मैं उसका हमदर्द हूं

Hindi sex story, kamukta मैं एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं मुझे उस कंपनी में काम करते हुए 2 वर्ष हो चुके हैं मेरा परिवार बेंगलुरु में ही मेरे साथ रहता है और हम लोग घर में चार सदस्य हैं मेरी एक छोटी बहन है वह भी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती है हम लोग बहुत ही खुश हैं क्योंकि हमें आज तक किसी भी चीज की कोई कमी नहीं हुई। हमारे ऑफिस में कुछ समय बाद एक लड़की ने ज्वाइन किया उसके बारे में मुझे ज्यादा पता नहीं था लेकिन उसके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती थी परंतु मुझे उसकी मुस्कान के पीछे के दर्द के बारे में नहीं पता था उसका नाम माधुरी है। उसने जब हमारे ऑफिस में ज्वाइन किया तो मुझे उसकी स्माइल बहुत प्यारी लगती थी मैंने एक दिन माधुरी से कहा तुम्हारी स्माइल बहुत अच्छी है और तुम जब भी हंसती हो तो बहुत सुंदर लगती हो। माधुरी ने मुझे उस वक्त इस बात का कोई जवाब नहीं दिया मुझे लगा कि शायद उसे मेरी बात बुरी लगी हो इसीलिए उसने मुझे इस बात का कोई जवाब नहीं दिया लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि उसके साथ क्या गलत हुआ है।

माधुरी को मैं जान ही नहीं पाया था क्योंकि उससे मेरी इतनी बातचीत होती ही नहीं थी। हमारे ऑफिस में एक लड़की है उसका नाम संजना है उससे मेरी बहुत अच्छी दोस्ती है संजना और मैंने एक साथ ही ऑफिस जॉइन किया था इसलिए संजना से मेरी काफी अच्छी बातचीत होती है अब संजना भी माधुरी से बात किया करती थी। जब एक दिन मुझे संजना ने माधुरी के बारे में बताया कि माधुरी ने लव मैरिज की थी और उनकी शादी दो साल तक चली लेकिन दो साल बाद उनके बीच में झगड़े शुरू हो गए और उसके बाद वह ना तो अपने घर वापस जा पाई और ना ही वह अब अपने पति के साथ रहती है। मैं यह सुनकर दंग रह गया मुझे बहुत बुरा लगा मुझे उस वक्त एहसास हुआ कि मुझे माधुरी को यह सब नहीं कहना चाहिए था लेकिन मुझे उस वक़्त कुछ भी पता नहीं था। मैंने एक दिन लंच टाइम में माधुरी से बात की और जब मैंने माधुरी से माफी मांगी तो वह कहने लगी तुम किस चीज के लिए माफी मांग रहे हो मैंने माधुरी से कहा देखा माधुरी मुझे तुम्हारे बारे में कुछ भी नहीं पता था यदि मुझे तुम्हारे बारे में पता होता तो शायद मैं तुमसे कभी भी ऐसा नहीं कहता।

