माँ को चोदकर खुशी दी

हैल्लो फ्रेंड्स, में इस साईट का रेग्युलर रीडर हूँ. मुझे सेक्स स्टोरी पढ़ना बहुत अच्छा लगता है. में मुरादाबाद (यू.पी) से हूँ मेरे घर में, में, माँ, पापा और मेरी एक छोटी बहन रहती है. पापा चंडीगढ़ में एक कंपनी में मैंनेजर की पोस्ट पर जॉब करते है. मेरी छोटी बहन जो 21 साल की है उसका फिगर 34-26-34 है और मेरी माँ एक हाऊस वाईफ है. यह बात पिछले 7 दिन पहले कि है यह एक सच्ची घटना है, प्लीज इसको पढना और लड़के अपने लंड को रगड़े और लड़की अपनी चूत में उंगली डाले. अब में आपका समय ख़राब ना करते हुए सीधे स्टोरी पर आता हूँ.

मेरा नाम राहुल है और में 24 साल का हूँ और मेरा लंड 8 इंच का लंबा और 3 इंच मोटा है. मेरी माँ की उम्र 42 साल है उसका फिगर 36-28-36 है, वो दिखने में एकदम गोरी है और वो अभी भी 32 या 34 साल की लगती है और वो अब भी जवान लगती है. में हमेशा से अपनी माँ का दीवाना हूँ, क्योंकि पापा 2-3 महीने में एक बार घर आते थे और शायद एक ही बार वो मेरी माँ को चोदते थे इसलिए माँ हमेशा चुपचाप रहती थी. में ये सब बहुत दिनों से देख रहा था, लेकिन कभी पूछा नहीं था. जब पापा आते थे और मेरी माँ के साथ सेक्स करते थे, तो में चुपके से वो सब देखता था और दुख करता था, क्योंकि पापा सिर्फ़ 5 मिनिट के अंदर ही सेक्स ख़त्म कर देते थे और फिर सो जाते थे.

हम अलग-अलग रूम में सोते थे और में हमेशा माँ के बूब्स और गांड को देखा करता था तो मेरा लंड खड़ा हो जाता था. घर में जब माँ और बहन जब काम करती थी तो उन्हें देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता और में उनके नाम कि मूठ मारता था. एक दिन में रात को पानी पीने के लिए उठा, तो मैंने देखा कि माँ के रूम की लाईट जल रही थी मुझे शक हुआ, तो मैंने विंडो से देखा, तो माँ नंगी थी और अपनी शेव चूत में उंगली कर रही थी और सेक्सी आवाजें निकाल रही थी, आह आह. तभी से में माँ को चोदने की प्लानिंग करने लगा. में माँ के सामने कपड़ो के अंदर अपना लंड टाईट करके माँ के सामने जाने लगा और वो उसे देखा करती थी. फिर मैंने माँ को लंड दिखाने का प्लान बनाया और सुबह के समय अपना लंड बाहर निकालकर और टाईट करके नंगा हो कर सो गया. फिर माँ मेरे रूम में सफाई करने आई और मेरे लंड को देखने लगी, मैंने तभी सोच लिया था कि में माँ को जरूर चोदूंगा और इंतज़ार करने लगा और फिर किस्मत ने मेरा साथ दिया और मेरी बहन 15 दिनों के लिए कॉलेज टूर पर जाने वाली थी और हम दोनों ही घर में अकेले रहने वाले थे. फिर जब मेरी बहन चली गई तो मैंने माँ को चोदने की ठान ली.

एक दिन माँ अपने रूम में सो रही थी और रूम का दरवाजा खुला था. में रूम गया और माँ के पास जाकर सो गया. मैंने एक ढीला पजामा पहना था, जिसके अन्दर मेरा लंड आराम से खड़ा हो सकता था. फिर सुबह जब माँ उठी तो मेरा लंड देखकर मुस्कुराने लगी और नहाने चली गई और बाहर निकलते वक़्त उसके शरीर पर एक टावल बंधा था, जिसमें से उसके आधे बूब्स और गांड बाहर निकली हुई थी, वो रूम में आकर चेंज करने लगी और टावल हटाकर ब्रा और पेंटी पहनने लगी. मेरा हाल बुरा हो रहा था उसे लग रहा था कि में सो रहा हूँ. फिर उस रात हम सो गये. उस दिन माँ ने पारदर्शी नाइटी पहनी हुई थी. उसके नीचे बस ब्रा थी और फिर वो सो गई. फिर कुछ देर के बाद में भी उसके पीछे जाकर उससे चिपककर सो गया, उसे ऐसा लगा कि में नींद में उससे चिपका हूँ, वो ऐसे ही लेटी रही और मेरा लंड टाईट होने लगा और उसकी गांड पर टच होने लगा क्या मुलायम गांड थी उसकी, में बता नहीं सकता.

