लंड के पीछे पागल

Hindi sex stories, kamukta मेरे और रोहन के फैमिली के बीच बहुत अच्छे संबंध है और हम लोग बचपन से एक दूसरे को पहचानते हैं मेरे पिताजी रोहन के पिता जी के बचपन के दोस्त है हम लोग एक दूसरे के पड़ोसी हैं और बचपन से ही हम लोगों की फैमिली के बीच में बहुत प्यार और प्रेम है। मेरे पिताजी रोहन के पापा की बड़ी इज्जत करते हैं और रोहन के पापा भी मेरे पापा की बड़ी इज्जत करते हैं और कभी भी कोई काम या मुसीबत होती है तो सबसे पहले वह लोग हमें ही बुलाते हैं इसीलिए वह लोग चाहते थे कि रोहन और मैं मिलकर बिजनेस करें। रोहन के पापा का मुंबई में काफी बड़ा बिजनेस है और वह लोग मुंबई से ही बिजनेस चलाते हैं हम लोग पुणे में रहते हैं लेकिन रोहन के पापा चाहते थे कि हम लोग उस बिजनेस को आगे बढ़ाएं।

उन्होंने एक दिन मुझे और रोहन को बुलाया उस दिन मेरे पापा भी हमारे साथ ही थे रोहन के पापा कहने लगे देखो बेटा तुम दोनों अब बड़े हो चुके हो और अब तुम्हें कुछ समय बाद अपनी जिम्मेदारियों को संभालना है अब तुम्हें इस बिजनेस को आगे बढ़ाना है इसलिए मैं चाहता हूं कि तुम दोनों ही मिलकर इस काम को आगे बढ़ाओ। अंकल ने कभी भी मुझ में और रोहन में कोई फर्क नहीं किया हम लोगों ने वह बिजनेस आगे बढ़ाने की सोची हम दोनों ने एमबीए किया था और हम दोनों को अच्छी समझ थी इसलिए हम लोग साथ में काम करने लगे। हम लोग मुंबई में रहने लगे थे मुंबई में हम लोग एक फ्लैट में रहते थे अब मेरे पापा और अंकल पुणे में ही रहते थे हम लोग ही सारा काम संभालने लगे थे लेकिन शायद हम दोनों की दोस्ती में दरार पड़ने वाली थी मुझे नहीं मालूम था कि वह एक लड़की की वजह से पड़ेगी। दरअसल मैं गीतिका से पहली बार ऑफिस में मिला था उसे दखते ही मैं उसे अपना दिल दे बैठा और रोहन भी उसी के पीछे पड़ा हुआ था मुझे रोहन ने यह बात नहीं बताई और ना ही मुझे यह बात पता चली। गीतिका जब भी मुझसे बात करती तो रोहन हमेशा मुझे देख कर अपना मुंह बिगाड़ लिया करता। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि रोहन ऐसा क्यों कर रहा है और मैंने कभी जानने की कोशिश भी नहीं की क्योंकि हम दोनों एक दूसरे को बचपन से जानते हैं मुझे लगा शायद रोहन आजकल किसी परेशानी में हो लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं था।

