होटल के पल जो बन गए यादगार

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मेरा नाम राघव है मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। एक बार मैं दिल्ली से चंडीगढ़ जा रहा था तो उस बस में मेरी मुलाकात एक लड़की से हो गई, जब बस, बस अड्डे में खड़ी थी तो उस वक्त जब मैंने उस लड़की को देखा तो उसे पहली नजर में देखते ही मुझे ऐसा लगा कि शायद मैंने उसे कहीं देखा है या फिर मैं उसे पहचानता हूं। मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि वह मेरे बगल में आकर बैठ जाएगी, जब वह मेरे सामने आई तो उसने मुझसे पूछा कि क्या यही सीट नंबर 20 है, मैंने उसे कहा हां यही सीट नंबर 20 है। जब वह मेरे बगल में आकर बैठी तो उसने बहुत ही बढ़िया सा परफ्यूम लगा रखा था और वो परफ्यूम इतना अच्छा था, उसकी खुशबू मेरे नाक के अंदर तक जा रही थी और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था क्योंकि उस वक्त बस में बहुत ज्यादा गर्मी थी और बस में बिल्कुल ही पसीने वाला माहौल था। सब लोग पसीना पसीना हो रखे थे लेकिन जब मेरे सामने वह लड़की बैठी तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ जबकि बस में एसी लगा हुआ था, उसके बावजूद भी इतनी ज्यादा गर्मी हो रही थी।

जब वह लड़की मेरे बगल में आकर बैठी तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा क्योंकि एक तो मेरा सफर अच्छा होने वाला था और दूसरा मेरे सामने जो लड़की बैठी थी मुझे उसे देख कर बहुत अच्छा प्रतीत हो रहा था। जब बस चलना शुरू हुई तो उसने अपने कानों में हेडफोन लगा लिया और वह गाने सुनने लगी मुझे लगा कि शायद अब वह गाने सुनते रहेगी और मुझसे बात ही नहीं करेगी इसीलिए मैंने भी अपने कानों में हेडफोन लगा लिया और मैं गाने सुनने लगा। मैंने अपने फोन में नए-नए गाने डाउनलोड किए थे और मैं उन गानों को सुनकर उन गानों में खो गया था काफी देर हो चुकी थी लेकिन उसने अपने काम से हेडफोन नहीं निकाले और मैं भी गाने सुनने में मस्त हो रखा था। जब उसने अपने कानों से हेडफोन निकाले तो कुछ देर बाद मैंने भी उससे बात करनी शुरू कर दी, मैंने उससे पूछा कि आपको कहां जाना है, वह कहने लगी कि मुझे चंडीगढ़ जाना है। मैंने उससे हाथ मिलाया और अपना नाम बताया, उसने भी मुझे अपना नाम बताया, उसका नाम कावेरी है और जब मैंने उससे बात की तो मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया, मुझे बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि मैं कावेरी के साथ बात कर पाऊंगा क्योंकि मुझे लगा शायद वह अब गाने सुनने में ही मस्त हो जाएगी।

