मेरी बहन की गांड-1

incest sex kahani, desi kahani मैं आज से एक हफ़्ता पहले हॉस्टल से घर वापिस गया तो मेरी ज़िंदगी ही बदल गयी। मैं अपनी पढ़ाई खत्म कर चुका था और अपनी बहन और माँ के पास जा रहा था। मैने फोटोग्राफी का कोर्स पूरा कर लिया था। मैं अपनी माँ गिरजा का 19 साल का बेटा हूँ और मेरी माँ 41 साल की है। मेरी बहन नीरजा 21 साल की है और उसने अभी शादी नहीं की है। मेरे पिताजी की मौत हो चुकी है और उनके बीमे के पैसे से हमारा गुज़ारा हो रहा है।
पढ़ाई के दौरान मेरा संपर्क एक आदमी से हुआ था जो की ब्लू फिल्म का बिज़नस करता है और मुझ से अच्छे भाव में अच्छी ब्लू फिल्म्स खरीदने के लिए तैयार था। उसने मुझे बोला था की ग्रूप सेक्स की फिल्म बहुत बिकती हैं। लेकिन मेरी प्राब्लम ये थी की ब्लू फिल्म्स के लिए सेक्सी ऐक्ट्रेस कहाँ से लू।” साले निखिल, मौसी या अपनी बहन नीरजा की क़िसी सहेली को राज़ी कर लेना और अगर लड़का ना मिले तो मुझे रोल दे देना। तू ही कहता था की तेरी बहन बहुत सेक्सी है। उसस्की सहेली भी कम नहीं होगी।
तेरी फिल्म बन जाएगी और मुझे तेरी बहन की सेक्सी सहेली चौदने को मिल जाएगी। क्यो क्या ख्याल है?” मेरा मौसेरा भाई आलोक मुझ से बोला था और मैं हंस कर रह गया था, लेकिन मैने उसके आइडिया को याद रखा था। अब मैं आप लोगों को अपनी बहन और माँ के बारे बता देता हूँ। मेरी माँ गिरजा 5 फीट 5 इंच की है और उसका वज़न 52 किलो है। रंग गोरा, कूल्हे भारी, पेट स्लिम, चूची उभरी हुई।
माँ के बाल काले और लंबे हैं और वो जुड़ा करती है। गिरजा अधिकतर चूड़ीदार पजामा और कमीज़ पहनती है। उसकी कमीज़ काफ़ी टाइट होती है जिस कारण उसके चूत का उभार नज़र पड पड़ता है। मैं कई बार सोचता हूँ की पिताजी के बाद गिरजा को लंड की कमी सताती होगी और वो ना जाने कैसे अपनी चूत को ठंडा करती होगी। लेकिन मैने इससके बारे में अधिक ध्यान नहीं दिया क्योंकि गिरजा मेरी माँ थी। लेकिन अब जब मैं ब्लू फिल्म का बिज़नस करने वाला हूँ तो मुझे अपनी माँ भी एक ब्लू फिल्म की ऐक्ट्रेस ही नज़र आने लगी है।
नीरजा 5 फीट 6 इंच की सेक्सी लड़की है और छोटी स्कर्ट्स और टाइट टॉप्स पहनती है और या फिर बहुत टाइट जीन्स पहनती है। मेरी बहन की गांड गिरजा से थोड़ी कम भारी है और चूची कुछ छोटी, लेकिन बहुत मस्त है। नीरजा की चूची कोई 34सी साइज़ की होगी। हॉस्टल में कई बार मुझे अपनी बहन की याद आ जाती तो मेरा लंड खड़ा हो जाता और मैं मूठ मार लिया करता था। मैं अपने मन में ब्लू फिल्म के बिज़नस का प्लान बना कर सपने देखता हुआ घर जा रहा था।
मेरे बैग में मेकअप का समान, अलग अलग किस्म की बिग, कुछ प्लास्टिक के लंड भरे हुए थे। मैं लडकियों को अलग शक्ल में अपनी ब्लू फिल्म में शामिल कर सकता था। जब मैं घर पहुँचा तो दरवाज़ा गिरजा ने खोला। वो मुझे गले से लगती हुई मुझ से लिपट गयी और प्यार से मुझे चूमने लगी,” निखिल बेटा तुझे देखने को तो मेरी आँखें तरस गयी। अब अपनी माँ को छोड़ कर कहीं मत जाना, मेरे लाल!
