मामा की लड़की और उसकी दोस्त की रेल बना दी

antarvasna chudai ki kahani

मेरा नाम संतोष है और मैं मेरठ का रहने वाला हूं, मेरी उम्र 22 वर्ष है। मैं अपने पिता के साथ उनकी हार्डवेयर की दुकान में काम करता हूं और मुझे उनके साथ काम करते हुए  दो वर्ष हो चुके हैं। मैंने अपने स्कूल के बाद से ही उनके साथ काम करना शुरू कर दिया इसीलिए मैं अब उनके साथ काम भी सीख चुका हूं और मैं कई बार उनके साथ सामान लेने के लिए बाहर भी जाता हूं। मुझे अपने दोस्तों से मिलने का भी समय नहीं मिल पाता और  जब भी मुझे थोड़ा समय मिलता है तो मैं उनके घर पर ही चला जाता हूं और उनसे वहीं पर जाकर मिलता हूं। वह सब मुझे कहते हैं कि तुम तो बहुत ही ज्यादा बिजी हो गए हो, मैं उन्हें कहता हूं कि मेरे पास बिल्कुल भी समय नहीं होता क्योंकि मैं दुकान के काम में ही व्यस्त रहता हूं इसी वजह से मैं बिल्कुल भी समय नहीं निकाल पाता। मेरे सारे दोस्त मुझे कहते हैं कि तुम तो अब बहुत ज्यादा व्यस्त रहने लगे हो क्योंकि वह सब जानते हैं कि मैंने अपनी स्कूल की पढ़ाई के बाद से ही अपने पिता के काम में हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया था क्योंकि मेरे पापा का काम बहुत ही अच्छा चलता है इसी वजह से मुझे ही उनका काम आगे संभालना है इसीलिए मैंने अभी से ही उनके साथ काम करना शुरू कर दिया था।

मेरे दोस्त अभी भी कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। वह सब अपनी कॉलेज की बातें जब मुझे बताते हैं तो मैं उन्हें कहता हूं कि मैं भी यदि तुम्हारे साथ ही कॉलेज करता तो शायद मैं भी तुम्हारी तरह ही मौज मस्ती करता। वह अपनी जिंदगी को बहुत ही अच्छे से जी रहे थे और अपने कॉलेज में पूरी मस्ती किया करते थे लेकिन मेरे पास तो बिल्कुल भी समय नहीं होता, मैं अपनी दुकान से सीधा घर चला जाता था। अब मुझे भी उन्हें देखकर लगने लगा कि मुझे भी कुछ समय के लिए कहीं बाहर चले जाना चाहिए। जब मैंने अपनी मां से इस बारे में बात की तो वो कहने लगी कि ठीक है तुम कुछ समय के लिए कही चले जाओ। मेरी मम्मी मुझे कहने लगी कि तुम एक काम करो अपने मामा के पास चले जाओ क्योंकि मुंबई का माहौल भी अच्छा है और तुम्हे उनके साथ अच्छा भी लगेगा। मैंने भी सोच लिया कि मुझे मुंबई जाना चाहिए, मैंने इस बारे में अपने पापा से भी बात की तो वह लगे की तुम्हें यदि मुंबई जाना है तो तुम कुछ समय के लिए वही चले जाओ, तुम्हें अच्छा भी लगेगा और तुम्हारा टाइम भी बीत जाएगा।

