मेरा 7 इंच का लंड

antarvasna, desi kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अनिल है, में मुंबई का रहने वाला हूँ। में एक जिगलो हूँ और मेरी उम्र 22 साल है। अब में आपका ज्यादा समय ख़राब ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। एक दिन में घर पर फ्री था, तो तभी मेरे फोन की रिंग बज़ी, वो फोन एक लेडीस का था। फिर उसने बताया कि वो मुंबई से बोल रही है। तब मैंने कहा कि में भी मुंबई से हूँ और बोर हो रहा हूँ। फिर बात आगे बढ़ी और सेक्स पर आ गयी थी। फिर मैंने उसका नाम पूछा तो तब उसने अपना नाम निशा बताया। फिर उसने मुझसे संपर्क करने के लिए कहा। तब मैंने पूछा कि तुम कहाँ पर रहती हो? तो तब वो बोली कि में मलाड में रहती हूँ और फिर वो कहने लगी कि तुम अभी आ सकते हो। फिर मैंने उसका पूरा पता लिया और उसको अपना चार्ज बता दिया तो वो राज़ी हो गयी थी।

फिर मैंने बाहर आकर एक टेक्सी पकड़ ली और मलाड पहुँच गया। फिर जैसे ही मैंने डोरबेल बजाई, तो दौड़कर आई और बोली कि अनिल। तो तब मैंने कहा कि हाँ, वो वहाँ पर एकदम अकेली रहती थी, उसका पति एक कंपनी में लंदन में काम करता था, वो 2 महिने में सिर्फ़ 3-4 दिन के लिए ही मुंबई आता था, उसका घर बहुत ही खूबसूरत था। फिर उसने मुझे सोफे पर बैठने को कहा और कपड़े बदलने और चाय बनाने चली गयी थी। अब लगभग 10 मिनट बीत चुके तो तब में बैचेन होने लगा। फिर मैंने टी.वी ऑन कर दिया और देखने लगा था। फिर 15 मिनट के बाद वो चाय लेकर आई, उसने केवल ब्रा और पेंटी पहन रखी थी, उसका बदन एकदम गोरा था, वो बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी लग रही थी।

फिर उसने चाय टेबल पर रखी और मेरी गोद में बैठकर चाय बनाने लगी थी। फिर उसने मुझे चाय दी और खुद मेरी गोद में ही बैठकर चाय पीने लगी थी। अब उसके गोद में बैठने से मुझमें जोश आ गया था और अब मेरा लंड खड़ा हो गया था। फिर उसने भी मेरे खड़े लंड को महसूस किया और चाय पीते हुए अपनी गांड को मेरे लंड पर रगड़ने लगी थी। अब मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। फिर 2 मिनट में ही हमने चाय ख़त्म की और फिर वो मेरे ऊपर से हट गयी। फिर उसने मुझसे कहा कि मैंने तो अपने सारे कपड़े निकाल दिए, लेकिन तुमने अभी तक अपने कपड़े पहन रखे है, तुम भी इन कपड़ो को उतार दो। तब मैंने भी अपनी चड्डी छोड़कर अपने पूरे कपड़े उतार दिए। अब वो फिर से मेरी गोद में आकर बैठ गयी थी और मुझे चूमने लगी थी। फिर मैंने भी उसके होंठो को चूमना शुरू कर दिया, उसके होंठ बहुत गर्म थे। अब में उसकी पीठ पर अपना हाथ फैरने लगा था और अब वो भी मेरे होंठो को चूमते हुए मेरी पीठ को सहलाने लगी थी। अब मेरा लंड एकदम उसकी चूत से सटा हुआ था, लेकिन बीच में उसकी पेंटी आ रही थी।

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फिर मैंने उसकी पेंटी नीचे करनी चाही। तब वो बोली कि पहले तुम अपनी चड्डी उतारो और उसके बाद मेरी पेंटी उतारना। तब मैंने अपनी चड्डी उतारने के बाद उसकी पेंटी को भी उतार दिया। फिर मैंने उसकी ब्रा को भी खोलकर फेंक दिया। अब हम दोनों एकदम नंगे थे। फिर मैंने उसे बेड पर ले जाकर बैठा दिया। फिर मैंने उसके होंठो को चूमना और उसकी पीठ पर हाथ फैरना शुरू कर दिया और फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी और घुमाने लगा था। फिर मेरी जीभ निकालने के बाद उसने भी वैसा ही किया। अब वो खूब मज़े से मेरे होंठो को चूस रही थी और मेरी पीठ पर अपना हाथ फैर रही थी। फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना एक हाथ उसकी चूत पर रख दिया तो तब वो मुझसे एकदम से लिपट गयी और उसकी चूत एकदम साफ और चिकनी थी। फिर मैंने उसकी चूत पर अपना एक हाथ फैरते-फैरते अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, उसकी चूत एकदम गीली थी।

फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपनी पूरी उंगली उसकी चूत में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा था। अब उसने भी मेरा 7 इंच का लंड पकड़ लिया था और उसे सहलाने लगी थी। फिर 5 मिनट में ही हम दोनों एकदम जोश में आ गये। फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और अब में उसके दोनों पैरों के बीच में आ गया था। फिर मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत के बीच में रखा तो तब उसने अपने चूतड़ ऊपर की तरफ उठा दिए। तब मैंने एक धक्का लगाया तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया था। तब वो बोली कि अपना पूरा लंड मेरी चूत में जल्दी डालो, खूब चोदो मुझे, मेरी इस तरह चुदाई करो कि जैसी मेरे पति ने कभी ना की हो, खूब ज़ोर-ज़ोर से चोदना मुझको, आज फाड़ देना मेरी चूत को, रुकना मत। तब मैंने एक धक्का और लगाया तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया।

अब उसने अपने दोनों पैरों को मेरी कमर पर कसकर लपेट लिया था। फिर मैंने भी उसकी चुदाई तेज़ी के साथ शुरू कर दी। अब वो पूरे जोश में आकर बोलने लगी थी आह बहुत मज़ा आ रहा है, चोदो मेरे राज़ा, फाड़ डालो आज इस कुत्तिया की चूत को और तेज। अब में उसके चिल्लाने से और जोश में आ गया था और उसे एकदम तूफान की तरह चोदने लगा था। अब पूरा बेड ज़ोर-ज़ोर से हिल रहा था, इस समय में एकदम सातवें आसमान पर था। फिर इसी बीच मैंने अपना लंड पूरा बाहर निकाला और वापस एक झटके में ही उसकी चूत में डाल दिया। तो तब वो चिल्ला उठी और फिर उसने मुझे और ज़ोर से पकड़ा और लिपट गयी थी। अब वो पूरे जोश में आ गयी थी और झड़ने ही वाली थी। फिर 8-10 धक्कों के बाद वो झड़ गयी। अब मुझे कोई जल्दी नहीं थी। फिर मैंने अपनी पोज़िशन बदल दी और उसे डॉगी स्टाइल में कर दिया और उसके पीछे आ गया था। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत के बीच में रखा और एक ही धक्के में अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया था। फिर मैंने अपनी एक उंगली उसकी गांड में डाल दी और बहुत ही तेज़ी के साथ उसकी चुदाई करने लगा था।

अब में उसको इतनी तेज चोद रहा था कि वो अपने आपको संभाल भी नहीं पा रही थी और ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रही थी चोदो मेरे राजा, आज मेरी चूत की चटनी बना डालो, अपना पूरा लंड इसमें डालकर खूब ज़ोर-ज़ोर से चोदो, अपने लंड के पानी से मेरी इस प्यासी चूत को सींच दो, मुझे इस चूत ने बहुत परेशान कर रखा है, मेरा पति 2 महीने में केवल 5-6 बार ही चोद पाता है और में भूखी रह जाती हूँ, आज तुम मेरी चूत का घमंड एकदम चूर-चूर कर दो, तुम बहुत अच्छा चोद रहे हो, आज मुझे इस चुदाई में जो मज़ा आ रहा है उतना तो मुझे अपने पति से चुदवाने में कभी नहीं आया, में इस चुदाई को ज़िंदगी भर याद रखूँगी, मेरे पति ने मुझे कभी इतना मज़ा नहीं दिया, अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है, अब तुम अपने लंड का पानी जल्दी से मेरी चूत में निकाल दो। फिर मैंने उसे बहुत ज़्यादा जोश में देखा तो तब मैंने अपनी पूरी उंगली उसकी गांड में डाल दी। तब वो चिल्ला उठी क्या कर रहे हो? मुझे बहुत दर्द हो रहा है, में मर जाऊंगी, ऐसा मत करो, मुझमें इतनी ताकत नहीं है कि में दोनों छेद में एक साथ बर्दाश्त कर पाऊँ।

फिर मैंने अपने एक हाथ से उसकी चूचीयों को मसलना शुरू कर दिया। तब वो शांत हो गयी। अब वो अपने चूतड़ तेज़ी से आगे पीछे करते हुए मेरा साथ देने लगी थी। अब तक मुझे चोदते हुए लगभग 30 मिनट बीत चुके थे और अब मेरा भी पानी निकलने वाला था। अब में उसे पूरी ताकत के साथ और तेज़ी से चोदने लगा था। फिर 2 मिनट के बाद ही मेरा पानी निकला और उसकी चूत भरने लगी थी। अब मेरा पानी निकलते ही वो एकदम शांत हो गयी थी, जैसे उसकी प्यासी चूत को पानी मिल गया हो। अब इस दौरान उसकी चूत से भी 4 बार पानी निकल चुका था। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत में से बाहर निकाला तो तब मैंने देखा कि उसकी चूत एकदम सूज गयी थी, क्योंकि मेरा लंड शायद उसके पति के लंड से मोटा और लंबा था, उसकी चूचीयाँ मेरे मसलने से एकदम लाल-लाल हो गयी थी।