दरअसल रोहन को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं थी कि गीतिका मुझसे बात करें परंतु मैंने बहुत बड़ी गलती की जो गीतिका को प्रपोज कर लिया गीतिका मुझे बहुत पसंद करती थी और उसने मुझे हां कह दिया। अब मेरे जीवन में गीतिका आ चुकी थी और रोहन इस बात से बहुत दुखी था रोहन ने मुझसे बात करनी भी बंद कर दी थी मैं जब भी उससे कुछ बात करता तो वह मुझसे बात ही नहीं किया करता था मैं इस बात से परेशान रहने लगा और मुझे समझ नहीं आया की आख़िरकार यह सब किस वजह से हुआ। जब मुझे इस बारे में पता चला कि रोहन को मेरे और गीतिका के रिश्ते बिल्कुल पसंद नहीं है तो मैंने गीतिका से एक दिन बात की और उसे समझाने की कोशिश की। मैंने गीतिका से कहा देखो गीतिका मैं तुमसे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं और मैं तुम्हें बहुत चाहता हूं लेकिन मैं नहीं चाहता कि हम दोनों के रिश्ते की वजह से रोहन को बुरा लगे रोहन और मेरे बीच में बचपन से दोस्ती है और हम दोनों की फैमिली एक दूसरे को बहुत अच्छे से पहचानती है। गीतिका बहुत ही समझदार है इसलिए गीतिका ने मुझसे कहा यदि मेरी वजह से तुम्हारे और रोहन के बीच में कोई दरार पैदा हो रही है तो मैं तुम्हारे जीवन से दूर चली जाती हूं। गीतिका ने मुझसे बात करना बंद कर दिया मैं मन ही मन बहुत ज्यादा दुखी था मेरा दिल भी टूट चुका था मुझे कुछ समझ नहीं आया कि मुझे ऐसे मौके पर क्या करना चाहिए लेकिन मैं तो अपनी दोस्ती के आगे अपने प्यार को भी कुर्बान कर चुका था। यह बात शायद रोहन को मालूम नहीं थी कि मेरे जीवन से गीतिका जा चुकी है मैं फिर भी नॉर्मल रहने की कोशिश किया करता और मैं काम में पूरा ध्यान देता। हम दोनों ही काम के प्रति बहुत ज्यादा ईमानदार थे हमारी वजह से काम में कोई तकलीफ नहीं आती थी लेकिन गीतिका के मेरे जीवन से जाने से मुझे बहुत ज्यादा तकलीफ हुई और मैं बहुत परेशान भी हो गया था पर मैंने अपने आप को संभाला और सब कुछ मैंने ठीक कर दिया।

रोहन और मेरे बीच में भी अब रिश्ते ठीक हो चुके थे गीतिका मेरे जीवन से जा चुकी थी लेकिन शायद दोबारा से ऐसी ही स्थिति बनने वाली थी अब हमारे जीवन में एक और लड़की आई उसने हम दोनों के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ किया। वह रोहन के साथ भी अपना अफेयर चला रही थी और मेरे साथ भी वह बड़े प्यार से बात किया करती उसका नाम मोनिका है, हम दोनों को मोनिका की असलियत पता नहीं थी और हम दोनों उसके जाल में फंस गए। मैं मोनिका से प्यार नहीं करता था लेकिन उसने रोहन को अपने जाल में फंसा लिया और रोहन भी बिना जांचे परखे उसके झांसे में आ गया और वह अब मोनिका के साथ ही ज्यादा समय बिताने लगा। रोहन मोनिका से इतना ज्यादा प्रभावित था कि वह अपने काम में ध्यान दे ही नही रहा था और ना ही वह घर पर रहता था। मैंने एक बार रोहन से इस बारे में पूछा तो रोहन ने मुझे कोई जवाब नहीं दिया वह कहने लगा मैं किसी काम से बाहर जा रहा हूं मैंने रोहन से कहा अंकल ने हम दोनों को काम की जिम्मेदारी सौंपी है और तुम इस तरीके से काम से जी चुरा रहे हो यह बिल्कुल ठीक नहीं है। रोहन मुझ पर गुस्सा हो गया और उसने मुझसे बात नहीं की वह चुपचाप वहां से चला गया लेकिन मैं नहीं चाहता था कि वह मोनिका के चक्कर में फंसे मैंने रोहन को बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन वह तो कुछ समझने को तैयार ना था।

