कुँवारा परिवार

xxx kahani हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सिम्मी है और में अमृतसर की रहने वाली हूँ। हम दो बहनें और एक भाई है। मेरे भाई और दीदी की बहुत बनती है, लेकिन वो मेरा कोई कहना नहीं मानते है। हमारे घर में दो कमरे और एक किचन है। मेरे मम्मी पापा एक रूम में सोते है। में (22 साल), मेरा भाई राहुल (20 साल) और दीदी श्वेता (24 साल) एक कमरे में सोते है। इससे पहले हम जॉइंट फेमिली में रहते थे तो सब लड़कियाँ एक कमरे में और सब लड़के दूसरे में सोते थे। हमारे कमरे में दो बिस्तर लगे थे, एक पर में और दीदी सोते थे और दूसरे पर राहुल सोता था। फिर एक रात जब में बाथरूम जाने के लिए उठी तो मेरे भाई का हाथ मेरी जांघ से टकराया, तो तब मुझे लगा कि उसका हाथ बिस्तर से बाहर आ गया है। फिर मैंने वापस आकर उसका हाथ उठाकर वापस से बेड पर कर दिया।
फिर दूसरे दिन भी ऐसा ही हुआ तो मैंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया। फिर एक दिन ऐसा हुआ की एकदम सोते-सोते मुझे लगा कि कोई कीड़ा चल है तो में उठकर बैठ गयी। अब में नींद में इधर उधर देख रही थी कि तभी मेरा ध्यान पड़ा कि मेरे भाई ने अपना हाथ बिस्तर से बाहर निकाल दिया था। अब मुझे कुछ-कुछ समझ में आने लगा था। फिर मैंने जानबूझकर अपनी जांघ उसके हाथ से टच की और बाथरूम चली गयी। फिर वापस आकर भी मैंने उसका हाथ अपनी जांघो से टच करवाया और वापस नहीं रखा और फिर मैंने देखा कि मेरे लेटते ही उसने अपना हाथ ऊपर रख लिया था। अब मुझे समझ आ गया था कि वो जानबूझकर मुझे टच करने के लिए ऐसा करता है। अब यह सोचकर मुझे मज़ा भी आ रहा था और अजीब भी लग रहा था।
फिर ऐसा रोज-रोज होने लगा। अब मेरे भाई की मेरे से लड़ाई होनी खत्म हो गयी थी, मुझे आइसक्रीम चाहिए तो आइसक्रीम मिलती, कपड़े तो कपड़े, में कहूँ घूमने चलो तो घूमने चलो और हमारी बाहर की आउटिंग्स भी बढ़ गयी थी, ताकि वो रात को मुझे हाथ लगा सके। फिर एक दिन हमारी दीदी की शादी पक्की हो गयी थी। फिर मुंबई से बुआ हमारे घर रहने आई, अब दो कमरो की वजह से बुआ को सुलाने के लिए हमने एक बिस्तर बुआ को दे दिया और एक चारपाई दोनों बिस्तर के बीच डाल ली थी। अब एक तरफ बुआ सो गयी थी और बुआ के साथ में और मेरे साथ दीदी और फिर राहुल सो गया था। फिर जब में रात को उठने लगी तो तब मैंने ध्यान दिया कि मेरी चादर में किसी का हाथ चल रहा है, तो तब मैंने अपनी आँखें तो खोली, लेकिन उठकर नहीं बैठी थी। फिर जैसे ही मैंने साईड चेंज की तो में यह देखकर हैरान रह गयी कि भैया सो रही दीदी के बूब्स दबा रहा है। अब दीदी गहरी नींद में सो रही थी, तो यह सब देखकर मेरे नीचे पानी आने लगा था और मुझे अजीब सी फिलिंग होने लगी थी।
फिर उसने अपना एक हाथ दीदी की सलवार में भी डाला और अपना लंड हिलाकर अपना काम किया और फिर सो गया और दीदी तो कुंभकरण की तरह सोती रही। फिर अगले दिन मैंने दीदी को साईड पर ले जाकर बताया कि रात क्या हो रहा था? तो में यह सुनकर हैरान रह गयी कि दीदी को सब पता है। फिर उसने कहा कि वो जाग रही थी और ऐसा सालों से हो रहा है। फिर उसने कहा कि में आज तक अगर कुँवारी रह पाई हूँ तो उसकी यही वजह है कि वो ऊपर-ऊपर के मज़े भाई के साथ लेती रही है और दोनों में से एक सोने का नाटक करता है। फिर दीदी की शादी का दिन आ गया और दीदी अपने ससुराल चली गयी। फिर जाते-जाते वो मुझसे बोली कि राहुल का ख्याल रखना। तब मुझे समझ में नहीं आया कि कैसा ख्याल? अब माहौल बदल गया था। अब में और भाई दोनों एक कमरे में अलग-अलग बिस्तर पर सोते थे। फिर वैसा ही हुआ, फिर में उठकर बैठी, तो भाई ने अपना हाथ बाहर निकाल दिया। इस बार मैंने जाते-जाते उसको टच किया और वापस आकर में उसके हाथ को अपनी टाँगो में लेकर हिलने लगी।

