माँ के साथ दो बेटियों की चुदाई

मेरा नाम हरप्रीत है और में पंजाब का रहने वाला हूँ. यह कहानी एक सच्ची कहानी है. एक दिन में सड़क पर घूम रहा था और तभी हमारे पास के गाँव में रहने वाली सविता और उसकी दो बेटियाँ पूजा और आरती भी वहीं से जा रही थी. उनके पीछे पीछे एक करीब 7 फिट लंबा विदेशी फोन पर कुछ करते हुए जा रहा था.

दोस्तों सविता करीब 43 साल की मध्यमवर्ग की औरत है उसका फिगर करीब 36-32-38 है. सविता का पति बहुत शराब पीता था और पिछले दो साल पहले वो मर गया. अब पूजा दिल्ली में किसी बड़ी कंपनी में नौकरी करती है. पूजा की उम्र 22 साल और उसका फिगर 34-30-36 है, आरती दिल्ली में पढ़ाई कर रही है और उसकी उम्र 19 साल की है और फिगर 34-28-34 है. अब पूजा और आरती विदेशी के साथ अंग्रेजी में बातें कर रही थी और सविता उनके पीछे पीछे चली थी. उसके बाद वो सभी खेत की तरफ़ घूम गये और में सड़क पर आगे की तरफ चला गया. तभी मेरे दिमाग़ में एक सवाल आया कि यह अंजान इनके साथ क्यों जा रहा है?

फिर दूसरे दिन फिर शाम को में सड़क पर घूमने निकला और वो लोग फिर से आए और पिछले दिन की तरह वो अपने खेत की तरह दोबारा घूम गये. उनका खेत सड़क से आधा किलोमीटर अंदर था और एक कच्चा रास्ता खेत की तरफ जाता है. थोड़ी देर के बाद में भी खेत के रास्ते की तरफ घूम गया और अब में उनके खेत से थोड़ा आगे की तरफ निकल गया तब मैंने देखा कि सविता, पूजा और आरती घास काटने में लगी हुई थी और विदेशी फोन पर कुछ करता हुआ इधर से उधर आ जा रहा था.

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तभी थोड़ी देर के बाद में वापस आ गया और उनके खेत के पास आते ही मैंने अपने चलने की गती को कम कर लिया. तब मैंने देखा कि उसी समय विदेशी उन तीनों के सामने मुठ मारने लगा, लेकिन उन लोगों ने मुझे नहीं देखा था और अब मुझे कुछ शक हुआ कि यह उन्ही के सामने कैसे मुठ मारने लगा? यह सब क्या हो रहा है? मेरी समझ में कुछ भी नहीं आ रहा था और में उसकी इस हरकत को देखकर बहुत चकित था. दोस्तों वैसे सविता का घर हमारे गाँव से करीब 100 मीटर की दूरी पर है.

उस दिन मुझे किसी जरूरी काम से कहीं जाना पड़ा और जब में वापस आया तो सविता के गाँव के पास से होकर आया, क्योंकि वहां पर हाइवे से एक छोटा रोड है जो मेरे गाँव सविता के गाँव से होकर जाता है, इसलिए जब में सविता के घर के पास से निकला, तभी मेरे दिमाग़ में एक ख्याल आया कि क्यों ना में छुपकर सविता के घर के अंदर देखता हूँ, सविता के घर में एक पालतू कुत्ता है और वो बहुत ख़तरनाक कुत्ता है इसलिए मैंने उसके डर की वजह से अपनी गाड़ी को थोड़ी दूरी पर लगाई और में खेत से होता हुआ सविता के घर के पिछली तरफ जाने लगा. वो कुत्ता मेरी हरकत को पहचानकर बहुत ज़ोर से भोंकने लगा, लेकिन इससे मुझे पता लग चुका था कि आज वो कुत्ता बंधा हुआ है खुला नहीं है, क्योंकि वो अगर खुला होता तो भोंकता नहीं और वो चुपचाप मेरे पास में आकर मुझे दबोचकर काट लेता.

