मामा की लड़की को चोदकर अपना कायल बना दिया

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मेरा नाम नीरज है, मेरी उम्र 23 वर्ष है। मैंने बचपन से ही विदेश में पढ़ाई की है क्योंकि वहां पर मेरे चाचा रहते हैं, तो मैं उनके साथ ही रहता था। जब मैं छोटा था उस वक्त वह मुझे अपने साथ ले गए थे इसलिए मेरा मेरे घर वालों से भी ज्यादा संपर्क नहीं हो पाता था और सिर्फ मैं उनसे फोन में ही बात करता था। कभी चार-पांच सालों में ही मेरा घर लौटना होता था। मेरी नौकरी भी विदेश में ही लग गई है। मैं अपने चाचा के साथ रहकर ही वहां पर नौकरी कर रहा हूं लेकिन मैंने कुछ समय के लिए छुट्टी ले ली और सोचा कि इस बार मैं अपने मम्मी-पापा से मिलाता हूं। मेरे मम्मी पापा करनाल में रहते हैं। मेरे पापा पुलिस में है और मेरी बहन अभी अपने स्कूल की पढ़ाई कर रही है।

मैं जब इस बार अपने घर आया तो मेरे मम्मी पापा और मेरी बहन बहुत खुश थे। वह लोग कह रहे थे की तुम काफी वर्षों बाद घर आए हो, मैंने उन्हें कहा कि वहां से आने का बिल्कुल भी समय नहीं लग पाता क्योंकि स्कूल की छुट्टियों भी बहुत कम होती है और उसके बाद अब मैंने वहां पर नौकरी करना भी शुरू कर दिया है। जब पापा को मेरी नौकरी के बारे में पता चला तो वह बहुत खुश हुए और कहने लगे क्या तुम अब वहीं पर सेटल होने की सोच रहे हो, मैंने उन्हें कहा कि हां मैं सोच तो ऐसा ही रहा हूं और मेरी एक अच्छी नौकरी भी लग चुकी है, अब मैं वहीं पर नौकरी कर रहा हूं। मेरी बहन भी पूछने लगी की आपने वहां पर कब जॉइनिंग किया, मैंने उसे कहा की मैंने कुछ समय पहले ही जॉइनिंग कर की। मैं अपनी बहन के लिए कुछ गिफ्ट भी लाया हुआ था। मैंने जब उसे वह गिफ्ट दिया तो वह बहुत खुश हुई और कहने लगी कि आप मेरा बहुत ही ध्यान  रखते हैं। मेरा करनाल में कोई भी दोस्त नहीं था इस वजह से मैं ज्यादा कहीं जाता नहीं था। मैं अपने घर पर ही रहता था और अपने लैपटॉप में मैं गेम खेल लिया करता था और आपनी कुछ पुरानी फोटो देख लिया करता था।

