मैं रंडीबाज बना सबका उस्ताद और चोदी रंडियां इफराद

हाय दोस्तों, मैं समर गंजीपुरा से हूँ | कैसे हो आप सब कैसे हैं आप लंड लोग और प्यारी प्यारी चूतें | मैं यहाँ आज आप लोगों का मनोरंजन प्रस्तुत करने के लिए आया हूँ | ये कहानी एक ऐसी कहानी है जिसमे सिर्फ मैं रंडीबाजी ही करते हुए आया हूँ | मैं 30 साल का आदमी हूँ और मैं शादीशुदा हूँ मेरी शादी मजबूरी मैं हुई थी जिस वजह से मैं रंडीबाज बना | मेरे दोस्तों मैं कहानी अब स्टार्ट करता हूँ कृपया इसे जरूर पढ़े क्यूंकि इसमें कई लोगों को रियल कहानी से मैच अप है |

ये बात बहुत साल पुरानी है जब मैं कक्षा 12वी में पढता था | मैं हमेशा से ही बहुत चुदासी रहा हूँ और मेरा चुदाई क्रिया में बहुत बड़ा आलम था | मैं शुरू से बहुत बिगड़ा हुआ लौंडा था शराब पीना, सिगरेट पीना, गांजा पीना ये सारे शौक मेरे स्कूल टाइम से ही बन गए थे | क्यूंकि मैं सरकारी स्कूल से पढ़ा था और आप सभी सरकारी स्कूलों के हालात जानते ही होंगे | मैं और मेरे कुछ दोस्तों का ग्रुप ऐसा ग्रुप था स्कूल में जिसने सारे टीचर का जीना मुश्किल कर रखा था सारे लोग बहुत परेशान हो गए थे पर मैं गंडमस्ती में रहता था | फिर एक टाइम ऐसा आया की मेरे दोस्तों ने मुझे सट्टे के जाल में फंसा दिया और मैं कर्जे में हो गया था | मेरे ऊपर इतना कर्जा था की जितने में लोग आत्महत्या कर लेते थे पर मैं उन जैसे कम्जोर दिल वालों में से नहीं था | मैंने सोचा की फ़ालतू मरने से अच्छा है की मैं कुछ ऐसा काम करू की जिससे मेरा कर्जा उतर जाये | फिर एक दिन मैं स्कूल से आ कर ब्लू फिल्म देख रहा था जिसका नाम था मदमस्त जवानी | मैं हमेशा तब ही ब्लू फिल्म देखता था जब मेरे घर में कोई नहीं होता था और उस टाइम भी कोई नहीं था घर पे | मैंने उस ब्लू फिल्म में देखा की एक आदमी कर्जे के चक्कर में फंस जाता है और तरह तरह के तरीके अपनाता है अपना कर्ज उतारने के लिए और फिर वो एक ऐसी जगह पंहुच जाता है जहाँ उसे चुदाई और पैसा दोनों मिलता है | वो रंडियों को कस्टमर ला कर देता था और उनसे पैसे लेता था और चुदाई अलग करता था |

ये ब्लू फिल्म देख कर मैं बहुत उत्तेजित हुआ और मैंने भी फैसला लिया की मैं भी ये काम करूँगा पर कहाँ करूंगा और कैसे करूँगा ? सवाल ये ही था, मैं कुछ समय तो पर्स चोरी करके और एक दुसरे को ठग कर पैसे से अपने कर्ज के पैसे चुकाता रहा पर इतने पैसों में होता क्या है ? मैं सोचता रहा की कहाँ ऐसा रंडी खाना मिलेगा जहाँ से मुझे पैसा मिलेगा | एक दिन की बात है जब मैं अपने घर के पास वाले पार्क में बैठा था और वहाँ तब ही वहाँ से एक आदमी गुज़र रहा था वो मेरे पास आ कर रुका..

और उसने मुझे पूछा की भाई तुम यहाँ ही रहते हो क्या ? मैंने कहा हाँ मैं यहीं रहता हूँ |

फिर उसने कहा कि अच्छा तो क्या करते हो आप? मैंने कहा कि सर मैं 12वी की पढाई कर रहा हूँ |

फिर उसने पुछा की क्या तुम सैक्स का शौक रखते हो ?

मैं एक दम से सुन्न रह गया की इन्होने ये क्या पूछ लिया (मैं मन ही मन में खुश हो रहा था पर ये भी सोचा रहा था कि कहीं अंकल गांडू तो नहीं हैं ?) फिर मैंने अंकल से पूछा कि अंकल आप मुझसे ये चीज क्यूँ पूछ रहे हो ?

तब उन्होंने कहा की बेटा असल में बात ये है की मैं बाहर शहर का रहने वाला हूँ और मेरी बीवी बच्चे सब वहीँ हैं और मुझे चुदाई का बहुत शौक है | पर क्या करूँ कुछ दिन से मुझे चूत नहीं मिल रही थी तो मैं बस मुट्ठ मार के काम चला रहा था | पर आंखिर कब तक ऐसे काम चलता तो मैंने सोचा की कहीं से पता करता हूँ कि कहीं कोई चकला मिल जाए तो मैं अपनी प्यास बुझा लेता ? तो मैंने कहा की अंकल एक जगह तो है और बहुत सुरक्षित भी है पर इसके बदले में मुझे मिलेगा क्या ? तो उन्होंने कहा की बेटा तुम्हे क्या चाहिए?  तो मैंने कहा कि अंकल आप को शबाब का मजा मिल जायगा मुझे कुछ पैसे दे दो तो मेरा भी काम हो जायगा |

