मेहमान की चूत का मज़ा लिया

hindi sex stories हैल्लो दोस्तों, कैसे है आप सब? मेरी यह दूसरी स्टोरी है। मुझे उम्मीद है कि मेरी पहली स्टोरी की तरह मेरी यह स्टोरी भी आप सबको बहुत पसंद आएगी। अब में आपको ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा अपनी स्टोरी पर आता हूँ। मेरा एक दोस्त है जो बहुत ही रंडीबाज है। एक बार उसके साथ एक औरत आई, जो कि लगभग 33-34 साल की होगी। फिर जब मैंने उस लेडी को देखा तो मेरा लंड फनफनाने लगा, वो बेहद खूबसूरत थी। फिर मेरे दोस्त ने मुझे बताया कि यह उसकी कजिन बहन है। फिर उसके बात अक्सर उस लेडी से मेरी मुलाकात होने लगी। अब में मन ही मन में प्लान बनाने लगा था कि उसे कैसे चोदूं? फिर आख़िर में मुझे एक बार मौका मिल ही गया। यह एक शाम की बात है, जब सर्दियों का मौसम था और बहुत तेज बारिश हो रही थी। फिर वो मेरी वर्कशॉप पर आई तो तब मैंने कहा कि आप यहाँ, अभी तक घर नहीं गयी? वो मेरी वर्कशॉप से कुछ दूरी पर ही एक ऑफिस में जॉब करती थी। तो तब वो बोली कि आज लेट हो गयी हूँ और अब तो घर के लिए बस भी नहीं मिलेगी।
अब मेरी तो जैसे मुराद ही पूरी हो गयी थी। फिर मैंने कहा कि कोई बात नहीं, आज रात आप मेरे घर पर रुक जाना, तो थोड़ी ना नुकर के बाद वो मान गयी। फिर मैंने वर्कशॉप में ही उसे डिनर करवाया और लगभग 10 बजे हम दोनों घर के लिए चले। फिर जब में घर पहुँचा तो मैंने देखा कि सब लोग सो रहे है तो में उसे लेकर गेस्ट रूम में आ गया। तो तब वो बोली कि में यहाँ अकेली नहीं सो सकती, मुझे डर लगता है। तो तब मैंने कहा मगर में यहाँ कैसे सो सकता हूँ? यहाँ तो एक ही बेड है। तो वो कहने लगी कि हम रात बैठकर गुजार लेंगे। तो तब मैंने कहा कि ठीक है। फिर मैंने लाईट ऑफ कर दी और उसके एक तरफ लेट गया।

अब धीरे-धीरे मेरा लंड खड़ा होने लगा था और अब में सोचने लगा था कि इसे कैसे चोदूं? कही ऐसा ना हो की यह चिल्ला पड़े, मगर मैंने हिम्मत करके उसके बूब्स पर अपना एक हाथ रखा। तो जैसे ही मैंने अपना हाथ रखा तो उसने झटके के साथ मेरा हाथ हटा दिया। तो मैंने फिर से अपना हाथ रखा। तो तब वो बोली कि यह आप क्या कर रहे हो? तो तब में बोला कि में आपको प्यार करना चाहता हूँ। तो तब वो बोली कि इसका मतलब जानते हो? तो मैंने कहा कि हाँ, में तुम्हें चोदना चाहत हूँ। तो वो चुप हो गयी, लेकिन में उनका इशारा समझ गया था। फिर हम लोग इधर उधर की बातें करते रहे। तो तब मैंने अपने एक हाथ से उसकी चूची को सहलाया, तो वो चुपचाप पड़ी रही। फिर उन्होंने अपना एक हाथ धीरे से मेरे लंड पर रख दिया और सहलाने लगी। तब मैंने उनकी चूचीयों को दबा-दबाकर गर्म कर दिया। तो उन्होंने तुरंत ही अपना हाथ मेरी अंडरवियर के अंदर डाल दिया और अपने मतलब की चीज यानि कि मेरा लंड बाहर निकाल लिया और ज़ोर से दबाती हुई बोली कि में भी देखूँती हूँ कि आप खाली बातें ही करना जानते है, या तुम्हारे लंड में कुछ दम भी है। अब में भी उनकी बात सुनकर उनकी चूत की धज्जियाँ उड़ाने को तैयार हो गया था और फिर मैंने फटाफट से अपना अंडरवेयर और बनियान उतारकर रख दिया और उसके कपड़े भी उतार फेंके, वाह क्या बदन था उसका? एकदम मखमली, ऐसा लगता ही नहीं था कि वो शादीशुदा है, उसकी बॉडी का हर पार्ट पूरा टाईट था। अब में अपने होंठो से उसकी चूत को चूमने लगा था और उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसकी चूचीयों को दबा रहा था। फिर तब वो कहने लगी कि जरा जोश के साथ चुदाई कीजिएगा, आज बहुत दिनों के बाद किसी से चुदाने जा रही हूँ। तो तब मैंने पूछा कि क्यों? क्या तुम्हारा पति नहीं चोदता? तो तब वो बोली कि नहीं, वो तो साला गांडू है।