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मेरी मम्मी ने जब मेरे मामा से बात की तो वह कहने लगे कि संतोष को हमारे पास ही कुछ समय के लिए भेज दो। उसके बाद मैं उनके पास चला गया। उनके घर पर उनकी पत्नी और उनकी लड़की राधिका रहती है। राधिका भी मेरी उम्र की है, जब मैं अपने मामा के घर पहुंचा तो मैंने उनसे राधिका के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ होगी। मैंने पूछा की क्या वह आपको बिना बताए जाने लगी है, वह कहने लगे कि बेटा तुम इस बारे में तो पूछो ही मत, वह तो बहुत ही ज्यादा खुले विचारों की हो चुकी है और हमें कुछ भी नहीं बताती कि वह कहां जा रही है। वह दिन रात पार्टियां करती रहती है और ना जाने उसके दोस्त किस प्रकार के हैं जो दिन-रात पार्टिया करते रहते हैं। उस दिन राधिका मुझे मिली ही नहीं, जब वह अगले दिन घर आई तो वह मुझे देख कर बहुत खुश हुई लेकिन वह नशे में लग रही थी। मैंने उससे पूछा कि तुम रात में कहां थी, वो कहने लगी कि रात में मैं घर लेट आई और मैं आते ही सो गई। मैंने उसे पूछा कि तुम अपने दोस्तों के साथ कुछ ज्यादा ही बिजी हो, तो वह कहने लगी कि नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, हम लोग सिर्फ पार्टियां ही करते रहते हैं इसी वजह से मुझे आने में लेट हो गई। मुझे उससे मिलकर खुशी भी हो रही थी और उसे देखकर थोड़ा दुखी भी हो रहा था क्योकि वह अपने दोस्तों में इतनी ज्यादा व्यस्त हो चुकी है कि अपने घर पर बिल्कुल भी समय नहीं दे पा रही है। मैंने उसे समझाने की भी कोशिश की लेकिन उसे कुछ भी समझ नहीं आया और वह कहने लगी कि यह तो आजकल का जमाना है और हम लोग यदि पार्टी नहीं करेंगे तो कौन करेगा। वह मुझे कहने लगी कि तुम भी मेरे साथ चलना, मैंने उसे कहा ठीक है मैं देखता हूं यदि समय मिला तो मैं तुम्हारे साथ चलता हूं लेकिन वह मुझसे जिद करने लगी और मुझे अपने साथ अपने दोस्तों से मिलाने के लिए ले गई।

जब वह मुझे अपने दोस्तों से मिलाने ले गई तो वह सब नशे में थे और मुझे उन्हें देखकर बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था। उन सब ने कुछ ज्यादा ही नशा कर रखा था और वह सब जमकर शराब पी रहे थे और डांस कर रहे थे। उसने मुझे एक लड़की से मिलाया जो कि उसकी बहुत अच्छी दोस्त है। उसका नाम सुमन है, जब मैं सुमन से मिला तो मुझे उससे मिलकर अच्छा लगा क्योंकि वह थोड़ा समझदार दिखाई दे रही थी। जब मैं उसके साथ बैठा हुआ था तो मैंने उससे पूछा था कि तुम लोग इतनी पार्टियां करते हो तो क्या तुम्हारे घरवाले तुम्हें कुछ नहीं कहते, वो कहने लगी कि मेरे घरवाले तो मुझे बहुत डांटते हैं इसी वजह से मैं अब अलग रहने लगी हूं। मैंने उसे कहा कि तुम अलग क्यों रहती हो, वो कहने लगी कि यदि मैं अपने घर पर रहूं तो मैं लेट तक पार्टी नहीं कर सकती इसी वजह से मैंने अलग ही घर ले लिया है और मैं नौकरी भी करने लगी हूं। वह काफी समझदार थी, उसे अपनी मर्यादाओं का पता था और वह ज्यादा शराब नहीं पीती थी लेकिन राधिका तो नशे में चूर रहती थी और मुझे ही उसे उठाकर घर ले जाना पड़ा। जब मैं उसे घर ले गया तो उसकी हालत बहुत ही खराब थी।

