जेठ जी ने गोद भरी

hindi sex stories हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सुधा है और में एक शादीशुदा सिंपल औरत हूँ। मेरी उम्र 28 साल है, मेरा फिगर ऐसा है कि औरत मेरी बढ़ाई कर देती है, क्योंकि आप समझ सकते है कि एक औरत कभी दूसरी औरत की बढ़ाई नहीं करती है। मेरे पति एक कंपनी में सेल्स मैनेजर है। में आप से यह नहीं बोलूँगी कि यह मेरी स्टोरी है, क्योंकि यह एक सत्य घटना है। अब में आपको अपने परिवार के बारे में बताती हूँ। मेरे ससुराल में में सबसे छोटी बहू हूँ। मेरे पति तीन भाई है, वो उनमें सबसे छोटे है, सबसे बड़े भाई जिनकी उम्र लगभग 39 है, आर्मी से रिटायरमेंट ले चुके है, क्योंकि उस समय उनकी वाईफ का देहांत हो गया था। उनके एक 10 साल की लड़की है, जो पूना में बोर्डिंग स्कूल में है। में ही उनकी सारी सेवा करती थी, खाना वग़ैराह सब में ही करती थी। उनसे छोटे भाई की उम्र लगभग 35 साल के आस पास होगी, उनकी वाईफ और दो बच्चे है, दोनों लड़की है। मेरे सास और ससुर गाँव में ही रहते है, हमारा शहर में एक बहुत बड़ा मकान है, जहाँ हम सब एक साथ रहते है, आप कह सकते है कि हैप्पी जॉइंट फेमिली, क्योंकि सभी भाइयों के बीच आपस में बहुत प्यार है।
अब में सीधी अपनी घटना पर आती हूँ। मेरी शादी जब हुई तब मेरी उम्र 24 साल थी, तब तक मैंने ना सेक्स किया था और ना जानती थी। मैंने अपने पति को ही अपना सब कुछ सोंपा था। अब शुरू में तो हमारी लाईफ बहुत अच्छी थी, लेकिन उसके बाद जैसे मेरे मन में भूचाल आ गया। शादी के 1 साल के बाद एक दिन मेरी सास गाँव से आई, तो हम सब बहुत खुश हुए। फिर उसके दूसरे दिन जब घर में सब काम करके मुझे थोड़ी फ़ुर्सत हुई। तो तब मेरी सास मेरे कमरे में आई और मुझसे कहा कि सब काम निपट गया बेटी। तो तब मैंने कहा कि हाँ माँ जी, अभी फ्री हुई हूँ। तो तब उन्होंने कहा कि बेटी एक बात बताओं अभी कोई खुश खबरी है कि नहीं। तो तब में समझी नहीं। तो तब उन्होंने कहा कि पैर भारी है या नहीं। तो तब मैंने ना में अपनी गर्दन हिला दी। तो तब उन्होंने पूछा कि क्यों? तुम दोनों का कोई प्लान है क्या? तो तब मैंने कहा कि नहीं ऐसी बात नहीं है।

फिर तब उन्होंने कहा कि तब तो तुम्हारे में कोई कमी तो नहीं। तो यह बात सुनकर में अचंभित हो गयी और फिर में इस बारे में सोचने लगी। तभी उन्होंने जाते वक़्त कहा कि अगली बार जब में आऊँ तो मुझे एक सुंदर सा पोता दे देना। फिर मैंने रात को अपने पति से भी इस बारे में बात की। तो तब उन्होंने मुझे बड़े प्यार से कहा कि जब होना होगा हो जाएगा, तो तब में शांत हो गयी। फिर कुछ दिन के बाद में जब में काम कर रही थी तो तब मेरी जेठानी (दूसरे नम्बर वाली) वो भी साथ में थी।
तो तब उन्होंने मुझसे कहा कि क्यों सुधा अभी तक तुम प्रेंग्नेट नहीं हुई? क्या बात है? तुम्हारे अंदर बच्चा नहीं होने की परेशानी तो नहीं है, क्या कहीं तुम बाँझ तो नहीं हो? तो ये सुनकर मुझे बहुत बुरा लगा और मैंने उनसे कुछ नहीं बोला और अपने कमरे आकर रोने लगी थी। फिर मैंने यह सोचा कि क्यों ना कोई डॉक्टर से मिलकर अपना चैकअप करा लूँ? और फिर दूसरे दिन मैंने चोरी से एक लेडी डॉक्टर के यहाँ अपना पूरा चैकअप कराया। उसने मेरे कुछ टेस्ट किए और 2 दिन बाद आने के लिए कहा। फिर में 2 दिन के बाद उनके यहाँ फिर से गयी। तो तब उन्होंने मुझे बताया कि मुझमें कोई कमी नहीं है। तो में यह सुनकर खुश हो गयी और फिर मैंने उनसे पूछा कि तो में माँ क्यों नहीं बन पा रही हूँ? तो तब उन्होंने मुझसे कहा कि देखो ये पति पत्नी दोनों पर निर्भर करता है, हमें उनके वीर्य का टेस्ट भी करना पड़ेगा। तब मैंने कहा कि वो यहाँ नहीं आएँगे और में यहाँ आई हूँ ये उनको पता भी नहीं है। तो तब उन्होंने कहा कि वो तो जरूरी है और फिर में घर आ गई।

फिर उसके बाद में और ज्यादा सोचने लगी कि कैसे में उनको वीर्य के टेस्ट के लिए लेकर जाऊँ? फिर उस रात जब हमने संभोग किया, तो तब मैंने बाथरूम में जाकर उनका सारा स्पर्म अपनी उंगली से निकाला और एक शीशी में भर लिया और फिर दूसरे दिन में वो डॉक्टर को दे आई। फिर डॉक्टर ने मुझे 2 दिन के बाद बुलाया। अब में उन 2 दिनों में बहुत बैचेन थी। फिर उसके बाद मैंने उनके यहाँ जाकर जब पूछा। तो तब उन्होंने बताया कि तुम्हारे पति में बच्चा पैदा करने की शक्ति बिल्कुल नहीं है और उनका स्पर्म इतना कमजोर है कि उनका इलाज भी संभव नहीं है। में ये सब सुनकर रोने लगी। तो तब उन्होंने मुझे बहुत समझाया कि देखो कमी तुम में नहीं है, यदि तुम चाहो तो टेस्ट ट्यूब बेबी एक रास्ता है, लेकिन में नहीं मानी।
फिर तब उन्होंने मुझसे कहा कि यदि तुम बुरा ना मानो तो एक सलाह दे सकती हूँ। तो तब मैंने कहा कि बोलिए। तो तब उन्होंने कहा कि यदि तुम चाहो तो किसी और से संभोग करके माँ बन सकती हो। तब मैंने कहा कि क्या ऐसा हो सकता है? तो तब उन्होंने कहा कि हाँ और में तुम्हारे लिए ऐसा इंतज़ाम भी कर सकती हूँ। लेकिन में तैयार नहीं हुई, मुझे बदनामी का डर था और फिर में घर आ गयी और घर आकर भी बहुत रोई। अब मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि में क्या करूँ? फिर घर आकर मैंने किसी से कुछ नहीं कहा और ना ही अपने पति को ये सब बताया और एकदम नॉर्मल हो गयी थी। फिर उसके 18 दिन के बाद मेरे पति 10 दिन के टूर पर बाहर चले गये और मेरे जेठ जेठानी भी एक शादी के लिए जेठानी के मायके गये हुए थे। अब घर पर में और मेरे सबसे बड़े जेठ ही थे। फिर में सब काम निपटाकर दोपहर में उनके रूम में खाना लेकर गयी, क्योंकि उस दिन जेठानी नहीं थी। अब वो लेटे हुए थे और दरवाजा खुला हुआ था। फिर में अंदर गयी तो अंदर का सीन देखकर मेरे हाथ पैर ठंडे हो गये।

अब वो सो रहे थे और उनकी लुंगी में से उनका लंड दिख रहा था, उन्होंने अंडरवेयर नहीं पहना था। अब में उनके विकराल लंड को देखकर डर गयी थी, मैंने आज तक इतना बड़ा लंड नहीं देखा था, उनका सोया हुआ लंड भी लगभग 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा था, यहाँ में आपको ये बताना चाहूंगी कि मेरे पति का इसका आधा भी नहीं है। अब मेरी हालत उनके लंड देखकर खराब हो रही थी। अब मेरी चूत में जैसे चींटियाँ रेंगने लगी थी और अब मुझे ऐसा एहसास हो रहा था कि मेरी पेंटी बहुत गीली हो गयी है। फिर मैंने अपने आपको संभाला और दरवाजे पर आकर लॉक किया। तो तब उन्होंने अपनी लुंगी संभालते हुए मुझको देखा और बोले कि हाँ सुधा अंदर आ जाओ। फिर मैंने संभलते हुए उनका खाना रखा। तब उन्होंने पूछा कि क्यों तुम्हारी जेठानी कहीं गयी है? तो तब मैंने उनको बताया कि वो शादी में अपने मायके गयी है। फिर इसके बाद में वहाँ से अपने रूम में चली आई, लेकिन अब मेरे दिमाग में केवल उनका लंड ही घूम रहा था।
फिर में बाथरूम में जाकर हस्तमैथुन करके शांत हो गयी। अब मैंने 10 दिन से पति के साथ संभोग भी नहीं किया था। अब मैंने किसी तरह से अपने आपको शांत कर लिया था। अब उसके बाद जैसे मेरे अंदर की आग और बढ़ गयी थी। फिर मैंने सोचा कि क्यों ना में इसी खानदान का बच्चा पैदा करूँ? क्यों ना में अपने जेठ से ही अपनी गोद हरी करवा लूँ? लेकिन मुझे डर केवल इस बात का था कि वो विकराल लंड में कैसे लूँगी? और उन्हें कैसे पटाया जाए? फिर उस रात जब में उनको खाना देने गयी तो तब मैंने एक लो कट ब्लाउज पहना और अपनी ब्रा उतार दी थी। फिर जब में उनके रूम में गयी, तो तब उन्होंने मुझे बड़े प्यारा से देखा और बोले कि आओ, खाना ले आई। तब मैंने कहा कि हाँ, कहाँ रखूं? तो तब उन्होंने एक स्टूल उठाकर कहा कि वहाँ रख दो। तब मैंने थाली वही रख दी और फिर जब में थाली रखने के लिए झुकी तो तब उनकी नज़र मेरे बूब्स पर थी।

अब मैंने चोरी से उनको देख लिया था। अब में वही खड़ी होकर देखने लगी थी कि उनको किसी और चीज की जरूरत तो नहीं है। अब उनकी नजर बार-बार मेरे बूब्स पर जा रही थी। फिर उन्होंने मुझसे कहा कि बैठ जाओ, कब तक खड़ी रहोगी? तब में वहीं जमीन पर इस तरह बैठी कि जिससे उनको मेरे बूब्स साफ दिखाई दे। फिर जब उन्होंने खाना खा लिया, तो तब में उनकी थाली लेकर अपनी बड़ी- बड़ी गांड हिलाते हुए बाहर आ गयी। अब मेरा तीर एकदम निशाने पर था। फिर में वहाँ से जब आई तो वापस उनके कमरे की तरफ गयी और अब मेरी हालत ख़राब होने लगी थी। अब वो अंदर अपने लंड को अपने एक हाथ में लिए हस्तमैथुन कर रहे थे, उनका लंड खड़े होने के बाद तो और विकराल हो गया था, लगभग 9 इंच लंबा और 4 इंच मोटा, उनका सुपाड़ा एकदम लाल था, कितना खूबसूरत लग रहा था? अब ये सब देखकर में बाहर ही अपनी चूत में उंगली कर रही थी और लगभग 15 मिनट के बाद खड़े-खड़े ही झड़ गयी थी, लेकिन वो अपने काम में अभी भी व्यस्त थे।
फिर लगभग 45 मिनट के बाद वो भी झड़ गये। तो तब मैंने देखा कि उन्होंने बहुत सार स्पर्म निकाला था, लगभग एक कप और वो बहुत ही गाढ़ा था। फिर में उनके पास गई और अपना सारा किस्सा उनको बताया। फिर वो भी मुझे चोदने के लिए तैयार हो गए और मुझे खूब चोदा। दोस्तों आज मेरे एक लड़का और एक लड़की है जो कि मेरे जेठ जी की ही देन है ।।
धन्यवाद