मेरी फूटी किस्मत भाग – 2

Meri footi kismat part -2:

ये मेरी फूटी किस्मत थी जो अब सहनी पड़ रही थी | फिर उस आदमी ने मेरे मुह पर अपना गन्दा मुंह रख कर किस करने लगा और उसके मुंह से शराब की बहुत गन्दी बदबू आ रही थी | मुझे ये सब बहुत ही गन्दा लग रहा था, पर मैं कुछ भी नहीं कर सकती थी मैं बस यहां से जल्द से जल्द निकलना चाहती थी | वो मुझे किस कर रहा था और मैं बस जिन्दा मुर्दे की तरह हो गई थी | फिर उसने मेरे दूध पर जोर से चिकोटी काटी और मेरे मुंह से आआआआआअह्ह्ह्ह की आवाज़ निकल गई मुझे बहुत दर्द होने लगा था पर इस बात से उन हरामियों को कोई फर्क नहीं पड़ता | मुझे चूमने के बाद वो मेरे दूध बहुत जोर जोर से चूसने लगा और मैं अहः अहहः अहहः अहहः अ ऊउन्ह्ह आराम से करो मुझे बहुत दर्द हो रहा है तो वो सब हँसे और कहे की ये भी रांड की तरह हो रही है और खूब जोर जोर से हसने लगे थे |

फिर उसने मेरी चूत चाटी जिससे मेरी चूत जल्दी ही गीली हो गई तो उसने ये देख कर कहा की देखो इसे रंडी को मादरचोद की चूत गीली हो गई और बड़ी ही छोटी चूत है इसकी | लगता है इसका पति नपुंसक है इसको चोदता ही नहीं है और जोर जोर से हसने लगे मैं अपने पति के बारे में ऐसा सुन के बहुत दुखी हो गई थी की साले कुत्ते मेरे स्वर्गवासी पति के बारे में ऐसे बात कर रहे हैं | फिर उसने मेरी चूत चाटना चालू कर दिया और मैं अहहः अहहः अहहः अहहः अहहः अहहः अहहः आहा ऊनुनुनुं अहहहा उऊंन्ह्ह अहहः अहहबौउन्हः अहहः अहहः अहः आ कर रही थी | जब वो मेरी चूत चाट रहा था तब मैं एक बार झड़ चुकी थी और उसने मेरी चूत का पूरा पानी पी लिया था | अब मेरे अन्दर की कामवासना जाग उठी थी | मैं भी मदहोश हो गई थी और सोचा की अब चुदना ही तो है तो क्यूँ न आराम से ही चुद लूं | फिर सब ने अपने अपने कपडे उतार लिए सबके लंड बहुत बड़े बड़े थे ये देख के मेरी गांड फट गयी थी | एक बन्दे का लंड सबसे बड़ा था कुछ नही तो 11 इंच का लंड होगा और बहुत मोटा था | उसका लंड किसी सांप जैसा था फिर एक आदमी ने मुझे खड़ा किया और कच्ची दीवार की तरफ हाँथ टिका कर खड़ा करवा दिया और मैं भी एक रंडी की तरह वैसे ही करने लगी जैसे मैं खुद चुदवाना चाहती हूँ | उसने मेरे पीछे आ कर मेरी चूत में ऊँगली डाली और लगातार ऊँगली से चोद रहा था और और चूत चाट रहा था | मैं खडे खड़े अहहहः अहहहहः अहहहहः अहहहहः अहहहहः अहहाहह्हा अहहहहः हाहाहा अहबहहहः आहाहहहः करे जा रही थी | फिर उसने मेरा कन्धा पकड़ा और एक ही झटके में लंड घुसेड दिया और मैं चिल्ला उठी प्लीज इसे निकालो बहुत दर्द हो रहा है मर मर जाउंगी प्लीज इसे निकालो आआआआअ निकालो | पर वो कहाँ सुनने वाला था और जोर जोर से धक्के मारने लगा | ऐसे ही मुझे चोदे जा रहा था और मैं अहहः अहहः अहहः अहहः अहहः अहहः अहहः अहहः करते हुए चुदवा रही थी इतने साल बाद मेरी चूत में लंड घुसा था फिर उसने मुझे लिटा दिया और लंड चूसने को कहा मैंने कहा मैं नहीं चूसूंगी तो उसने कहा तू चूसेगी और मेरे मुंह में लंड डाल दिया | उसके लंड से भी बदबू आ रही थी |

पर मुझे उसका लंड चूसना पड़ रहा था मेरे मुंह से उलटी आ रही थी और मैं उसका लंड निकाल के उलटी कर दी और मेरे आंसू भी आ गए थे | पर उसे कोई फर्क नहीं पड़ा उसने फिर मेरे मुंह मे अपना लंड डाल दिया और मेरे मुह की चुदाई करने लगा | मुझे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी फिर उसने जब अपना लंड निकला तब मेरी जान में जान आई और उसने तुरंत ही मेरी चूत में अपना लंड डाल के चोदने लगा | 20 मिनट बाद वो भी मेरे ऊपर झड गया मेरी चूत और दूध दोनों बहुत जोर से दर्द कर रहे थे | उसके बाद तीसरा आदमी आया उसका लंड थोडा और बड़ा था 9 इंच लम्बा लंड था फिर जैसे ही उसने मेरी चूत में अपना लंड घुसाया मेरी फिर चीख निकल गई | पर अब दर्द उतना नही हो रहा था क्यूंकि मेरी चूत अब थोड़ी खुल गई थी | मैं बस लेटे लेटे अहः अहहहः अहहहः अहहाह अहहः अहहः अहहः अहहः अहहः अहः अहहः अहः अहहः आहा करे जा रही थी | मैं अपने आप को एक रंडी की तरह महसूस कर रही थी और वो हरामी दरिन्दे मेरी चूत से खेल रहे थे | उसने भी मेरी चूत चोदने के बाद मेरे ऊपर ही अपना वीर्य छोड़ दिया था | उन तीनो ने मेरी जम कर चुदाई की और मेरी हालत बहुत गन्दी हो चुकी थी | मेरी पूरी बॉडी पर वीर्य फैला हुआ था और बहुत ही गन्दा बदबू मार रहा था |