फिर वो ऐसे ही लेटी रही. ऐसा कई दिन तक चलता रहा. फिर मैंने अपना एक हाथ उसके बूब्स पर रख दिया और दबाने लगा, तो उसने मेरा हाथ हटा दिया, फिर अगले दिन भी ऐसा ही हुआ. एक दिन मैंने फिर से मैंने हाथ रखा तो वो मुझसे दूर होकर लेट गई में उसके पास और कहा कि क्या हुआ? तो वो बोली में तेरी माँ हूँ और ये क्या पाप कर रहा है.

मैंने उसे बताया कि कैसे वो सेक्स कि प्यासी है और मैंने छुपकर देखा है कि पापा आपको पूरी तरह नहीं चोद पाते है, तो वो कुछ नॉर्मल हुई और बोली तेरे पापा अब मुझे नहीं चोदते है तो में उंगली से काम चलाती हूँ. मैंने मौके का फायदा उठाया और उसे लिप किस कर दिया और गाल पर किस करने लगा और माँ के कुछ देर मना करने के बाद मेरा साथ देने लगी. मैंने उसके बूब्स पर हाथ रखा, तो वो सहम गई क्या बूब्स थे उसके इतने सॉफ्ट जैसे कॉटन हो, लेकिन इतनी उम्र में भी ढीले नहीं हुए थे. में एक हाथ से उसके बूब्स को नाइटी के ऊपर से ही सहलाने लगा और लिप किस भी कर रहा था.

फिर 15 मिनट तक लिप किस करने के बाद जब मैंने उसकी नाइटी ऊपर करनी चाही, तो उसने मना कर दिया और बोली कि बेटा ये सब सही नहीं है, इतना ही रहने दे, ये पाप है और किसी को पता चल गया तो और तेरे पापा हम दोनों को मार देंगे. मैंने कहा माँ किसी को पता नहीं चलेगा और उसका बूब्स दबाने लगा.

फिर कुछ देर तक तो वो मना करती रही, लेकिन बाद में उसे भी मजा आने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी. उसके मुँह से सेक्सी आवाजें निकलने लगी थी और वो, आहहह्ह्ह्हह उहहह्ह्ह्हह करने लगी. तो मैंने उसके होठों पर अपने होठों को रख दिया और एक हाथ उसकी चूत पर लगा दिया. उसका शरीर अकड़ गया था. फिर 10 मिनट तक ऐसा करने के बाद मैंने उसकी नाइटी ऊतार दी क्या लग रही थी वो यार, मत पूछो. पता नहीं पापा उसे क्यों नहीं चोद पाते थे.

फिर उसे नंगी करके मैंने उसे दूर से देखा, तो वो कयामत लग रही थी और मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी तो उसने अपने बूब्स और चूत को अपने शरीर में छुपाना चाहा. फिर मैंने उसके बूब्स चूसने स्टार्ट कर दिए थे और एक बूब्स को दबाने लगा तो वो सिसकियां भरने लगी और आअहहह्ह्ह अहह आआहह की आवाजें निकलाने लगी. अब वो गर्म हो गई थी तो मैंने अपना लंड उसे बाहर निकाल कर दिखाया तो चौंक गई और बोली कि ये तो तेरे पापा से भी बड़ा है, उनका तो 4 इंच का ही है.

फिर हम दोनों नंगे बेड पर लेटे हुए थे और में उसकी बूब्स दबा रहा था और वो मेरा लंड सहला रही थी. तभी मैंने एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, वो जोर से करहा उठी और ज़ोर से आआआहह बोली बेटा अब मत तड़पा, डाल दे अंदर. में बोला माँ पहले मुँह में लो तो उसने मना कर दिया, लेकिन मेरे बार बार कहने पर वो मान गई और मुँह में लेकर चूसने लगी. कितना मजा आ रहा था कि मत पूछो.

फिर मैंने उसके मुँह से लंड बाहर निकाला और उसे घोड़ी बनने को कहा, तो वो बन गई और में उसके पीछे आकर लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा, वो आहहाह्ह्ह आआहह उुउऊहह करने लगी और बोली डाल दे बेटा अब नहीं रहा जा रहा है. मैंने लंड उसकी चूत पर टिकाया और धक्का मारा तो टोपा कुछ अंदर गया. उसके मुँह से आह निकल गई और बोली कि बेटा बाहर निकाल ले दर्द हो रहा है.

