माँ और बेटी की गांड एक साथ फाड़ी

group sex kahani हैल्लो दोस्तों, मेरी पड़ोसन कविता मेरे घर आई थी और मुझको पता था कि वो क्यों आई है? लेकिन में अंजान बना रहा। फिर वो मेरे ड्रॉइग रूम में बैठ गई और मेरे से ऐसे ही बात करने लगी। अब वो बार-बार मेरे लंड को देख रही थी, अब में भी उसके बूब्स को देख रहा था। तभी उसने अपना एक पैर अपने दूसरे पैर के ऊपर रखा, क्योंकि वो शॉर्ट्स पहने हुई थी, तो मुझे उसकी चूत दिखने लगी क्योंकि उसने पेंटी नहीं पहनी हुई थी। अब में बार-बार उसकी चूत को देख रहा था, अब मेरा लंड खड़ा हो चुका था। अब उसने भी ये नोटीस कर लिया था, तभी उसने पूछा कि क्या तुमने पहले कभी सेक्स किया है? तो मैंने बोला कि नहीं। फिर उसने पूछा कि क्या तुम मेरे साथ सेक्स करोगे? तो में बोला कि पागल हो क्या? में तुम्हारे बारे में ग़लत नहीं सोचता। तो वो बोली कि क्या होगा? प्लीज किसी को कुछ पता नहीं चलेगा।
फिर मैंने उसके पास जा कर उसके बूब्स पकड़ लिए और उसे किस करने लगा। अब वो भी मेरा साथ दे रही थी। फिर मैंने उसको गोदी में उठाया और बेडरूम में चला गया। फिर मैंने उसको बेड पर सुला दिया और अपने कपड़े उतारकर पूरा नंगा हो गया और उसके ऊपर आ कर किस करने लगा। अब वो गर्म हो रही थी, अब मैंने उसको पूरा नंगा कर दिया, क्या बूब्स थे यार? बहुत मस्त, उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे। अब में उसके बूब्स को चूसने लगा और अपनी एक उंगली से उसकी चूत को मसलने लगा और अपनी पूरी उंगली को उसकी चूत के अंदर डाल दी, क्या चूत की गर्मी थी? अब जैसे ही मेरी उंगली अंदर गई, तो वो आआअहह करने लगी, अब उसको हल्का सा दर्द भी हो रहा था। फिर मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रखा और चूसने लगा, क्या बताऊँ दोस्तों मजा आ गया? अब वो पूरी तरह से गर्म हो गई थी और मेरा भी लंड उसको चोदने के लिए बिल्कुल तैयार था।
फिर मैंने अपना लंड उसके हाथ में पकड़ाया और मसलने को बोला। तो वो मेरा लंड देखकर डर गई और बोलने लगी कि प्लीज आराम से करना, बहुत दर्द होगा। तो में बोला कि चुप रह रंडी साली और मैंने तुरंत अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रख दिया और हल्का थूक लगाया। अब में अपना लंड धीरे-धीरे अंदर डालने लगा था, फिर जैसे ही मेरे लंड का सुपाड़ा अंदर गया तो वो रोने लगी, तो में कुछ देर के लिए रुक गया। फिर मैंने अपने हाथ से उसके बूब्स को पकड़ा और लिप किस करते हुए पूरे ज़ोर से धक्का लगाया तो वो बहुत जोर से चिल्लाई और उसकी आँखों से आसूं आ गये। फिर में वैसे ही 5 मिनट रुका रहा। फिर जब उसका दर्द कम हुआ तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला। अब मेरे पूरे लंड पर खून लगा हुआ था।
