गुंडे की माल बीवी के चूत दर्शन भाग – 1

Gunde me maal biwi ke chut darshan part 1:

मेरी किस्मत ने मुझे हर बार धोखा दिया है और मुझे ये नहीं पता था की ये कितने दिनों तक ऐसे ही मुझे धोखा देती रहेगी | मुझे तो यह एहसास भी नहीं था कि मेरे साथ इतना बुरा भी हो सकता है | जी हाँ दोस्तों ये है मेरी सच्ची कहानी जो आज आपके सामने प्रस्तुत है | मेरा नाम है अक्की भटवाडेकर मैं एक वकील हूँ पर आजकल के लड़के किसी की भी गांड मार सकते है | मेरी यह कहानी आपकी आंखे खोल देगी और आप कभी ऐसी भूल नहीं करोगे | जी हाँ दोस्तों मैं सच कह रहा हूँ क्यूंकि मेरी एक छोटी सी गलती ने मुझे इतना परेशान कर दिया और फिर दुबारा अपनी जिंदगी में ऐसी गलतियाँ नहीं दोहराई | मुझे भी सेक्सी कहानियाँ पड़ने का शौक है और मैं एक दिन ऐसी ही कहानी पढ़ रहा था जहाँ लिखा था कि लड़के ने अपनी पड़ोस वाली लड़की को पटा कर चोद दिया था | मुझे बहुत अच्छा लगा था क्यूंकि मेरे भी पड़ोस में एक मस्त भाभी रहती थी जिसका गदरीला बदन देख कर मेरा लैंड अक्सर तन जाता था | मुझे समझ नहीं आ रहा था की मैं आखिर क्या करूँ जिस्स्से मैं उसे चोद पाउँगा | मुझे बस चुदाई के ही सपने आते थे क्यूंकि मैं अपनी बीवी की चूत को चोद चोद के थक चुका था | हर इंसान को जिंदगी में कुछ न कुछ नया चाहिए होता है और मुझे भी चाहिए था | इसलिए मैंने मन बनाया की अपनी पड़ोसन को फसा के बेहिसाब चोदुंगा | पर मेरी गांड इसलिए फट जाती थी क्यूंकि उसका पति एक गुंडा था पर फिलहाल तो जेल में था | लेकिन अगर उसे पता चल जाता तो वो मेरी गांड मार लेता वो भी बिना तेल लगाए |

वो तो साली सटी सावित्री थी उसको फ़साना इतना आसान नहीं था | पर मैं भी वकील हूँ जिसकी गांड मर चुकी है पर दिमाग तो अभी भी है न यार | मैंने एक चाल चली अब मैं रोज़ शाम को घर आकर बच्चो के साथ गेंद से खेलता था | मैं ये सब छत पर करता था ताकि गेंद उसके घर में जाये और वो मुझे गेंद देनें आये | एक दिन गेंद उसकी छत पर थी और वो भी घूम रही थी तो मैंने कहा जी गेंद मिलेगी क्या | इतना कहते ही उसने कहा हाँ अभी लायी | मैंने गेंद लेने के बहाने उसकी दो गेंद देख लीं | अब तो क्या कहने क्यूंकि एक दम गूल गोल दूध थे उसके | मैंने भी मज़ा लेते हुए दुबारा गेंद वही फेंक दी और कहा जी गेंद और वो फिर ले आई | ऐसा करते करते करीब चार दिन हो गये और पांचवे दिन उसने कहा आप खुद ही आकर ले लिया करिए कोई नहीं रहता है पर | मुझे बड़ा अच्छा लगा उसका यह जवाब क्यूंकि मैं तो यही चाहता था | रविवार के दिन मेरी छुट्टी रहती है और मैं छत पर ही अपनी मालिश करके लेट जाता हूँ | उस दिन वो भी पापड़ बनाए के लिए छत पर थी और जब वो झुक के काम कर रही तो ऐसा लग रहा था कि उसके दूध ब्लाउज से बहार ही निकल पड़ेंगे | फिर वो दूसरी तरफ झुकी तो मन किया कि उसकी गांड मार लूँ | वो नज़ारा देख कर मेरा लंड खड़ा हो चुका था और मैंने छत पर ही मुठ मार लिया | चाहता तो मैं अपनी बीवी को भी चोद सकता था पर मैंने ऐसा नहीं किया क्यूंकि उसकी चूत में अब वो बात नहीं थी | पर एक बात है मेरी बीवी है बड़ी सुन्दर किसी हूर की परी से कम नहीं है |

अब तो लग रहा था की बस उसे उठाऊ उस उसके ही कमरे में पटक के उसे चोद दूँ और उसके पति की सजा आगे करवा दूँ | फिर एक दिन मैं बच्चो के साथ खेल रहा था छत पर और वो भी वहीँ कड़ी थी | पता नहीं उसे क्या हुआ और वो भी आ गयी और कहने लगी क्या मैं भी खेल सकती हूँ | मैंने तुरंत कहा हाँ हाँ क्यूँ नहीं | फिर हम लोगों ने खेलना शुरू किया और खेलते हुए हम दोनों एक दुसरे से टकरा गये  अब वो मेरे ऊपर थी और मैं उसके नीचे | वो एकदम से उठी और मैंने पूछा क्या हुआ कही चोट तो नहीं लगी | उसने कहा नहीं ओ वो चली गयी | फिर अगले दिन वो छत पर थी और इस बार मैं उसके पास गया और पूछा आप कल का बुरा तो नहीं मान गयी न | उसने कहा नहीं “भैया” बिलकुल भी नहीं | मैना कहा “भैया” ये कब बना मैं ? उसने कहा मैं तो हमेशा से ही आपको भैया बुलाती हूँ आप ही नहीं सुनते | मैंने कहा नहीं मैं तुमहरा भाई नहीं हूँ और प्लीज आगे से मुझे भैया मत बुलाना | मेरा नाम अक्कू है आप यही बोलिए मुझे | उसने पूछा क्यों तो फिर मुझे एक कहानी बनानी पड़ी | मैंने एक नकली बहन को पैदा किया और उसे बिमारी बता के ऊपर भी पहुंचा दिया और मगरमच्छ के आंसू बहाने लगा | उसने मेरे कंधे पर हाथ रखा और मैंने उसका हाथ पकड़ के कहा आज के बाद मुझे भैया मत कहना  उसने कहा ठीक है अक्कू जी अब से आप मेरे दोस्त हो भैया नहीं | मैंने कहा देखो दोस्ती की है तो निभानी भी पड़ेगी और तुम्हे अगर कोई भी दिक्कत हो तुम मुझे बता सकती हो | उसने भी कहा जी बिलकुल वैसे मैं हर दिन बोर हो जाती हूँ कितना घर का काम करुँगी | तो मैंने कहा ठीक है मैं आ जाऊंगा आपका टाइम पास करवाने के लिए और साथ में अपनी फॅमिली को भी ले आया करूँगा | देखिये फॅमिली ले जाने का अपना ही एक अलग फायदा है | क्या है किसी को शक भी नहीं होता और बीवी भी बुरा नहीं मानती |
अब हम रोज़ उसके घर जाते थे और मेरी बीवी और उसकी दोस्ती हो चुकी थी और वो दोनों कभी मेरे घर तो कभी उसके घर नए नए पकवान बनके हम सबको खिलाती थी | अब तो मुझे भी मज़ा आने लागा था क्यूंकि मैं कभी उसका हाथ पकड़ के उससे बात करता तो कभी कभी मजाक में उसके पैर दबाने लगता | मेरी मस्त कट रही थी और एक दिन मैं उसके घर गया और वो खाना बना रही थी हम सब के लिए क्यूंकि हम सब साथ में ही खाना खाते थे | मैंने देखा उसकी कमर क्या मस्त लग रही थी और डर डरते जेक उसकी कमर पर हाथ फेरने लगा | वो डर गयी और कहा अक्की ये क्या कर रहे हो | तो मैंने कहा यार रोको मत बस मुझे करने दो तुम्हरी कमर मस्त चिकनी है बड़ा मज़ा आ रहा है | उसने कहा बीवी की छूलो तो मैंने कहा यार अब करने भी दो न | उसने मन नहीं किया और मैं कभी उसकी कमर कभी उसके पेट पर हाथ फेरता | धीरे धीरे मैंने उसकी नाभि में ऊँगली डालना शुरू किया और वो कसमसाने लगी | उसने कहा अक्की अब बस बहुत हो गया | घर चलो मैं खाना लेकर आ रही हूँ | मैं भी अच्छे बच्चे की तरह घर चला गया और वो खाना लेकर आ गयी | अब टेबल पर खाना लग चुका था और हम सब मस्त खाना खा रहे थे | तभी अचानक मुझे लगा जैसे मेरे पैर पर कुछ है और मैंने नीचे देखा की पड़ोसन अपने पैर से मेरा पैर सहला रही है | जैसी ही मेरी अन्दर गयी कुछ लेने उसने कहा कित्चें में तुमने किया न अब देखो | फिर वो धीरे धीरे अपना पैर ऊपर मेरी जांघो तक ले आई और रगड़ने लगी | मेरा लंड खड़ा हो चुका था और जैसे ही उसका पैर वह लगा तो उसने अपना पैर नीचे कर लिया |

जब खाना खाके में उसके घर बर्तन वापस करने गया तो उसने कहा क्यूँ मैंने तो बस छुआ था और तुमहरा तो खड़ा हो गया | मेरा मुह खुला रह गया और मैंने पूछा तुम ऐसी बातें भी कर सकती हो | उसने कहा गुंडे की बीवी हूँ तो कुछ तो असर आएगा |  मैंने कहा सुनो न एक बार अपनी कमर फिर से छूने दो न बड़ा अच्छा लगा था | उसने कहा ठीक है तुम अपना खड़ा हुआ मुझे दिखाओगे और मेरे सामने मुठ मारोगे तभी करने दूंगी | मैंने कहा ठीक है और उसकी कमर चूमने लगा और उसकी नाभि में जीभ डालके चाटने लगा | वो ऊऊओह्हह्हह ऊउम्मम्म ऊउम्मम्म ऊउम्मम्म कर रही थी फिर उसने मुझे हटाया और कहा अब तुम्हरी बारी | मैंने अपना खड़ा लंड निकला और उसके सामने हिलाने लगा और वो देखती रही | दस मिनट हिलाने के मैं झड़ने वाला था और मैंने कहा लेटो | जैसे ही वो लेटी मैंने अपना मुठ उसकी नाभि में भर दिया | क्या मज़ा आया था उस दिन क्यूंकि मुझे मेरा मकसद पूरा होता हुआ दिख रहा था |

दोस्तों ये तो हुआ पहला भाग अगले भाग में मैं उसे चोदुंगा तो तब तक के लिए बने रहिये मेरे साथ मेरा नाम है अक्की |

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