उसके बाद उस पहलवान आदमी ने मुझसे कहा की जाओ पहले नाहा कर आओ | मैं जैसे ही खड़े हुई तुरंत ही गिर गई क्यूंकि मेरी हालत बहुत ख़राब हो चुज्की थी चुदवा के | मुझसे ठीक से चला भी नहीं जा रहा था | मैं उनके बाथरूम की तरफ गई तो देखा कि उसके पीछे ही बड़ा सा नाला था और वहाँ से रोड दिख रही थी पर मैं वहा से ऐसी हालत में भाग भी नहीं सकती थी | बहुत बदबू आ रही थी वहाँ से मैने नहाया और वापस आई तो मेरी बॉडी पूरी गीली थी | उनलोग सब जा चुके थे बस वो पहलवान आदमी अपना लंड मसलते हुए बैठा था और मेरा इंतज़ार कर रहा था | जब उसने मुझे देखा आते हुए तो कहा की मेरी जांघ पर बैठो | मैंने वैसा ही किया मैं उसकी जांघ में जा कर बैठ गई एक रंडी की तरह फिर उसने कहा की मेरा लंड हाँथ में ले के हिलाओ | मैं उसका लंड हाँथ में ले के हिलाने लगी | उसका लंड इन सब की तुलना में बहुत बड़ा था और बहुत मोटा | मेरे हाथ में उसका लंड नही समाँ रहा था पूरा पर तब भी मैं उसका लंड हिला रही थी |

फिर उसने कहा की मेरा लंड चूसो तो मैं उसका लंड चूसने लगी 10 मिनट तक मैंने उसका लंड चूसा और उसके गोटे भी चाटे मुझे ये सब करने में बहुत घिन आ रही थी पर मेरी फूटी किस्मत मुझसे ये सब करवा रही थी | उसके बाद उसने मुझसे कहा की चल अब तू लेट जा और मैं जा कर लेट गई | मैं उसका आदेश ऐसे मान रही थी जैसे मैं उसकी कोई नौकर हूँ | जिनकी औकात मेरे सामने एक धूल के बराबर थी आज वो मुझपे हुकुम चला रहे थे | फिर उसके बाद उसने मेरी चूत चाटी मैं ऊनंह अहहः अहहः अहहः अहहबा औऊन्म्ह्हहह अहहः ऊन्न्हः अहहः अहहः आ करके अपनी चूत चटवा रही थी | फिर उसने मेरी चूत पे अपना लंड टिका दिया और एक ही झटके में मेरी पूरी चूत में घुसेड दिय मैंने चिल्ला कर अकः अहहहहः निकालो इसको मेरी चूत फट गई मैं मर जाउंगी निकालो इसको अहाहाहा अहहः अहः बहुत दर्द हो रहा है | मैं इसको नहीं ले पाउंगी पर उसने नही सुना और मुझे बेरहमो की तरह चोदता रहा फिर उसने मेरा दूध पकड लिया और बहुत जोर से मसलते हुए चोद रहा था | मैं लाचारो की तरह बस अहः अहहः अहहः अहहः अहहः अहः अहहः अहहहः अहहः कर रही थी | उसने मेरे मुंह में अपना वीर्य छोड़ दिया और पीने को कहा मैंने एसा ही किया और मुझे उलटी आ गई | मैं आधे घंटे तक ऐसे ही पड़ी रही फिर मैंने उनसे कहा की क्या अब घर जा सकती हूँ ? उन्होंने कहा की हाँ जा सकती हो तब मेरी जान में जान आई उसने मुझे कपडे दिए पहने को | भले ही वो गन्दी सी साडी थी पर मैंने पहनी और मन में सोच रही थी की मैं इसका बदला ले के रहूंगी | जब मैं जाने लगी तो उसने कहा की रुक ये देख तेरा वीडियो चुदाई वाला अगर तूने किसी को बताया तो मैं ये सबको भेज दूंगा और तेरी इज्जत उतार दूंगा मैं धक्क से रह गई | मैंने कहा की मैं किसी को भी नहीं बताउंगी | फिर मैं वहां से अपने घर आ गई और फिर उसके अगले दिन मैंने उन्हें वो पैसे दे दिए | उन्होंने मुझसे कई बार पैसे मांगे और मैंने दिए पर 2 महीने से कोई अभी नहीं आया तो मैं समझ चुकी थी कि सबूत मिट गया होगा | फिर मैंने पुलिस में जा कर इनकी शिकायत की और सब को जेल भिजवा दिया |

दोस्तों ये मेरी असली कहानी है जो मेरे साथ बीती | अब मैं बिना टेंशन के अपनी जिन्दगी जी रही थी फिर से अपने काम में लग गई थी | लेकिन मैंने अपना हल्द्वानी वाला बंगलो बेच कर देहरादून में चली गयी थी | अब मैं वहीँ से अपना कारोबार संभाल रही हूँ |