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जब मेरे चाचा मुझे फोन करते तो कहने लगते कि तुम वापस कब आ रहे हो, मैंने उन्हें कहा कि अभी मैं कुछ दिन और रुक लूंगा उसके बाद मैं वापस आ जाऊंगा। वह मुझसे पूछने लगे कि घर में सब लोग कैसे हैं मैंने उन्हें कहा कि घर में सब लोग अच्छे हैं और मैं कुछ समय बाद वापस आ जाऊंगा। मेरे चाचा मुझे अपने बच्चों की तरह ही मानते हैं क्योंकि उनकी दो लड़कियां हैं और उनमें से बड़ी वाली की शादी हो चुकी है। उनकी शादी विदेश में ही हुई। मैं घर में बहुत ज्यादा बोर होने लगा और मैंने जब अपनी मां से इस बारे में बात की तो वो कहने लगी कि तुम कुछ दिनों के लिए कहीं घूम आओ, मैंने उन्हें कहा कि मैं अकेले अकेले कहां जाऊंगा। वह कहने लगे कि मैं तुम्हारे पापा से बात कर लेती हूं और उसके बाद हम लोग कहीं घूमने के लिए चल पड़ते हैं। मैंने उन्हें कहा ठीक है आप पापा से बात कर लीजिए और उसके बाद हम लोग कहीं घूमने चल पड़ेंगे क्योंकि मैं भी यही चाहता था कि हम लोग साथ में घूमने के लिए जाए, काफी समय हो चुका था जब हम लोग साथ में नहीं घूमने भी नहीं गए थे और ना ही मैं अपनी फैमिली के साथ इतना समय बिता पाया। मेरी मां ने जब मेरे पापा से बात की तो उन्होंने कहा कि ठीक है हम लोग कहीं घूमने का प्लान बना लेते हैं। उसके बाद मेरे पापा भी तैयार हो गए और हम लोगों ने घूमने का प्लान बना लिया। मेरे पापा कहने लगे कि हम लोग दमन चलते हैं। मैंने वहां की टिकट बुक कर दी और उसके बाद हमारी पूरी फैमिली दमन घूमने के लिए चली गई। हम लोगों को दमन में घूमना बहुत ही अच्छा लग रहा था क्योंकि वहां का मौसम भी बहुत अच्छा था। ना तो वहां पर ज्यादा ठंड हो रही थी और ना ही ज्यादा गर्मी थी इसी वजह से हम लोग बहुत ही खुश थे और जब हमने समुद्र देखा तो वह भी हमें अपनी और खींच रहा था और हम लयोग बहुत ही एन्जॉय कर रहे थे। मेरे पापा भी काफी खुश हो रहे थे क्योंकि हम लोग काफी समय बाद साथ में कहीं घूमने गए थे। वो कहने लगे कि यह तो अच्छा हुआ कि तुमने घूमने का प्लान बना लिया, नहीं तो मैं भी कहीं घूमने के लिए नहीं जा पाता था। मेरे पापा बहुत ही खुश थे और मैं भी उनके साथ बहुत ज्यादा खुश था। मैं उन्हें कहने लगा, मैं अब पता नहीं कितने वर्षों बाद घर आऊंगा इसीलिए मैंने भी सोचा कहीं घूम आते हैं।

हम लोगों ने दमन में काफी इंजॉय किया। उसके बाद हम लोग घर वापस लौट आए थे। जब हम लोग घर आए तो उसके कुछ दिनों बाद मेरे मामा का फोन आ गया और उन्होंने जब मुझसे बात की तो वह कहने लगे तुम कभी हमारे घर भी आ जाया करो। मैंने उन्हें कहा ठीक है मामा जी मैं इस बार आपके घर आ जाता हूं। मैंने अपनी मम्मी से कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए मामा के घर पर जा रहा हूं, कुछ दिन वही पर रहूंगा क्योंकि वह भी कह रहे हैं कि तुम हमारे घर पर आ जाओ। अब मैं अपने मामा के घर चला गया, वह लोग पठानकोट में रहते हैं। उनके दो बच्चे हैं, उनका छोटा लड़का जो अभी स्कूल में ही पड़ रहा है और वह बहुत ही ज्याद सवाल पूछता रहता है। वह हर चीज में बहुत सवाल करता है इसके लिए मुझे उससे दूर रहना ही पसंद है लेकिन फिर भी वह जबरदस्ती मेरे पास आकर बैठ जाता है और मुझसे पूछने लगता है कि आप तो विदेश में इतने सालों से रह रहे हो आपको तो यहां पर अच्छा भी नहीं लगता होगा। मैं उसे कहता कि ऐसी बात नहीं है, यहां पर भी सब लोग अच्छे हैं और मुझे यहां रहना भी पसंद है लेकिन मैंने वहीं से पढ़ाई की है और मुझे वहीं एक अच्छी नौकरी मिल गई है इसीलिए मैं अब वहीं पर जॉब करना चाहता हूं। उनकी बड़ी लड़की संजना मुझसे कुछ महीने ही छोटी है और हम दोनों लगभग एक ही साथ के हैं इसीलिए संजना और मेरी अच्छी बातचीत है और वह भी काफी समझदार है।

