माँ के साथ दोस्तों का गैंगबेंग

gangbang kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विशाल है, यह स्टोरी मेरी और मेरी माँ के बीच की है। मेरी माँ का नाम सविता है, वो 40 साल की है, वो दिखने में बहुत ही सुंदर है, लेकिन मुझे नहीं पता था कि उसे सेक्स की बहुत जरूरत है। यह बात मुझको कभी पता नहीं चलती, लेकिन एक दिन जब में निक्की के घर मिलने गया, तो तब निक्की अपने दोस्तों के साथ मेरी माँ के बारे में बात कर रहा था। फिर उनमें से अकरम कहता है कि यार राज की माँ तो बहुत ही खूबसूरत है, उसके बूब्स, उसकी गांड क्या लगती है? मेरे पापा को भी वो बहुत अच्छी लगती है। होली वाले दिन मेरे पापा ने उस रांड के बूब्स को खूब दबाया था, यार क्या करूँ? में उसे चोदना चाहता हूँ, यार यदि वो मेरी माँ होती तो में उसे रोज चोदता। फिर तभी उनमें से एक दोस्त कहता है कि यार में तो रोज रात को सविता आंटी के बारे में सोचकर मुठ मरता हूँ, यार में जब भी राज के घर रात को जाता हूँ तो उसकी माँ नाइटी में बहुत ही सेक्सी दिखती है, यार मेरा तो मन करता है कि उसे वहीं पर पकड़ लूँ और उसे चोद दूँ। निक्की मेरा सबसे अच्छा दोस्त था और उसके मुँह से मैंने सुना कि मुझको तो लगता है कि सच में उसे सेक्स की जरूरत है, क्योंकि राज के पापा तो घर में रहते ही नहीं है, तभी तो वो लड़को को आकर्षित करने के लिए ऐसे कपड़े पहनती है। फिर तभी में अंदर गया और निक्की को मारने लगा तो दोस्तों ने आकर उसे छुड़ा लिया।
निक्की के पापा अपराधी है, तो वो बोला कि में तेरे घर तेरी माँ को चोदने के लिए आ रहा हूँ। तो में भागकर घर चला गया। फिर दूसरे दिन में बाथरूम में नहा रहा था, जब मेरी बहन राखी सो रही थी और माँ आराम कर रही थी। फिर तभी दरवाजे पर दस्तक हुई तो माँ ने राखी को आवाज़ दी अरे राखी देख जरा दरवाज़े पर इस वक्त कौन है? तो फिर जब राखी ने दरवाजा खोला, तो 8-10 लोग उसे दरवाजे से अंदर धकेलते हुए अंदर घुस आए। अब में बाथरूम से सब देख रहा था। अब सबसे पीछे निक्की था, अकरम के साथ। फिर तभी माँ बोली कि अरे क्या हुआ निक्की बेटा? क्या हुआ? अब वो दारू पीया हुआ था, अब उसके सर पर सेक्स सवार था।
फिर उसने माँ और बहन को देखा तो उसकी आँखों की चमक और बढ़ गयी। फिर वो माँ और बहन के पास गया और बोला कि तुम दोनों क्या मस्त हो? फिर निक्की ने माँ के बूब्स पर अपना एक हाथ रखा और हल्का सा दबाया और अपने दूसरे हाथ से माँ के लेफ्ट बूब्स को दबा रहा था। फिर तभी अकरम ने आवाज़ दी यार मुझको एक आइडिया आया है, ऐसा करते है इन तीनों को लेकर चलते। अब निक्की की नजर माँ पर अटक गयी थी। अब निक्की का लंड माँ और बहन का हुस्न देखकर तन गया था।
फिर अकरम और निक्की के दोस्त हमें पकड़कर अपने घर ले गये। फिर अकरम ने निक्की से कहा कि माँ बेटी का क्या करना है? तो तभी निक्की बोला कि अकरम तू भी बेवकूफ है, यार औरतों के साथ क्या किया जाता है? और फिर राज को मज़ा भी तो चखाना है ना, मुझको हाथ लगाया था। अब मुझे जंजीर के साथ दीवार के साथ बाँध दिया गया था और माँ और बहन सिर्फ़ मुझको देखकर रोती रही। फिर तभी निक्की बोला कि अरे अकरम देख ना यार इतनी खूबसूरत आँखों में आँसू अच्छे नहीं लगते। फिर अकरम बोला कि हाँ निक्की, वो तो है। फिर निक्की माँ को एक रूम में ले गया और अलमारी से तेल की बोतल लेकर बेड पर आया। फिर उसने बहुत सारा तेल अपने लंड पर लगाया और माँ की चूत पर भी लगाया। अब निक्की माँ की दोनों टांगो के बीच में आ गया था और अपने लंड को उसकी चूत के लिप्स से सटाया और एक जोर का झटका दिया। तो माँ दर्द के मारे चिल्ला उठी आह हरामी मेरी चूत फाड़ दी तूने, हे भगवान मुझे बचा ले इस मादरचोद से, हाईईईईईईईई माँ में मर गयी।
अब निक्की का लंड 4 इंच तक माँ की चूत को फाड़ता हुआ अंदर चला गया था। माँ की चूत बहुत टाईट थी। फिर निक्की ने दूसरा झटका दिया तो माँ की फिर से चीख निकल गयी। अब मेरी बहन दूसरे रूम से यह सब कुछ देख रही थी। अब उसे माँ पर दया आ रही थी और निक्की के लंड के बारे में सोच-सोचकर डर रही थी कि कल को निक्की ने मेरी भी यह हालत कर देनी है, हाए राज भैया तुमने हमें कहाँ फँसा दिया है? निक्की का लंड माँ नहीं ले सकती, में तो मर ही जाऊंगी। फिर उसने फिर से चाबी के छेद से देखा तो निक्की झटके पे झटके दे रहा था और माँ दर्द से चिल्ला रही थी और साथ ही निक्की को गालियाँ दे रही थी मादरचोद, रंडी का बच्चा।

फिर निक्की ने आखरी झटका दिया तो निक्की का पूरा लंड माँ की चूत में चला गया। अब माँ दर्द से चिल्ला रही थी। अब में बाहर अपनी माँ की चीखे सुन रहा था और मुझे अंदाज़ा था अंदर रूम में माँ के साथ क्या हो रहा है? अब निक्की का लंड तो माँ की चूत में चला गया था, लेकिन वो दर्द से अब भी चिल्ला रही थी हाए में मर गयी, मुझे कोई बचाओ इस हरामी से। अब निक्की को अपना लंड किसी शिकंजे में कसा हुआ लग रहा था। फिर उसने माँ से कहा कि आह्ह माँ, देख तेरी चूत में तेरे मुँह बोले बेटा का लंड पूरा चला गया है। फिर तभी माँ बोली कि हरामी तूने मेरी चूत का भोसड़ा बना दिया है, कुत्ते हरामी, मादरचोद, में तेरी माँ जैसी हूँ मुझे छोड़ दे, लेकिन अब निक्की कुछ सुन ही नहीं रहा था। अब माँ की चूत ने कुछ कुछ निक्की के लंड को अपनी चूत में फिक्स कर लिया था। अब उसका दर्द बहुत कम हो गया था। फिर निक्की ने धीरे से अपना आधा लंड बाहर निकाला और फिर आराम से वापस से उसकी चूत में डाल दिया। फिर माँ ने फिर से मौन किया आहह। फिर निक्की ने कई बार अपना लंड निकाला और फिर से माँ की चूत में डाल दिया। अब माँ भी निक्की के लंड को इन्जॉय करने लगी थी। अब माँ को धीरे-धीरे मजा आने लगा था और अब वो जोर-जोर से मौन करने लगी थी।
फिर निक्की ने माँ को शीशे में देखा तो उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी। तो तभी माँ बोली कि हाँ बेटा और तेज और तेज, आहह बेटा तू मुझे पहले क्यों नहीं मिला? हाए मेरी चूत को आज आराम मिला है, हाए मेरी चूत चोद बेटा, मार इसे, इसने मुझे बड़ा तड़पाया है, इसकी प्यास बुझा दे आह। अब निक्की ने अपनी स्पीड बढ़ाकर फुल स्पीड कर दी थी। अब माँ मज़े में निक्की को और तेज चोदने का बोल रही थी। फिर निक्की ने अपनी चुदाई चालू रखी। अब वो भी झड़ने वाला था आहह माँ, आआ अब में भी झड़ रह हूँ, मेरी रंडी हाईईईईई में कहाँ निकालूं? तेरी चूत में निकालूं या तेरे इन बड़े-बड़े बूब्स पर। फिर माँ बोली कि आहह बेटा मेरी चूत में झड़ जा, तो निक्की माँ की चूत में ही झड़ गया। फिर निक्की अपने दोस्तों को बोला कि जाओ इस रंडी माँ को चोदो, तो निक्की के चारों दोस्तों ने अपने कपड़े उतार दिए और माँ के पास बैठ गये। फिर एक ने माँ की चूची को चूसना चालू किया और दूसरे ने भी एक बूब्स अपने मुँह में ले लिया और एक ने माँ के मुँह में अपना लंड दे दिया और बोला कि साली चूस इसे और लास्ट वाले ने माँ की चूत चटनी चालू कर दी।
