जेठानी का बुर

शक तो मुझे बहुत दिनों से ही था की मेरी जेठानी ससुरी किसी न किसी से चुदवाती जरुर है? आज तो सच मैं अपने सामने देख रही हूँ. एक नहीं दो दो लण्ड से चुदवा रही है बुर चोदी? लण्ड तो बहन चोद बड़े मोटे ताज़े लग रहे है? इतने बढ़िया लण्ड आज की दुनिया में मुश्किल से मिलते है. देखो न सालों के सुपाड़े ही कितने बड़े बड़े है? बिलकुल पहाड़ी आलू जैसे? यार मेरे मुंह में तो पानी आ गया. मेरा मन ललचा गया है लेकिन इस बुर चोदी जेठानी को मेरे पर तरस नहीं आ रहा है. वो ससुरी बड़ी मस्त हो के चुदवा रही है?  इसका मतलब है की यह पहली बार नहीं है. ये तो बहुत दिनों से चुदवा रही है. मुझे तो लगता है ये भोषड़ी वाली बाहर भी चुदवाने जाती है. मैंने इसे बन ठन कर बाहर जाते हुए कई बार देखा है. अब समझ आया की यह क्यों जाती है?

हां एक बात जरुर है की इसकी बहन चोद चूत बिलकुल वैसी ही टाईट बनी हुई है जैसे की मेरी चूत? पर इसे ज़रा भी ख्याल नहीं आया मेरी चूत का? मैं मानती हूँ की इसका हसबैंड बाहर रहता है लेकिन मेरा भी तो हसबैंड बाहर रहता है? अरे दो में से एक लण्ड मेरी बुर में घुसेड देती तो क्या इसकी माँ चुद जाती? लेकिन इसने ऐसा नहीं किया? खैर कोई बात नहीं अभी तो मैं नयी हूँ. कल को पुरानी हो जाऊंगी तब मैं भी दो क्या तीन तीन लण्ड से चुदवाया करूंगी. आज ये मुझे तडपा रही है कल मैं इसे तड़पाऊँगी? चलो देखती हूँ कैसे चुदवाती है मेरी मादर चोद जेठानी? मैं फिर घूर घूर कर देखने लगी अपनी जेठानी की चुदाई.

मेरा नाम शमा है. मेरी शादी अभी एक साल पहले हुई है. शीबा मेरी जेठानी है. इसकी शादी ५ साल पहले हुई थी. मेरे जेठ जी पिछले ६ साल से विदेश में ही काम कर रहे है. ६ महीने पहले मेरा हसबैंड भी विदेश चला गया है. हम दोनों यहाँ घर पर ही है. ये दोनों साल में २/३ बार ही आते है. शीबा जेठानी को मैं कई बार देख चुकी हूँ की ये किसी न किसी की तलास में रहती है. कई बार मैंने इसे सजते संवरते देखा है. बाहर आते जाते देखा है. हालांकि अभी मैं ६ महीने से देख रही हूँ लेकिन इसका यह रवैया बहुत पुराना है.

मैं पहचानने की कोशिश कर रही हूँ ये दोनों चोदने वाले मादर चोद  है कौन? मैं चुप चाप कान लगा कर सुनने लगी की वे तीनो भोषड़ी के चुदाई के वख्त क्या क्या बातें कर रहे है?

जेठानी बोली :- सफी यार आज तेरा लौड़ा बड़ा खूंखार हो गया है? साला मेरी चूत का कचूमर बना रहा है?  देखो साला कितनी बेरहमी से चोद रहा है?  ऐसे तो इसने पहले कभी नहीं चोदा?

सफी बोला :- भाभी आज तेरी चूत मुझे बड़ी हसीन लग रही है इसे देख कर मेरा लौड़ा कुछ ज्यादा ही जोश में आ गया है. बहुत टन टना गया है भाभी?

जेठानी बोली :- और ये रफ़ी का लौड़ा भी फूलता जा रहा है. मैं जितना इसे चाटती हूँ ये उतना ही मोटा होता जा रहा है. इसकी बीवी तो बड़ा मज़ा करती होगी?