अब मुझे मज़ा आने लगा था और यह मेरा फर्स्ट एक्सपीरियन्स था। फिर उसने अपना हाथ हिलाया और मेरी सलवार के ऊपर से मेरी चूत को दबाया। आह अब मुझे क्या जन्नत का मजा आ रहा था? फिर ऐसा 10-15 मिनट तक चला और फिर मेरी चूत ने अपना पानी छोड़ दिया और फिर में सोने चली गयी और फिर उसने भी अपने हाथ ऊपर कर लिए। अब अगले दिन मेरी बारी थी, अब आज में पहले सोने चली गयी थी, दरअसल मैंने कभी कोई लंड नहीं पकड़ा था। फिर जब राहुल कमरे में आया तो मैंने अपना हाथ बेड से बाहर नीचे लटका दिया। अब उसको समझ आ गया था कि में क्या चाहती हूँ? फिर वो बाथरूम गया और अपना अंडरवेयर उतार आया। अब वो मेरा हाथ अपनी टांगो में लेकर हिलाने लगा था। अब तो मज़ा आ गया था, इतना गर्म सख़्त लंड और वो भी मेरे भाई का। फिर मैंने उसको पकड़ा दबाया, हिलाया और इतना हिलाया कि 5 मिनट के बाद भाई को भागकर बाथरूम जाना पड़ा। अब ऐसा रोज होने लगा था।
फिर एक दिन उसकी बारी और एक दिन मेरी आने लगी। फिर 1 महीने के बाद बात आगे बढ़ी, अब वो मेरे कपड़ो के ऊपर से मेरे बूब्स दबाता और में सोने का नाटक करती रहती। अब भाई का प्यार भी बढ़ने लगा था, यहाँ तक कि मेरे बर्थ-डे पर मोबाईल भी गिफ्ट मिला। फिर एक दिन मेरे घरवाले करवाचौथ का त्यौहार देने दीदी के घर लुधियाना गये। अब हम दोनों घर पर अकेले रह गये थे, अरे वाह यह तो कमाल था। अब मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि रात को क्या होगा? फिर मैंने एक काम किया और हम सबको घर में थोड़ी बियर या विस्की पीने इजाजत थी। फिर मैंने रात को भाई से बोला कि फ्रिज में थोड़ी बियर पड़ी है, थोड़ी पी लेंगे।
फिर मैंने दो गिलास में बियर डाली और खुद ने झट से पी ली और फिर एक-एक गिलास पी लिया और फिर मैंने उठते वक़्त जानबूझकर थोड़ा गिरने का नाटक किया और गिरते-गिरते अपना एक हाथ उसकी जांघो के बीच उसके लंड पर रख दिया और फिर में सोने चली गयी। अब आज हम टी.वी वाले (मम्मी पापा के) कमरे में सोने वाले थे, तो एक ही बेड पर वो और में सो गये। फिर थोड़ी देर के बाद लाईट बंद की। फिर थोड़ी देर के बाद उसका एक हाथ मेरे बूब्स पर आ गया और में सोने का नाटक करती रही और थोड़ी हिलती रही, जैसे में नशे में हूँ। फिर उसने आज एक लिमिट और क्रॉस की, उसने मेरी टी-शर्ट उठा दी और मेरे बूब्स दबाने लगा था। फिर उसने मेरे बूब्स अपने मुँह में भी लिए। अब में अपनी आँखें खोलना चाहती थी, लेकिन नहीं खोली। फिर आधे घंटे तक ऐसा ही चला। फिर उसने मेरी नाभि पर किस की, अब में आँखें कैसे बंद रखूं? फिर उसने मेरे पजामे में भी अपना एक हाथ डाल दिया। अब वो फिंगरिंग कर रहा था। अब मुझसे सहन नहीं हो पा रहा था। अब मैंने मौन करना शुरू कर दिया था और फिर 20 मिनट के बाद जब उसकी तीसरी उंगली मेरे अंदर गयी तो में झड़ गयी।
अब वो मेरे ऊपर आकर स्मूच करने लगा था। फिर हमने 2 मिनट की लंबी एक दूसरे के मुँह में जीभ डालकर स्मूच की तो तब मुझे लगा कि आज यह मुझे चोद देगा और मुझे डर भी लग रहा था और खुशी भी हो रही थी, लेकिन फिर वो पीछे हट गया। फिर वो शांत लेटा रहा और फिर मैंने मौके का फायदा उठाया और इतने में फिर से उसका लंड पकड़ लिया। अब नियम के मुताबिक अब वो सोने का नाटक करने लगा था और उसने ऐसा ही किया। अब मुझे भी आज कोई लिमिट क्रॉस करनी थी तो मैंने उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और 15 मिनट तक उसका लंड चूसने के बाद उसने मेरे मुँह में अपना पानी छोड़ दिया। अब आज तो मुझे तसल्ली हो गयी थी। फिर ऐसा बहुत बार हुआ। फिर हमने ओरल सेक्स की एक्सट्रीम को टच किया, लेकिन चुदाई नहीं की। अब आज में 24 साल की हूँ और शादीशुदा हूँ। फिर शादी की पहली रात जब मेरे पति ने पूछा कि क्या मैंने पहले कभी चुदाई की है? तो तब मैंने कहा कि कभी नहीं, में सच बोल रही थी। में सभी लड़कियों और औरतों से एक बार कहना चाहती हूँ बाहर बदनाम होने से अच्छा है कि घर का कोई आदमी इस्तेमाल करो और वो आपकी इज़्जत का भी ख्याल रखेगा, अब मेरा भाई अकेला है और में उसको बहुत याद करती हूँ ।।
धन्यवाद

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