मेरी बीवी और प्यासी आंटी

indian aunty sex stories हैल्लो दोस्तों, यह अभी कुछ टाईम पहले की ही बात है। मेरी शादी हुए अभी 1 साल भी नहीं हुआ था। में अपनी बीवी के साथ खुश था और हम दोनों संतुष्ट थे। फिर एक दिन में कंप्यूटर में पॉर्न साईट चैक कर रहा था, तभी मेरी बीवी भी आ गई। फिर हम दोनों साथ बैठकर देखने लगे। फिर मैंने एक ब्लू मूवी की डी.वी.डी ऑनलाइन खरीदी और फिर हम दोनों देखने लगे, उसमें दो लड़के और दो लड़कियाँ थी, जो ग्रुप सेक्स कर रही थी। फिर मैंने अपनी बीवी को कंप्यूटर के सामने ही घोड़ी बना दिया और धीरे से उसके अंदर अपना लंड डालकर खड़ा हो गया था। अब उसका पानी निकलने लगा था और अब वो धक्के देने के लिए बोलने लगी थी। तो तब मैंने उससे कहा कि अगर वो मेरा लंड चूसेगी तो में धक्के लगाऊँगा। इससे पहले उसने कभी भी ब्लू मूवी नहीं देखी थी और मुँह से करने के लिए हमेशा मना करती थी, लेकिन आज उसको नशा चढ़ गया था और फिर उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी थी।
अब अभी उसको अच्छी तरह से नहीं आता था और अभी उसको और टाईम की जरूरत थी। तो तब मैंने थोड़ी देर के बाद अपना लंड उसके मुँह में से बाहर निकालकर उसकी चूत में डालकर ज़ोर-ज़ोर से धक्के देकर अपना पानी उसमें छोड़ दिया। अब उसके बाद वो मुझसे खुल गई थी। तब मैंने उसको बताया कि कैसे मैंने पहली बार एक आंटी को चोदा था? तो पहले तो वो नाराज हुई। फिर उसने मुझे बताया कि उसकी बचपन की एक सहेली है, जो उसके और वो उसके बूब्स दबाते थे और एक दूसरे के अंदर थोड़ी थोड़ी उंगली भी डालते थे और उसके एक बॉयफ्रेंड भी था, जिसके साथ उसने ओरल सेक्स ही किया था, लेकिन सील मुझसे तुड़वाई थी।

बस फिर क्या था? अब हम एक दूसरे से खुल गये थे। में बचपन से ठरकी रहा हूँ, क्योंकि मेरी हाईट ज़्यादा नहीं है, लेकिन में दिखने में सुंदर था इसलिए मेरी कई आंटियों से सेटिंग थी, उनको मेरे साथ सुरक्षित महसूस होता था। अब जब से शादी हुई है मैंने किसी और की चूत नहीं ली, लेकिन हमारे पड़ोस में एक जैन आंटी रहती है, जो कभी-कभी हमारे घर भी आती है, वो एकदम मस्त लगती है, उनकी बाल्कनी हमारे घर के पास में ही है। में रोज सुबह उनको झाड़ू लगाते हुए उनके बूब्स देखता हूँ। यह बात उनको भी मालूम थी, इसलिए वो अपनी नजरे नीचे ही रखती थी, ताकि में सारा नज़ारा देख लूँ। उनके एक लड़की है, जो अभी 5वीं क्लास में है। फिर मैंने अपनी बीवी से पूछा कि उसकी फ्रेंड जो उसके साथ करती थी, उसे अच्छा लगता था। तब वो बोली कि हाँ, अब भी कभी-कभी दिल करता है। तो तब मैंने पास वाली आंटी से कोशिश करने को बोला। तो तब वो बोली कि देखती हूँ।
अब मुझे 3-4 दिन के लिए बाहर जाना था। तब में आंटी से बोला कि मेरी बीवी का ध्यान रखना। तो तब वो बोली कि चिंता करने वाली कोई बात नहीं है। फिर वो रात को हमारे घर में ही सोने लगी। तो तब बातों-बातों में उसने बताया कि जैन साहब तो कभी-कभी ही उससे लगते है। तब मेरी बीवी बोली कि मेरे तो दिन रात लगे रहते है। फिर उन्होंने वही ब्लू मूवी देखी और रात को साथ में बेडरूम में चले गये। अब वहाँ मेरी थोड़ी सी बची रम (दारू) पड़ी थी। तो पहले तो उसने मना किया, लेकिन फिर मान गई थी। फिर मेरी बीवी ने खूब सारे जूस में रम डालकर मिला दिया और पीते-पीते बातें करने लगी। तो तब वो बोली कि जैन साहब जब कुछ नहीं करते तो तुम क्या करती हो? तो तब वो बोली कि यह भी कोई पूछने वाली बात है, वही जो सब लड़कियाँ करती है, बच्चो के स्कूल जाने के बाद पॉर्न साईट खोलती हूँ और नीचे धीरे-धीरे उंगली डालती हूँ तो हो जाता है। अब उसको नशा चढ़ गया था।

 