रफ़ी बोला :- नहीं भाभी मेरी बीवी तो तेरे शौहर का लण्ड ज्यादा पसंद करती है. उसे तेरे शौहर से चुदवाने में बड़ा मज़ा आता है. तेरे मियां के लण्ड की तारीफ करते हुए कभी नहीं थकती मेरी बीवी, भाभी ?

सफी बोला :-और हां भाभी और मेरी बीवी भी तेरे शौहर से चुदवा कर बड़ी खुश होती है. वो तो दुबई में ही रहती है और उससे खूब चुदवाती है.

रफ़ी बोला :- हां भाभी मेरी बीवी भी दुबई में रहती है मेरे साथ लेकिन वह चुद्वाती है तेरे शौहर से?

जेठानी बोली :- हाय अल्ला, तो फिर क्या तुम दोनों चोदो न मुझे बड़ी बेफिक्री से? वैसे भी मुझे तुम दोनों के लण्ड पसंद है. क्या लण्ड है बहन चोद? रफ़ी अब तुम चोदो मेरी बुर मैं ज़रा सफी का लौड़ा चाटूंगी.

अब मैं अच्छी तरह समझ गयी. ये दोनों सफी और रफ़ी है. ये मेरे जेठ के दोस्त है. इन दोनों की बीवियां मेरे जेठ से चुदवाती है और मेरी जेठानी इन दोनों से चुदवाती है. जेठ भी बड़ा चोदू निकला यार. दुबई में जाकर दो दो बीवियां तैयार कर ली चोदने के लिए. कभी सफी की बीवी चोदता होगा कभी रफ़ी की बीवी? ऐसे में अगर मेरी जेठानी इन दोनों से चुदवाती है तो कुछ भी गलत नहीं है? पर मेरी बुर चोदी बुर का क्या होगा?

इतने में जेठानी बोली :- यार सफी आज तू मेरी गांड मार कर देख ज़रा? वैसे मैं गांड नहीं मरवाती लेकिन मेरे ऑफिस की नयी लड़कियां कहती है की मेम कभी गांड मरा कर तो देखो प्लीज, कितना मज़ा आता है? हा ज़रा धीरे से पेलना लौड़ा बड़ा मोटा है बहन चोद?

मैं देखने लगी की जेठानी गांड कैसे मरवाती है?  सफी ने आहिस्ते से लौड़ा घुसेड ही दिया. वह बोली हाय अल्ला, बड़ा दर्द हो रहा है. ये लड़कियां जाने कैसे गांड मरवा लेती है माँ की लौड़ी? हां ज़रा धीरे धीरे सफी. हां अब ठीक है और आहिस्ते से हां अब सही है. थोड़ी देर में बोली अरे वाह आने तो लगा है थोडा मज़ा? पर ज्यादा नहीं मराऊंगी नहीं तो सच में फट जाएगी मेरी गांड? लौड़ा पोंछ के जेठानी फिर चूसने लगी लण्ड? ५ मिनट में उधर सफी का लण्ड चूंचियों के बीच घुस गया और रफ़ी का लण्ड उसकी बुर में. अब वह बुर चुदवाते हुए चूंचियाँ चुदाने लगी.

जेठानी बोली :- यार सफी देख मेरी एक देवरानी है शमा, वह भी बड़ी मस्त जवान है. मुझसे ५ साल छोटी है लेकिन मुझसे ज्यादा खूबसूरत है और उसकी चूंची मुझसे बड़ी है. उसकी गांड सेक्सी है और उसके चूतड़ तो बड़े मजेदार है. वह बोलती भी मीठा है और सबको प्यार करती है. मैं अगर मर्द होती तो उसे पटक पटक कर चोदती? उसकी चूंचियाँ नोच डालती?

सफी बोला :- अरे भाभी मतलब की बात बताओ न मुझे?

जेठानी बोली :- यार वह भी बिचारी लण्ड के लिए तरस रही है. उसका मियां विदेश में है. ६ महीने से उसे कोई लौड़ा नहीं मिला है. मैं चाहती हूँ की तुम दोनों मेरी देवरानी को लौड़ा पकडाओ, उसकी बुर चोदो, उसकी गांड मारो, उसकी चूंची चोदो. मैं चाहती हूँ की वो भी मेरी तरह चुदा चुदा कर खुश रहे?