अब में घर के पिछली तरफ़ की खिड़की की तरफ़ चला गया और वो कुत्ता थोड़ी देर चिल्लाने के बाद अपने आप चुप हो गया. वो 11:00 बजे का समय था और मैंने अपना फोन पहले से ही साइलेंट मोड पर कर लिया था, जिसकी वजह से अगर किसी का फोन आया तो घंटी नहीं बजेगी. दोस्तों उस रात को मौसम भी बहुत खराब था ज़ोर ज़ोर से बिजलियाँ चमक रही थी और किसी भी समय बारिश होने वाली थी. फिर जैसे ही में खिड़की के पास पहुँचा और अपना कान लगाकर अंदर की बातें सुनने लगा, लेकिन मुझे तो कुछ भी सुनाई नहीं दिया और शायद उस रूम में कोई भी नहीं था इसलिए ऐसा हुआ.

में अब वापस मुड़ने वाला था, लेकिन तभी पास के रूम से मुझे किसी के हँसने की आवाज़ सुनाई देने लगी इसलिए में दूसरे रूम की खिड़की की तरफ जाने लगा और उस समय बारिश भी शुरू हो गई और फिर अचानक से एक जोरदार आवाज के साथ बिजली चमकी और लाईट चली गयी. अब में उस खिड़की के साथ चिपक गया ताकि में बारिश के पानी से बच सकूँ, तभी मैंने देखा कि सविता लाईट लेकर अंदर आई और उसने उस लाईट को टेबल पर रख दिया, जिसकी वजह से मुझे अंदर का सब कुछ नज़र आने लगा.

अब मैंने देखा कि वो अंजान आदमी बीयर पी रहा था. पूजा, आरती और सविता रूम में थे उनकी बातों से मुझे पता चला कि कल सुबह पूजा आरती और विदेशी वापस दिल्ली जाने वाला है और विदेशी दिल्ली में अपनी पढ़ाई करने के लिए आया है और वो किराएदार बनकर पूजा और आरती के पड़ोस में रहता है और वहीं से उनकी दोस्ती हुई थी और अब मैंने सोचा कि जो मेरे दिमाग़ में पहले उसके लिए आया था, वो सब गलत था जो में सोच रहा था वो सब झूठ था.

में ऐसे ही बारिश में भीग रहा हूँ मुझे अब अपने घर चले जाना चाहिए. तभी विदेशी ने अपनी बीयर को खत्म कर दिया और वो उठकर अंगड़ाई लेने लगा और तभी मैंने देखा कि पूजा अपनी सलवार को उतार रही थी और उसने अब तक अपनी कमीज़ को भी उतार दिया था, जिसकी वजह से वो अब मेरी आखों के सामने ब्रा और पेंटी में खड़ी थी और उसको आरती, सविता देख रही थी. अब अंजान ने पूजा को अपनी बाहों में भरकर ज़ोर से हग किया और उसने अपने कपड़े भी उतार दिए थे. तब मैंने देखा कि विदेशी का लंड बहुत बड़ा था और अभी तो वो तना भी नहीं था, लेकिन फिर भी वो करीब 3 इंच लंबा होगा.

फिर पूजा उसको अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और कुछ देर बाद वो लंड कड़क होने के बाद करीब 6 इंच का हो गया था. अब आरती अपनी चूत पर हाथ फेरने लगी थी और पूजा ज़ोर ज़ोर से उसके तनकर खड़े लंड को चूसने लगी थी. तभी अंजान ने पूजा की ब्रा को खोल दिया, जिसकी वजह से उसके गोल गोल बूब्स बाहर आ गये और विदेशी उनसे खेलने लगा.

फिर उसके बाद आरती भी नंगी हो गयी और मैंने देखा कि उसकी चूत पर बहुत छोटे छोटे बाल थे और अब उसने अपनी चूत को विदेशी के मुँह पर लगा दिया. विदेशी उसको चाटने लगा कुछ देर बाद रूम से सिसकियों की आवाज आने लगी. फिर पूजा बेड पर सीधी होकर लेट गई और उसके पास में आरती अपना मुहं उल्टा करके लेट गयी और अंजान ने अपना 6 इंच का मोटा लंबा लंड डालना शुरू किया, लेकिन मुझे यह पता नहीं लगा कि वो किसे अपना लंड दे रहा है? तभी पूजा की चीख निकली ऊऊईईईईईई माँ मर गयी यह बहुत दर्द कर रहा है उफ्फ्फ्फ़ माँ मेरी चूत फट गयी आह्ह्ह्ह आईईईई चोदो मुझे ज़ोर से की आवाज निकालने लगी और तब मुझे उसकी आवाज को सुनकर पता चला कि उसने अपना लंड पूजा को दिया है, लेकिन उसके बाद आरती की चीख निकली ओह्ह्ह्हह्ह भगवान यह तो बहुत बड़ा है आहह्ह्ह तुम मुझे भी ऐसे ही ज़ोर ज़ोर से चोदना, वो ऐसे बोलने लगी.