अब मैंने फिर से उसकी चूत को चाटा और फिर से अपने लंड को उसकी चूत के छेद पर रखा और एक जोरदार धक्का लगाया। अब मेरा आधा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया था, अब वो रोने लगी और बोली कि मुझको तुमसे नहीं चुदना है, छोड़ दे मादरचोद, में मर जाउंगी, मेरी चूत बहुत छोटी है। अब वो गुस्सा हो रही थी, तभी मैंने एक जोरदार धक्का लगाया और मेरा पूरा लंड उसकी चूत के अंदर चला गया। अब वो मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी थी, लेकिन मैंने उसको कसकर पकड़ लिया और उसी तरह ही लेटा रहा। फिर कुछ देर के बाद में अपने लंड को उसकी चूत में अंदर बाहर करने लगा। अब वो आआआ हह हहा आआहह हह में मर गई, मेरी चूत फाड़ दी कर रही थी। फिर कुछ देर के बाद उसको भी मजा आने लगा, अब में ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारने लगा था। अब वो भी अपनी गांड उठा-उठाकर मेरा साथ देने लगी थी।
फिर 30 मिनट के बाद में झड़ने वाला था तो मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया और उसके मुँह में ही झड़ गया और उसने मेरा पूरा वीर्य पी लिया। अब तक वो 3 बार झड़ चुकी थी, फिर वो बोली कि प्लीज मेरी गांड मारो और उसने पूछा कि क्या तुम मेरी माँ को चोदोगे? अब में तो इसी का इंतजार कर रहा था तो मैंने बोला कि हाँ, लेकिन में पैसे लूँगा। तो उसने बोला कि ठीक है, लेकिन मेरी माँ की चूत नहीं गांड मारनी होगी, तो मैंने बोला कि ठीक है। फिर उसके बाद उसने बोला कि आज तुम्हारे घर कोई नहीं है तो तुम रात में मेरे घर आ जाना और उसी टाईम रात में मेरी और मेरी माँ की गांड एक साथ फाड़ देना। फिर मैंने बोला कि ठीक है में आज रात में तुम दोनों को रंडी बनाकर चोदूंगा। फिर उसके बाद वो चली गई और में नहाने चला गया। अब में रात होने का इंतजार कर रहा था, क्योंकि आंटी की गांड बहुत अच्छी थी और में उसको चोदना चाहता था।

अब दोस्तों मैंने सोच लिया था कि रात को में सिर्फ़ आंटी की गांड मारूँगा, में उसकी बेटी की गांड नहीं मारूँगा उसको तड़पाउँगा। अभी बहुत मजा आने वाला है दोस्तों और फिर वो रात आ गई। फिर मुझको कविता बुलाने आई। अब में भी इसी का इंतजार कर रहा था और फिर में उसके घर गया। में तो पहले से ही आंटी की गांड मारना चाहता था तो मैंने पीछे से आंटी को पकड़कर गोदी में उठा लिया। अब आंटी शर्मा रही थी, फिर में उनको लेकर बेडरूम में गया, फिर में अपने सारे कपड़े निकालकर नंगा हो गया। अब मेरा लंड खड़ा था, तो आंटी उसको देखकर बोली कि तेरा तो बहुत बड़ा है प्लीज आराम से मेरी गांड मारना, लेकिन में ज़ोर-जोर से आंटी की गांड मारना चाहता था ताकि उनको खूब दर्द हो। फिर मैंने आंटी को पूरा नंगा किया और उसकी बेटी को रूम में बुलाया और उसको बोला कि आंटी के हाथ बाँध दो। फिर मैंने आंटी से बोला कि उल्टा लेट जाओ, तो आंटी उल्टा लेट गई। फिर मैंने कविता को बोला कि मेरा लंड चूसकर गीलाकर और वो मेरा लंड चूसने लगी। फिर मैंने उसको बोला कि अब तू अपनी माँ की गांड चाट और उनके छेद में थूक लगा, तो वो उसकी माँ की गांड चाटने लगी।
फिर मैंने कविता से बोला कि वो उसके पैरो को फैलाए और कसकर पकड़े, तो उसने ऐसा ही किया। अब में अपना लंड उसकी गांड पर रगड़ने लगा था, आंटी अभी तक चुपचाप सोई हुई थी। फिर मैंने अपना लंड उनकी गांड के छेद पर सेट किया और पूरी ताक़त से एक धक्का लगाया। अब मेरा पूरा लंड उसकी गांड में चला गया था, अब वो बहुत जोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी थी। फिर मैंने कविता को बोला कि उसके पैरो को कसकर पकड़े रहे और