रफ़ी बोला  :- कहो तो अभी चोद दूं उसे?

जेठानी बोली :- नहीं अभी तो वह बाज़ार गयी है , कल आना तुम लोग. कल मैं उसे एक सरप्राईज दूँगी. कल उसके हाथ में रख दूँगी तुम दोनो के लण्ड? तब देखती हूँ वो क्या कहती है. मैं चाहती हूँ की मैं खुद उसकी चूत में लण्ड पेलूँ?

सफी बोला :- हां भ भी आईडिया तो बहुत बढ़िया है. पर अब मैं खलास होने वाला हूँ भाभी जल्दी से मुंह खोलो. जेठानी ने मुंह फैलाया और दू लण्ड वहीँ झड गए.

अब मैं सोंचने लगी :- वाओ, कितनी अच्छी है मेरी जेठानी? मैं पछताने लगी. मैं बेकार में ही उसे गालियाँ दे रही थी. उसको तो मेरी चूत का बहुत ख्याल है?  मेरी चूंचियों की तारीफ की मेरी खूबसूरती की तारीफ की. मेरा मन हुआ की मैं अभी कूद पडूँ पर मैं रुक गयी. मैं अपनी जेठानी की मुरीद हो गयी.

दूसरे दिन मैंने जल्दी से चाय बनाई और जेठानी जी को दिया. वह खुश हो गयी. मैं बड़े प्यार और सम्मान से बातें करने लगी. मैंने कहा :-

शीबा दीदी आप कितनी अच्छी है? आप मेरा बहुत क्याल रखती है?

नहीं मैं रखती नहीं हँ,   पर अब जरुर रखूंगी?

शीबा दीदी और बोलो मैं क्या करूँ आपके लिए?

देखो मैं तुम्हारी दीदी नहीं हूँ. मैं तुम्हारी दोस्त हूँ और तुम मेरी दोस्त हो बस? मुझे दीदी न कहा करो?

अरे ऐसे कैसे आप बड़ी है मुझसे?

मैं  बड़ी वडी नही हूँ. मैं तुम्हारे बराबर हूँ बस? समझी मेरी देवरानी?

आप सबको अपने जैसा ही समझती है? आपके अन्दर बिलकुल भी ईगो नहीं है दीदी.

दीदी की माँ का भोषडा, दीदी की बहन की चूत, दीदी की बिटिया की बुर?  मुझे दीदी मत कहो, यार?

तो फिर क्या कहूं? बताओ न प्लीज?

मुझे सिर्फ शीबा कहो?

मैं आपसे छोटी हूँ. मैं आपको  केवल शीबा कैसे ले सकती हूँ?

तो फिर भोषड़ी वाली शीबा कहो, बहन चोद, मादर चोद शीबा कहो, माँ की लौड़ी शीबा कहो? समझी मेरी बुर चोदी देवरानी?

हां समझ गयी मेरी हरामजादी शीबा?

वह बहुत खुश हो गयी. उस दिन से हम दोनों आपस में गाली दे कर बातें करने लगी. हमारे बीच की शर्म ख़तम हो गयी. अब पहले से ज्यादा आज़ाद हो गयीं?

शाम को वे दोनों आ गए. जेठानी ने मुझे दोनों से मिलवाया और कहा शमा ये दोनों  मेरे शौहर के दोस्त है. दुबई में रहते है. कुछ दिन के लिए यहाँ आये है. इनके नाम है सफी और रफ़ी? मैं खुश हो गयी. मुझे मालूम तो सब था ही. बस हम सब लोग शराब पीने लगे. एक पैग जब ख़तम हो गया.

जेठानी बोली :- शमा मैं बहन चोद तुम्हे एक चीज देना चाहती हूँ. लेकिन उसे तुम्हे आँखे बंद करके अपने दोनों हाथ फैलाकर लेना पड़ेगा?

मैंने हाथ फैला दिए. थोड़ी देर में वह बोली हां शमा अब आँखे खोलो? मैंने जब आँखे खोली तो मेरे दोनों हाथ में एक एक खड़ा लण्ड? मैं दो दो लण्ड देख कर हैरान हो गयी.