अब माँ फिर से मज़े में आने लगी थी और उसने मौन करना चालू कर दिया था। अब 4 मर्द माँ को ऐसे नोच रहे थे जैसे शेर अपने शिकार को नोचता है। अब में अपनी माँ को मौन करता हुआ देख रहा था। अब मेरा लंड खड़ा हो गया था। अब जो उसकी चूत को चाट रहा था उसने अपना लंड माँ की चूत में डालना चालू किया। फिर उसने भी जोर के झटके से जैसे ही झटका दिया तो माँ की चीख निकल गयी। अब में चुदाई होते हुए देख रह था, साले निक्की के दोस्त एक-एक करके माँ की चुदाई कर रहे थे और में सिर्फ़ देख रह था। अब उन चारों ने माँ को चोद-चोदकर बेहाल कर दिया था। फिर उनमें से एक बोला कि कोई इस साली रंडी की चूत या गांड में अपना माल नहीं छोड़ेगा, सब इसके बदन पर अपना वीर्य फेंकना।
अब जो माँ की चूत को चोद रहा था, वो झड़ने वाला था तो उसने अपना लंड बाहर निकालकर माँ के बदन पर अपना वीर्य छोड़ दिया और फिर इस तरह से एक-एक करके उन सबने माँ के बदन को अपने वीर्य से भर दिया। अब ऐसा लगता था जैसे माँ ने वीर्य से बाथ लिया हो। अब वो सिर से लेकर पैर तक वीर्य से भरी थी। फिर निक्की के दोस्तों ने मुझसे कहा कि अपनी माँ के शरीर से पूरा वीर्य साफ कर, तो में अपनी जीभ से उन चारों का वीर्य चाटने लगा। अब में कभी माँ के बूब्स पर से और कभी उसकी नाभि पर से वो वीर्य अपनी जीभ से चाट रहा था। फिर मैनें 15 मिनट में सारा वीर्य चाट लिया। फिर वो चारों बोले कि वाउ साले ने अपनी माँ के बदन से सारा वीर्य पी लिया है, चलो राज अब तू अपनी माँ को चोद सकता है। फिर माँ ने मुझे अपने ऊपर झुका देखा तो उसने मुझे धक्का दिया और बोली कि राज तू क्या कर रहा है? में तेरी माँ हूँ।
फिर तभी में बोला कि चुप बे साली माँ है, अभी तो रंडी की तरह इन सबके लंड से मज़े कर रही थी और अब माँ बनती है और फिर मैंने जबरदस्ती अपनी माँ की दोनों टांगे खोली और अपने लंड को माँ की चूत में डाल दिया और उसे जोर-जोर से धक्के देकर चोदने लगा। फिर माँ ने बहुत कोशिश की में उसे छोड़ दूँ, लेकिन अब मुझे होश कहाँ था? अब में रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था। अब माँ फिर से गर्म हो गयी थी, अब वो मेरा साथ दे रही थी आहह राज तू हरामी है, अपनी माँ को चोद रहा है, साले छोड़ अपनी माँ को, देख तेरी माँ की चूत कितनी फूल गयी है? आज तेरी माँ को जिंदगी का सबसे बड़ा मज़ा मिला है, आह मार मेरी चूत, तेरा लंड बहुत बड़ा है, साले तेरे बाप ने मुझे कभी भी इतना मज़ा नहीं दिया है। अब में माँ के बूब्स को अपने मुँह में लेकर सक करने लगा था। अब माँ झड़ रही थी राज में झड़ रही हूँ, आहह और चोद, आह। अब में भी अपनी फुल स्पीड से अपनी माँ की चूत को चोद रहा था। अब उधर निक्की और उसके दोस्त मेरी बहन को चोद रहे थे ।।
धन्यवाद

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