उससे बीच-बीच में मेरी थोड़ी बहुत बात हो रही थी लेकिन मेरी इतनी भी बात नहीं हुई थी कि मैं उसके साथ कंफर्टेबल हो कर बात कर पाता या वह मेरे साथ अपने आपको अच्छा महसूस कर पाती, हम दोनों अब भी एक दूसरे से अनजान बन कर बात कर रहे थे लेकिन मेरे दिल में कावेरी के लिए कुछ चल रहा था इसलिए मैंने सोचा कि यदि मैंने कावेरी से बात नहीं की तो उसके बाद कभी भी मेरी बात कावेरी से नहीं हो पाएगी इसीलिए मैंने हिम्मत दिखाते हुए उससे बात की और उससे पूछा कि क्या आप दिल्ली में रहती हैं, वह कहने लगी नहीं मैं चंडीगढ़ की रहने वाली हूं और दिल्ली में जॉब करती हूं। वह भी मुझसे थोड़ा बहुत बात कर रही थी, उसने भी मुझसे पूछ लिया कि क्या आप दिल्ली के रहने वाले हैं, मैंने उसे कहा कि हां मैं दिल्ली का ही रहने वाला हूं और मैं चंडीगढ़ कुछ काम के सिलसिले में जा रहा हूं। जब मैंने कावेरी से बात की तो मेरे अंदर कॉन्फिडेंस आने लगा था और वह भी मुझसे अब अच्छे से बात करने लगी, कुछ देर बाद मैंने चिप्स का पैकेट खोला और मैंने उसे भी पूछा कि क्या आप चिप्स लेंगे, पहले वह मना कर रही थी लेकिन बाद में उसने मेरे चिप्स के पैकेट से कुछ चिप्स ले लिये। मुझे भी अच्छा लग रहा था जब मैं कावरी के साथ बात कर रहा था, मैंने कभी उससे पूछा कि आप किस में जॉब करते हैं, वह कहने लगी कि मैं एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती हूं और दिल्ली में पिछले दो सालों से रह रही हूं। वह भी मुझसे पूछने लगी कि आप किस में जॉब करते हैं, मैंने उसे बताया कि मैं एक ऐड एजेंसी में जॉब करता हूं और हमारा कुछ समय बाद चंडीगढ़ में एक ऐड होने वाला है उसी के सिलसिले में मैं वहां जा रहा हूं। अब हम दोनों की जब बातें होने लगी थी तो मैंने उसे अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें भी दिखाई, वह भी मुझसे खुलकर बात करने लगी थी और मुझे भी अच्छा लग रहा था क्योंकि मुझे इतनी भी उम्मीद नहीं थी कि वह मुझसे खुल कर बात करने लगेगी।

मैंने जब कावेरी से कहा कि मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मैंने तुम्हे पहले कहीं देखा है, वह कहने लगी हो सकता है तुमने मेरी मिलती जुलती शक्ल की किसी लड़की को देख लिया हो। मैंने उसे कहा नहीं मैंने तुम्हें पहले कहीं देखा था, मुझे ध्यान है कि मैंने कावेरी को एक बार अपने किसी कॉमन फ्रेंड की प्रोफाइल में देखा था। मैंने जब उस लड़की का नाम लिया तो वह कहने लगी कि हां मैं उससे परिचित हूं क्योंकि वह भी चंडीगढ़ का ही रहने वाला है और मेरे स्कूल में पढ़ता था, मैंने उसे कहा कि वह अब दिल्ली में जॉब कर रहा है। अब हम दोनों के बीच में वह लड़का एक टॉपिक बन चुका था लेकिन मेरा मकसद तो सिर्फ कावेरी के साथ समय बिताना था और उसके साथ बात करना था, बातों बातों में मैंने कावेरी के बारे में बहुत सारी चीज जान ली थी कि उसे क्या चीज पसंद है और क्या नहीं। कावेरी ने मुझसे कहा कि क्या तुम मुझे अपना नंबर दे सकते हो, मैंने कावेरी को अपना नंबर दे दिया, उसे मैंने अपना नंबर दिया तो वह बहुत खुश हुई और उसके चेहरे पर एक अलग ही प्रकार की मुस्कुराहट थी, मुझे भी लगने लगा कि शायद मेरा चांस लग जाएगा।