गिरजा उसी वक्त पजामे के ऊपर एक टाइट टी शर्ट पहने हुई थी और उसने नीचे ब्रा नहीं पहनी हुई था। मेरी प्यारी माँ की चूची मेरे सीने में धँस रही थी जिस कारण मेरा लंड पेन्ट में तंबू बनाने लगा था। मैं जान बुझ कर अपने हाथ गिरजा की चूत पर फिराने लगा। माँ को शायद मेरे लंड का ऊभार अपने पेट पर महसूस हुआ। इसीलिए वो मुझ से अलग होती हुई बोली,” बेटा, तू तो पूरा मर्द बन गया है। कितना बड़ा हो गया है…तू!” मैं भी तुरन्त अपनी माँ से अलग हो गया।
तू अपना सामान अपने रूम में रख कर आजा मेरे रूम में। तेरी ममता मौसी भी आई हुई है। हम वहीं पर चाय पीयेगे। ” ममता मौसी माँ से 2 साल छोटी थी। आलोक ममता का ही बेटा था। मैने सामान रखा और गिरजा के रूम में चला गया। ममता का पति हरीराम एक शराबी आदमी है लेकिन ममता मौसी एक पटाखा औरत है। गोरी चिटी, काले घने बाल, मस्त भारी भारी चूची, नशीली आँखें, बहुत मटकदार चूत। मैने सुना था की सेक्स की भूखी औरत है ममता आंटी।
ममता आंटी मुझे प्यार से गले लगा कर मिली। ”आंटी आप तो पहले से भी अधिक सेक्सी लग रही हो। क्या बात है? लगता है अंकल बहुत ख्याल रखते हैं आपका” मैने जान बुझ कर आंटी की चूची पर हाथ फेरते हुए कहा।” तेरे अंकल अगर कुछ करने लायक होते तो बात ही क्या थी, बेटा। वो तो बस शराब पी कर काम खराब करने वाले हैं। अब तो मेरे घर का गुज़ारा ही बहुत मुश्किल से होता है। पैसे की बहुत तंगी है। अगर कोई काम मिले तो मुझे दिला दो। सच बेटा कुछ भी करने को तैयार हूँ” मैने एक बार फिर आंटी की मस्त चूची को स्पर्श करते हुए कहा ”आंटी, मेरी फिल्म में काम करोगी? लेकिन मेरी फिल्म कुछ अलग टाइप की होगी। अगर आप जैसी कोई और भी सेक्सी औरत हो तो और भी अच्छा होगा। पैसे बहुत मिलेंगे। सच कहूँ तो मेरी फिल्म असल में ब्लू फिल्म होगी। अगर मंज़ूर है तो बता देना” आंटी मुस्कुरा कर बोली,’ निखिल बेटा, मेरी बदनामी होगी अगर क़िस्सी को पता चला की मैं ऐसी फिल्म में काम करती हूँ। और इस के अलावा, कौन सा मर्द काम करेगा इस फिल्म में, अगर मैं राज़ी हो भी गयी तो?”
मैने अब आंटी की चूची को कस कर मसल दिया और बोला” आंटी तुम चिंता मत करो। कोई आपको पहचान ना सकेगा। मैं आपकी शकल बदल दूँगा और वैसे भी ये फिल्म इंडिया में नहीं बिकेगी। हाँ इस फिल्म में और शायद एक और लड़का काम करेगा। मुझे और भी लड़कियाँ चाहिए इस काम के लिए” आंटी खुश हो गयी। तभी माँ कमरे में दाखिल हुई। “क्या चल रहा है तुम दोनों के बीच, बेटा?
तुम ने तो ममता को खुश कर दिया इतनी जल्दी। बहुत उदास थी बेचारी। एक तो पैसे की कमी और दूसरा पति शराबी। बिना पति के ज़िंदगी कैसी होती है तुम क्या जानो, निखिल बेटा! आलोक को भी तो जॉब नहीं मिल रही हे।”आंटी ने गिरजा को आँख मारते हुए कहा” गिरजा, मेरी जान, तेरा बेटा तो मेरे लिए वरदान बन कर आया है। इसने मुझे अपनी फिल्म में रोल दे दिया है और जिस तरह की फिल्म है उसमें मज़े के मज़े और पैसे के पैसे।
गिरजा तेरा बेटा तो ब्लू फिल्म बना रहा है जिसमें वो खुद भी काम करेगा। मज़े की बात तो ये है की इसकी बिक्री इंडिया में नहीं होने वाली। मैं तो कहती हूँ की गिरजा भी इस फिल्म में काम करे। निखिल बेटा घर का पैसा घर में रहेगा और तेरी माँ की चूत भी शांत हो जायेगी। कब तक हम एक दूसरे की चूत को उंगली से शांत करती रहेंगी? मैं और गिरजा दोनो लंड की प्यासी औरतें हैं, बेटा। तुम अगर चाहो तो आज ही फिल्म शुरू कर देना, क्यो गिरजा?”
ममता मौसी की बात सुन कर मेरा लंड खड़ा हो गया। माँ के सामने ऐसी बाते कर रही थी की गिरजा शर्म से पानी पानी हो रही थी। ममता ने उठ कर मेरी पेन्ट की चैन खोल डाली और मेरा लंड बाहर निकाल लिया। “गिरजा देख तेरा बेटा कितना जवान हो गया है, बाप रे बाप इसका हथियार कम से कम 9 इंच का है। ज़रा स्पर्श कर के तो देख, गिरजा!” मा गुस्से में बोली,” ममता…. कुछ शर्म करो!
निखिल मेरा बेटा है बेशर्म!” लेकिन मैने देखा की माँ की नज़र मेरे लंड पर टिकी हुई थी। माँ का दुपट्टा सरक गया और उसकी सुडोल चूची नज़र आने लगी। मैने माँ की आँखों में देखा तो मुझे वासना की झलक साफ दिखाई पड़ी। तो मतलब साफ था। आज ही माँ और मौसी को ले कर पहली ब्लू फिल्म बना डालूँगा! मैने ममता को किस कर लिया और वो मुझ से लिपटने लगी। वासना में जलती हुई मेरी माँ अब हमारे पास आ बैठी और ममता से बोली,”
लेकिन ये ठीक नहीं है, ममता। निखिल बेटा क्या ये सच है की हमको कोई पहचान नहीं सकेगा?” मैने माँ को अपनी गोद में खींच लिया और उसकी चूची को खीच कर बोला,” सच बोलता हूँ, क़िसी को पता नहीं चलेगा। तुम मेरा यकीन करो। मेरे पास मेकअप का सामान है जिससे मैं तुम लोगों की शकल बदल दूँगा और आपको तो नीरजा भी पहचान नहीं पाऐगी” गिरजा मेरी बात सुनकर मस्त हो गयी और ममता मेरे लंड को सहलाने लगी। लेकिन मैं बिना कुछ किऐ झडना नहीं चाहता था।

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