद मैंने उसको चोदना शुरू किया। फिर मैंने उसकी दोनों टाँगे फैलाई और बीच में बैठ गया। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के छेद के पास रखा और उसके ऊपर सो गया और धीरे से एक धक्का मारा, उसकी चूत बहुत टाईट थी, लेकिन गीली होने की वजह से मेरा लंड उसकी चूत में आसानी से घुस गया था। तभी वो चीख पड़ी नहीं-नहीं निकाल दो, बहुत दर्द हो रहा है। लेकिन मैंने कहा कि कुछ नहीं होगा, तुम शांत हो जाओ। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उससे पूछा कि दर्द हो रहा है क्या? तो तब ममता ने कहा कि थोड़ा थोड़ा।

फिर मैंने कहा कि थोड़ा और डाल दूँ क्या? तो तब उसने कहा कि फिर से दर्द होगा तो? तो तब मैंने कहा कि कुछ नहीं होगा और फिर मैंने थोड़ा लंड बाहर निकाला और एक जोरदार धक्का मारा तो इससे पहले की वो चीखे मैंने अपने होंठो से उसके मुँह को बंद कर दिया था और अब मेरा लंड करीब 4 इंच घुस गया था और 5 इंच अभी बाकी था और अब ममता दर्द के मारे झटपटा रही थी। फिर 10 मिनट तक में हिले बिना ही उसके ऊपर पड़ा रहा। फिर जब ममता का दर्द कुछ कम हुआ तो तब मैंने एक और जोरदार धक्का मारा। तब ममता ज़ोर से चीखी और देखकर बोली कि अब में और नहीं ले सकती, लेकिन में नहीं माना और फिर मैंने अपना काम जारी रखा और अब ममता ज़ोर-जोर से रोने लगी थी। फिर मैंने अपने होंठो से उसके होंठो को चूसना शुरू कर दिया। अब उसकी आवाज आनी बंद हो गई थी, लेकिन उसकी आँखो में से पानी आ रहा था और उसकी चूत में से खून आने लगा था।

फिर मैंने एक और ज़ोर का झटका मारा तो इसके साथ ही मेरा पूरा लंड ममता की चूत में समा गया और अब उसकी चूत में से बहुत ज्यादा खून निकलने लगा था। अब ममता चिल्लाने लगी थी हाईईई माँ, आआ, में मर गई, में मर जाऊंगी, अब तुम अपना लंड निकाल लो, अब मुझसे दर्द बर्दाश्त नहीं होता है। लेकिन अब में कहाँ सुनने वाला था? तो मैंने धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू कर दी, क्या चूत थी उसकी? आहह। अब मेरा लंड तो उसकी चूत में पूरा पीस चुका था। फिर धीरे-धीरे उसको भी मज़ा आने लगा और अब ममता भी नीचे से उठ-उठकर ताल मिलाने लगी थी और फिर मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी। फिर क्या था? अब वो भी मस्त हो गई थी और अब हम दोनों मस्ती से चुदाई करने लगे थे। अब 20 मिनट तक उसको चोदने के बाद में झड़ने के करीब आ गया था, तब तक वो 2 बार झड़ चुकी थी और फिर मैंने अपनी स्पीड एकदम से बढ़ा दी और फिर 20-25 धक्को के बाद में झड़ गया और अपना पूरा वीर्य उसकी चूत में डाल दिया था। अब उसकी चूत मेरे वीर्य से पूरी भर गई थी। अब हम दोनों ज़ोर-ज़ोर से हाफ रहे थे और फिर में ममता के ऊपर ही सो गया। फिर हम दोनों 20 मिनट तक ऐसे ही पड़े रहे। फिर थोड़ी देर के बाद में उठा और अपने कपड़े पहनने लगा और फिर वहाँ से चला गया ।।

धन्यवाद …

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