मैंने एक दिन रोहन से कहा कि तुम मोनिका के चक्कर में ना पड़ो, मैं बहुत ज्यादा गुस्सा था मैंने उस दिन रोहन से कहा मैंने तुम्हारी वजह से गीतिका को अपनी जिंदगी से जाने के लिए कहा और तुम मोनिका के चक्कर में पड़े हो मैंने उसे मोनिका की असलियत बताई। उसे मोनिका के बारे में कुछ भी पता नहीं था और जब उसे मोनिका की असलियत पता चली तो वह मुझे कहने लगा ललित तुमने मेरी बहुत मदद की और तुमने मुझे मोनिका की असलियत बता कर अच्छा किया नहीं तो मैं उस पर ना जाने कितने पैसे लुटा चुका होता। जब मुझे रोहन ने बताया कि वह मोनिका के ऊपर ना जाने अब तक कितने पैसे खर्च कर चुका है तो मैंने उसे कहा आज के बाद तुम मोनिका से कभी मत मिलना। अब रोहन काम पर लग चुका था और वह मोनिका का फोन तक नहीं उठाया करता था मुझे इस बात से बहुत खुशी थी क्योंकि मैंने रोहन की जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली थी और शायद रोहन को भी अपनी गलती का एहसास था और वह गीतिका को मेरी जिंदगी में वापस ले आया। मेरी जिंदगी में गीतिका आ चुकी थी और मैं बहुत खुश था गीतिका बहुत अच्छी लड़की है मैं उससे शादी करना चाहता था और उसके साथ अपना जीवन बिताना चाहता था। मैंने गीतिका के बारे में अपने पापा मम्मी को भी बता दिया था और उन्हें भी कुछ आपत्ति नही थी उन्होंने मुझे कहा बेटा तुम्हें जैसा लगता है तुम वैसा करो। एक दिन मोनिका ने मुझे फोन किया और कहने लगी तुमने रोहन को मुझसे दूर कर के बहुत गलत किया मैंने मोनिका से कहा तुम मुझे धमकी ना ही दो तो अच्छा होगा मैंने तुम्हारी असलियत पता कि तो मुझे सब कुछ मालूम पड़ चुका है। वह मुझसे कहने लगी मुझे तुमसे एक बार मिलना है मैंने मोनिका से कहा तुम आखिर क्या चाहती हो तो वह कहने लगी मैं सिर्फ पैसों की भूखी हूं और तुमसे एक बार मिलना चाहती हूं।

मैंने उसे कहा तुम रोहन की जिंदगी से चली जाओ तुम्हें कितने पैसे चाहिए हम दोनों के बीच इस बात को लेकर सहमति बन चुकी थी की वह रोहन को अब कभी नहीं मिलेगी। वह जब उस दिन मुझे अकेले में मिली तो वह मुझसे चिपकने लगी और कहने लगी मै रोहन को आज के बाद कभी नहीं मिलूंगी। जब उसने मेरे लंड को पकड़ा तो मैंने उसे कहा तुम यह सब क्या कर रही हो पर जब उसने अपने कपड़े खोले तो मैं उसके बदन को देखकर अपनी जवानी पर काबू नही कर पाया। मैंने जब मोनिका के बड़े स्तनों को अपने हाथों से दबाना शुरू किया तो उसे अच्छा लगने लगा और मुझे भी बहुत मजा आ रहा था मैंने उसके स्तनों को काफी देर तक दबाया और उसके स्तनों का रसपान किया। मैंने जब अपने लंड को मोनिका की योनि पर सटाया तो उसकी योनि से गिला पदार्थ बाहर निकल रहा था। वह मुझे कहने लगी तुम मुझे तेजी से धक्के दो मैंने उसके दोनों पैरों को चौड़ा किया और बहुत तेज गति से मैं उसकी चूत मरने लगा।

उसने मुझे अपनी बाहों में जकड़ लिया उसके स्तन मेरे छाती से टकरा रहे थे और मैं उसके होठों को चूम रहा था मुझे उसके स्तनों का रसपान करने में मजा आता और वह मेरा पूरा साथ देती लेकिन मैं उसकी चूत की गर्मी को ज्यादा समय तक बर्दाश्त नहीं कर पाया। जैसे ही मेरा वीर्य पतन होने वाला था तो मैंने उसके बड़े स्तनों के ऊपर अपने वीर्य को गिरा दिया। मेरा वीर्य उसके स्तनों पर गिरते ही उसने मेरे वीर्य को अपने स्तनों से साफ किया और कहने लगी मैं रोहन से आज के बाद कभी नहीं मिलूंगी लेकिन जिस प्रकार से तुमने अपने मोटे लंड से मुझे संतुष्ट किया है उससे मैं बहुत खुश हूं। वह मुझे कहने लगी मुझे कुछ नहीं चाहिए बस मुझे तुमसे तुम्हारा प्यार चाहिए और जब भी मेरा मन सेक्स करने का हो तो मेरी इच्छा तुम पूरी कर दिया करना। इसी शर्त पर मोनिका ने रोहन का पीछा छोड़ा और मैं भी उसके बदन के मजे लेता हूं। गीतिका मेरी जिंदगी में आ चूकी है मैं गीतिका से बहुत प्यार करता हूं मैं गीतिका की बहुत इज्जत करता हूं और उससे मै शादी करना चाहता हूं। रोहन अपनी जिंदगी में खुश है और वह काम पर पूरा ध्यान देता है।