फिर में उसके बूब्स दबाने लगा और एक और धक्का मारा तो वो चिल्ला उठी, आआआआहह मर गईईईईईईईई उउउइईईईईईई माँ निकाल ले बेटा उसने आगे होने की कोशिश की, लेकिन मैंने मजबूती से पकड़ा था वरना निकल जाती. कुछ देर में वैसे ही रहा और कुछ नहीं किया और उसके बूब्स दबाता रहा और कमर पर किस करता रहा.

फिर कुछ देर के बाद वो नॉर्मल हुई तब मैंने धीरे धीरे धक्के लगाना स्टार्ट किया, वो आआआहह आआअहह करने लगी और कमर हिलाने लगी. तभी मैंने थोड़ा लंड बाहर करके एक ज़ोरदार धक्का मारा और अपना पूरा लंड उसकी चूत में घुसेड़ दिया. उसकी चीख निकल गई, आहह मरररर गईईईईईई माँ वो चिल्लाने लगी और आगे की तरफ़ गिर गई. अब उसका मुँह बेड पर टिका हुआ था और उसकी चूत से खून निकल रहा था, क्योंकि उसकी चूत मेरे लंड के लिए छोटी थी, वो रोने लगी और मुझसे लंड बाहर निकालने के लिए कहने लगी.

फिर कुछ टाईम सहलाने के बाद वो नॉर्मल हुई, तो मैंने धक्के लगाने स्टार्ट किए. तो फिर वो कमर हिलाकर मेरा साथ देने लगी और ज़ोर जोर से कहने लगी कि चोद बेटा अपनी माँ को और ज़ोर से चोद. पूरा कमरा हमारी आवाज़ो से गूंज रहा था.

में धक्के लगा रहा था और लगभग 20 मिनट में वो 2 बार झड़ चुकी थी और लंड बाहर निकालने की मन्नते कर रही थी. लेकिन में नहीं झड़ा था तो वो कहने लगी कि वो लंड मुँह में ले कर झाड़ देगी. फिर मैंने लंड बाहर निकाला और उसे छोड़ दिया. मेरा लंड अब भी खड़ा था और में उसकी गांड को सहलाने लगा. वो चौंक गई और बोली बेटा यह नहीं.

मैंने आज तक गांड नहीं चुदवाई है और तेरा लंड तो इतना मोटा है कि में नहीं सह पाऊँगी. फिर मैंने उसे मना किया कि में गांड नहीं माँरूँगा, तो वो मान गई. लेकिन में कहाँ मानने वाला था. में तो उसकी चूत से ज़्यादा उसकी गांड का दिवाना था, इसलिए मैंने उसे ताक़त से पकड़ा और गांड पर लंड टिकाकर धक्का मारा, तो मेरा टोपा भी अंदर नहीं गया था कि वो चिल्ला उठी और आगे भाग गई, लेकिन मेरी पकड़ से पूरी तरह नहीं छूट पाई थी.

मैंने फिर से माँ को पकड़ा और एक धक्का मारा इस बार टोपा अन्दर चला गया. वो दर्द से कराह उठी और रोने लगी. मैंने फिर एक धक्का मारा और आधा लंड अंदर घुस गया और माँ की गांड से थोड़ा खून भी निकला और वो बेहोश हो गई. फिर मैंने उसके बूब्स दबाने स्टार्ट किए तो वो कुछ देर के बाद होश में आई. फिर मैंने लंड को आगे पीछे हिलाना स्टार्ट किया. वो कुछ नॉर्मल हुई, तो मैंने एक धक्का और मारा और मेरा पूरा लंड अंदर डाल दिया माँ दर्द की वजह से कराह रही थी और में धक्के लगाता जा रहा था, क्योंकि में झड़ने वाला था और कुछ ही देर में माँ की गांड में झड़ गया और उसकी कमर पर ही लेट गया.

उसकी आँखों में अभी भी आंसू थे. मैंने उससे कहा तो वो बोली कि बेटा ये तो ख़ुशी के आंसू है, क्योंकि आज मेरी प्यास पूरी तरह से शांत हुई है, आई लव यू बेटा, मैंने भी माँ को आई लव यू टू कहा और फिर हम सो गये. फिर उस रात हमने 4 बार चुदाई की और सुबह उठने तक तो 10 बज चुके थे. फिर माँ नहाकर आई और कपड़े पहनने लगी, तो मैंने मना कर दिया, क्योंकि हमारा घर चारों तरफ से पूरा कवर था और घर पर भी हमारे अलावा कोई नहीं था तो हम 15 दिनों तक नंगे ही रहे और जब दिल करता तब सेक्स कर लेते थे.