मनीषा और हेतल टीचर

desi kahani, indian sex stories हैल्लो दोस्तों, मेरा हाई स्कूल काफ़ी दूर था। अब में, मनीषा और हेतल टीचर चले जा रहे थे। तभी उतने में बारिश आने लगी। अब हम सब भीग गये थे। अब मनीषा का शर्ट भीग गया था। अब में उसके बड़े-बड़े बूब्स देखता ही रह गया था, उसने शर्ट के अंदर कुछ नहीं पहन रखा था। मुझे मालूम नहीं था कि हेतल टीचर मुझे देख रही थी। फिर हम लोग स्कूल खत्म होते ही घर की तरफ लौट गये, लेकिन अब मेरी नजर तो मनीषा के बूब्स पर से हटने का नाम ही नहीं ले रही थी। फिर रात को जब हेतल टीचर मेरे कमरे में चुदवाने आई तो तब उसने मुझसे मेरी सुबह वाली शरारत के बारे में पूछा। तब मैंने कहा कि में मनीषा को चोदना चाहता हूँ। तब उसने कहा कि वो काफ़ी छोटी है। तब मैंने कहा कि में भी तो छोटा था, तो वो हंसने लगी। फिर हमने काफ़ी अच्छी तरह चुदाई की और फिर वो चली गयी।

फिर अगले दिन शनिवार था, मुझे पक्का याद है शनिवार को मॉर्निंग स्कूल थी। फिर दोपहर को हम तीनों हमारे फार्म हाउस गये तो तब रास्ते में हेतल टीचर ने मुझे इशारा किया। अब में समझ गया था, अब में मनीषा के पीछे चलने लगा था और उसका दुपट्टा पकड़कर उसे छेड़ने लगा था। तो तब वो मुस्कुराई, तब में समझ गया कि हेतल टीचर ने मेरा रास्ता साफ कर दिया है। फिर फार्म हाउस जाकर हमने काफ़ी मज़ाक मस्ती की और शाम होते ही घर की तरफ लौट पड़े। फिर रात को जब कोचिंग ख़त्म हुई तो तब हम सब अपने-अपने कमरे में चले गये। फिर रात को हेतल टीचर मुझे रात के 12 बज़े उठाने आई और फिर उसने कहा कि चलो मेरे कमरे में तो तब में तुरंत चला गया। आज मेरा लंड किसी कुँवारी चूत के लिए उत्सुक था। फिर मैंने वहाँ जाकर देखा तो मनीषा सो रही थी, उसने नाइट-ड्रेस पहन रखा था।

फिर मैंने उसके पास जाकर उसके गाल पर किस किया। तब वो नींद में मुस्कुरा दी। फिर तब मुझे समझने में देर नहीं लगी कि वो सोने का नाटक कर रही थी। फिर हेतल ने मेरा एक हाथ पकड़ा और मुझे बेड पर लेटा दिया और फिर वो मेरे कपड़े उतारने लगी। अब मनीषा अपनी आँखें थोड़ी सी खोलकर ये सब खेल देख रही थी। अब में सब कुछ समझ चुका था कि हेतल मुझे मनीषा से चुदवाने से पहले उसे यह सब एक मूवी की तरह दिखाना चाहती थी। फिर मुझे नंगा करने के बाद वो भी नंगी हो गयी। अब हम दोनों एक दूसरे को चूमने, चाटने लगे थे। अब में उसके दोनों बूब्स को बारी-बारी चूस रहा था। अब वो मेरे चूसने पर अपने मुँह से ज़ोर-ज़ोर से आवाज़े निकाल रही थी। अब वो मेरे ऊपर थी। फिर उसने अपनी चूत मेरे लंड से रगड़नी शुरू की, जो 9 इंच लंबाई का था।