मैंने कहा :- अरी भोषड़ी की शीबा ये दो लण्ड कहाँ से ले आयी तू? वह बोली :-

तुम्हे आम खाने से मतलब की पेंड गिनने से? तुम्हे चुदाने से मतलब की लण्ड के खानदान से?

हाय, इतने बढ़िया बढ़िया लण्ड से चुदाऊँगी मैं? मेरी तो बुर थिरकने लगी है यार? तुम कितनी अच्छी हो मेरी छिनार शीबा?

अरे यार अब तुम लण्ड चारों तरफ से देख कर बताओ की ये तुम्हे पसंद है की नहीं?

अरे बड़े मस्त है दोनों लौड़े? मुझे तो बहुत बड़ी नियामत मिल गयी?

आज मैं ये दोनों लण्ड तेरी चूत में पेलूँगी? आज चुदेगी मेरी देवरानी की बुर?

आये हाय तो आज मेरी जेठानी की भी चुदेगी बुर? क्या कह रही हो तुम? वो अपने पीछे देखो?

उसने जब देखा तो दंग रह गयी. उसके पीछे एक नंगा आदमी खड़ा था और खड़ा था उसका काला लण्ड?

मैंने कहा शीबा माँ की लौड़ी यही लौड़ा मैं तेरी चूत में घुसाऊँगी? ये है मेरा क्लास फेलो मिस्टर अब्दुल्ला. ये मलेसिया का है? इसका लौड़ा बड़ा शानदार है. मैं इससे चुदवा चुकी हूँ? आज ये तुझे चोदेगा?

और जो सफी और रफ़ी है वे दोनों मेरे शौहर के दोस्त है. मेरा हसबैंड दुबई में इन दोनों की बीवियां चोदता है और ये जब यहाँ आते है तो मुझे चोद कर जा माँ फट गयी मेरी बुर? मार डाला साले मादर चोद ने तें है. मैं इन दोनों से कल चुदवा चुकी हूँ.

अच्छा जेठानी शेर तो देवरानी सवा शेर और देवरानी शेर तो जेठानी सवा शेर?

एक बात तो मैं जान गयी की मेरी जेठानी सच बोलती है.

मैं सफी और रफ़ी के लण्ड देख चुकी हूँ आज पकड़ कर चुदवा कर देखूँगी., उधर जेठानी जी ने अब्दुल्ला का लौड़ा पकड़ा तो वह  फनफना उठा. उसका लौडा इन दोनों लौडों से बड़ा था. शीबा की गांड फट गयी उसकी लम्बाई चौडाई देख कर? वह बोली हाय शमा तुम वाकई इससे चुद्वाती हो? अरे ये तो बहन चोद मेरी चूत फाड़ देगा? इतना बड़ा लौड़ा मैंने पहले कभी नहीं देखा?

मैं बोली :- अरी मेरी मादर चोद शीबा तू अपनी चूत की गहराई नहीं जानती? ये क्या इसके बाप का भी लण्ड तेरी चूत घुसेड लेगी. थोड़ी हिम्मत तो कर. मैं भी पहले दर गयी थी बाद में ये मेरी बुर से डरने लगा भोषड़ी का?  शीबा ने लण्ड पहले चाटा चूसा खूब हिला हिला कर मज़ा लिया फिर आहिस्ते से अपनी बुर के मुंह पर रखा. उसने एक धक्के में पेल दिया आधा लौड़ा? जेठानी के मुंह से चीख तो निकल पड़ी? उई माँ, मेरी तो चूत फट गयी ससुरी? इतना बड़ा लौड़ा तूने एक ही बार में ठूंस दिया भोषड़ी के? उसने दुबारा ठोंका तो पूरा घुस गया लण्ड. अब जेठानी को आने लगा मज़ा और वो धच्च धच्च भच्च भच्च चुदवाने लगी. इधर मैं सफी का लण्ड  मुंह में और रफ़ी का चूत में लिए मज़ा ले रही थी.

शीबा बोली :- हाय काला लौड़ा वाकई बड़ा मजेदार होता है शमा? मेरी बुर मस्त हो रही है. कभी कभी ऐसा लगता है की लौड़ा बहन चोद मुंह से बाहर निकल आएगा? अब तो मैं काले लण्ड की चहेती हो गयी हूँ. मेरा एक बॉय फ्रेंड है. वह भी काला है. में उसे फंसा लूंगी और फिर हम दोनों मिलकर चुदवायेंगी?

