जिम्मेदारी (कुछ नयी कुछ पुरानी) -33

hindi porn stories अध्याय 33
सोनल और विजय के बीच जो भी हुआ इससे दोनो ही बहुत कशमकश में थे,विजय तो वहां से चला गया पर वो उस हसीन से हादसे को भूल नही पा रहा था,यही हाल कुछ कुछ सोनल का भी था ,
इधर रानी और किशन भी अपने दुनिया में मस्त थे ,दोनो एक दूजे के बांहो में बांहे डाले लिपटे हुए अपने प्यार का अहसास एक दूजे तक पहुचा रहे थे,
“भाई मन करता है की युही हमेशा आपकी बांहो में रहू पर आप फिर कल मुझसे दूर हो जाओगे….”रानी का चहरा थोड़ा सा मुरझा गया,
“क्या करे बहन जाना तो पड़ेगा ही ना,पर मैं जल्दी ही आऊंगा,अपनी प्यारी बहना के पास “किशन कहता हुआ रानी के चहरे पर एक किस करता है ,दोनो के नाक एक दूसरे से टकरा रहे थे,
“हा हा जानती हु आप मुझे याद भी नही करोगे,वहां तो आपकी सुमन होगी ना,अब तो उसके बांहो में ही पड़े रहोगे दिन भर “रानी के चहरे पर के मुस्कान आ जाती है वही किशन भी मुस्कुरा देता है ,
“अरे पागल कोई भी लड़की मेरी बहन की जगह थोड़े ले सकती है ,तुम तो मेरी जान से भी ज्यादा प्यारी हो मुझे ,और रही बात सुमन की तो हा पहली बार मुझे किसी लड़की से इतना प्यार हुआ है ,ऐसे तुझे तेरी भाभी कैसे लगती है..”
रानी के चहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान खिल जाती है और वो किशन के होठो को प्यार से एक किस करती है ,
“मेरी भीभी भी मेरे भाई की तरह मीठी है “ रानी की हसी पूरे कमरें में गूंज जाती है ,वही किशन अपने को सम्हाल कर रानी पर टूट पड़ता है और उसके गालो पर चुममनो की झड़ी लगा देता है ……….

इधर सोनल जब बाहर आती है तो विजय की हालत देखकर बहुत चिंतित होती है,विजय बाहर सोफे में बैठा हुआ बस सिसक रहा था,चहरा लाल ,आँखों मे जैसे खून उतर आया हो,सांसो को अब भी सम्हालने के कोशिस में था, सोनल की आंखों में भी आंसू थे,वो विजय के पास जाती है और बड़े ही प्यार से उसके बगल में बैठ जाती है ,सोनल अपने नाजुक हाथो से अपने प्यारे भी के गालो को सहलाती है ,विजय जैसे नींद से जागा हो सोनल को पकड़कर फुट फुट के रोने लगता है,वो अपने मजबूत बांहो में सोनल को ऐसे जकड़ लेता है मानो वो उसे अपने में मिलाना चाहता हो,सोनल के बड़ी उभार वाली छाती में सर रखकर विजय को बड़ा सुकून मिलता है वही वही सकून सोनल के मन में भी पैदा हो जाता है,वो उसके सर को अपने हाथो से सहलाती है और बड़े ही प्यार से धीरे से उसे अपने से और चिपकती है ……..
“भाई ए भाई सुन ना,रो मत यार मैं तो तेरी ही हु ना फिर क्यो रो रहा है ,जो हुआ वो हो गया प्लीज़ रोना बंद कर “सोनल अपने भाई को मना रही थी पर खुद ही रोये जा रही थी ,बड़ी देर तक दोनो इसी तरह एक दूजे के बांहो में पड़े हुए आंसू बहाते रहे ,सोनल ने माहौल को सहज बनाने के लिए फिर अपने पुराने अंदाज में कहा …
“साले हो गया अब तेरा नाटक चल जल्दी मुझे नींद आ रही है ,”सोनल ने उसे अपने से अलग करते हुए कहा ,
विजय ने घूरकर सोनल को देखा वो अपने आंसू पोछ रही थी और एक मुस्कान उसके चहरे पर था,वो फिर से उसके गालो को धीरे से सहलाती है और एक प्यारी सी चपत उसके गालो पर लगा देती है,,विजय के चहरे पर भी एक मुस्कान खिल जाती है पर वो अब भी बहुत दुखी लग रहा था,