अब मनीषा ये सब देखकर लाल-गुलाबी हो रही थी। अब में भी तिरछी नजर से उसे देख रहा था। फिर उसने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़कर अपनी चूत के छेद पर रख दिया और एक ही झटके में पूरा का पूरा निगल लिया था। अब हम काफ़ी ज़ोश में आकर चोदने लगे थे। अब वो ज़ोर-जोर से अपनी गांड ऊपर कर रही थी और मेरा पूरा लंड बाहर निकालकर फिर से ज़ोर से पूरा लंड अपनी चूत में निगल लेती थी। अब वो अपनी मस्ती में चुदाई कर रही थी। फिर मैंने उसको चोदते हुए मनीषा का हाथ पकड़ लिया, तब उसने कोई रेस्पॉन्स नहीं दिया। फिर में धीरे-धीरे अपना हाथ उसके बूब्स के पास ले गया और उसे मसलने लगा था। अब हेतल एक बार अपना पानी निकाल चुकी थी। फिर वो मेरे ऊपर से हट गयी और मुझे ऊपर आने को कहा। तब में उसके ऊपर आ गया। फिर मैंने उसकी चूत पर थोड़ी देर तक अपना लंड रगड़ा और फिर उसके ऊपर लेटकर उसकी चुदाई करने लगा था।

अब मेरा मुँह मनीषा की तरफ था। फिर मैंने उसकी शर्ट में मेरा एक हाथ डाला। अब वो काफ़ी गर्म हो चुकी थी। अब में उसके दोनों बूब्स को मसलने लगा था। अब उसने अपनी आँखे खोल दी थी और अब वो हम दोनों को चुदाई करते हुए देखने लगी थी। हम 30 मिनट से चुदाई कर रहे थे। फिर जब मुझे लगा कि वो झड़ने वाली है तब मैंने उसके पैर मेरे कंधो पर रख लिए और काफ़ी तेज़ी से अपना लंड उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा था। अब वो चिल्ला रही थी। अब उसे काफ़ी आनंद आ रहा था। फिर 2 मिनट में हम दोनों बारी-बारी से खल्लास हो गये। अब हमारी साँसे इतनी तेज हो गयी थी कि पूरा रूम गूंजने लगा था। फिर मनीषा ने अपनी आँखें बंद कर ली। फिर हम दोनों उठकर बाथरूम में गये और फिर फ्रेश होकर उसके कमरे में सोने लगे। अब में उन दोनों के बीच में ही सोया था। अब हेतल टीचर हमारी तरफ नहीं देख रही थी। फिर में 1 घंटे तक ऐसे ही पड़ा रहा। दोस्तों ये कहानी आप चोदन डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने मनीषा का हाथ पकड़कर दबाया। तब वो थोड़ी मेरे नजदीक आ गयी और में अभी बिल्कुल नंगा था। फिर मैंने उसकी नाइट-ड्रेस की शर्ट में अपना एक हाथ डाला और उसके नींबू से थोड़े बड़े बूब्स मसलने लगा था। फिर उसने मेरे और नजदीक आकर मुझसे नाईट लेम्प बंद करने को कहा। तब मैंने लाईट ऑफ कर दी। फिर मैंने उसे खड़ा किया और उसका नाईट-ड्रेस उतारने लगा, उसने ब्रा और पेंटी कुछ भी नहीं पहना था। फिर में उसे बेड पर उल्टा लेटाकर उसके पेट को चूमने लगा, उसके शरीर की खुशबू से मेरा लंड तनकर अपनी पूरी साईज में आ गया था। अब में अपने लंड को उसकी गांड पर रगड़ने लगा था। अब वो भी जोश में आने लगी थी। फिर मैंने उसे बेड पर सीधा लेटाया और उसके एक बूब्स को चूसने लगा था और अपने दूसरे हाथ से उसके एक बूब्स को मसलने लगा था। तभी अचानक से उसने मुझे अपने ऊपर से दूर कर दिया और खुद मेरे ऊपर आ गयी थी। शायद उसने उसकी बड़ी दीदी की चुदाई देखी थी उसका असर था। अब वो मुझे फ्रेंच किस करने लगी थी और अपनी बिना बालों वाली चूत मेरे लंड पर रगड़ने लगी थी।

अब में उसके लटकते बूब्स मसल रहा था और वो मुझसे 1 साल छोटी थी, तो अब में बड़ा ही अच्छा महसूस कर रहा था। आज तक उसकी बड़ी दीदी {हेतल टीचर} मुझे सब सिखाती और करने को कहती थी, लेकिन आज पहली बार में किसी कुंवारी लड़की को सीखा रहा था। फिर मैंने उसकी चूत पर अपना हाथ फैरना शुरू किया तो तब वो मुझसे चिपक गयी। अब उसकी थोड़ी गीली चूत देखकर मैंने उसको चोदने का मन कर लिया था और फिर मैंने उसके दोनों पैर फैला दिए और अपने लंड के सुपाड़े को बाहर निकालकर उसकी चूत पर रगड़ने लगा था। अब वो अपने होंठो को दातों तले दबा रही थी। फिर मैंने एकदम हल्के से थोड़ा सा धक्का दिया तो मेरा लंड सिर्फ थोड़ा सा उसकी चूत को टच हुआ और उसने गहरी सांस ली और मुझे थोड़ा रुकने को कहा। तो तब मुझे लगा कि उसकी सील तोड़ना इतना आसान नहीं होगा। फिर मैंने उसे कमर से बराबर पकड़कर उसे पूरी ताकत से एक ज़ोरदार धक्का मारा। तो वो ऊऊऊईईईईईई माँ करके चिल्ला उठी।

