मैडम से किया प्यार पर उसकी चूत भी मारी कई बार

Madam se kia pyar par usali chut bhi maari kayi baar:

अरे मेरे प्यारे चुदक्कड़ साथियों आ गए तुमलोग फिर | आज मेरे पास तुम सब के लिए फिर से मेरी एक कहानी है जो बस कुछ ही महीनों पहले मेरे साथ हुयी है | आज मैं बस इतना कहना चाहता हूँ की यार आप लोगों का प्यार बार बार मुझे यहाँ पर खींच लाता है और अपना प्यार ऐसे ही मुझपर बरसाते रहिये | मुझे किसी और चीज़ की ज़रूरत नहीं क्यूंकि आप जानते है में रहीस हूँ और चूत की कमी तो मेरे साथ पहले से ही नहीं थी | आज की कहानी मेरे बेहें और उसकी तुतिओं मैडम के ऊपर है जो बड़ी माल लगती है | पर दोस्तों आज मेरा मन बड़ा ही उतावला है एक बात कहने को और इसे आप अपनी जिंदगी में हमेशा याद रखना

“मेरी शोहरत की उंचाई तो सबने देखी मगर लंड की सूजन कोई समझ नहीं पाया” | दोस्तों कभी भी अपने लंड से गद्दारी मत करना कितने भी बड़े क्यूँ न हो जाओ इसका ख्याल ज़रूर रखना |

मैंने भी न कुछ सोचा नहीं कुछ समझा और निकल पड़ा अपनी जिंदगी में आगे और हमसफ़र मिलते गए | सबसे पहले तो मैंने देखा की मुझे अपनी पढ़ाई पूरी करनी है और उसके बाद मुझे एक अच्छी सी नौकरी करनी है | ये सब हो जाये तो में एक मस्त सी लड़की पटाउँगा और उससे शादी कर लूँगा | पर मुझे तो बिलकुल भी खबर नहीं थी की मेरी जिंदगी ने मेरे लिए क्या सोच रखा है | देखिये अगर लड़का दिलेर है और इमानदार है तो कुछ भी मुश्किल नहीं है | मैं तो निकला था अच्छे के लिए पर हो गया और भी अच्छा | मैं जिस कॉलेज में पढता हूँ वहाँ एक से एक मैडम पढ़ाने आती है और सारे लड़के उनपे अपनी जान देते है |

मैंने तो बस एक मैडम से प्यार किया था और उसको तो खबर ही नहीं थी | मैडम एक बहुत अच्छी लड़की है, खूबसूरत भी है और सच कहूँ तो वही एक है जो सच में प्यार के काबिल है | वरना आप तो जानते हैं की रंडियां कहीं भी मिल जाती हैं | मैडम को लगता था मैं एक अच्छा लड़का हूँ और वो मुझपे ज्यादा ध्यान देती थी क्यूंकि मैं पढाई में अच्छा था और मैं दिखता भी अच्छा था | दोस्तों शरीफ लड़की को पटाना आसान नहीं होता और मेरी गांड से धुंआ निकल गया था उसे पटाने के चक्कर में |

मैडम की जब भी मीटिंग होती या कोई सेमिनार होता वो मुझे अपने साथ ले जाती क्यूंकि मुझे बहुत अच्छी पकड़ है उनके विषय में | मैं भी मैडम को इम्प्रेस करने का एक भी मौका नहीं गवांता और टूट पड़ता था | एक दिन मैडम ने कहा राजन तुम मेरे साथ मार्किट चल सकते हो क्या कुछ सामान लाना है सेमीनार के लिए तो मैंने तुरंत हाँ कर दी और कहा कब चलना है ? तो वो बोली ये लो गाडी की चाबी नीचे वेट करो मैं अभी आई | मैंने भी सोचा देखता हु आज क्या कर पाउँगा | तो मैंने जेसे ही गाडी चलाना शुरू किया तो एक मोड़ आया और एकदम से सामने से एक गाडी आयी और मैंने कास के ब्रेक मारा | मैडम मुझसे बिलकुल चिपक गयी थी | हाय उसके दूध जब मेरी पर टकराए तो मज़ा अ गया मुझे | वो बोली की आराम से चलाओ न और मेरे कंधे पे हाथ रख लिया |

उसके बाद जब हम पहुँच गए तो वो उती और कहा चलो तो मैं भी उसके पीछे पीछे गया | इतना सारा सामान उसने मुझ पर लाद दिया जैसे की मैं धोभी का गधा था | फिर अचानक से मुस्कुराने लगी और कहा “अले मेले बच्चे को बहुत सारा सामान दे दिया मैंने” मुझे ये सुनके लगा की मैडम ऐसा भी करती है | वापस आते वक़्त चुप था और उन्ही के बारे में सोच रहा था | उसने एक दम से पूछा क्या हुआ तो मैं बोल पड़ा यार तुम ऐसा भी करती हो मुझे आज और ज्यादा प्यार हो गया तुमसे | उसने कहा राजन क्या कहा तुमने ? मैंने कहा कुछ नहीं मैडम आपको नहीं बोला मैं कुछ और सोच रहा था | फिर हम कॉलेज पहुँच गए और अपने अपने काम में लग गए |