वह मुझे कहने लगी लेकिन बात क्या हुई है तो मैंने उसे बताया मुझे तुम्हारे रिलेशन के बारे में मालूम नहीं था जब मुझे संजना ने तुम्हारे बारे में बताया तो मुझे लगा तुम बहुत ज्यादा खुश रहती हो लेकिन तुम्हारी इस मुस्कान के पीछे भी एक दर्द छुपा है। वह मुझे कहने लगी रोहित ऐसी कोई बात नहीं है तुम्हें नहीं मालूम था इसलिए तुमने मुझे शायद इस बारे में कहा लेकिन मैंने तुम्हारी बात का बिल्कुल बुरा नहीं माना। मेरी उस दिन माधुरी से काफी देर तक बात हुई और अब हम लोग एक दूसरे से बात किया करते थे हम लोग साथ में ही लंच करते थे धीरे-धीरे हम लोगों को एक दूसरे के बारे में पता चलने लगा संजना भी हमारे साथ ही लंच किया करती थी माधुरी अपने ऑफिस के बाद सीधा घर चली जाया करती थी और उसे ज्यादा किसी से कोई मतलब नहीं रहता था। ऑफिस में सिर्फ हम लोग ही उससे बात किया करते थे और लोगों से वह सिर्फ काम की ही बात करती थी इससे ज्यादा उसने कभी किसी से कोई बात नहीं की उसका नेचर मुझे बहुत अच्छा लगता था। जब भी मैं माधुरी को देखता तो मुझे ऐसा लगता की उसके साथ बहुत बुरा हुआ है मैंने कभी उससे उसके रिलेशन के बारे में पूछने की हिम्मत नहीं की। एक दिन वह बहुत ज्यादा उदास थी उस दिन संजना ऑफिस नहीं आई थी मैंने माधुरी से कहा तुम काफी उदास लग रही हो तो वह मुझे कहने लगी बस ऐसे ही आज मेरा मूड कुछ सही नहीं है मैंने उससे कहा लेकिन आज ऐसी क्या बात है जो तुम्हारा मूड बिल्कुल भी सही नहीं है। वह मुझे कहने लगी मुझे आज अपने मम्मी पापा की बहुत याद आ रही है और जब भी मैं सोचती हूं कि मैंने काश यह कदम नहीं उठाया होता तो सब कुछ ठीक रहता लेकिन मेरी ही गलती की वजह से यह सब हुआ और मेरी ही नासमझी से मुझे इस चीज का खामियाजा भुगतना पड़ा।

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मैंने उस दिन माधुरी से कहा तुम बेकार में ही टेंशन ले रही हो ऐसा कुछ भी नहीं है तुम एक बहुत ही हिम्मत वाली लड़की हो और तुम एक बार अपने पिताजी से बात कर लो क्या पता वह मान जाय। वह मुझसे कहने लगी मुझे मेरे पिताजी का नेचर मालूम है वह अब कभी भी मुझे अपने घर के अंदर नहीं आने दे सकते और ना ही वह मेरा चेहरा देखना पसंद करते हैं क्योंकि मैंने उनके खिलाफ जाकर शादी की। वह अपनी जगह बिल्कुल सही थे मुझे कुछ ही समय बाद मालूम पड़ गया कि मैंने बहुत बड़ी गलती की यदि मैं राजीव के साथ शादी नहीं करती तो सब कुछ ठीक रहता लेकिन राजीव और मेरे बीच बहुत प्यार था। उस दिन मुझे माधुरी ने अपने बारे में सब कुछ बताया उसने मुझे बताया कैसे राजीव और उसकी पहली मुलाकात हुई उसके बाद वह दोनों एक दूसरे के नजदीक आ गए। जब वह दोनों एक दूसरे के नजदीक आए तो उसके कुछ समय बाद उन लोगों ने शादी करने के बारे में सोच लिया लेकिन माधुरी के पिताजी इस शादी को कभी भी मानने को तैयार नहीं थे और ना ही वह राजीव से उसकी शादी करवाना चाहते थे। फिर उन दोनों ने भाग कर शादी की और उसके बाद जब माधुरी ने अपने पापा को फोन किया तो उन्होंने उस वक्त साफ तौर पर कह दिया था कि आज के बाद हमारा तुम से कोई लेना देना नहीं है।