अब वो मेरे लंड को बाहर निकालने की कोशिश करने लगी थी, लेकिन मैंने उसे ज़ोर से पकड़ लिया था, लेकिन उसकी आवाज़ सुनकर उसकी दीदी {हेतल टीचर} जाग गयी थी। फिर उसने नाईट लेम्प जलाया और मनीषा के बूब्स सहलाने लगी और मुझे चोदने को कहा। फिर उसने मनीषा के मुँह पर अपना एक हाथ रखा और अपने एक हाथ से उसे पकड़ लिया। तब मैंने उसकी कमर ज़ोर से पकड़कर एक और ज़ोरदार धक्का मारा। तो तब वो झटपटाने लगी और रोने लगी थी। तब हेतल टीचर ने मुझे रुकने से मना किया और फिर में ज़ोर-जोर से धक्के लगाने लगा, लेकिन अब मेरा आधा ही लंड उसकी चूत में जा रहा था। वो मेरे लंड को बाहर निकालना चाहती थी और रो रही थी, लेकिन कुछ बोल नहीं पा रही थी। अब हेतल टीचर ने उसके मुँह को दबा रखा था। तब मैंने अपना पूरा लंड उसकी चूत में डालने का फैसला किया।

फिर मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी कमर को पकड़ा और अपना पूरा लंड बाहर निकालकर ज़ितनी ताकत मेरे अंदर थी उतनी ताकत से एक ज़ोरदार धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी सील को तोड़ते हुआ उसकी चूत में घुस गया। अब वो ज़ोर-ज़ोर से रोने लगी थी। तब मैंने हेतल टीचर से कहा कि क्या में अपना लंड बाहर निकाल लूँ? तो तब उसने कहा कि नहीं तुम चोदना चालू रखो और जब तक में ना कहूँ रुकना मत। अब में मनीषा की दोनों टांगो पकड़कर उसे चोदने लगा था। अब वो झटपटा रही थी, उसकी टाईट चूत को चोदने का आनंद ही कुछ और था। अब हेतल टीचर उसके दोनों बूब्स को बारी-बारी से चूसने लगी थी। फिर 10 मिनट के बाद मनीषा मज़े से साथ देने लगी। अब उसकी दीदी उसके पूरे बदन को सहला रही थी। अब वो ज़ोर-जोर से अपनी गांड ऊपर नीचे करने लगी थी। अब में समझ गया था कि वो अपना पानी निकालने वाली है, तो तब मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। अब वो ओह ज़ोर से राजा और ज़ोर से चिल्लाने लगी थी।

अब में भी बहुत ज़ोश में आ गया था और फिर हम दोनों एक साथ झड़ गये। फिर में थोड़ी देर तक उसके ऊपर ऐसे ही पड़ा रहा। अब टीचर मेरी पीठ थपथपाने लगी थी। फिर उसने उठकर लाईट ऑन की और मेरा लंड बाहर निकालने को कहा। अब मेरा पूरा लंड खून से सना हुआ था। अब मनीषा की चूत फूलकर पकोड़ी हो गयी थी। फिर मैंने बाथरूम में जाकर मेरा लंड साफ किया और फिर बाहर आया। तो तब हेतल टीचर मनीषा की चूत को कपड़े से साफ कर रही थी। फिर उसने मनीषा को उठने को कहा, लेकिन वो उठ नहीं पाई। तब हम उसे उठाकर बाथरूम में ले गये और फिर वहाँ जाकर टीचर ने गर्म पानी से उसकी चूत की सिकाई की। फिर हम सबने अपने-अपने कपड़े पहने और बैठकर थोड़ी देर तक बात की ।।

धन्यवाद …