एक दिन मैं बारिश में अकेला बैठा था और कॉलेज की छुट्टी हो गयी थी | शायद मुझे और सिक्यूरिटी को छोड़ के और कोई नहीं होगा वह पर मैं नहीं जनता था की मैडम लेट जाती है | वो मेरे बगल में आई और भीगने लगी | पूछा की क्या तुम्हे भीगना पसंद है ? मैंने कहा नहीं तो फिर उसने कहा क्या तुम्हे मैं पसंद हूँ तो मैंने सच कह दिया हाँ | फिर मैंने कहा पर इससे क्या फर्क पड़ता आप तो टीचर हो और मुझे क्यों पसंद करोगी | तो उसने कहा अगर पसंद नहीं करती तो साथ में भीग नहीं रही होती |

बस लड़की फास गयी अब क्या था बस उसको प्यार करने के लिए मुझे राज़ी करना था तो जोश में आकर मैंने उसे बारिश में गले लगा लिया | उसके दूध उफ्फ्फ्फ्फ्फ्फ्फ़ क्या बड़े बड़े थे | उसी समय उसने मुझे किस किया और कहा यार बस मुझे कभी धोखा मत देना | मैंने कहा कभी नहीं यार तुम बस प्यार करने के लिए ही बनी हो | मैं उसे धोखा देने के बारे में सोच भी नहीं सकता था | फिर मैंने उसे गले लगाया और कहा चलो चले |

फिर शुरू हुयी हमारी असकली कहानी और वो और मैं दोनों प्यार में पागल हो गए | मैं उसे खाना खिलने एक बड़े होटल मैं ले गया और वह खाते खाते मैंने उसकी कमर पे हाथ रखा और कहा क्या गरमा गरम है | व कुछ भी नहीं बोली और कहा चलो खाना खालो | फिर मुझे वो अपने घर ले गयी और वह उसके कमरे में मैंने उसे पूरा नंगा देखा पर कुछ किया नहीं बस किस किया और निप्पल चूसे | अब मुझे चोदने की तमन्ना थी इतने में ही पता चला की हम दोनों को बाहर जाना है |

हमलोगों ने दिल्ली घूमने का प्लान बनाया और फिर सारा कुछ इंतज़ाम देखा की आखिर खर्चा कितना आएगा | सब कुछ देखने के बाद हमने अपने बैंक से पैसे निकले और टिकट्स खरीदने गए | सबकुछ हो गया फिर बात आई पैकिंग और मेरे पास कपडे नहीं थे और पैसे भी कम ही थे | मैडम ने मुझे पैसे दिए और कहा की जाओ खरीद लो जो अच्छा लग रहा है | मी जल्दी जल्दी सब कुछ किया और रात को पैकिंग करके तैयार हो गया | उसके बाद हर चीज़ में मुझे डर लग रहा था क्यूंकि कुछ भी चीज़ भूला तो सफ़र कैसे कटेगा | पर मैंने सोचा मैडम तो है सब संभाल लेगी |

अगले दिन हम दोनों स्टेशन में मिले और बातें की और इतने में ट्रेन आ गयी | उसके बाद हमारा सफ़र शुरू हुआ | चूँकि सब बैठे हुए थे इसलिए रात में हमारी बस किसिंग ही हो पाई | बस अगले दिन हम दिल्ली पहुँच गए और उसके बाद हमने होटल में एक कमरा लिया | जैसे ही मैं कमरे में घुसा मैंने मैडम को पकड़ा और अपनी बाँहों में भर लिया | उसके बाद क्या था बस हमारा चुदाई कार्यक्रम चालु हुआ | मैंने मैडम के लिए नयी ब्रा और पेन्टी ली हुयी थी जो की मैंने उसे दी और उसने मेरे सामने ही उनको पेहें लिया | क्या बड़े दूध थे उसके ऐसा लग रहा था जैसे दूध निचोड़ के पी जाऊ सारा |

फिर मैंने उसको अपने पास बुलाया और उसके नए ब्रा पे किस करने लगा | उसे मज़ा अ रहा था और धीरे से उसने अपना ब्रा खोल दिया | अब मेरे हाथ में उसके दूध थे और में उसकी निप्पल को छोस रहा था और काट भी रहा था | वो आअह्ह्ह्ह उम्म्मम्म्म्म ऊओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् करते जा रही थी पर मैंने कहा धीरे धीरे करो नहीं तो कोई सुन लेगा | वो भी मेरी बात को समझ गयी और धीरे आवाज़ करने लगी | फिर मैंने उसकी पेन्टी उतारी और देखा की चूत में छोटे छोटे बल हैं जो बहुत ही कामुक लग रहे थे | मेरा लंड तो पागल हुआ जा रहा था | फिर मैंने उसकी चूत में जीभ रखी और पहले सो उसका पानी चाटा फिर मैंने जीभ अन्दर डाल दी और वो आह्ह्हह्ह अआह्हह और चाटो उम्म्मम्म्म्म करने लगी | इतना सुनते ही मैंने कुछ नहीं कहा सीधे अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया |

उसकी चूत टाइट तो थी नहीं पर मज़ा बोहत आ रहा था क्यूंकि उसकी गर्माहट और गर्म पानी मेरे लंड पे लग रहा था | मुझे बड़ा मज़ा आया मैं अपने साथ कंडोम लेकर आया था पर मैंने उसे नहीं निकला क्यूंकि में उसे नंगे लंड से चोदना चाहता था | साली चार बार झड़ गयी थी पर मेरे जोश में कमी नहीं आई थो और में उसे बस चोदे जा रहा था | उसके मैंने पूरे तीन दिन तक चोदा और उसकी चूत को मोटा कर दिया उसने भी मुझसे कहा यही चुदाई तो मैं चाहती थी | दोस्तों आपको मेरी ये सच्ची कहानी कैसी लगी जरुर बताइयेगा |