फिर में उसके बगल में लेट गया। फिर हम थोड़ी देर तक ऐसे ही लेटे रहे। फिर 15 मिनट के बाद ही वो फिर से चुदवाने के लिए तैयार हो गयी। अब वो अपनी चूत को साफ करने के लिए बाथरूम में जाना चाहती थी, लेकिन वो खड़ी नहीं हो पा रही थी। फिर मैंने उसे सहारा देकर खड़ा किया और बाथरूम में ले गया और फिर बाथरूम में जाकर उसने पहले मेरा लंड साबुन लगाकर साफ किया और उसके बाद वो अपनी चूत को धोने लगी। फिर हम बाथरूम से वापस आए। अब वो बेड के किनारे पर एक तकिया रखकर बैठ गयी थी। फिर मैंने उसके पूरे बदन को चूमना शुरू कर दिया। अब वो जोश में आने लगी थी। फिर मैंने उसकी चूत को चूमना शुरू किया तो तब वो एकदम मस्त हो गयी थी। अब जोश के मारे उसकी चूत एकदम गर्म हो गयी थी। फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत के अंदर डाल दी और घुमाने लगा था। अब वो पागल सी होने लगी थी और फिर उसने मेरे सिर को कसकर पकड़ लिया।

अब वो एकदम स्वर्ग का मज़ा ले रही थी और फिर वो बोली कि चाटो मेरे राज़ा, मेरे पति ने कभी मेरी चूत को नहीं चाटा, में बहुत खुशनसीब हूँ कि मुझे अपनी चूत को चटवाने का मज़ा भी मिल रहा है, मेरी चूत को चाट-चाटकर इसका पानी निकाल दो, आह बहुत मज़ा आ एयाया रहा है और ज़ोर से बस मेरा पानी निकलने ही वाला है, एयाया में गयी और तेज- तेज और फिर थोड़ी देर तक उसकी चूत को चाटने के बाद वो झड़ गयी। फिर मैंने उसकी चूत में से निकला हुआ सारा जूस चाट लिया। फिर मैंने एक क्रीम लेकर उसकी गांड पर लगाई और फिर क्रीम लगाने के बाद मैंने अपना लंड उसकी गांड के छेद पर रखा। तो तब वो बोली कि प्लीज में पहली बार गांड मराने जा रही हूँ जरा धीरे-धीरे करना। तो तब मैंने कहा कि ठीक है और फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड में धीरे-धीरे घुसाना शुरू किया। तब वो सिसकारियाँ भरने लगी। अभी तक केवल मेरा सुपाड़ा ही उसकी गांड में घुसा था। फिर मैंने थोड़ा ज़ोर लगाया तो तब मेरा लंड उसकी गांड में 2 इंच तक घुस गया।

अब वो रोने लगी थी, तो तब मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया। अब वो कुछ समझ नहीं पाई थी। फिर मैंने अपना लंड फिर से उसकी गांड के छेद पर रखा और अपनी पूरी ताकत के साथ एक धक्का लगा दिया। अब मेरा आधा लंड उसकी गांड में घुस गया था। अब वो बहुत ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने और रोने लगी थी, लेकिन मैंने उसकी कोई परवाह नहीं की और अपनी पूरी ताकत के साथ एक ज़ोरदार धक्का और मारा। अब मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया था। अब वो बहुत ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी थी और अपने सिर के बाल नोचने लगी थी, लेकिन में रुका नहीं और फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड में तेज़ी के साथ अंदर बाहर करना शुरू कर दिया। तो थोड़ी ही देर के बाद उसका दर्द कुछ कम हो गया और अब उसे गांड मराने में भी मज़ा आने लगा था।

अब वो तेज़ी के साथ अपने चूतड़ आगे पीछे करते हुए अपनी गांड मरवाने लगी थी। फिर लगभग 30 मिनट के बाद में उसकी गांड में ही झड़ गया। फिर जब मेरे लंड का पूरा पानी निकल गया तो तब मैंने अपना लंड उसकी गांड में से बाहर निकाला। अब उसकी गांड एकदम चौड़ी हो चुकी थी। फिर उसके बाद हम दोनों लेट गये और आराम करने लगे थे। फिर उसने उस दिन मुझे घर नहीं जाने दिया और फिर वो पूरी रात मुझसे चुदवाती रही। फिर मैंने उस रात उसकी 4 बार चुदाई की और 2 बार उसकी गांड भी मारी। आज तक वो अपने पति के ना रहने पर मुझसे खूब चुदवाती है और हम दोनों खूब मजा करते है ।।

धन्यवाद …

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