फिर मैंने कहा कि कोई बात नहीं अभी तुम्हारे होश उड़ाता हूँ। अब हम दोनों बिल्कुल नंगे हो चुके थे। तो तब मैंने पूछा कि हाँ तो मेरी प्यारी, अब बता तुझे किस स्टाइल से चोदूं? तो तब वो बोली कि जिस भी स्टाइल से चाहो, लेकिन मुझे पूरी तसल्ली मिलनी चाहिए। तो तब मैंने कहा कि तुम देखती जाओ अब में क्या करता हूँ? फिर मैंने उसकी दोनों टांगो को उठाकर अपने कंधे पर रख लिया और अपने लंड का टोपा उसकी चूत के मुँह पर लगाया और एक जोरदार धक्का मारा तो मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया और वो दर्द से झटपटा उठी। तो में थोड़ा रुक गया और पूछा कि क्या हुआ? तो वो बोली कि यार तुम्हारा लंड है या हथौड़ा, अभी उसकी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि मैंने एक जोरदार धक्का मारा तो अब की बार मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में चला गया।
अब उसकी आँखो में आसूं आ गये थे, लेकिन वो दर्द के साथ मस्ती में मौन कर रही थी और मुझे धक्का लगाने को कह रही थी और ज़ोर से धक्का लगाओ ना, आअहह फास्ट और जोर से, फाड़ दो इसे आज, मजा आ रहा है, मुझे दर्द की परवाह नहीं है, लकिन जल्दी-जल्दी धक्का लागाओ। फिर में रफ़्तार से सुषमा की चूत को पेलने लगा और अब वो भी अपने चुत्तड उठा-उठाकर चुदवा रही थी। अब में उसके बूब्स को भी मसल रहा था, कभी तो जोश में मैंने उसकी चूचीयों को पूरी ताकत से मसल दिया था, लेकिन उसके बूब्स इतने टाईट हो गये थे कि एकदम पत्थर से लगते थे। लेकिन मैंने भी उनको ऐसा मसला कि उसकी हालत खराब हो गयी थी। अब एक तो सुषमा की चूत वैसे ही फट रही थी और ऊपर से में उसके निप्पल भी पूरे ज़ोर से मसल रहा था। तब सुषमा ने दर्द के मारे इतनी ज़ोर से चीख निकाली कि में डर गया कि कहीं पड़ोस में किसी को पता ना चल जाए, अगर कोई और वहाँ होता तो वो भी समझ जाता कि उसकी जबरदस्त ठुकाई चल रही है, लेकिन सुषमा की ये चुदाई ज़्यादा देर ना चल सकी। अब मेरी हालत खराब होने लगी थी और फिर मैंने अपनी रफ़्तार थोड़ी कम कर दी।
अब इसी बीच मेरे लंड में लंड का प्रेशर लेवल से ऊपर पहुँच गया था और उसमें सरसराहट सी होने लगी थी। अब में समझ गया था कि अब में झड़ने वाला हूँ तो मैंने सुषमा के दोनों चूतड़ पकड़कर अपने लंड को उसकी चूत में पूरा अंदर घुसाकर स्टॉप किया। तो तब सुषमा भी समझ गयी कि अब में झड़ने वाला हूँ, तो तब सुषमा बोली कि प्लीज जल्दी से अंदर बाहर करो। फिर मैंने वैसा ही किया और फिर जैसे ही मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो सुषमा ने झपटकर उसे अपने मुँह के अंदर ले लिया। फिर मेरे लंड का सारा माल सुषमा के मुँह में चला गया और एक झटके ही में उसने मेरा पूरा माल पी लिया और मेरे लंड को ऐसे सक करने लगी जैसे में उसके निप्पल को कर रहा था। फिर सारी रात में मैंने उसे कम से कम 5 बार चोदा और बड़ा मज़ा आया ।।
धन्यवाद