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि यदि मेरे मामा ने मुझे उसके साथ देख लिया तो वह मुझे भी कहीं कुछ बुरा भला ना कह दे, मुझे बहुत डर लग रहा था इसलिए मैंने चुपचाप उसे कमरे में सुला दिया और अपने कमरे में जाकर लेट गया। जब सुबह राधिका उठी तो मैंने उसे कहा कि कल रात को तुमने कितनी ज्यादा शराब पी ली थी, तुम्हें बिल्कुल भी होश नहीं था, मैंने उसे डांटते हुए कहा तो वो कहने लगी कि कल कुछ ज्यादा ही हो गई थी। उस बात के लिए मैं तुमसे माफी मांगती हूं। मैंने उसे कहा कि माफी मांगने की बात नहीं है लेकिन तुम्हारी आदत वाकई में गंदी होने लगी है यदि तुम इसी तरीके से शराब पीओगी तो तुम्हारी शादी भी नहीं हो पाएगी। वह कहने लगी कि तुम मुझे मेरे पापा की तरह मत समझाओ और वह मुझ पर गुस्सा हो गई। उसने मुझसे बात भी बंद कर दी और अब मैं भी उससे बात नहीं कर रहा था। जब इस बात का पता मेरे मामा को चला तो वह कहने लगे कि तुम दोनों आपस में बात क्यो नहीं कर रहे हो, मैंने अपने मामा से कुछ भी नहीं कहा और उस दिन वह हम दोनों को अपने साथ ही घुमाने के लिए ले गए। उस दिन वह हम दोनों का अपने साथ डिनर पर ले गए और उसके बाद हम दोनों आपस में बात करने लगे लेकिन कहीं ना कहीं मुझे उसे देख कर गुस्सा भी आ रहा था। मुझे भी लगने लगा कि मुझे उसकी आदत को छुड़ाना पड़ेगा और अगले दिन जब वो मुझे पार्टी में ले गई तो उस दिन भी उसने कुछ ज्यादा ही शराब पी ली और उसे बिल्कुल भी होश नहीं था। सुमन मुझे कहने लगी कि आज राधिका को कुछ ज्यादा ही नशा हो गया है, तुम एक काम करो तुम लोग मेरे साथ ही मेरे घर पर चलो। अब हम लोग सुमन के साथ ही उसके घर पर चले गए। जब मैं उसके घर पर गया तो उसने अपने घर को बहुत ही अच्छे से सजाया हुआ था और मैंने राधिका को उसके बिस्तर पर सुला दिया उसके बाद हम दोनों बैठकर बातें कर रहे थे। जब मैं सुमन के साथ बात कर रहा था तो मुझे उसके स्तन दिखाई दे रहे थे। मैंने उसे कहा कि मेरा भी आज पीने का मन हो रहा है उसने मेरे लिए अपने फ्रीज से बियर निकाली और हम दोनों ने साथ में बैठकर बीयर पी। उसके बाद उसे भी नशा हो गया था और वह मेरे बगल में आकर बैठ गई। जब वह मेरे बगल में बैठी तो मैंने उसकी जांघों पर हाथ रखते हुए उसे सहलाना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे मैंने उसकी योनि के अंदर अपनी उंगली को डाल दिया।

जैसे ही मेरी उंगली उसकी योनि में गई तो वह पूरे मूड में आ गई। मैंने उसके होठों को अपने होठों में लेकर चूमना शुरू कर दिया मैंने बहुत देर तक उसके होठों को अपने होठों में लिया और उसका रसपान किया। मैंने उसको नंगा कर दिया मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में गया तो वह चिल्ला उठी। मैंने उसे बड़ी तेजी से धक्के मारना शुरू कर दिया मैं उसे तेजी से झटके दिए जा रहा था वह भी मेरा पूरा साथ देती उसे भी मजा आ रहा था वह अपने मुंह से बड़ी तेज तेज आवाज में सिसकियां ले रही थी। वह इतनी तेज चिल्ला रही थी कि राधिका भी उठ गई और वह नशे में ही बाहर आ गई। जब उसमें हम दोनों को देखा तो उसने भी अपने कपड़े खोलते हुए मेरे पास आकर खड़ी हो गई। मैंने भी सुमन को बड़ी तेजी से झटके दिए मेरा माल सुमन की योनि में ही गिर गया। मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए राधिका के मुंह में डाल दिया। अब उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया। उसके बाद मैंने उसे घोड़ी बनाते हुए उसकी गांड को चाटना शुरू कर दिया। मैंने जैसे ही अपना लंड उसकी गांड में डाला तो वह चिल्ला उठी मैंने उसके चूतड़ों को कसकर पकड़ लिया। मैंने उसे इतनी तेजी से धक्के मारे कि उसका शरीर पूरा हिलने लगा और उसकी गांड से खून आ रहा था। धीरे-धीरे वह भी अपनी गांड को मेरे लंड से सटाने लगी और कुछ देर बाद मेरा माल उसकी गांड के अंदर ही गिर गया। मुझे उसकी गांड मारने में बहुत ही मजा आया राधिका भी बहुत खुश थी उसके बाद से हम तीनों ही अक्सर सेक्स कर लिया करते थे।

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