फिर उसके बाद अंजान ने आरती और पूजा को बारी बारी से बहुत मज़े लेकर चोदा, जिसकी वजह से पूरे रूम में फच फच आह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ आईईईइ मज़ा आ गया की आवाज़ें आ रही थी और बाहर बारिश भी ज़ोर से हो रही थी.

अब विदेशी ने आरती को अपनी बाहों का सहारा देकर उठाया और अपने लंड पर बैठा दिया. कुछ ही सेकिंड में आरती का चेहरा रोने जैसा लग रहा था और उसने आरती की 28 इंच की कमर को पकड़कर विदेशी ने ज़ोर से चोदना शुरू किया और कुछ ही देर बाद आरती झड़ गयी. उसके बाद आरती बेड के साइड में होकर लेट गयी.

फिर उसके बाद उसने पूजा को चोदा और पूजा बड़े मज़े ले लेकर अपनी चुदाई करवा रही थी और वो सिसकियों की आवाज़ें निकाल रही थी, उफ्फ्फफ्फ्फ़ आह्ह्हह्ह हाँ चोदो मेरी चूत को हाँ थोड़ा और ज़ोर से चोदो, वाह मज़ा आ गया और थोड़ी देर के बाद पूजा भी झड़ गई. उसने अपनी और आरती की चूत को अपनी पेंटी से साफ कर लिया. अंजान का लंड अब भी तना हुआ था. शायद वो अब तक झड़ा नहीं था. फिर आरती उसके लंड को अपने मुहं में लेकर चूसने लगी, जिसकी वजह से गपल गपल की आवाज़ आने लगी, तभी सविता थोड़ी ऊँची आवाज में बोली कि अब तुम दोनों अपने रूम में चली जाओ.

फिर पूजा बोली कि मम्मी प्लीज हमें भी देखने दो ना, अब सविता नंगी होने लगी और मैंने देखा कि उसकी गांड बहुत मोटी थी और उसकी चूत पर बहुत सारे बाल भी थे. फिर पूजा ने सविता को उठाया और वो विदेशी के लंड को पकड़कर सविता के मुँह में डालने लगी, लेकिन सविता बार बार मना कर रही थी. तभी आरती बोली कि मम्मी प्लीज एक बार इसको अपने मुहं में लेकर चूसकर देखो. ऐसा करने में बड़ा मज़ा आता है और यह लंड तो खन्ना अंकल से ज्यादा बड़ा, मोटा भी है.

फिर मेरी समझ में आया कि इसका मतलब सविता किसी खन्ना अंकल से भी चुदती थी. मुझे क्या पता था कि चेहरे से इतनी भोलीभाली दिखने वाली यह माँ बेटियाँ इतनी बड़ी रंडी छिनाल भी हो सकती है जो किसी का लंड लेने या अपनी चूत को चुदवाने के लिए इतनी हद तक भी नीचे गिर सकती है.

मुझे अब पता चला तो पूजा बोली कि मम्मी यह कल वापस जा रहा है और इसलिए आप इससे अपने तीनों छेद से मज़ा ले लो, तभी इस बात को सुनकर सविता ज़ोर से हँसने लगी और वो बोली कि यह तो मम्मी की गांड को एक ही बार में फाड़ देगा. फिर आरती बोली कि मम्मी बड़े लंड से फड़वाने में बहुत मज़ा आता है, सविता पूछने लगी कि क्या तुमने कभी लिया है? तो पूजा बोली कि नहीं इसकी लम्बाई बहुत है, लेकिन में अपनी चूत में आधा लंड जरुर ले लेती हूँ और रोते रुलाते हुए तो में पूरा ले लेती हूँ क्योंकि वो सब काम करने में बहुत दर्द होता है.