वह इस बात से बहुत ज्यादा दुखी थे और उसके चेहरे पर उसका दुख साफ नजर आ रहा था मैंने सोचा माधुरी को कैसे खुश करूं मैंने उसे खुश करने के लिए कहा आज शाम को हम लोग मूवी देखने चलते हैं। माधुरी पहले मना कर रही थी लेकिन मैंने उसे मना लिया और कहा तुम मूवी देखोगी तो तुम्हें अच्छा लगेगा हम लोग जब ऑफिस से फ्री हुए तो हम लोग मूवी देखने के लिए चले गए। हम लोग जब मूवी देख रहे थे तो माधुरी के चेहरे पर थोड़ी मुस्कान आ चुकी थी वह अपने दुख को भूल गई थी मुझे अच्छा लगा कि वह खुश थी। वह किसी से भी ज्यादा बात नहीं करती थी लेकिन उस दिन ना जाने उसके दिल में ऐसी क्या बात चल रही थी कि उसने मुझसे काफी बात की और मुझे भी बहुत अच्छा लगा उसके बाद माधुरी अपने घर चली गई और मैं भी वहां से अपने घर चला आया। उस दिन मैंने माधुरी को फोन किया और उससे पूछा तुम ठीक तो हो वह कहने लगी अब कोई भी मेरी इतनी चिंता करता है तो मुझे डर लगता है मैंने माधुरी से कहा लेकिन तुम घबराओ मत मैंने सिर्फ तुम्हें पूछने के लिए ही फोन किया था। उसके अगले दिन हम लोग जब ऑफिस में मिले तो माधुरी का मूड सही था मैंने माधुरी से कहा आज तो तुम खुश हो वह कहने लगी हां मैं आज खुश हूं। उस दिन हम लोगों ने साथ में लंच किया और फिर शाम को हम लोग घर चले गए माधुरी को मुझसे और संजना के साथ में बात करना अच्छा लगता है वह सिर्फ हम दोनों से ही ऑफिस में ज्यादा बात किया करती थी वह अपनी बातों को हम लोगों से ही शेयर किया करती थी। एक दिन मुझे माधुरी ने कहा तुम मेरे साथ घर पर चलो उस दिन मैं उसके साथ उसके घर पर चला गया। जब मैं माधुरी के साथ घर पर गया तो मैंने देखा उसने अपने घर में अपने पापा मम्मी की तस्वीर लगा रखी थी मैंने उसे पूछा यह कौन है तो वह कहने लगी यह मेरे पापा मम्मी है।

मैंने उसे कहा तुम्हें अपने पापा मम्मी की बहुत याद आती होगी तो वह उदास हो गई और कहने लगी हां मुझे उनकी बहुत याद आती है और मै उनको बहुत मिस करती हूं। वह भावुक हो गई और मुझसे गले मिलने लगी जब वह मुझसे गले मिल रही थी तो मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया और मैंने उसे कहा मै तुम्हारे साथ हूं। वह मेरी बाहों में थी वह भी अपने आप को ना रोक सकी और इतने समय से अपने दिल में जो उसने दर्द छुपाया हुआ था उसे उसने निकाल फेका और मेरे आगे वह अपने कपड़े उतारने लगी। उसने जब अपने कपड़े उतार दिए तो मैंने उसे कहा तुम्हारा बदन तो बड़ा ही अच्छा है मैंने उसके स्तनों का भरपूर मजा लिया और उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था। मैंने जब उसके निप्पलो को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसके अंदर एक अलग ही आग पैदा होने लगी और मेरे अंदर भी आग पैदा होने लगी थी। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो उसने उसे चूसना शुरू किया और वह उसे सकिंग करती रही।

जब हम दोनों के अंदर पूरी तरीके से गर्मी बढ़ गई तो उसने मेरे लंड को अपनी योनि पर लगाते हुए कहा अब तुम मेरी इच्छा पूरी कर दो। मैंने उसे तेजी से धक्के देने शुरू किए और उसके दोनों हाथों को मैंने अपने हाथों से दबा दिया मैं उसे बड़ी तेज गति से धक्के मारता जाता और उसे भी बहुत मजा आता। जब मैंने माधुरी को घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया तो उसे और भी मजा आने लगा वह मेरा साथ अच्छे से दे रही थी लेकिन मैं ज्यादा समय तक उसकी चूत की गर्मी को झेल ना सका। उस दिन हम दोनों के बीच में सेक्स संबंध बने वह आगे भी चलते रहे और हम दोनों के बीच यह सिलसिला काफी समय से चल रहा है। मैं ज्यादातर समय माधुरी के साथ ही रहता हूं और उसके साथ मुझे बहुत अच्छा लगता है। उसे भी मेरे रूप में एक हमदर्द मिल चुका है जो कि उसका ध्यान रखता है और उसकी खुशी में शरीक होता है। मुझे भी बहुत अच्छा लगता है जब मैं माधुरी के साथ समय बिताता हूं हम दोनों के बीच में सेक्स संबंध बनते रहते हैं और इस बारे में सिर्फ माधुरी और मुझे ही मालूम है क्योंकि उसका ज्यादा किसी के साथ कोई संपर्क नहीं है वह मुझे ही अपना सब कुछ मानती है।

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