तो अंकल ने पूछा की कितना चाहिए तुम्हे तो मैंने कहा की अंकल ज्यादा नहीं मुझे बस 200 रुपया चाहिए फिर उन्होंने अपने पर्स में से 200 रुपय निकाल के मुझे दे दिए और पूछा की मुझे यहाँ का उतना नहीं पता है तो क्या तुम मुझे वहाँ तक छोड़ सकते हो ? तो मैंने कहा हाँ अंकल क्यूँ नहीं ? फिर मैं उन्हें ले के जाने लगा तो उन्होंने मुझे रास्ते में हर चीज खाने वाली जो भी उसके लिए पूछा पर मैं अंकल को मना ही करता रहा | फिर थोड़ी देर बाद वो जगह बोले तो रंडीखाना आ गया वो अन्दर एक रंडी को ले के चले गए | तो मैंने अपना दिमाग दौड़ा कर कहा रंडी की मालकिन से कि मैं कस्टमर लाया हूँ मुझे कमीशन चाहिए तो उसने मुझे 500 रुपय दिए | अब मुझे पूरा पहलु समझ आ गया था की ये ही सब काम में ज्यादा पैसा मिलेगा और मेरा कर्ज चुकेगा | बस क्या था फिर मैंने उनसे डील कर ली कि मैं तुम्हे कस्टमर ला कर दूंगा और मुझे कमीशन चाहिए तुमसे उन्होंने भी हाँ बोल के डील पक्की कर ली | फिर मैं उन्हें कस्टमर ला कर देने लगा और मुझे अच्छे खासे पैसे मिलने लगे उस काम के | मैं भी खुश रहता था और वो भी मेरे काम से खुश रहती थी | ऐसे धीरे धीरे मैंने अपना सारा कर्ज उतार दिया था कुछ ही समय में |

मेरे 12वी के पेपर हो चुके थे और मैं अब एक दम फ्री था तो मैंने सोचा की चलो अब मैं तो फ्री हूँ क्यूँ ना मैं उनसे अब चुदाई की बात करूँ | दो दिन बाद मैं वहाँ पंहुचा तो मालकिन ने मुझसे पूछा ?

क्यूँ रे लौंडे तू आज कल आदमी ले के नहीं आ रहा है देख तेरे कस्टमर न लाने से धंधा कितना मद्दा चल रहा है | तो मैंने कहा कि अरे यार क्या बताये मेरे पेपर चल रहे थे इसी वजह से मैं तुम्हारे लिए जुगाड़ नहीं ला पा रहा था | चलो कोई बात नहीं अब तो मैं फुर्सत में हूँ अब ला कर दूंगा न तुमको जुगाड़ और फिर हम सब हंसने लगे | फिर उसने मेरे लिए चाय मंगाई और कहा की और बताओ  कैसा चल रहा है सब ? मैंने भी कहा की अरे सब तो ठीक है बस चुदाई की कमी है | तो उसने कही कि अरे पागल यहाँ पूरी जन्नत है और तू स्वर्ग मांग रहा है ? मैंने कहा की मलतब फिर उसने बताया कि तुझे चुदाई यहाँ ही मिल जायगी बस तुझे पैसे नहीं मिलेंगे और तुझे चुदाई के पैसे भी नहीं देने पड़ेंगे | तो मैंने सोचा की चलो अज तक इतना काम कराया है तो आज तो बिना पैसों के चुदाई कर ही लूं | फिर क्या था मैंने बोला की सुनो अभी तक मैंने इतना काम कराया है आप लोगों का तो आज तो कम से कम मेरा ख्याल रख लो | उसने भी तपाक से बोला कि चल पसंद कर ले कौनसी लड़की तुझे चाहिए ? तो मैंने कहा की वो बड़े दूध वाली वो ज्यादा मस्त तो नहीं थी पर उसके दूध बहुत बड़े थे और भरे बदन की रंडी थी | फिर वो मुझे एक कमरे में ले गई और तुरंत ही नंगी हो गई और मैं उसे देखता ही रह गया | बड़े भारी दूध बड़ी सी गांड और चूत एक दम चिकनी बहुत मस्त लग रही थी | फिर मैंने अपने कपडे उतार के नंगा हुआ तो उसकी मेरे लंड को देख के गांड फट गई और वो बोली कि तुम्हारा लंड तो बहुत मस्त है | मैंने भी कहा जान अभी तुमने इसकी ठुकाई कहाँ देखी है ? तो उसने कहा कि दिखाओ जरा इसका कमाल | मैंने झट से उसे अपनी बाहों में खीचा और बिस्तर पर लेटा कर सीधा उसके दूध दबा दबा कर पीने लगा और वो आआहाआअ आआहा आआआहहह आहाआअह्हा आआआह आआआह अहहहह्हा करने लगी | फिर मैंने उसकी चूत में लंड टिका के सीधा एक ही झटके में अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसे चोदने लगा उसे बहुत मजा आ रहा था और वो बोल रही थी कि उसे ऐसा लंड आज तक खाने नहीं मिला और वो बहुत मजे से चुदवा रही थी | उसकी चुदाई की बाद मैं अपना वीर्य उसकी छाती में ही निकाल दिया था |

अब मैं एक पूरा रंडीबाज लौंडा बन चूका था मेरा काम इसी से चल रहा था और उनका मेरी बदौलत | मुझे पैसों और रंडियों की कमी नहीं रह्रती थी और मेरा जब मन होता मैं किसी न किसी रंडी को चोद आता था बिना पैसे दिए | अब मैं रंडियां सबको घर तक भी पहुंचवाता हूँ और पैसे अपने अकाउंट में | एक प्रकार से मैं एक दल्ला बन चूका हूँ |

दोस्तों यह थी मेरी कहानी रंडीबाज बनने की कैसी लगी आप लोगों को मेरी ये कहानी कमेंट में जरुर बताइयेगा |