मैंने कहा :- अरे शीबा, इसी से कहो न की अपने दोस्तों को ले आये? इसके दोस्त तो काले ही होंगे न?

शीबा बोली :- हां यार बात तो सही है. यही अपने दोस्तों को ले आएगा.

मैं बोली :- अरे यार अब्दुला तुम अपने दोस्तों से हमारी बुर चुदवाओ न प्लीज ?

वह बोला :- हां बिलकुल जितने कहो उतने ले आऊँ दोस्त? वे सब चोदेंगे तुम दोनों की बुर?

शीबा बोली :- हां कल ही ले आना? मैं इंतज़ार करूंगी?

मैंने मन में कहा :-मेरी बुर चोदी जेठानी की बुर जाने कितनी चुदासी रहती है?  जाने कितने लौडों से चुदवायेगी? इसकी चूत है की माँ का भोषडा?

वैसे मैं भी कम नहीं हूँ चुदवाने में? अब जेठानी को क्या मालूम की मैं हर रोज़ चुदवाने जाती हूँ. उससे कह देती हूँ की कभी मैं बाज़ार जा रही हूँ. किसी सहेली के घर जा रही हूँ, किसी ऑफिस जा रही हूँ, किसी से मिलने जा रही हूँ, किसी को देखने हॉस्पिटल जा रही हूँ. पर हकीकत यह है की मैं कहीं नहीं जाती? सिर्फ चुदवाने जाती हूँ. मेरा एक अड्डा है जहाँ कई लड़के इकठ्ठा होते है वहां कॉलेज की कुछ बदचलन और ऐय्यास लड़कियां चुदवाने आती है. मैं भी उन्ही में से एक बन जाती हूँ. मुझे लड़कों से चुदवाने में खूब मज़ा आता है. हर रोज़ कोई न कोई नया लौड़ा मिल जाता है? मैं दिन में चुदवा कर चुपचाप घर वापस आ जाती हूँ. जेठानी को पता ही नहीं चल पाता? इधर जेठानी भी चाहती है की मैं बाहर चली जाऊं तो वो मजे से अकेले घर में रह कर चुदवा सके? एक दिन मैं जल्दी चली आयी थी तो आपने देखा की मैंने उसकी चुदाई  किस तरह देख ली. जब वह सफी और रफ़ी से चुदवा रही थी.

दूसरे दिन अब्दुल्ला अपने दो साथी के साथ आ गया. वह जेठानी से मिला तो वह बड़ी खुश हो गयी. तब तक मैं भी आ गयी.

वह बोली :- अरी शमा देख अब्दुल्ला दो मर्द लेकर आया है?

मैंने कहा :- तो ठीक है माँ की लौड़ी आज तू अब्दुल्ला के साथ एक और लड़के से चुदवा ले? और मैं नये लड़के से चुदवा लेती हूँ.

वह बोली :- हां ठीक है यार?

हम पांचो लोग फ़टाफ़ट कपडे उतार कर नंगे हो गये. मैं एक लण्ड और जेठानी दो लण्ड पकड़ कर हिलाने लगी.

तब तक किसी ने पीछे से कहा :- वाओ, ये तो सरासर नाइंसाफी है शीबा? तू भोषड़ी वाली दो दो लौडों से चुदवायेगी और तेरी देवरानी केवल एक लण्ड से?

मैंने जब पीछे मुड़ कर देखा तो वह अमीना आंटी थी.

आंटी ने कहा :- देख शीबा मेरा देवर आया है मुझे चोदने पर आज मैं चुदवा नहीं सकती? मैंने सोंचा चलो मैं इसका लण्ड शीबा की बुर में घुसेड़ देती हूँ. आज वो मज़ा करेगी. पर यहाँ तो वो पहले से ही दो दो लण्ड पकड़ कर चूस रही है. अब मैं अपने देवर का लण्ड तेरी देवरानी की बुर में पेलूँगी.

मैं बहुत खुश हो गयी और मेरी जेठानी भी?

वह बोली :- हां आंटी उसकी बुर मेरी बुर से ज्यादा अच्छी है?