“सॉरी बहन में बहक गया था ,”विजय के आंखों में फिर से आंसू आने लगे,सोनल उसे घूर के देखती है
“क्या सॉरी ,साले जब हर लड़की के साथ ऐसी हरकत करेगा तो बहकेगा ही न ,ऐसे एक बात बताऊ यार सचमे बहुत मजा आ रहा था ,काश तू मेरा भाई न होता तो मैं तुझे खीचकर अपने पास बुला लेती ,,,,(सोनल के होठो पर एक शरारती मुस्कान खिल गयी)हाय रे साली किश्मत भाई से ही इतना प्यार होना था “
विजय स्तब्ध सा सोनल को देखता है जिसे देखकर सोनल खिलखिलाकर हस पड़ती है ,विजय अब भी उसे प्रश्नवाचक निगाहों से देख रहा था ,सोनल फिर उसके गालो पर अपने हाथ ले जाती है ,
“क्यो क्या हुआ कुछ गलत कहा क्या मैंने …तू अपने दिल से बता जिंदगी में सबसे ज्यादा प्यार तूने किस्से किया है ….”विजय की आंखे अपने आप बन्द हो जाती है उसके नजरो के सामने वो सभी लडकिया घूमने लगती है जिससे कभी उसने सेक्स किया हो ,,,उसकी नजर कुछ देर को मेरी और रेणुका पर आकर रुकती है कभी निधि और अजय पर लेकिन फिर उसे सफेद कपड़े में सोनल दिखाई देती है ,मुस्काती हुई प्यारी सी मुस्कान उसके चहरे पर थी जैसे वो कह रही हो क्यो क्या देख रहा है ,बचपन से लेकर आज तक की सभी धुंधली यादे उसके जेहन में घूमने लगती है…जो पल उसने सोनल के साथ बिताये थे वो सभी उसके जेहन में एक एक कर आने लगते है ,और आखिर में आज का उसका रूप जिसपर वो दीवाना हो गया था ,खुसी से उसका चहरे खिल जाता है और …
“आई लव यू सोनल “अनायास ही उसके मुह से निकलता है

“लव यू भाई “सोनल की आवाज कानो में पड़ते ही वो आंखे खोलता है सोनल उसके सामने मुस्काती हुई खड़ी थी ,उसे बिल्कुल भी सब्र नही रह जाता वो उससे लिपट कर उसे अपने बांहो में जकड़ लेता है ,और उसके गालो को किश करने लगता है ,वो उसके चहरे को भिगो देता है
“आई लव यू सोनल,आई लव यू सोनल,आई लव यू सोनल,आई लव यू सोनल,आई लव यू सोनल,आई लव यू सोनल,लव यू ,लव यू, लव यू ,लव यू”विजय पागलो की तरह यू ही उसके चहरे पर चुममनो की बरसात कर देता है ,सोनल भी अपने भाई के अपने लिए पागलपन को देखकर बस उसके प्यार को महसूस करती है ……जब विजय उसे छोड़ता है तो सोनल उसे अपने पास खीचकर उसके होठो पर अपने होठो को ठीक कर उसके होठो को प्यार से और धीरे धीरे चूसने लगती है ,दोनो एक दूजे को छोड़ते है और एक दूजे की आंखों में देखकर हल्के से मुस्कुरा देते है …
“हो गया या और भी कुछ है चल अब सोते है ,पर अब कोई प्यार नही दिखाना नही तो फिर से बहक जाएगा “सोनल विजय का हाथ पकड़कर उसे अपने बिस्तर तक लाती है ,विजय किसी कठपुतली की तरह उसके पीछे पीछे चला जाता है ,सोनल उसे बिस्तर में लिटा उसके बाजू में आकर उसे अपने बहो में भरकर एक किस उसके होठो पर देती है ,
“लव यू भाइ गुड नाईट “

error: