लड़को से चुदवाने की आदत

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम जरीन है, में मुंबई का रहने वाली हूँ और ये मेरी  पहली स्टोरी है, में 19 साल की हूँ और अब में आपको अपने बारे में बता दूँ कि मेरा चरित्र कैसा है? मेरी आदत है कि में हर साल बॉयफ्रेंड चेंज करती हूँ, क्या करूँ? मेरा एक से दिल ही नहीं भरता है.

मैंने पहला बॉयफ्रेंड पटाया था, उसका नाम अब्दुल था, लेकिन वो कुछ करता ही था इसलिए मैंने उसे छोड़ दिया. फिर मैंने मेरे एक कज़िन को पटाया, उसका नाम सलमान था, वो मेरे बाजू की बिल्डिंग में ही रहता था और रोज मेरे घर पर आता था. तब मेरे घरवाले उससे मेरी शादी करने की बात कर रहे थे और वो रात को भी मेरे ही घर में रहता था.

अब मम्मी और पापा दोनों बेड पर सोते थे और में मेरा छोटा भाई और सलमान नीचे सोते थे. मेरे और उसके बीच में मेरा छोटा भाई सोता था. फिर वो एक रात को उठा और मेरे बाजू में आकर सो गया और उसने मेरे बूब्स पर अपना एक हाथ रखा, तो वैसे ही मेरी आँख खुल गयी, लेकिन में नहीं उठी और उसको कुछ बोली भी नहीं.

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फिर उसने मेरे बूब्स को दबाना शुरू किया. अब में गर्म हो रही थी. फिर उसने मेरी चूत पर अपना एक हाथ लगाया और सहलाने लगा, अब मेरी चूत गीली हो गयी थी. फिर उसने मुझे किस करना शुरू किया और मेरे होंठो पर किस किया, तो में भी उसका साथ देने लगी.

फिर उसने मेरी सलवार के अंदर अपना एक हाथ डाल दिया और मेरी चूत में अपनी एक उंगली डालकर हिलाने लगा. फिर बस वो हर रात अपना काम करता और जाकर सो जाता. अब वो मेरी पूरी जरूरत पूरी नहीं करता था, तो फिर मैंने उसको भी रात को कुछ करने नहीं दिया. फिर मैंने एक और लड़का पटाया, उसका नाम ज़ाहिद था, वो तो इतना शर्मिला था कि वो ठीक से मुझसे बात भी नहीं करता था, तो मैंने उसको भी छोड़ दिया.

अब एक तो में इतनी गर्म थी और मुझे कोई चुदवाने के लिए मिल ही नहीं रहा था. फिर मैंने अपनी क्लास में ही एक सलमान नाम के लड़के को पटाया, उसका प्यार का नाम पेटी था. फिर मैंने उसे तब पटाया, जब कॉलेज की पिकनिक जाने वाली थी और हम 10 लोग कार करके बाहर से जाने वाले थे और वहाँ उसने मुझे किस किया और बहुत कुछ किया, लेकिन मुझे पूरा चोदा नहीं था.

फिर आते वक़्त भी कार में उसने मुझे बहुत संतुस्ट किया, लेकिन उतने से मेरा क्या होने वाला था? अब मुझे पूरा लंड अपनी चूत में डलवाना था, लेकिन वैसे कभी मौका मिला ही नहीं, तो फिर मैंने उसको भी छोड़ दिया.

फिर मैंने एक शाहिद नाम के लड़के को पटाया, वो मेरे कॉलेज में ही था और वो साइबर कैफे पर काम करता था. में रोज उसके साइबर पर जाती थी और वो मुझे कैबिन में लेकर बैठता था, वो बहुत ही फास्ट था. अब वो सब कुछ फटाफट कर रहा था. अब वो हर रोज कैबिन में मुझे किस करता था, मेरे बूब्स दबाता था और मेरी चूत में भी उंगली डालता था, लेकिन फिर एक दिन उसके घर पर कोई नहीं था, तो तभी मैंने उसको कॉल किया और कहा कि में साइबर पर आ रही हूँ.

उसने कहा कि नहीं साइबर पर मत आओ, मेरे घर पर आओ, आज में अकेला हूँ. तो में खुश हो गयी और हाँ कह दिया. अब मैंने सोच लिया था कि अब इससे तो मुझे चुदना ही है और फिर में उसके घर पहुँची, जब दोपहर के 3 बजे थे. फिर में उसके घर में अंदर गयी, फिर वो मुझे अपने बेडरूम में ले गया और चाय पानी सब पिलाई और फिर मेरे बाजू में आकर बैठ गया.

फिर उसने मुझे किस करने के लिए मेरा मुँह पकड़ा. फिर उसने मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिए और चूसता रहा और में भी चूस रही थी. फिर उसने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गया और किस कर रहा था और मेरे बूब्स दबा रहा था और में उूउऊहह, उूउऊहह करके चिल्ला रही थी.

फिर उसने मेरी कमीज उतारी और फिर मेरी सलवार भी उतार दी. अब में उसके सामने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी. फिर उसने भी अपने कपड़े उतार दिए और अब वो भी अपनी अंडरवेयर में था. फिर उसने मेरी ब्रा और पेंटी भी उतार दी और फिर मेरी चूत को चाटने लगा.

अब में आआआ, आआअहह करके चिल्ला रही थी. फिर पहले उसने मेरी चूत में अपनी जीभ अंदर डाली, तो में और चिल्लाई क्योंकि में पहली बार चुद रही थी. फिर उसके बाद उसने अपना लंड बाहर निकाला, उसका लंड 7 इंच लम्बा और 3 इंच का मोटा था.

फिर उसने अपना लंड मेरे मुँह पर रख दिया और ज़ोर-ज़ोर से हिलाने लगा. फिर थोड़ी देर के बाद उसने अपना लंड मेरी चूत पर रखा और ज़ोर से एक धक्का दिया, लेकिन फिर भी उसका लंड पूरी तरह से अंदर नहीं गया और फिर उसने एक ज़ोरदार झटका मारा, तो में बहुत ज़ोर से चिल्ला उठी. फिर उसने मेरे मुँह पर अपना एक हाथ रखा और ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगा.

अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था तो मैंने उससे कहा कि मुझे छोड़ो शाहिद. तो फिर वो थोड़ी देर तक रुका और मुझे किस किया और फिर थोड़ी देर के बाद उसने ज़ोर-ज़ोर से धक्के देना शुरू किया. फिर उसने लगभग मुझे 20 मिनट तक चोदा. अब उसके लंड का पानी मेरी चूत में ही निकलने वाला था कि तभी उसने अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया.

फिर मैंने उसके लंड को चाटा और फिर मैंने अपने कपड़े पहने और में अपने घर चली गयी. फिर दूसरी बार मुझे उससे चुदाने का कभी मौका ही नहीं मिला. फिर वो दूसरी जगह काम पर लग गया और हमारा मिलना भी बंद हो गया और फिर मैंने उसको भी छोड़ दिया. अब मेरा एक नया बॉयफ्रेंड है, उसका नाम मोहम्मद है और अभी में उसके साथ ही चुदवाती हूँ.