फिर मेरी बीवी ने उससे बोला कि अपना सूट उतार दो, नहीं तो खराब हो जाएगा और यह कहकर मेरी बीवी ने भी अपना सूट निकाल दिया और ब्रा पेंटी में लेट गई और बत्ती बंद कर दी थी। हमारे बेडरूम में हल्की सी लाईट बाहर से आती थी और अब आंटी भी अपना सूट उतारकर लेट गई थी। फिर थोड़ी देर में मेरी बीवी उठी और रसोई से पानी लेकर आई और उनसे एकदम चिपककर लेट गई, जैसे की अंधेरे में गलती से हुआ हो और अलग होते हुए उनसे सॉरी बोली। तब वो बोली कि कोई बात नहीं, सर्दी में साथ में सोना अच्छा लगता है। यह सुनकर मेरी बीवी ने उन्हें अपनी बाहों में ले लिया और अब वो भी उनसे चिपक गई थी। फिर धीरे-धीरे मेरी बीवी ने उसकी ब्रा खोल दी और उसकी पेंटी भी उतार दी थी। अब वो दोनों नंगे थे।
फिर उसने उनके बूब्स दबाने शुरू किए और बोली कि हाए आंटी आपके कितनी अच्छी है? और आपके बूब्स बहुत बड़े-बड़े है, आपका कलर भी इतना साफ है कि अंधेरे में भी चमक रहा है। फिर उसने उनके बूब्स चाटने शुरू किए और उनकी चूत में अपनी एक उंगली डालकर अंदर बाहर करने लगी थी। तब आंटी ने भी उसका साथ दिया और फिर आंटी 5 मिनट में ही झड़ गई और अब मेरी बीवी भी झड़ गई थी। अब वो लोग रम पीने की वजह से जल्दी सो गये थे। फिर अगले दिन उसने मुझे फोन करके सारी स्टोरी बताई। अब मेरा काम भी ख़त्म हो गया था, तो तब में आज भी उसको पिलाने को बोला और में रात में लेट आऊंगा, मेरे पास घर की एक चाबी रहती थी। तब उसने फिर से आंटी को बुला लिया और फिर उसके साथ आंटी ने और ज़्यादा पी और फिर नंगे होकर पॉर्न साईट खोल ली। फिर मेरी बीवी ने उसकी चूत चाटनी शुरू की और फिर बाद में उसने मेरी बीवी की चूत चाटी। अब उसको बहुत नशा हो गया था और अब वो दोनों सोफे पर लेट गये थे और अब उन दोनों ने एक दूसरे को बाहों में ले रखा था और एक दूसरे के बूब्स चूस रही थी और अपने हाथों से एक दूसरे की चूत सहला रही थी। तभी उसी टाईम मैंने दरवाजा खोला तो तब आंटी एकदम से उठने के चक्कर में नीचे गिर गई।

फिर मैंने उनको उठाकर सोफे पर बैठाया और उनका घुटना सहलाने लगा था। फिर में मेरी बीवी से बोला कि मेरे लिए पैग बनाकर दे। अब आंटी संभल चुकी थी और बोली कि सॉरी, मेरे कपड़े बेडरूम में है, प्लीज मुझे छोड़ो, में घर जा रही हूँ। फिर में उनको छोड़कर बेडरूम में गया। तब पीछे से मेरी बीवी ने उसको समझाया कि इसमें गलत कुछ नहीं है, ऐसा समझो कि उंगली है और आपने पी भी रखी है, जैन साहब क्या कहेंगे? अब तब तक मैंने अपने कपड़े उतार दिए थे और अपने सपने को सच होता देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था, मेरा लंड 7 लम्बा है। फिर वो दोनों भी अंदर आ गई। फिर मेरी बीवी ने उसकी चूत चाटनी शुरू की और मैंने उसके बूब्स चूसने शुरू किए। अब वो नीचे से पूरी गीली हो गई थी। फिर मैंने उसकी चूत में अपना लंड डाला। तब वो मज़े से तड़प गई और उठा-उठाकर धक्के देने लगी थी। फिर मैंने भी पूरी स्पीड में किया और फिर मेरी बीवी ने उसके मुँह के ऊपर अपनी चूत रख दी। अब वो उसे चूसने लगी थी।
अब मेरी बीवी की गांड मेरे मुँह के सामने थी। अब में उसे चाटने लगा था। अब मेरी बीवी ने अपना पानी छोड़ दिया था, जो कि आंटी के मुँह पर गिर गया था और फिर मैंने उसे धक्के देते हुए चाटकर साफ किया। फिर मैंने अपना लंड बाहर निकाला और आंटी के बड़े-बड़े बूब्स के बीच में रख दिया। तब आंटी ने अपने बूब्स भींच लिए। फिर थोड़ी देर के बाद मेरी पिचकारी निकली और मेरा वीर्य आंटी के बूब्स पर और मुँह में गिर गया था, जिसे मेरी बीवी ने चाटकर साफ किया। अब आंटी भी हमसे खुल गई थी और बोली कि आगे से में रात में नहीं आ सकती, लेकिन में स्कूल टाईम में आ सकती हूँ। फिर इसके बाद वो दिन में आती और मेरी बीवी के साथ में मज़े करती और कभी में भी ऑफिस से छुट्टी लेकर उसे चोदता था। फिर जैन साहब का जयपुर में ट्रान्सफर हो गया और वो लोग चले गये, तो मेरी बीवी बोर होने लगी। फिर मैंने उससे कोई नयी आंटी ढूँढने के लिए बोला ।।
धन्यवाद