फिर में ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगा। अब वो जोर-जोर से चिल्लाने लगी, रोने लगी और बोलने लगी कि मुझको छोड़ दो, लेकिन में उसे और ज़ोर-जोर से चोदने लगा। अब कविता हंस रही थी और बोल रही थी कि मेरी माँ की गांड फाड़ दो, ये रंडी है। अब बबिता चिल्ला रही थी और में लगातार धक्के लगा रहा था, अब उसका दर्द कुछ कम हो गया था, अब वो मजे लेने लगी थी और आआहह कर रही थी। अब उसकी गांड से खून आ रहा था, अब में उसे और ज़ोर-ज़ोर से चोद रहा था, अब उसको भी मजा आ रहा था।
अब में उसे अपनी फुल स्पीड में चोद रहा था, अब वो बोल रही थी कि मेरी गांड को फाड़ दिया मादरचोद। अब मुझे ये सब सुनकर और जोश आ रहा था, अब में उसे और तेज-तेज चोदने लगा। में करीब 20 मिनट तक उसको चोदता रहा, अब में झड़ने वाला था तभी मैंने अपना लंड उसकी गांड से निकालकर उसकी बेटी के मुँह में डालकर झड़ गया। अब कविता की गांड मारने का टाईम आ गया था, अब वो डर रही थी। फिर उसकी माँ ने जबरदस्ती उसके हाथ बाँध दिए और उसे उल्टा सुला दिया। अब मैंने उसको पूरा नंगा कर दिया था, उसके बाद वो रंडी की तरह मेरा लंड चूसने लगी ताकि मेरा लंड खड़ा हो जाए। फिर कुछ देर के बाद मेरा लंड खड़ा हो गया, अब में उसे चोदने के लिए पूरा तैयार था। अब वो बोल रही थी प्लीज धीरे-धीरे चोदना।
फिर मैंने आंटी से बोला कि में इसकी गांड नहीं मारूँगा, में पहले आपकी चूत मारूँगा। फिर आंटी बोली कि पहले इसकी गांड मारो फिर मुझे चोद लेना। तो मैंने कहा कि ओके, आप इसकी गांड के छेद पर थूक लगाओ और आप खुद कुत्तियाँ बन जाओ, में आपकी चूत को देखते हुए इसकी गांड का भोसड़ा बनाऊंगा। तो आंटी ने वैसे ही किया, फिर मैंने आंटी की चूत में अपना मुँह डाला, फिर उसके बाद कविता की गांड पर अपना लंड रगड़ने लगा। फिर उसके बाद मैंने धीरे से अंदर धक्का लगाया तो मेरे लंड का सुपाड़ा अंदर चला गया और वो रोने लगी, मुझको गांड नहीं मरवानी, प्लीज छोड़ दो। तो फिर मैंने उसको एक चांटा मारा और बोला कि चुप साली नहीं तो माँ चोद दूँगा। अब वो भी गुस्सा हो कर मुझे गाली देने लगी, अब उसकी गालियाँ सुनकर मुझको भी जोश आ गया और मैंने अपनी पूरी ताक़त से धक्का लगाया और मेरा आधा लंड उसकी गांड के अंदर चला गया। अब वो चिल्लाने लगी थी, तो मैंने उसकी माँ को बोला कि साली भोसड़ी का मुँह बंद करो, तो उसकी माँ ने अपनी चूत उसके मुँह पर रख दी।
अब में कुछ देर तक रुक-रुककर अंदर बाहर करने लगा। अब उसको कुछ आराम लग रहा था। फिर जैसे ही वो नॉर्मल हुई तो मैंने एक और जोरदार शॉट मारा और मेरा पूरा लंड उसकी गांड के अंदर चला गया। अब उसकी आँखो से आसूं आने लगे थे, तो में फिर से कुछ देर रुका। फिर जब वो नॉर्मल हुई तो फिर से मैंने धक्के लगाना शुरू किया। अब उसको ज़्यादा दर्द नहीं हो रहा था, अब वो भी मजे ले रही थी आआआआ हहह्ह्ह्ह आआआ हहूओ ऊऊ और मेरी गांड प्यार से चोद साले मादरचोद और में उसको पेलता रहा। फिर करीब 40 मिनट के बाद में झड़ गया। अब में थोड़ा थक गया था तो में वहीं उसकी गांड में अपना लंड डालकर उसके ऊपर ही पड़ा रहा ।।
धन्यवाद

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