जब हम दोनों चंडीगढ़ पहुंच गए तो कावेरी मुझसे कहने लगी चलो ठीक है अभी मैं चलती हूं यदि मुझे वक्त मिला तो मैं तुमसे जरूर मिलूंगी, मैंने उसे कहा ठीक है तुम्हारे पास जब समय हो तो तुम मुझे फोन कर लेना, मैं कुछ दिनों तक चंडीगढ़ में ही रुका हुआ हूं, वह कहने लगी ठीक है अभी मैं घर चलती हूं क्योंकि मुझे घर जल्दी पहुंचना है। मैंने कावेरी के लिए स्टेशन के बाहर से एक ऑटो किया और मैंने उसका सामान उस ऑटो में रख दिया। वह अपने घर चली गई लेकिन उसने मुझे बीच रास्ते से ही फोन कर दिया और मुझसे कहने लगी कि मेरा हेडफोन तुम्हारे ही बैग के अंदर रह गया है, मैंने उसे कहा कोई बात नहीं मैं तुम्हें वह कल लौटा दूंगा या फिर आज शाम को ही मैं तुम्हें उसे लौटा दूंगा। जब मैंने कावेरी से यह बात कही तो वह कहने लगी ठीक है मैं तुम्हें फोन कर दूंगी। उसके बाद मैं भी अपने होटल में चला गया और गर्मी इतनी ज्यादा हो रही थी कि मैं बहुत पसीना पसीना हो गया, मैंने सोचा मैं नहा लेता हूं। मैं जब बाथरूम में नहाने के लिए गया तो पानी भी इतना ज्यादा गर्म था कि नहाने का पता ही नहीं चला और मैं बाहर आकर ऐसी ऑन करके लेट गया। मैंने टीवी ऑन कर लिया और टीवी में मैंने गाने प्ले करके छोड़ दिया, मैं बड़े ध्यान से गाने सुन रहा था और मेरे दिमाग में सिर्फ कावेरी की ही तस्वीर चल रही थी। मुझे शाम के वक्त कावेरी ने फोन किया और कहने लगी तुम कहां पर रुके हुए हो। मैंने उसे अपने होटल का एड्रेस दिया और वह होटल में आ गई। जब वह होटल में आई तो मैंने उसे कहा कि तुमने यह बहुत अच्छा किया कि तुम होटल में ही आ गई मैं भी तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था। कावेरी मेरे पास ही बैठी हुई थी वह मुझसे पूछने लगी तुम मेरे बारे में क्या सोच रहे थे। मैंने उसे कहा कि बस ऐसे ही तुम्हारा ख्याल मेरे दिल और दिमाग में था। जब मैंने यह बात कावेरी से कही तो मेरे अंदर से एक अलग ही प्रकार की फीलिंग बाहर आई। मैंने कावेरी के नरम और मुलायम हाथो को पकड़ लिया। मैं उसके हाथों को सहला रहा था और ना जाने उसे भी क्या हुआ और उसने मेरे होठों को किस कर लिया।

मैंने भी उसे कसकर पकड़ते हुए वहीं बिस्तर पर लेटा दिया। जब मैंने उसे अपने नीचे लेटाया तो मुझे एक अलग ही प्रकार की फीलिंग की अनुभूति हो रही थी। मैंने धीरे धीरे उसके सारे कपड़े खोल दिए और जब मैंने उसे नंगा किया तो उसका बदन देखकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ। उसके गोरे गोरे स्तन जब मैंने अपने मुंह में लिए तो उसे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा। कुछ देर बाद ही उसकी योनि ने पानी छोड़ दिया मैं भी समझ चुका था कि अब वह मुझसे चुदने के लिए तैयार बैठी है। मैंने भी अपने लंड को बाहर निकालते हुए कावेरी की योनि के अंदर डाल दिया और मैंने उसकी टाइट और मुलायम योनि में लंड डाला तो वह चिल्ला उठी। वह कहने लगी मुझे बहुत दर्द हो रहा है लेकिन मैंने भी उसे काफी देर तक चोदा मैंने उसे ऐसे ही चोदा। उसके बाद मैंने उसे घोड़ी बना दिया और घोड़ी बनाते ही जब मैंने उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्लाने लगी और कहने लगी तुम्हारा लंड तो बहुत ही मोटा है। मेरा बॉयफ्रेंड तो मुझे अच्छी से भी चोद नहीं पाता। जब उसने मुझसे यह बात कही तो मैंने उसकी चूतडो को कसकर पकड़ लिया और बड़ी तेज तेज झटके देने लगा। वह मुझसे कहने लगी आज के बाद मैं तुम्हें अपना बॉयफ्रेंड मानती हूं और अपने बॉयफ्रेंड से कभी भी बात नहीं करूंगी। मैंने भी उसे बड़ी तेज झटके मारे जब मेरा लंड उसकी योनि के अंदर बाहर होता तो मुझे भी एक अलग ही प्रकार की अनुभूति होती। जब हम दोनों संभोग कर रहे थे तो वह भी बहुत खुश हो रही थी और अपनी चूतडो को मुझसे मिला रही थी मुझे भी अच्छा लग रहा था। मैंने उसे कहा कि अब मेरा वीर्य गिरने वाला है। उसने मुझे कहा कि तुम अपने वीर्य को मेरी योनि के अंदर डाल दो। मैंने जैसे ही अपने माल को कावेरी की चूत मे डाला तो उसे बड़ा अच्छा महसूस हुआ।