मैं अपने मामा के घर पर ही था तो मेरे मामा भी बहुत खुश हो रहे थे और वह भी मुझसे पूछ रहे थे की तुम काफी वर्षों बाद घर लौटे हो, अब तुम्हारा आगे का क्या प्लानिंग है। मैंने उन्हें कहा कि आगे का तो मुझे अभी नहीं पता परंतु अब मैं वहीं पर नौकरी करूंगा और जब मुझे छुट्टी मिलेगी तो उसी वक्त मैं घर वापस आऊंगा। मेरे मामा कहने लगे चलो यह तो बहुत अच्छी बात है, कम से कम तुमने अपना कोई फैसला तो कर ही लिया। मेरी और संजना की बहुत बात होती थी क्योंकि मैं जब अपने स्कूल में था तब भी मैं उसे फोन कर दिया करता था इसलिए हम दोनों के बीच में अच्छी बात हो जाती थी। संजना भी मुझसे कहने लगी कि चलो मैं तुम्हें अपने कॉलेज के दोस्तों से मिलवा कर लाती हूं। जब वह मुझे अपने कॉलेज के दोस्तों से मिलवाने ले गई तो उसके दोस्त बहुत अच्छे हैं और मुझे उनसे मिलकर बहुत ही अच्छा लगा। वह सब लोग संजना की बहुत ही तारीफ कर रहे थे और कह रहे थे की संजना बहुत अच्छी लड़की है। मुझसे भी उसके दोस्त पूछ रहे थे कि आप तो विदेश में ही पड़ते थे तो अब आपका आगे का क्या प्लानिंग है, आप यहां पर नौकरी करेंगे या फिर विदेश में ही नौकरी करने वाले हैं। मैंने उन्हें बताया कि मैं अब वहीं पर नौकरी करूंगा क्योंकि मेरी एक कंपनी में नौकरी लग चुकी है। मैंने संजना के दोस्तों के साथ अच्छा समय बिताया और उसके बाद हम लोग घर लौट आए। जब हम दोनों घर लौट आए तो मैं संजना के साथ मै बात कर रहा था वह मुझसे पूछने लगी कि विदेश में तो लड़कियां नंगी घूमती होंगी। मैंने उसे कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है मैंने उसे कहा कि मुझे तो यही की लड़कियां पसंद है और जब मैंने संजना के पैरों पर हाथ रखा तो वह मेरे इशारे समझ चुकी थी। मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरू कर दिया हम दोनों कमरे में ही थे मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और अपने लंड को बाहर निकालते हुए संजना के मुंह के अंदर डाल दिया। जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में ले रही थी तो उसे बहुत अच्छा लग रहा था वह मेरे लंड को अपने मुंह से निकालते हुए कहने लगी कि तुम्हारा बहुत ही मोटा है।

मैंने उसके सारे कपड़े खोल दिए जब उसका जिस्म मैंने देखा तो वह बहुत ही गोरा और मुलायम था मैंने उसे बड़ी अच्छे से चाटा उसके स्तनों को मैंने बहुत देर तक रसपान किया। उसके स्तनों का रसपान करके मुझे बड़ा ही मजा आया और वह भी पूरी उत्तेजना में आ गई उसकी योनि पूरी गिली हो चुकी थी। मैंने उसकी योनि के अंदर लंड को डाल दिया जैसे ही मैंने अपने लंड को डाला तो वह खुश हो गई मुझे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने उसे इतनी तेज तेज झटके दिए की उसके मुंह से आवाज आती तो वह मुझे अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश करती।  संजना ने अपनी चूत को मेरे लंड से निकालते हुए मेरे सामने अपनी चूतडो को कर दिया मैंने जब उसकी चूतडो को देखा तो वह गोल और मुलायम थी। मैंने जैसे ही उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो उसके मुंह से आवाज निकलने लगी मै उसे बड़ी तेजी से धक्के लगाने लगा। वह मुझसे बड़ी तेजी से अपने चूतड़ों को टकराने लगी वह मेरा साथ देने लगी। जब वह अपनी चूतडो को मुझसे टकरा रही थी तो मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था जिस प्रकार से अपनी चूतड़ों को मेरी तरह ला रही थी तो मैं भी उसे बड़ी तेजी से झटके दिए जा रहा था। उन्हीं झटको के बीच में ना जाने कब मेरा वीर्य मेरे लंड के टोपे तक पहुंच चुका था मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए संजना के मुंह के अंदर डाल दिया। उसने मेरे लंड को काफी देर तक चूसा जिससे कि मेरा वीर्य पतन उसके मुंह के अंदर ही हो गया। मैं अब विदेश लौट चुका हूं लेकिन मैं संजना को हमेशा ही मिस करता हूं वह भी मुझे अक्सर अपनी नंगी फोटो भेजती रहती है।

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