अब पूजा और आरती कुर्सी पर बैठ गयी और सविता लंड को चूसने लगी, लेकिन वो अब अपने मुहं में जानबूझ कर थोड़ा सा लंड ले रही थी. तभी पूजा उठकर आ गई और वो लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी और वो बोली कि मम्मी आप ऐसे चूसो और सविता भी वैसे ही चूसने लगी.

फिर कुछ देर लंड को चूसने के बाद विदेशी ने सविता को नीचे लेटा दिया और उसके पैरों को अपने कंधे पर रखकर वो लंड को चूत के अंदर डालने लगा और विदेशी ने एक झटके में अपना पूरा लंड सविता की चूत की गहराईयों में उतार दिया, लेकिन सविता के मुँह से एक भी सिसकी नहीं निकली. फिर आरती बोली कि माँ आपको इतना बड़ा लंड लेने पर भी कुछ नहीं हुआ? तो पूजा बोली कि माँ की चूत बहुत खुली हुई है ज्यादा चुदाई होने की वजह से उनकी चूत अब भोसड़ा बन चुकी है.

अब विदेशी ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर माँ को चोदने लगा और सविता अपनी दोनों आँखे बंद करके चुदाई के मज़े लेने लगी और थोड़ी देर की चुदाई के बाद सविता झड़ गई, लेकिन विदेशी का लंड अब भी वैसे ही तना हुआ था. शायद वो अब भी झड़ा नहीं था. अब पूजा और आरती ने बारी बारी से एक बार फिर से लंड चूसा और उसके बाद पूजा ने सविता से पूछा क्यों माँ मज़ा आया ना? सविता बोली कि हाँ यह बहुत बड़ा है और इसके लंड ने मुझे पूरा मज़ा दिया इतना बड़ा लंड चुदाई करे तब मज़ा तो आएगा.

अब विदेशी आरती को अपनी तरफ खींचने लगा और आरती भागकर एक कोने में चली गयी और वो कहने लगी कि नहीं मुझे अब नहीं फड़वानी अपनी चूत इससे, पूजा तुम ही इसका ले लो, में अब तक इसके साथ बहुत मज़े ले चुकी हूँ.

अब पूजा बोली कि नहीं मेरी चूत फिर से इसका लंड नहीं ले पाएगी और मेरी भी चुदाई अब बहुत हुई, मुझे चुदाई का जो मज़ा चाहिए था वो सब मिल चुका है, इससे ज्यादा मेरी चूत के लिए भी ठीक नहीं है. फिर विदेशी बोला बेबी तुम बस एक बार और मेरे साथ मज़े कर लो तुम्हारे साथ मेरा लंड भी संतुष्ट हो जाएगा, तभी पूजा बोली कि मेरी चूत तो नहीं ले सकती, लेकिन में अपने मुँह में लेकर तुम्हारा काम जरुर कर देती हूँ.

फिर विदेशी बोला कि नहीं, मेरा लंड तुम्हारी चूत में जाकर उसको चोदना चाहता है, तब पूजा बोली कि तुम तुम्हारा लंड मुझे मेरी गांड में दे दो और इतना कहकर पूजा आगे झुकी और वो आरती से बोली कि मेरी गांड पर थूक लगा दे.

फिर आरती, पूजा की गांड पर थूक लगाने लगी और फिर वो अपनी उंगली से गांड के अंदर तक लगाने लगी और उसके बाद वो अपनी उंगली को पूजा की गांड में डालने लगी. फिर पूजा उस दर्द की वजह से एकदम खड़ी हो गयी और आरती उससे कहने लगी कि जब तुम इतनी छोटी उंगली नहीं ले पा रही हो तो यह दस इंच का लंड कैसे लोगी? अब पूजा विदेशी के लंड पर बैठने लगी, लेकिन फिर भी लंड अंदर घुस नहीं रहा था तब आरती ने लंड को अपने एक हाथ से पकड़ा और वो लंड को पूजा की गांड के छेद पर रखने लगी और जैसे ही लंड थोड़ा सा अंदर गया तो पूजा ज़ोर से चिल्लाई उफफ्फ्फ्फ़ माँ मर गई आईईईईई और वो तुरंत लंड के ऊपर से उठ गई, लेकिन वो कुछ देर बाद एक बार फिर से लंड पर बैठने लगी.

अब थोड़ा सा लंड अंदर गया तो पूजा ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी और सविता बोली कि इतनी ज़ोर से मत चीख किसी ने सुन लिया तो सारा काम बिगड़ जाएगा. फिर पूजा बोली ओह्ह्ह्ह ऊफ्फफ्फ्फ् इतना लंबा लंड में अपनी गांड में नहीं ले सकती स्सीईईईई में तो आज इस दर्द की वजह से मर ही जाउंगी, प्लीज बाहर निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

अब विदेशी ने बिना सुने अपने लंड को थोड़ा और लंड अंदर धक्का दिया, जिसकी वजह से पूजा ज़ोर से चिल्लाने लगी और पूजा लंड को जबरदस्ती बाहर निकालकर कोने में चली गयी और वो अपनी गांड पर हाथ रखकर कुछ महसूस करने लगी और वो बोली कि आरती देखो आज मेरी गांड फट गई है मुझे बहुत दर्द हो रहा है और वो बोली कि इससे अच्छा है में अपनी चूत में यह लंड ले लूँ और वो बोली कि मम्मी प्लीज़ आप अब कुछ करो.

दोस्तों अब सविता अपनी गांड पर हाथ लगाकर देखने लगी और वो बोली कि यह इतना बड़ा है तो मेरी भी जरुर फाड़ देगा, तभी आरती बोली कि मम्मी आप एक बार लेकर देखो, आपको भी पता चल जाएगा.

अब सविता बोली कि चल ठीक है तू मेरी गांड में भी थोड़ा सा थूक लगा दे और अब आरती, सविता की गांड में थूक लगाने लगी और वो अपनी एक उंगली को डालकर अंदर तक लगाने लगी, सविता ने अपनी गांड में अंदर तक पूरी उंगली ले ली और फिर आरती विदेशी से बोली कि तुम मेरी माँ की गांड मारने के लिए तैयार हो जाओ.

अब सविता बेड के ऊपर झुक गयी और विदेशी ने एक जोरदार झटके में अपना आधा लंड सविता की गांड में डाल दिया, जिसकी वजह से सविता दर्द से सिसकियाँ लेने लगी उईईईई माँ में मर गई, फट गयी मेरी, मुझे बहुत जलन हो रही है. फिर विदेशी ने एक झटका और दे दिया, जिसकी वजह से उसका पूरा लंड सविता की गांड में चला गया और सविता उईईईईइईईईई माँ करती हुई पूरा लंड उसने अपनी गांड में ले लिया और अब विदेशी ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा.

सविता दर्द की वजह से सिसकती रही और करीब 6-7 मिनट के बाद विदेशी ने अपना लंड उसकी गांड से बाहर निकाला तो उसका लंड सिकुड़ने लगा और सविता की गांड में डालने से विदेशी का वीर्य निकलने लगा था, बहुत सारा वीर्य सविता की गांड में निकला. अब आरती और पूजा ने सविता की गांड को कपड़े से साफ किया और सविता ने अपनी पेंटी से विदेशी का लंड साफ किया. फिर पूजा बोली कि मम्मी गांड बहुत दर्द कर रही है, सविता बोली कि हाँ लेकिन अभी थोड़ी देर बाद बिल्कुल ठीक हो जाएगी और सविता बोली कि 12 बज गये है अब सो जाओ, क्योंकि कल सुबह तुम लोगों को जाना भी है.

अब सविता उठकर उस रूम से बाहर जाने लगी तो पूजा बोली कि मम्मी आप भी यहीं पर सो जाओ और तभी विदेशी बोला कि में आज रात को आंटी की चूत एक बार फिर से मारूँगा, आरती बोली कि मम्मी यह बोल रहा है कि यह आज रात को आपको एक बार फिर से चोदना चाहता है. फिर सविता बोली कि हाँ ठीक है तुम चोद लेना, फिर पूजा ने उठकर लाइट को बंद कर दिया और उसके बाद आरती, विदेशी एक दूसरे की बाहों में बाहें डालकर और पूजा, सविता बाहों में बाहें डालकर लेट गए सोने लगे. अब तक बारिश भी रुक गयी थी और उनकी चुदाई का काम भी खत्म हो गया था, इसलिए में भी वापस अपने घर पर आ गया.